, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश*
प्रयागराज । मॉनसून के मौसम में ट्रेनों के सुरक्षित और निर्बाध परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने सुरक्षा मानकों और तैयारियों का जायज़ा लिया। बैठक में मुख्यालय के सभी प्रमुख विभागाध्यक्षों के साथ-साथ मंडलों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।बैठक की अध्यक्षता करते हुए महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और रेल यातायात को सुचारू रखना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसी भी संभावित दुर्घटना या रुकावट से बचने के लिए अधिकारियों को पूर्व-तैयारी और संरक्षा नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए।

महाप्रबंधक ने फील्ड अधिकारियों को कागज़ी समीक्षा से आगे बढ़कर ज़मीनी स्तर पर काम करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि फील्ड अधिकारी खुद संवेदनशील रेल सेक्शनों में जाकर निरीक्षण करें। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत सामग्री की तुरंत उपलब्धता और ‘मॉनसून वैगन’ की कार्यप्रणाली व तैयारियों को पूरी तरह दुरुस्त रखने के आदेश दिए गए।
मौसम में अचानक होने वाले बदलावों और भारी बारिश को देखते हुए महाप्रबंधक ने फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) की स्थिति पर पैनी नज़र रखने के निर्देश दिए। रेल पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी विशेष निगरानी की जाएगी ताकि नदियों और नालों के बढ़ते जलस्तर से ट्रैक को कोई खतरा न हो। भारी बारिश का असर रेलवे ट्रैक की मजबूती और सिग्नलिंग व्यवस्था पर न पड़े, इसके लिए अधिकारियों को बैलास्ट और ड्रेनेज सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण करने को कहा गया है। ट्रैक के आसपास पानी के भराव को रोकने और सिग्नलिंग फेल्योर से बचने के लिए रखरखाव दल को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
