ईशा अंबानी ने बच्चों के साथ किया ‘इमोशन्स लैब’ का शुभारंभ, भावनात्मक शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

Spread the love

मुंबई । रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से कार्यरत विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के 100 से अधिक बच्चों ने भारत में पहली बार शुरू किए गए ‘इमोशन्स लैब’ का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इस अवसर पर रिलायंस फाउंडेशन की निदेशक ईशा अंबानी बच्चों के बीच पहुंचीं और उनके साथ विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियों में भाग लिया। नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (एनएमएसीसी), रिलायंस फाउंडेशन तथा दादू, चिल्ड्रन्स म्यूजियम ऑफ कतर के संयुक्त सहयोग से विकसित यह अनूठी प्रदर्शनी एनएमएसीसी के वार्षिक ‘बचपन’ महोत्सव के अंतर्गत आयोजित की गई है। इसका उद्देश्य 5 से 11 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में भावनात्मक साक्षरता (Emotional Literacy) और सामाजिक-भावनात्मक विकास को खेल-आधारित एवं अनुभवात्मक गतिविधियों के माध्यम से बढ़ावा देना है।

उद्घाटन के अवसर पर आयोजित एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल (ESA) डे के दौरान बच्चों ने ऐसे आकर्षक और इंटरैक्टिव प्रदर्शनों में भाग लिया, जिनसे उन्होंने अपनी भावनाओं को पहचानना, समझना, व्यक्त करना और नियंत्रित करना सीखा। बच्चों ने चेहरे के भाव, शारीरिक भाषा और दैनिक जीवन की परिस्थितियों के माध्यम से भावनाओं को समझने के साथ-साथ संचार, आत्मविश्वास और सहानुभूति विकसित करने वाले अभ्यास भी किए। इसके अतिरिक्त उन्होंने एनएमएसीसी की आर्ट वॉक में भाग लेकर कला के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति को भी निखारा।

इस अवसर पर ईशा अंबानी ने कहा कि सीखना हमेशा जिज्ञासा और खेल के माध्यम से एक रोमांचक अनुभव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए प्रारंभिक अवस्था में भावनात्मक साक्षरता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि रिलायंस फाउंडेशन का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण और अनुभवात्मक शिक्षा को समाज के प्रत्येक बच्चे तक पहुंचाना है।

‘इमोशन्स लैब’ का प्रमुख आधार येल सेंटर फॉर इमोशनल इंटेलिजेंस द्वारा विकसित ‘मूड मीटर’ है, जिसके माध्यम से बच्चों को भावनाओं को पहचानने, समझने, नाम देने, व्यक्त करने और नियंत्रित करने जैसी पांच महत्वपूर्ण भावनात्मक कौशल सिखाई जाती हैं।

रिलायंस फाउंडेशन ने बताया कि ‘इमोशन्स लैब’ म्यूजियम इन रेजिडेंस श्रृंखला की दूसरी प्रदर्शनी है। इससे पहले वर्ष 2025 में आयोजित ‘लाइट एटेलियर’ प्रदर्शनी से 13,000 से अधिक बच्चों ने प्रकाश, छाया और रंगों के माध्यम से सीखने का अनुभव प्राप्त किया था। यह प्रदर्शनी 2 अगस्त 2026 तक आम जनता के लिए एनएमएसीसी में खुली रहेगी। इसके बाद इसे देशभर के विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों, विशेष रूप से वंचित समुदायों के बच्चों तक पहुंचाने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे भावनात्मक शिक्षा और रचनात्मक सीखने का लाभ उठा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *