नौगढ़। वृहद वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अन्तर्गत जयमोहनी रेंज में 40 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपे गए हजारों पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए वन विभाग ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है। झुमरिया, मरवटिया और नौडीहवा में विकसित किए गए पौधरोपण स्थलों को मॉडल वृक्षारोपण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा, वैज्ञानिक निगरानी और रखरखाव की व्यवस्था भी की जाएगी। जिससे रोपित प्रत्येक पौधे को वृक्ष के रूप में विकसित किया जा सके। प्राथमिक विद्यालय मरवटिया के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने ग्राम प्रधान ब्रह्मा वनवासी की मौजूदगी में वनवासी समुदाय के ग्रामीणों के साथ संवाद किया। रेंजर ने बताया कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने से नहीं, बल्कि उसके संरक्षण से तय होगी।
ग्रामीणों से अपील किया कि प्रत्येक परिवार अपने खेत की मेड़ पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल करते हुए उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखे। कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, भूजल संरक्षण तथा जैव विविधता को बढ़ाने में वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज को पौधों की सुरक्षा का संकल्प लेने ऊआने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सकेगा। सामाजिक वानिकी योजना के अंतर्गत झुमरिया में 20 हेक्टेयर, मरवटिया में 10 हेक्टेयर तथा नौडीहवा में 10 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया गया है। इन स्थलों पर आम, महुआ, इमली, अमरूद, चिलबिल, जंगल जलेबी सहित अनेक उपयोगी एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं।जो स्थानीय जलवायु, जैव विविधता तथा ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है।
वन विभाग ने पौधों की उच्च जीवितता दर सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करके तीनों मॉडल पौधरोपण केंद्रों पर आवश्यकता के अनुसार टैंकर से नियमित सिंचाई कराई जाएगी। पौधों को मवेशियों एवं अन्य से नुकसान पहुंचने के लिए वाचरों की तैनाती की जाएगी। साथ ही समय-समय पर निराई-गुड़ाई, खाद डालने, खरपतवार हटाने और अन्य संरक्षण संबंधी कार्य भी कराए जाएंगे। प्रत्येक स्थल की नियमित मॉनिटरिंग होगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जयमोहनी रेंज के इन तीन मॉडल वृक्षारोपण केंद्रों को जिले के लिए आदर्श के रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी इसी मॉडल को अपनाया जा सके। उन्होंने लोगों से लगाए गए पौधों को अपनी सामुदायिक धरोहर मानते हुए उनकी सुरक्षा एवं देखभाल में सक्रिय सहयोग देने की अपील किया। कहा कि जनसहभागिता से ही हरित वातावरण, जैव विविधता संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ पर्यावरण का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।
