दुद्धी ब्लॉक में 11 शिक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव के बाद भी 7 स्कूल शिक्षक विहीन 

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दुद्धी (सोनभद्र)। सोनभद्र जिले के दुद्धी ब्लॉक में सरपल्स (अतिशेष) शिक्षकों के समायोजन की बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बुनियादी शिक्षा की बदहाल तस्वीर नहीं बदली है। विभागीय दांव-पेंच और श्सुविधाजनक समायोजन के खेल के कारण क्षेत्र के बंद पड़े विद्यालयों को इस बार भी शिक्षक नसीब नहीं हो सके। ऐसे में ग्रामीण अंचलों के गरीब परिवारों से आने वाले बच्चे आखिर कैसे पढ़ेंगे और कैसे आगे बढ़ेंगे ? यह एक बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया हैं।
जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय सोनभद्र से जारी आदेश के अनुसार, हाल ही में दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के भीतर 11 शिक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए समायोजन सूची जारी की गई थी। नीति के मुताबिक, इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शिक्षक विहीन, एकल और बंद पड़े स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करना था। लेकिन विभागीय साठगांठ और रसूख के चलते कथित तौर पर चहेते शिक्षकों को सुगम और मनपसंद केंद्रों पर ही टिकाए रखा गया। नतीजा यह हुआ कि जहां सचमुच शिक्षकों की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उन स्कूलों को शिक्षक ही नसीब नही हुए। जिसका नतीजा यह हुआ कि दुद्धी ब्लॉक के सुदूर और ग्रामीण इलाकों में स्थित कई विद्यालय या तो पूरी तरह बंद पड़े हैं या फिर सिर्फ एक शिक्षा मित्र के भरोसे जैसे-तैसे घिसट रहे हैं।
विभागीय अनदेखी का शिकार बने इन 7 प्रमुख विद्यालय-उच्च प्राथमिक विद्यालय, फुलवार,प्राथमिक विद्यालय, मंगरदहा बीडर,प्राथमिक विद्यालय, धामटोला पकरी, प्राथमिक विद्यालय, करीवाघुटरा घिवही,प्राथमिक विद्यालय, बियारबस्ती पतरिहा,प्राथमिक विद्यालय, माझीयान टोला जाबर,प्राथमिक विद्यालय, सुगवामान।शिक्षा विभाग की इस घोर लापरवाही और मनमाने रवैये से स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार एक तरफ करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाकर शिक्षा का स्तर सुधारने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर बच्चों को ककहरा सिखाने के लिए शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी प्रेमशंकर राम ने बताया कि दुद्धी ब्लॉक से 11 सरपलस शिक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव का आदेश आया है। बीएसए के आदेशानुसार कार्यमुक्त करने और नवीन स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया चल रही हैं। बंद विद्यालयों में शिक्षक नहीं भेजे जाने को लेकर कहा कि बंद स्कूलों को प्राथमिकता दी गई थी लेकिन शिक्षकों ने विकल्प का चयन नहीं किया,अगली सूची अक्टूबर में जारी होने की संभावना हैं।

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