6000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया खिचड़ी महाप्रसाद
शक्तिनगर,। एनटीपीसी सिंगरौली के शक्तिनगर स्थित दुर्गा मंडप में दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर 18 एवं 19 अक्टूबर 2026 को आयोजित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सेवा कार्यक्रमों में श्रद्धा, उल्लास और सामुदायिक सहभागिता का सुंदर समागम देखने को मिला। ‘शक्ति नृत्यांजलि’ की मनोहारी प्रस्तुतियों से लेकर हजारों श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी महाप्रसाद वितरण तक, दो दिवसीय आयोजन ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा, सेवाभाव एवं सामाजिक समरसता को प्रभावी अभिव्यक्ति दी।
18 अक्टूबर को नवदुर्गा समिति के तत्वावधान में आयोजित ‘शक्ति नृत्यांजलि’ सांस्कृतिक संध्या में लखनऊ की अनुज अर्जुन मिश्रा डांस कंपनी (एएडीसी) के कलाकारों ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘महिषासुरमर्दिनी’, कृष्ण लीला एवं शक्ति पूजन पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों में संगीत, नृत्य और भक्ति का प्रभावशाली समन्वय देखने को मिला। देवी शक्ति की आराधना एवं भारतीय संस्कृति के विविध आयामों को कलात्मक रूप से अभिव्यक्त करती इन प्रस्तुतियों ने दुर्गोत्सव की संध्या को विशेष गरिमा प्रदान की।
इसी क्रम में 19 अक्टूबर को दुर्गा मंडप में पारंपरिक खिचड़ी भोग का आयोजन श्रद्धा एवं सेवाभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर श्री ई. प्रभाकर राव, परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी सिंगरौली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्रीमती ई. निर्मला राव, अध्यक्षा, वनिता समाज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। हर वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एनटीपीसी सिंगरौली के शीर्ष प्रबंधन ने आसपास के क्षेत्रों से आए 6000 से अधिक श्रद्धालुओं को खिचड़ी भोग का महाप्रसाद वितरित किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता के बीच आयोजित इस सेवा कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता, सहयोग, आत्मीयता और सामुदायिक एकजुटता का संदेश दिया।
इस अवसर पर अगम प्रकाश तिवारी, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण); सुनील कुमार मिश्रा, महाप्रबंधक (अभियांत्रिकी) तथा सिद्धार्थ मंडल, मानव संसाधन प्रमुख सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, दुर्गा पूजा आयोजन समिति के सदस्य, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण तथा एनटीपीसी सिंगरौली के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन में अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिक साथियों एवं उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। एक ओर ‘शक्ति नृत्यांजलि’ ने भारतीय संस्कृति और देवी शक्ति की आराधना को कला एवं नृत्य के माध्यम से जीवंत किया, वहीं खिचड़ी महाप्रसाद वितरण ने सेवा और सामाजिक समरसता की भावना को साकार किया।
एनटीपीसी सिंगरौली में समय-समय पर आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय परंपराओं के संरक्षण के साथ आपसी सद्भाव और सामुदायिक सहभागिता को भी सुदृढ़ करते हैं। दुर्गोत्सव के अवसर पर ‘शक्ति नृत्यांजलि’ और 6000 से अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरण ने ‘संस्कृति से संस्कार और सेवा से समरसता’ की भावना को सार्थक रूप प्रदान किया।
