पंच सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों को वीबीजी राम जी योजना के प्रति किया गया जागरूक

Spread the love

 रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता, मजदूरी में देरी पर मुआवजा’

सोनभद्र। ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका की बेहतर सुरक्षा प्रदान करने तथा ग्राम पंचायतों को विकास की प्रक्रिया में और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से पंच सम्मेलन के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को “विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबीजी राम जी” योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल एवं मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, ब्लॉक प्रमुख म्योरपुर मान सिंह गोंड़, वीबीजी राम जी अधिकारी रविन्द्र वीर सिंह, ग्राम प्रधान सहित संबंधित अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मेलन में योजना के प्रमुख प्रावधानों, रोजगार की गारंटी, ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की कार्ययोजना, मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता तथा ग्रामीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल ने पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण भारत के समग्र विकास में ग्राम पंचायतों एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वीबीजी राम जी योजना ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि योजना के प्रावधानों को गंभीरता से समझें और गांव के प्रत्येक पात्र परिवार तक इसकी जानकारी पहुंचाएं। ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि योजना का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और गांव आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनें।
मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने पंचायत प्रतिनिधियों को योजना के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका की बेहतर सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने का प्रावधान ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए गांव की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जाए। योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को इसका लाभ मिल सके।
 सम्मेलन में बताया गया कि काम की मांग करने के बावजूद निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध न होने पर बेरोजगारी भत्ता प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। वहीं श्रमिकों को समय से मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। मजदूरी भुगतान में विलंब होने की स्थिति में प्रत्येक विलंबित दिन के लिए मजदूरी के साथ मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। नए प्रावधानों के तहत ग्राम स्तर पर विकास कार्यों की योजना तैयार करने में ग्राम सभा की भूमिका को और अधिक सशक्त किया गया है। ग्राम पंचायतें ग्रामीणों की सहभागिता से अपनी “विकसित ग्राम पंचायत योजना” तैयार करेंगी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता मिल सकेगी। योजना के अंतर्गत जल सुरक्षा एवं संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक मौसम से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ रोजगार और आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे।
सम्मेलन में कहा गया कि मनरेगा के अंतर्गत वर्तमान में संचालित कोई भी कार्य प्रभावित अथवा बंद नहीं होगा। वर्तमान कार्य पूर्व की भांति पूरे किए जाएंगे तथा नए प्रावधान लागू होने के उपरांत नियमानुसार नए कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। पंच सम्मेलन के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया गया कि वे योजना के प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाएं। इसके साथ ही ग्राम सभा स्थलों, ग्राम पंचायत भवनों, सरकारी कार्यालयों एवं सामुदायिक भवनों में पोस्टर-होर्डिंग प्रदर्शित करने तथा पम्पलेट वितरण सहित विभिन्न माध्यमों से व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित की जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र ग्रामीण परिवार योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *