सीएमडी बीसीसीएल ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनी सहभागिता की

धनबाद / नेयवेली में एनएलसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला ‘मूविंग बियॉन्ड एक्सट्रैक्शन: माइन क्लोज़र एंड रिपर्पज़िंग’ का आज समापन हुआ। दो-दिवसीय इस कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी द्वारा किया गया, जिसमें खनन क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं तथा सार्वजनिक क्षेत्र की खनन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने व्यापक रूप से भाग लिया। अपने संबोधन में मंत्री  जी. किशन रेड्डी ने इस बात पर बल दिया कि वैज्ञानिक एवं नियोजित माइन क्लोज़र की रूपरेखा खनन के आरंभिक चरण से ही तैयार की जानी चाहिए, जिससे खदान बंदी केवल एक औपचारिक प्रक्रिया न होकर स्थानीय समुदायों, पर्यावरण और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं के लिए नई राह का निर्माण करे। कोयला मंत्रालय के सचिव  विक्रम देव दत्त ने कार्यशाला को एक दूरदर्शी पहल बताते हुए माइन रिपर्पज़िंग की अवधारणा को देश में बढ़ते पर्यावरणीय दायित्व और समुदाय–केन्द्रित विकास मॉडल से जोड़ते हुए इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

NTPC

कार्यक्रम में सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज की। दो दिवसीय इस कार्यशाला में माइन क्लोज़र नीति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन, समुदाय भागीदारी, पुनर्प्रयोजन मॉडल तथा अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय एवं कोल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी, बीसीसीएल सहित अन्य सीपीएसई के प्रतिनिधिगण तथा टीएमसीपी माइंस, बीसीसीएल के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। दो-दिवसीय यह राष्ट्रीय कार्यशाला माइन क्लोज़र एवं सतत खनन के क्षेत्र में ज्ञान–विनिमय और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *