हजारीबाग। जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई है कि चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर 2026 को भूमि अधिग्रहण के अंतर्गत परियोजना क्षेत्र में संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रावधानों एवं सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के अनुरूप की गई। परियोजना के अभिलेखों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान किसी भी वैध एवं विधिसम्मत आवासीय संरचना को नहीं हटाया गया। संबंधित प्रभावित व्यक्तियों को नियमानुसार आवश्यक नोटिस भी जारी किए गए थे। परियोजना ने कहा कि खनन क्षेत्र में बिना वैधानिक अनुमति नई संरचनाओं का निर्माण किया जाना नियमों के अनुरूप नहीं है और ऐसी गतिविधियों पर सक्षम अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा सकती है। भूमि अधिग्रहण, मुआवजा एवं संरचनाओं को हटाने से संबंधित सभी कार्रवाई दस्तावेजी साक्ष्यों एवं लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर की जा रही है।
परियोजना ने कार्रवाई के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार, विरोध तथा जान से मारने की दी गई धमकियों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि किसी भी शिकायत या असहमति का समाधान निर्धारित वैधानिक एवं प्रशासनिक माध्यमों से किया जाना चाहिए। कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाला व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। परियोजना के संज्ञान में ऐसे मामलों की शिकायतें भी आई हैं, जिनमें कुछ व्यक्तियों द्वारा परियोजना क्षेत्र में पुनः अनधिकृत संरचनाएं खड़ी कर बाद में मुआवजा अथवा अन्य लाभ प्राप्त करने का प्रयास किए जाने का आरोप है। ऐसे मामलों में तथ्यों का परीक्षण संबंधित अभिलेखों के आधार पर किया जा रहा है। परियोजना ने दोहराया कि उसका उद्देश्य किसी भी वैध अधिकारधारी को उसके अधिकारों से वंचित करना नहीं, बल्कि परियोजना क्षेत्र में कानून एवं निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना है।
