धनबाद । कोयला भवन मुख्यालय के लेवल–3 सभागार में, वित्तीय वर्ष 2026–27 की प्रथम एवं 8वीं महाप्रबंधक समन्वय बैठक का आयोजन बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में कंपनी के उत्पादन, प्रेषण, ओबीआर, परिवहन क्षमता एवं पर्यावरणीय स्वीकृति से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही चालू माह के निर्धारित उत्पादन एवं प्रेषण लक्ष्यों की शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध प्राप्ति पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान गुणवत्तापूर्ण कोयला उत्पादन एवं वाशरियों के विकास को प्राथमिकता देते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा डिस्पैच प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके पश्चात बैठक में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर गंभीरता से चर्चा की गई। खदानों में कोयला चोरी एवं हिंसक घटनाओं के प्रति शून्य-सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति के सख्त अनुपालन पर जोर देते हुए, हाल की घटना के संदर्भ में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता दोहराई गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाया जाएगा, तथा इसके लिए आवश्यक आधुनिक संसाधनों का चरणबद्ध तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे निगरानी, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई की क्षमता में सुधार हो सके।
क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, डीआईजी-सीआईएसएफ एवं अन्य अधिकारियों द्वारा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं अवैध खनन की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। साथ ही सभी सुझावों पर विचार-विमर्श करते हुए ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना बनाने पर सहमति बनी। अंत में, सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने सभी अधिकारियों को कंपनी के समग्र विकास, सुरक्षित कार्य वातावरण एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु समन्वित एवं ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए। इस बैठक में निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय सिंह, निदेशक (वित्त) राजेश कुमार, वरिष्ठ सलाहकार (सुरक्षा) विपुल शुक्ला, डीआईजी (सीआईएसएफ) जितेंद्र तिवारी, सभी क्षेत्रों के महाप्रबंधक, विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष, सीएमडी सचिवालय के अधिकारी तथा सीआईएसएफ के कमांडेंट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
