वैश्विक मंच दावोस में उत्तर प्रदेश प्रतिनिधिमंडल की प्रभावी भागीदारी, औद्योगिक और डिजिटल विकास को नई दिशा

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*दावोस में उत्तर प्रदेश प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकें, डिजिटल, ऊर्जा और औद्योगिक विकास को मिला बढ़ावा*

दावोस, लखनऊ। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) में प्रमुख वैश्विक कंपनियों एवं संस्थानों के साथ एक श्रृंखला में महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकें कीं। इस प्रतिनिधिमंडल में इंफ्रास्ट्रक्चर एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार; मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव अमित सिंह; अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के सचिव एवं इन्वेस्ट यूपी तथा यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरन आनंद; तथा ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव एवं यूपीनेडा के निदेशक इंदरजीत सिंह के साथ वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित थे। बैठकों का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को भारत के एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ करना तथा राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और वैश्विक सहयोग के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा करना रहा।

दिन की बैठकों की शुरुआत लुई ड्रेफस कंपनी के साथ संवाद से हुई, जिसके पश्चात उबर टेक्नोलॉजीज, ऑटोमेशन एनीवेयर, कॉल्ड्रॉन, पेप्सिको, एचसीएल सॉफ्टवेयर, वेल्थ डोर, अनुपम रसायन इंडिया लिमिटेड, गूगल क्लाउड, ग्रीनको के साथ बी2जी (बिज़नेस-टू-गवर्नमेंट) बैठकें आयोजित की गईं। इसके अतिरिक्त, कार्बन कंपास के संस्थापक एवं सीईओ नीरज अग्रवाल—जो आईआईटी कानपुर एवं एमआईआईटी के पूर्व छात्र हैं तथा नासा के पूर्व वैज्ञानिक रह चुके हैं—और डेलॉइट दक्षिण एशिया के साथ भी विस्तृत चर्चा की गई। उबर टेक्नोलॉजीज के साथ हुई बैठक में नोएडा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की स्थापना, निवेश विस्तार तथा मोबिलिटी साझेदारियों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 13 से अधिक स्थानों पर 1.5 लाख वाहनों के संचालन के साथ, उबर ने राज्य की प्रगतिशील नीतिगत रूपरेखा के अंतर्गत पर्यटन, लास्टमाइल कनेक्टिविटी तथा नवाचार-आधारित समाधानों पर विशेष जोर दिया। इसके अतिरिक्त, अर्जेंटीना सरकार के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें आपसी सहयोग एवं निवेश अवसरों पर चर्चा की गई।

इन बैठकों के दौरान डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, रिन्यूएबल एनर्जी, फ़ूड प्रोसेसिंग, ऑटोमेशन तथा ग्लोबल ट्रेड जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया, जो सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में उत्तर प्रदेश की परिकल्पना के अनुरूप हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की सुदृढ़ नीतिगत रूपरेखा, इन्वेस्टर-फ्रेंडली इकोसिस्टम तथा नवाचार-आधारित विकास के प्रति प्रतिबद्धता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। दावोस में हुए ये संवाद परिवर्तनकारी साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति एवं वैश्विक एकीकरण को और गति प्रदान करने की अपेक्षा हैं।

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