कोयला भवन मुख्यालय में नराकास धनबाद की छमाही समीक्षा बैठक का आयोजन

धनबाद।नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), धनबाद की छमाही समीक्षा बैठक का आयोजन आज कोयला भवन मुख्यालय, बीसीसीएल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। बैठक में अध्यक्ष कार्यालय बीसीसीएल सहित नराकास धनबाद के सभी 51 सदस्य कार्यालयों के प्रमुख, हिंदी अधिकारी, हिंदी विभाग के प्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।    
कार्यक्रम की अध्यक्षता नराकास धनबाद के पदेन अध्यक्ष सह सीएमडी बीसीसीएल मनोज कुमार अग्रवाल ने की। अवसर पर  अजय सिंह (उप महानिदेशक,डीजीएमएस),निदेशक (मानव संसाधन) बीसीसीएल  मुरली कृष्ण रमैया, दिलीप कुमार सिंह (मुख्य महाप्रबंधक, डीवीसी),विनीत रावल (कार्यपालक निदेशक, के.को.आ.प), उमा शंकर सिंह (क्षेत्रीय निदेशक, सीएमपीडीआईएल),अमरनाथ (मुख्य वैज्ञानिक, सिम्फर),राजीव तिवारी, प्रदीप विश्वकर्मा (कमांडेंट, सीआईएसएफ बीसीसीएल),  कुमार मनोज, महाप्रबंधक (मा.सं./राजभाषा) बीसीसीएल सहित नराकास धनबाद के सदस्य कार्यालयों के कार्यालय प्रमुख/प्रतिनिधि, हिंदी अधिकारी उपस्थित रहें। बैठक में क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (पूर्वी क्षेत्र) के उप-निदेशक (कार्यान्वयन) डॉ. विचित्रसेन गुप्त ने बतौर प्रेक्षक अपनी सहभागिता की। बैठक का संचालन नराकास सचिव सह प्रबंधक (राजभाषा) बीसीसीएल श्री उदयवीर सिंह ने किया।
बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा एवं अनुमोदन किए गए—
. नराकास धनबाद की पत्रिका ‘धनबाद राजभाषा संदेश’ के संयुक्तांक (अंक 27 एवं 28) का विमोचन उत्कृष्ट राजभाषा कार्यान्वयन करने वाले सदस्य कार्यालयों को वार्षिक राजभाषा उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान
3. नराकास के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों का सम्मान
4. पिछली बैठक के कार्यवृत्तों की पुष्टि एवं अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत
5. सदस्य कार्यालयों की अप्रैल–जून तथा जुलाई–सितंबर 2025 तिमाही की राजभाषा प्रगति समीक्षा
6. जनवरी 2026 में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में राजभाषा सम्मेलन आयोजन हेतु निर्णय
7. समिति के सदस्य कार्यालयों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं/गतिविधियों की समीक्षा
बैठक की शुरुआत राष्ट्रगान, अतिथियों के स्वागत, स्वागत-संबोधन तथा सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। स्वागत-संबोधन में महाप्रबंधक (राजभाषा), बीसीसीएल श्री कुमार मनोज ने बैठक के उद्देश्य, पृष्ठभूमि तथा रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों द्वारा ‘धनबाद राजभाषा संदेश’ के संयुक्तांक (27–28) का सामूहिक विमोचन किया गया, जिसके उपरांत गत छमाही में आयोजित विभिन्न राजभाषा प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में सीएमडी, बीसीसीएल मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयीन आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और संपूर्ण सरकारी व्यवस्था के एकीकृत संचालन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यालयों को न केवल आधिकारिक कार्यों में हिंदी के अधिकतम प्रयोग को सुनिश्चित करना चाहिए, बल्कि दैनिक कार्यव्यवहार, पत्राचार, बैठक-कार्यवाही, निवेदन-पत्र तथा अंतर्विभागीय संप्रेषण में भी हिंदी के प्रयोग को स्वाभाविक रूप से अपनाना चाहिए, ताकि राजभाषा हिंदी औपचारिकता के बजाय व्यवहार की भाषा बन सके। उन्होंने उपस्थित सभी कार्यालयों से आग्रह किया कि वे  राजभाषा प्रावधानों के अनुपालन में समयबद्धता, ईमानदारी और सतत सुधार को प्राथमिकता दें।
अवसर पर संबोधित करते हुए अजय सिंह (उप महानिदेशक, डीजीएमएस) ने कहा नराकास धनबाद सभी सदस्य कार्यालयों के आपसी सहयोग व समन्वय से अच्छा काम कर रही है। हिंदी हमारी राजभाषा है और हमें केन्द्र सरकार के कार्मिक होने के नाचे राजभाषा नीति-नियमों के सभी प्रावधानों का अनुपालन करना चाहिए। अब हिंदी भारत के सभी राज्यों में तेजी से बढ़ रही है। हिंदीतर राज्यों के लोग भी हिंदी को सहजता से अपना रहे हैं।
कार्यक्रम में बतौर प्रेक्षक उपस्थित उप-निदेशक (कार्यान्वयन), डॉ. विचित्रसेन गुप्त ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी के प्रयोग में उल्लेखनीय वृद्धि अवश्य हुई है, परंतु राजभाषा हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी कार्यालयों को और अधिक सक्रियता, नवाचार तथा सहभागिता प्रदर्शित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज हिंदी को औपचारिकता के बजाय कार्यव्यवहार के रूप में स्वीकार किया जाना एक सकारात्मक परिवर्तन है, किंतु प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमें आँकड़ों से आगे बढ़कर व्यावहारिक समर्पण और भाषाई निरंतरता को बढ़ावा देना होगा, तभी राजभाषा की सार्वभौमिक स्वीकार्यता सुदृढ़ रूप में स्थापित हो सकेगी।
पुरस्कार वितरण
इस अवसर पर वर्ष 2025 के नराकास, धनबाद के वार्षिक राजभाषा उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। उपक्रम, कार्यालय तथा बैंक/वित्तीय संस्थान श्रेणी के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं प्रोत्साहन पुरस्कारों से सम्मानित कार्यालयों की सूची बैठक में घोषित की गई।
उपक्रम श्रेणी
• प्रथम – भारत कोकिंग कोल लिमिटेड
• द्वितीय – केंद्रीय कोयला आपूर्ति संस्थान (सेल)
• तृतीय – दामोदर घाटी निगम, मैथन डैम परियोजना
• प्रोत्साहन – भारतीय खाद्य निगम
• प्रोत्साहन – बीईएमएल लिमिटेड
कार्यालय श्रेणी
• प्रथम – केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल
• द्वितीय – मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, पूर्व मध्य रेलवे
• तृतीय – कोयला खान भविष्य निधि संगठन
• प्रोत्साहन – खान सुरक्षा महानिदेशालय
• प्रोत्साहन – राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, धनबाद
बैंक एवं वित्तीय संस्थान श्रेणी
• प्रथम – बैंक ऑफ इंडिया, अंचल कार्यालय
• द्वितीय – केनरा बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय
• तृतीय – यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय
• प्रोत्साहन – सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल  तथा बैंक ऑफ इंडिया, अंचल कार्यालय के सौजन्य से आयोजित हिंदी निबंध प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं शील्ड प्रदान की गई।
सीआईएसएफ के सौजन्य से आयोजित निबंध प्रतियोगिता – 2025 तथा बैंक ऑफ इंडिया, धनबाद अंचल के सौजन्य से आयोजित निबंध प्रतियोगिता – 2025 के विजेताओं को  भी पुरस्कृत किया गया ।
बैठक में पॉवरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से सभी सदस्य कार्यालयों के राजभाषा क्रियान्वयन की औपचारिक समीक्षा की गयी, जिसमें सदस्य कार्यालयों द्वारा समर्पित अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर राजभाषा गतिविधियों का आकलन किया गया। बैठक में कार्यसूची के अंतर्गत पिछली छमाही की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई। सदस्य कार्यालयों की जून, 2025 और सितम्बर, 2025 को समाप्त तिमाही की हिंदी प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा की गई।
कार्यक्रम में बैठक की कार्यसूची के सभी मदों पर चर्चा की गयी। साथ ही आगामी कार्ययोजना पर भी निर्णय हुआ।  सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी महीनों में सभी सदस्य कार्यालय राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु ज्यादा से ज्यादा गतिविधियाँ आयोजित करेंगें, जिससे कार्मिकों में हिंदी प्रयोग के प्रति जागरूकता और बढ़ सके।  बैठक में सभी सदस्य कार्यालयों से प्राप्त रचनाओं के संकलन के साथ अगली बैठक के अवसर पर नराकास धनबाद की पत्रिका ‘धनबाद राजभाषा संदेश’ के आगामी अंक (29) के प्रकाशन का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही यह भी सहमति बनी कि अगली बैठक का आयोजन केंद्रीय कोयला आपूर्ति संस्थान (सेल) द्वारा किया जायेगा। इस प्रकार समिति ने भावी आयोजन की एक संगठित कार्ययोजना तैयार की।
कार्यक्रम का औपचारिक समापन डीवीसी के हिंदी अधिकारी अरविन्द कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *