रेणुकूट। हिण्डाल्को रामलीला परिषद् द्वारा विगत 61 वर्षों से निरंतर आयोजित किए जा रहे ऐतिहासिक रामलीला मंचन का शुभारंभ रविवार को हिण्डाल्को रामलीला मैदान में श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ हिण्डाल्को रेणुकूट के मुखिया समीर नायक, मानव संसाधन प्रमुख जसबीर सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा सिंह द्वारा विधिवत श्री गणेश पूजन तथा श्रीरामचरितमानस पूजन के साथ किया गया।
इस अवसर पर प्रोजेक्ट हेड राजेश कपूर, रिडक्शन प्लांट हेड जयेश पवार, सेफ्टी हेड जयश्री तिवारी, जनसंपर्क विभाग प्रमुख यशवंत कुमार, सुरक्षा विभाग प्रमुख करनदीप सिंह, तथा रामलीला परिषद् के अध्यक्ष पी.के. उपाध्याय, सचिव आदित्य प्रकाश पाण्डेय एवं कोषाध्यक्ष पद्माकर मिश्र सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी गणेश पूजन एवं आरती की।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री समीर नायक ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्यनिष्ठा एवं लोककल्याणकारी जीवन मूल्यों को वर्तमान समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाली अनुपम धरोहर है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए समाज में सुख, समृद्धि एवं सद्भाव की कामना की। वहीं मानव संसाधन प्रमुख जसबीर सिंह ने सभी को नवरात्रि एवं रामलीला महोत्सव की बधाई देते हुए बड़ी संख्या में रामलीला मंचन का आनंद लेने तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया।
रामलीला मंचन के प्रथम दिवस लगभग 250 कलाकारों ने एक साथ मंच पर प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रथम दिवस की लीलाओं में नारद मोह, मनु-शतरूपा की घोर तपस्या एवं भगवान नारायण से पुत्र रूप में अवतार का वरदान प्राप्त करना तथा रावण द्वारा भगवान शिव से चंद्रहास तलवार की प्राप्ति जैसी लीलाओं का सजीव एवं मनोहारी मंचन किया गया। इन प्रस्तुतियों का हजारों रामलीला प्रेमियों ने भावविभोर होकर आनंद लिया। प्रथम दिवस की लीलाओं के समापन पर श्री उपाध्याय ने बताया कि द्वितीय दिवस पर राम जन्म, सीता उत्पत्ति, राम-लक्ष्मण द्वारा विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा, अहिल्या उद्धार तथा राम-लक्ष्मण का जनकपुर भ्रमण आदि महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
