‘सोन अर्थ’ ब्रांड से वैश्विक पहचान पाएंगे सोनभद्र के उत्पाद, महिलाओं की बढ़ेगी आमदनी

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’ 11 स्थानीय उत्पादों से तैयार किया जाएगा लग्जरी गिफ्ट हैंपर

सोनभद्र। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को अब नई पहचान देने की तैयारी है। सोनभद्र के स्थानीय, पारंपरिक और प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग ‘सोन अर्थ’ नाम से की जाएगी। इसके लिए जल्द ही ब्रांड का नया लोगो लॉन्च किया जाएगा। आकर्षक पैकेजिंग, मार्केटिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार के जरिए इन उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की योजना है। इससे उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ ही ग्रामीण महिलाओं की आमदनी में भी इजाफा होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि समूहों द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग की जाएगी। इसी क्रम में ‘सोन अर्थ’ लग्जरी गिफ्ट हैंपर भी जल्द लॉन्च किया जाएगा। इसमें महिलाओं द्वारा तैयार 11 उत्कृष्ट स्थानीय उत्पाद शामिल होंगे।

’श्रीअन्न से तैयार पारंपरिक ठेकुआ का चख सकेंगे स्वाद’

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जनपद में प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक खेती की जाती है। जिसमें मुख्य रूप से ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो का भारी मात्रा में उत्पादन होता है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी दो हजार से अधिक महिलाएं रागी, कोदो, ज्वार, बाजरा और मक्का की खेती से जुड़ी हैं। इसके अलावा 500 से अधिक महिलाएं श्रीअन्न से स्वादिष्ट ठेकुआ और कुकीज तैयार कर रही हैं। महिलाओं द्वारा श्रीअन्न से बनाए गए इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए गिफ्ट हैंपर में रागी, कोदो, ज्वार और मिश्रित गेहूं से बने चार प्रकार के ठेकुआ शामिल किए जाएंगे। इससे महिलाओं द्वारा तैयार इन पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक पैकेजिंग के जरिए नए ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा। नया बाजार मिलने से महिलाओं की आमदनी में भी इजाफा होगा।

’जंगली शहद और हर्बल उत्पाद भी होंगे शामिल’

स्थानीय संसाधनों पर आधारित उत्पादों में शहद की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। जनपद की एक हजार से अधिक महिलाएं शहद के उत्पादन और संग्रहण से जुड़ी हैं। ‘सोन अर्थ’ उपहार पैकेट में सोनभद्र के जंगलों में उपलब्ध वनस्पतियों से प्राकृतिक रूप से संग्रहित जंगली शहद और कृषि उपज से तैयार हर्बल शहद को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही जनपद के प्रसिद्ध मंदिरों में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए फूलों से बनी शिवद्वार अगरबत्ती और विभिन्न प्राकृतिक घटकों से तैयार चार प्रकार के हर्बल साबुन भी पैकेट की शोभा बढ़ाएंगे।

’मंदिर के फूलों से बनी अगरबत्ती से महक उठेगा मन’

बताया कि जनपद में200 से अधिक महिलाएं सोनभद्र के प्रसिद्ध मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों का उपयोग कर सुगंधित अगरबत्ती तैयार कर रही हैं। महिलाओं द्वारा तैयार अगरबत्ती गिफ्ट हैंपर का हिस्सा होगी। इसकी सुंगन को मोह लेने वाली है। वहीं, बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और भी कई तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनमें बकरी के दूध, हर्बल सामग्री, कॉफी, हल्दी-चंदन, नीम, एलोवेरा और तुलसी जैसे घटकों से बने साबुन शामिल हैं। साबुन निर्माण के कार्य से एक हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। महिलाओं द्वारा तैयार साबुन को भी गिफ्ट हैंपर में शामिल किया गया है।

’होर्डिंग और वीडियो प्रोमो से होगा प्रचार’

जिलाधिकारी के अनुसार, उत्पादों को बाजार में स्थापित करने के लिए ब्राडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार में सहयोग दिया जाएगा। नए लोगों के साथ उत्पादों की लॉन्चिंग की तैयारी है। इनके प्रचार के लिए होर्डिंग, हैंडबिल, पैम्फलेट और वीडियो प्रोमो का भी इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य सोनभद्र के स्थानीय उत्पादों को विशिष्ट पहचान दिलाने के साथ स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। ‘सोन अर्थ’ ब्रांड के जरिए स्थानीय हुनर, पारंपरिक स्वाद और प्राकृतिक उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा जिससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सकेगा।

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