स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन पर भी होगा विशेष पौधरोपण, मिशन छाया के जरिए सड़क के दोनों किनारों पर लगाए जाएंगे छायादार पौधे
सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में शुक्रवार कलेक्ट्रेट मे बैठक की गयी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के क्रम में प्रदेश में वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 अभियान के तहत प्रदेश में 35 करोड़ पौध रोपण का लक्ष्य 12 जुलाई को रखा गया है जिसके अन्तर्गत जनपद सोनभद्र में 1 करोड़ 67 लाख 91 हजार सौ पौध रोपण किया जायेगा जिसमें 28 विभागांे की वृहद स्तर पर पौध रोपण कराने हेतु लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पौध रोपण अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ जुगैल में आयोजित कार्यक्रम मे सम्मलित होगें व मण्डलायुक्त विन्ध्यांचल मंण्डल नोडल राजेश प्रकाश रेनूकूट पिपरी में आयोजित पौध रोपण कार्यक्रम में सम्मलित होगें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने लक्ष्य के अनुरूप पौध उठान की कार्यवाही समय से पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सरकार ने जनसहभागिता सुनिश्चित करते हुए पौधरोपण महाअभियान की की शुरुआत की गयी है। उन्होने कहा कि अभियान के तहत रोपे गए पौधों को शत-प्रतिशत सुरक्षित रखा जाए और आम-जन को पौधरोपण के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूक भी किया जाए। इसी कड़ी में जनपद में पौधरोपण अभियान को तीज-त्यौहारों व संस्कृति से जोड़ते हुए विभिन्न प्रकार के वनों की स्थापना के साथ ही विशिष्ट प्रकार के आयोजन भी किए जाए। जिससे आमजन पौधरोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा के लिए भी जागरुक हो सकें। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि पौधरोपण महाभियान- 2026 के तहत जिले में हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए मानसून में 5 वनों व 1 वाटिका की स्थापना वन विभाग व कई अन्य विभागों द्वारा की जाए्गी। इनमें मुख्य रूप से महर्षि चरक औषधि वन स्थापित किया जाएगा, जहां स्वास्थ्य के लिए लाभकारी जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों का रोपण होगा। इसके अलावा समरस वन, समृद्धि वन, कपि वन और ऊर्जा वन भी बनाए जाएंगे।
वन विभाग की पूरी तैयारी है कि तय तिथियों पर आमजन, छात्र-छात्राओं और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ इन विशिष्ट वनों को सफलतापूर्वक स्थापित किया जाए, ताकि जिले में हरियाली का एक स्थायी और समृद्ध वातावरण तैयार हो सके। इसे मिशन छाया नाम दिया गया है। बताया कि इस मिशन के तहत सड़कों के किनारे छायादार पौधों का रोपण करने के साथ ही उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। सड़कों के किनारे रोपे गए पौधे जब बड़े होकर वृक्ष बनेंगे तो सड़कों का तापमान कम रहेगा। जिससे हीटवेट का खतरा कम होगा। इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी रेणुकूट, प्रभागीय वनाधिकारी ओबरा, प्रभागीय वनाधिकारी राबर्ट्सगंज, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
