पटरियों पर ज़ायकेदार सफर: उत्तर मध्य रेलवे ने बदली ट्रेन यात्रा की तस्वीर

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 प्रयागराज । ट्रेन की खिड़की से बाहर बदलते नज़ारे और साथ में स्वादिष्ट व्यंजन—भारतीय रेल की यात्रा को अधिक जायकेदार बनाता है। इस अनुभव को और भी खुशनुमा बनाने के लिए उत्तर मध्य रेलवे (उमरे) ने अपनी खान-पान सेवाओं में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है। 

स्वादिष्ट विकल्प: उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों के स्वाद का ध्यान रखते हुए प्रोप्राइटरी आर्टिकल डिपो’ आइटम ब्रांडेड, पैक्ड और खाने-पीने के लिए तैयार ऐसे खाद्य और पेय पदार्थ होते हैं, जो ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर बेचे जाते हैं। ऐसी वस्तुओं के लिए 99 राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के 11 ब्रांडों को अपनी सूची में शामिल किया है। इसके अलावा, मनपसंद खाने की आजादी देने के लिए 72 ए-ला-कार्टे (A-la-Carte) व्यंजनों का मेनू पारदर्शी दरों के साथ तय किया गया है। 

हर स्टेशन पर शुद्ध जल की उपलब्धता: यात्रा के दौरान स्वच्छ जल सबसे अहम ज़रूरत होती है। प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, झांसी, ग्वालियर और आगरा कैंट जैसे 21 प्रमुख स्टेशनों पर ‘रेल नीर’ की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। इतना ही नहीं, यात्रियों को किफायती दरों पर शुद्ध आरओ पानी देने के लिए 21 स्टेशनों पर 137 वाटर वेंडिंग मशीनें लगातार सेवा में हैं। 

गुणवत्ता पर कड़ी नज़र: अच्छा खाना सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित होना चाहिए। वर्ष 2025-26 के दौरान रेल अधिकारियों ने बेस किचन, ट्रेनों और स्टालों का 1,309 बार गहन निरीक्षण किया। भोजन की शुद्धता परखने के लिए 1,826 खाद्य नमूने लैब भेजे गए और जहाँ भी लापरवाही पाई गई, वहाँ ठेकेदारों पर तुरंत जुर्माना लगाया गया। 

अधिकारियों का जमीनी मुआयना: रेलवे बोर्ड के निर्देशों पर जुलाई 2026 में 7 दिनों का विशेष अभियान चलाकर 16 प्रमुख ट्रेनों में खाने के स्वाद, परोसने के तरीके और कर्मचारियों के व्यवहार का जायजा लिया गया। इसके बाद अगस्त 2026 में 15 दिनों का एक और बड़ा अभियान छेड़ा गया, जिसमें मुख्यालय और मंडलों के उच्च अधिकारियों ने खुद बेस किचन और वेंडिंग स्टालों पर जाकर साफ-सफाई, दस्ताने-मास्क की अनिवार्यता और ताज़ी सामग्रियों की जाँच की। 

यात्रियों का बढ़ता भरोसा: इस कड़ी मेहनत और बदलाव का असर अब साफ़ दिखने लगा है। रेलवे की इन लगातार कोशिशों की बदौलत ‘रेल मदद’ पोर्टल पर खान-पान से जुड़ी शिकायतों में अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 36% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

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