मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 87 अत्याधुनिक इण्टरसेप्टर वाहनों को फ्लैग ऑफ किया

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सुरक्षित वातावरण में ही स्वस्थ विचारों को धरातल पर उतारते हुए समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सकता- मुख्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 87 अत्याधुनिक इण्टरसेप्टर वाहनों को फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन तथा अदम्य साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिस के वीर जवानों एवं अधिकारियों को राष्ट्रपति वीरता पदक तथा मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया। साथ ही, उन्होंने कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान इण्टरसेप्टर वाहनों की उपयोगिता एवं उनकी कार्यप्रणाली पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का आयोजन वैचारिक चिंतन, वीरता और तकनीक तीनों महत्वपूर्ण आयामों का समन्वय प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस के वीर जवानों की वीरता को सम्मानित किया जा रहा है। इसी के दृष्टिगत 16 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक तथा 10 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के एस0टी0एफ0 से जुड़े इन्स्पेक्टर सुनील कुमार को भारत सरकार द्वारा उनकी वीरता के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस को पहली बार कीर्ति चक्र प्राप्त हुआ है। 22 जनवरी, 2025 को आमने-सामने की मुठभेड़ में चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराने के बाद इन्स्पेक्टर सुनील कुमार स्वयं भी अपराधियों की गोली से गम्भीर रूप से घायल हुए थे और उपचार के बाद उनका निधन हो गया। मुख्यमंत्री जी ने उनकी वीरता को नमन करते हुए उनके परिजनों के प्रति सम्मान एवं संवेदना व्यक्त की।

‘संघर्ष’ पुस्तक केवल विचारों का संकलन नहीं है, बल्कि उन व्यावहारिक चुनौतियों का दस्तावेज है, जिनका सामना करते हुए श्री प्रकाश सिंह अपनी पूरी सेवा को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह पुस्तक प्रत्येक पुलिसकर्मी, प्रत्येक युवा और जीवन में चुनौतियों का सामना कर रहे प्रत्येक व्यक्ति के लिए नई प्रेरणा बन सकती है। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को भी इस कृति के प्रकाशन के लिए धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 1996 में पुलिस रिफॉर्म के लिए प्रकाश सिंह को सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। लम्बे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस में भी कुछ कमिश्नरेट बनाए जाने की मांग हो रही थी। पुलिस रिफॉर्म को उत्तर प्रदेश ने सबसे पहले लागू किया है। आज तक प्रदेश में सात पुलिस कमिश्नरेट बनाए जा चुके हैं। यह कमिश्नरेट प्रदेशवासियांे को सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के विजनरी लीडरशिप एवं मार्गदर्शन में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेन्स नीति उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण आधार और सूत्र वाक्य बन चुकी है। आज का दिन उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गौरवशाली और प्रेरणादायी है। एक ही मंच से शौर्य एवं उत्कृष्ट सेवा का सम्मान, सड़क सुरक्षा के लिए आधुनिक संसाधनों का सुदृढ़ीकरण तथा पुलिस सेवा के अनुभवों और विचारों के संरक्षण का कार्य हो रहा है। प्रत्येक पुलिसकर्मी नागरिक है और प्रत्येक नागरिक अपने भीतर एक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी और सजगता रखता है। इसी सामंजस्य से देश और समाज सशक्त होगा। कर्तव्य, अनुशासन, सत्य, सेवा और समर्पण जैसे मूल्य ही एक सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। प्रभात प्रकाशन के प्रतिनिधि पवन अग्रवाल ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पूर्व पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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