चित्तरंजन कुमार ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में निदेशक तकनीकी का कार्यभार ग्रहण किया

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सांकतोरिया, । चित्तरंजन कुमार ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) में निदेशक (तकनीकी) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कोयला क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक के विशिष्ट अनुभव से समृद्ध श्री कुमार एक अनुभवी खनन विशेषज्ञ हैं। वे अपने साथ उत्कृष्ट तकनीकी विशेषज्ञता, दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता तथा कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों में परिवर्तनकारी उपलब्धियाँ अर्जित करने का सिद्ध अनुभव लेकर आए हैं।

बीआईटी सिंदरी से वर्ष 1991 में बी.टेक. (खनन अभियांत्रिकी) की उपाधि प्राप्त करने वाले  कुमार ने वर्ष 1997 में प्रथम श्रेणी खान प्रबंधक दक्षता प्रमाण-पत्र (First Class Manager’s Competency Certificate) प्राप्त किया तथा इसके अतिरिक्त एमबीए की उपाधि भी अर्जित की। अपने गौरवपूर्ण सेवाकाल के दौरान उन्होंने अनेक वृहद् खनन परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया, महत्त्वपूर्ण वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ प्राप्त कीं, जटिल भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आर एंड आर) संबंधी मुद्दों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया तथा उत्पादन, उत्पादकता एवं सतत खनन पद्धतियों में उल्लेखनीय सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ईसीएल में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व श्री कुमार सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मगध-संगमित्रा क्षेत्र में क्षेत्रीय महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने खनन परियोजनाओं हेतु महत्त्वपूर्ण वन स्वीकृतियाँ प्राप्त कराने तथा 20 MTY संगमित्रा ओसीपी को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में खनन कार्यों के लिए वन भूमि का हस्तांतरण सुनिश्चित हुआ तथा क्षमता विस्तार संबंधी परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई।

सीसीएल के बोकारो एवं करगली क्षेत्र तथा बीसीसीएल के ब्लॉक-2 क्षेत्र में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कारो माइंस में पुनः उत्पादन प्रारंभ कराया, बीसीसीएल के प्रथम हाईवॉल माइनर एवं 5 MTY वाशरी का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कराया तथा लंबे समय से लंबित पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आर एंड आर) संबंधी समस्याओं का समाधान कर परिचालन विस्तार का मार्ग प्रशस्त किया। उनके नेतृत्व में ब्लॉक-2 क्षेत्र ने पिछले 10 वर्षों में सर्वाधिक कोयला उत्पादन प्राप्त किया तथा वर्ष 2024 में ₹830 करोड़ का लाभ अर्जित किया। साथ ही, मात्र तीन वर्षों में आउटपुट पर मैन शिफ्ट (ओएमएस) में 100 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

श्री कुमार ने सतत खनन एवं खान पुनर्वास (Mine Reclamation) के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। बीसीसीएल के बरोरा क्षेत्र में उन्होंने मुराईडीह भूमिगत परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण का सफल नेतृत्व किया तथा TERI के सहयोग से पारिस्थितिक पुनर्स्थापन (Eco-Restoration) संबंधी पहल का मार्गदर्शन किया। उनके कार्यकाल में इस क्षेत्र को पर्यावरणीय अनुपालन के लिए मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इससे पूर्व सीसीएल के कथारा क्षेत्र में उन्होंने उत्पादन लक्ष्यों को पार करते हुए सावांग-गोविंदपुर परियोजना में विभागीय स्तर पर अब तक का सर्वाधिक उत्पादन प्राप्त किया तथा सावांग कोलियरी में बॉटम ऐश स्टोइंग (Bottom Ash Stowing) का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया।

ईसीएल के साथ उनका जुड़ाव उनके राजमहल क्षेत्र में सहायक प्रबंधक के रूप में कार्यकाल से प्रारंभ हुआ, जहाँ उन्होंने ट्रक डिस्पैच सिस्टम (टीडीएस) को सफलतापूर्वक परिचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

उत्कृष्ट कार्य निष्पादन एवं समर्पण के लिए  कुमार को अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया गया है। इनमें कोयला मंत्री पुरस्कार (2021-22 एवं 2022-23), सर्वश्रेष्ठ महाप्रबंधक पुरस्कार (2018-19), राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (2008 एवं 2009) तथा एमजीएमआई द्वारा प्रदत्त एच. बी. घोष स्मृति राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (2008-09) प्रमुख हैं। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन स्थित सिमटार्स (SIMTARS) में उन्नत खनन सुरक्षा एवं जोखिम मूल्यांकन तकनीकों का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है। श्री कुमार एएससीआई, हैदराबाद द्वारा ईएससीपी बिजनेस स्कूल, फ्रांस के सहयोग से आयोजित एडवांस्ड ग्लोबल टेक्नो-मैनेजमेंट प्रोग्राम-2025 में प्रतिभागी रह चुके हैं ।

ईसीएल परिवार में  चित्तरंजन कुमार का स्वागत करते हुए ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सतीश झा ने कहा कि निदेशक (तकनीकी) के रूप में चित्तरंजन कुमार की नियुक्ति से तकनीकी उन्नयन, परिचालन उत्कृष्टता, सतत खनन तथा सुरक्षित कोयला उत्पादन के प्रति ईसीएल की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी।  झा ने आगे कहा कि श्री कुमार का व्यापक एवं बहुआयामी अनुभव ईसीएल की निरंतर प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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