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  • उत्कर्ष ओडिशा’-मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2025 में सेल राउरकेला इस्पात संयंत्र के पेविलियन का उद्घाटन

    उत्कर्ष ओडिशा’-मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2025 में सेल राउरकेला इस्पात संयंत्र के पेविलियन का उद्घाटन

    राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी), ने प्रतिष्ठित ‘उत्कर्ष ओडिशा-मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2025 में स्थायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, ‘सेल स्टील, ग्रीन स्टील’ विषय पर आधारित अपने अत्याधुनिक पेविलियन का अनावरण किया। कॉन्क्लेव का उद्घाटन भारत के  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने 28 जनवरी, 2025 को ओडिशा के  राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति, ओडिशा के  मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी और कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया। 

    उल्लेखनीय है कि, ओडिशा का प्रमुख वैश्विक निवेशक सम्मेलन, 28 से 30 जनवरी, 2025 तक भुवनेश्वर में आयोजित किया जा रहा है। आरएसपी के निदेशक प्रभारी, आलोक वर्मा ने कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएँ), सुदीप पाल चौधरी की उपस्थिति में कंपनी के आकर्षक पेविलियन का उद्घाटन किया। आरएसपी पेविलियन कंपनी की विरासत, नवाचार और ओडिशा राज्य के साथ जुड़ाव को प्रदर्शित करता है। आरएसपी के विकास और वृद्धि को दर्शाते हुए, पेविलियन में इस वर्ष के सम्मेलन की थीम के अनुरूप उन्नत डिजिटल तकनीकों को शामिल किया गया है। यह ईएसजी सिद्धांतों के प्रति इस्पात संयंत्र की प्रतिबद्धता और टिकाऊ ग्रीन स्टील के उत्पादन के लिए इसकी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। पेविलियन का एक प्रमुख आकर्षण एआर/वीआर-आधारित डिजिटल वॉकथ्रू है, जो दर्शकों को विस्तृत 3डी विज़ुअलाइज़ेशन के माध्यम से आरएसपी के संचालन का 360-डिग्री अनुभव प्रदान करता है। 

    पेविलियन में आरएसपी की विविध उत्पाद श्रृंखला के जटिल रूप से तैयार किए गए लघु मॉडल भी हैं, जिन्हें अत्याधुनिक 3डी प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करके आरएसपी में स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। प्रत्येक मॉडल के साथ क्यूआर कोड हैं, जो दर्शकों को व्यापक उत्पाद जानकारी और अनुप्रयोगों तक पहुँचने में सक्षम बनाएगा, जिससे एक परस्पर सामंजस्य और आकर्षक अनुभव सुनिश्चित होगा । 

    मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2025 ओडिशा की औद्योगिक क्षमता को प्रदर्शित करने और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा । अपनी प्रभावशाली उपस्थिति के माध्यम से, सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र ओडिशा के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में औद्योगिक विकास और नवाचार को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि करता है।

  • नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति धनबाद द्वारा सम्मेलन का सफल आयोजन 

    नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति धनबाद द्वारा सम्मेलन का सफल आयोजन 

     धनबाद। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), धनबाद द्वारा आज भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के सभागार में आयोजित दसवें राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ  समीरन दत्ता, अध्यक्ष, नराकास धनबाद की अध्यक्षता में दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में  मुरली कृष्ण रमैय्या, निदेशक (कार्मिक);  राकेश कुमार सहाय, निदेशक (वित्त), बीसीसीएल;  आनंद सक्सेना, उप महानिरीक्षक, सीआईएसएफ; एवं मुख्य अतिथि श्रीमती आस्था जैन, संयुक्त निदेशक (राजभाषा), कोयला मंत्रालय विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    उद्घाटन सत्र में बोलते हुए नराकास अध्यक्ष एवं बीसीसीएल सीएमडी  समीरन दत्त ने कहा कि हिंदी की पहचान अंतराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। धनबाद स्थित केंद्र सरकार के सभी कार्यालय नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के माध्यम से एकजुट होकर राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं, यह एक सराहनीय कार्य है। उद्घाटन सत्र में सेल द्वारा प्रकाशित पत्रिका “कोयला इस्पात भारती” पत्रिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर एक भव्य राजभाषा प्रदर्शनी एवं पुस्तक मेला का भी आयोजन किया गया। पुस्तक मेला का उद्घाटन नराकास अध्यक्ष श्री समीरन दत्ता एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया।

    इसके बाद चार तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में श्रीमती आस्था जैन ने “राजभाषा हिंदी की 75 वर्षों की गौरव यात्रा” विषय पर अपना मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने हिंदी के विकास और वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रकाश डाला। डॉ. विचित्रसेन गुप्ता, उप निदेशक (कार्यान्वयन), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, कोलकाता ने भी इस विषय पर अपने विचार साझा किए।

    द्वितीय सत्र में  बालेंदु शर्मा दाधीच, निदेशक (मार्केटिंग़ प्रमुख , सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, सिंगापुर एशिया), माइक्रोसॉफ्ट ने “हिंदी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर एक रोचक और ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि कैसे आधुनिक तकनीक हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में सहायक हो सकती है।

    अपराह्न के तृतीय सत्र में श्री अजय मलिक, पूर्व उप निदेशक (कार्यान्वयन), राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय ने केंद्रीय राजभाषा समिति के निरीक्षण और राजभाषा नीति पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

    अंतिम सत्र में प्रो. हिमांशु शेखर चौधरी, कोयलांचल विश्वविधालय, धनबाद ने “हिंदी के विकास में क्षेत्रीय भाषाओं का योगदान” विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान आयोजित राजभाषा प्रदर्शनी और हिंदी पुस्तक मेले को भी विशेष सराहना मिली। मेले में लगभग 500 से अधिक पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें तकनीकी, साहित्यिक और शैक्षणिक पुस्तकें शामिल थीं। इस दौरान सेल, बीसीसीएल, यूनियन बैंक और कैनरा बैंक के स्टॉल को क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय और प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए।

    नराकास धनबाद के लगभग 50 सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों के अलावा कोल इंडिया एवं इसकी अनुषंगी कंपनियों के प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन बीसीसीएल के महाप्रबंधक (राजभाषा)  कुमार मनोज ने किया और समापन नराकास धनबाद के सदस्य सचिव श्री दिलीप कुमार सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

  • मनोज कुमार अग्रवाल ने बीसीसीएल में निदेशक तकनीकी, योजना एवं परियोजना का पदभार संभाला

    मनोज कुमार अग्रवाल ने बीसीसीएल में निदेशक तकनीकी, योजना एवं परियोजना का पदभार संभाला

    धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में  मनोज कुमार अग्रवाल ने निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत  अग्रवाल ने बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक  समीरन दत्ता से मुलाकात की। इस अवसर पर निदेशक कार्मिक  मुरलीकृष्ण रमैया एवं निदेशक (वित्त)  राकेश कुमार सहाय भी उपस्थित थे। कंपनी के विभिन्न महाप्रबंधकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री अग्रवाल से मुलाकात कर उनका स्वागत किया तथा नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।

    उल्लेखनीय है कि बीसीसीएल में निदेशक तकनीकी योजना एवं परियोजना के पद पर चयन होने से पहले मनोज कुमार अग्रवाल एनसीएल सिंगरौली में महाप्रबंधक के पद पर कार्य कर रहे थे। उन्होंने कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों में अनेक पदों पर कार्य किया है। उन्हें कोयला उद्योग में तीन दशकों से अधिक का अनुभव व्यापक अनुभव है।

  • एनसीएल की दूधिचुआ परियोजना में कोल इंडिया अंतर कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2024-25 का हुआ शुभारंभ

    एनसीएल की दूधिचुआ परियोजना में कोल इंडिया अंतर कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2024-25 का हुआ शुभारंभ

    खेल भावना एवं अनुशासन के साथ खेलों में लें प्रतिभाग : मनीष कुमार
    सोनभद्र, सिंगरौली।  भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की दूधिचुआ परियोजना में कोल इंडिया अंतर कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2024-25 का भव्य शुभारंभ हुआ। यह प्रतियोगिता 28 जनवरी से 1 फरवरी, 2025 तक डीएवी दूधिचुआ मैदान में आयोजित की जा रही है। कोल इंडिया अंतर कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2024-25 में कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियां एनसीएल, एनसीएल, एसईसीएल, डबल्यूसीएल, बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल सहित सिंगरेनी स्थित एससीसीएल की टीम हिस्सा ले रही हैं।

    शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान एनसीएल निदेशक (कार्मिक)  मनीष कुमार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रमिक संघ के जेसीसी सदस्य सीएमएस से  अजय कुमार, आरसीएसएस से  लाल पुष्पराज सिंह, बीएमएस से  श्यामधर दुबे, एचएमएस से  अशोक पांडे एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक (दूधिचुआ)  विनोद कुमार सिंह, महाप्रबंधक (कार्मिक)  प्रमोद कुमार सिन्हा, एनसीएल स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड मेंबर्स, परियोजना से विभागाध्यक्ष गण,  अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

    इस दौरान अपने उद्बोधन में मनीष कुमार ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं एवं उन्होनें खेल-कूद प्रतियोगिता के दौरान खेल भावना एवं अनुशासन के साथ प्रतिभाग पर बल दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि खेल-कूद से आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है एवं व्यक्ति एवं समाज के समग्र विकास के लिए खेल-कूद को महत्वपूर्ण बताया। कोल इण्डिया अंतर कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2024-25 लीग कम नॉकआउट आधार पर खेली जा रही है जिसका समापन रविवार को किया जाएगा।

    गौरतलब है कि कोल इंडिया व इसकी सभी अनुषंगी कंपनियों द्वारा कर्मियों के  शारीरिक एवं मानसिक विकास हेतु वर्ष भर अनेक खेल प्रतियोगिताओं जैसे क्रिकेट, लॉन टेनिस, बैडमिंटन, फुटबॉल, कैरम, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स इत्यादि का आयोजन किया जाता है।

  • हिंडालको महान द्वारा 200 किसानों को वितरित की गईं स्प्रे मशीनें और उन्नत किस्म के सब्जी बीज

    हिंडालको महान द्वारा 200 किसानों को वितरित की गईं स्प्रे मशीनें और उन्नत किस्म के सब्जी बीज

     सिंगरौली। हिंडालको महान के सीएसआर विभाग ने उद्यानिकी विभाग के साथ मिलकर क्षेत्रीय किसानों की कृषि प्रथाओं को बेहतर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। बरैनिया सामुदायिक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 200 किसानों को स्प्रे मशीन और उन्नत किस्म के सब्जी बीज वितरित किए गए।

    इस अवसर पर हिंडालको बिजनेस के सीएफओ भरत गोयनका,मानव संसाधन प्रमुख डॉक्टर विवेकानंद मिश्रा,हिंडालको महान के वित्त प्रमुख सुशांत नायक,वार्ड-3 के पार्षद अभिलाष सिंह,सचिव प्रदीप तिवारी,और सीएसआर विभाग से प्रमुख संजय सिंह समेत विजय वैश्य,धीरेंद्र तिवारी,शीतल श्रीवास्तव, बीरेंद्र पाण्डेय, भोला वैश्य, दीपक भगत,अरविंद वैश्य, जियालाल,संजीव और खलालू उपस्थित रहे।

    डॉ. विवेकानंद मिश्रा ने अपने विचार रखते हुए कहा: “हिंडालको महान का उद्देश्य केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण समुदायों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सशक्त बनाना भी है। यह स्प्रे मशीन भले ही आकार में छोटी हो, लेकिन यह आपकी बागवानी को कीटों से बचाने और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। हम पहले भी पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार की दिशा में धुआं रहित चूल्हों का वितरण कर चुके हैं, जिससे न केवल महिलाओं को धुएं से राहत मिली, बल्कि कृषि कचरे का सदुपयोग भी संभव हुआ।”

    डॉ. मिश्रा ने आगे कहा, “हम आने वाले समय में युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने की योजना पर कार्य कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र के युवा रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकें। हमारा उद्देश्य समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।”

    “आदित्य बिड़ला ग्रुप का सीएसआर विभाग सदैव समाज की बेहतरी के लिए कार्यरत रहता है। हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि व्यापारिक उपलब्धियों के साथ-साथ हम सामाजिक विकास में भी योगदान दें। इस पहल का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना है, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें। हिंडालको महान हमेशा समाज के उन तबकों की मदद के लिए तैयार है, जो विकास की दौड़ में पीछे रह गए हैं। यह कदम उन्हीं के उत्थान की दिशा में एक और प्रयास है।”

    पार्षद अभिलाष सिंह ने हिंडालको महान के सीएसआर विभाग की सराहना करते हुए कहा: “किसानों के लिए इस तरह की पहल सराहनीय है। हिंडालको महान क्षेत्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। छोटी-छोटी मदद का यह प्रयास किसानों के लिए बड़ा सहारा बनेगा।”कार्यक्रम का संचालन सीएसआर विभाग के विजय वैश्य ने किया। इस कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को न केवल स्प्रे मशीनें, बल्कि उन्नत किस्म के सब्जी बीज भी वितरित किए गए, जो उनकी कृषि उत्पादकता को बढ़ाने में सहायक होंगे। हिंडालको महान का यह कदम न केवल कृषि विकास, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

  • एनटीपीसी सीपत एवं सीआईएमएस की साझेदारी से स्वास्थ सेवाओं का नया अध्याय

    एनटीपीसी सीपत एवं सीआईएमएस की साझेदारी से स्वास्थ सेवाओं का नया अध्याय

    विलासपुर। एनटीपीसी सीपत नैगम सामाजिक दायित्व के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। इस के तहत आज दिनांक 28.01.2025 को एनटीपीसी सीपत के स्थापना दिवस के अवसर पर एक एतिहासिक कदम लिया गया । बिलासपुर जिले के कलेक्टर  अवनीश कुमार शरण, आईएएस,  अमित कुमार, आईएएस, कमिश्नर, बीएमसी तथा  विजय क़ृष्ण पाण्डेय, परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी सीपत की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बिलासपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन एन.सिंह एवं एनटीपीसी सीपत के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनीश समन के द्वारा सीआईएमएस बिलासपुरके लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए अनुबंध हस्ताक्षरित किया गया। इस अनुबंध के तहत एनटीपीसी सीपत नैगम सामाजिक दायित्व के तहत कुल रु. 2.92 करोड़ की सहायता कलेक्टर, बिलासपुर को प्रदान की जाएगी।

    इसके तहत सीआईएमएस बिलासपुर के विभिन्न विभागों जैसे बायोकैमिस्ट्री, फोरेंसिक, दंत चिकित्सा, मनोचिकित्सा, हड्डी रोग, त्वचाविज्ञान, रेडियोडायग्नोसिस और श्वसन के लिए चिकित्सा उपकरण उपलब्द्ध कराया जाएगा। इस पहल से बिलासपुर एवं आसपास के आम जनता के साथ-साथ एनटीपीसी सीपत के संविदा कर्मचारियों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच के लिए भी मदद मिलेगी। इस प्रकार सीआईएमएस बिलासपुर के लिए चिकित्सा बुनियादी ढांचा/उपकरण उपलब्ध कराने से स्वास्थ्य सुधार में काफी मदद मिलेगी और बड़े पैमाने पर आम जनता के लिए स्वास्थ्य देखभाल का बुनियादी ढांचा और सुविधाएं उपलब्द्ध हो पाएगी।

  • एनटीपीसी सीपत का स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक  मनाया गया

    एनटीपीसी सीपत का स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक  मनाया गया

    विलासपुर। एनटीपीसी सीपत का स्थापना दिवस दिनांक 28 जनवरी 2025 को ऊर्जा भवन, मुख्य प्रशासनिक भवन प्रांगण में उत्साहपूर्वक मनाया गया। 28 जनवरी 2002 को ही भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी ने एनटीपीसी सीपत का शिलान्यास किया था। ज्ञात हो एनटीपीसी सीपत में एनटीपीसी की सर्वप्रथम 660 मेगावॉट क्षमता की तीन इकाईयॉ एवं सुपर क्रिटिकल टेक्नालॉजी पर आधारित बॉयलर से विद्युत का उत्पादन किया जा रहा है। एनटीपीसी सीपत की कुल स्थापित क्षमता 2980 मेगावाट है। सीपत मे देश का सर्वप्रथम 765 के.व्ही. ट्रांसमिशन नेटवर्क भी स्थापित है।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि परियोजना प्रमुख, विजय कृष्ण पाण्डेय को सीआईएसएफ जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात परियोजना प्रमुख ने एनटीपीसी ध्वज फहराकर समारोह का शुभारंभ किया, इस दौरान सभी कर्मचारियों द्वारा एनटीपीसी गीत का सामुहिक रूप से गायन किया गया।  मुख्य अतिथि ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए एनटीपीसी सीपत स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामना एवं बधाई दी।  इस अवसर पर उन्होने एनटीपीसी सीपत के मुख्य उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में दिनांक 27.01.2025 तक स्टेशन ने 87.25 पीएलएफ दर पर 18844 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में अबतक 1.07 करोड़ ईंट का उत्पादन किया गया है, जो अबतक का सर्वश्रेष्ठ है। दिनांक 27 जनवरी को सीएसआर विभाग द्वारा ग्रामीण खेलकूद महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें 07 शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के 255 छात्र- छात्राओं ने भाग लिया। 

    उन्होने वर्ष 2025 में रखे गए महत्वपूर्ण लक्ष्यों के बारे बताते हुए कहा कि सभी यूनिटों की निश्चित समय में ओवरहौलिंग  सम्पन्न करना, एलडब्लूए का सतत संचालन, विभिन्न राखड़ उत्पादों की बिक्री तथा एश-सैंड प्लांट के काम को पूरा करना है। इस दौरान सभी महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्ष, सभी यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केक काटकर एवं आसमान मे गुब्बारे छोडकर, एनटीपीसी सीपत स्थापना दिवस को यादगार बनाया।

  • सीएमपीडीआई की सीएसआर पहल के अंतर्गत संस्थापित आर0ओ0 सिस्टम के साथ वाटर कूलरों का उद्घाटन

    सीएमपीडीआई की सीएसआर पहल के अंतर्गत संस्थापित आर0ओ0 सिस्टम के साथ वाटर कूलरों का उद्घाटन

    रांची,: सीएमपीडीआई के क्षेत्रीय संस्थान-3, रांची द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत झारखंड के रांची जिले के कांके और बुढ़मू ब्लाक के बोरिया, मक्का, चकमे एवं मूरूपिरी सहित कुल 4 पंचायतों  के विद्यालयों, आंगनबाड़ी, सामुदायिक एवं सार्वजनिक स्थलों में ‘‘यथासंभव प्रयास सम्पूर्ण विकास’’ (वाईपीएसवी) संस्था के सहयोग से आर0ओ0 सिस्टम के साथ कुल 20 वाटर कूलरों की संस्थापना करवायी गयी। इस सिस्टम के माध्यम से सीएमपीडीआई के कमांड एरिया/परिचालन क्षेत्रों में निवास करने वाले ग्रामीण और उसके आसपास के स्थानीय समुदायों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा।

    इस परिप्रेक्ष्य में आज बोरिया स्थिल बिरसा मध्य विद्यालय में आज वाटर कूलर सिस्टम का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। मौके पर सीएमपीडीआई के क्षेत्रीय संस्थान-3-रांची के महाप्रबंधक (माइनिंग) श्री सैकत चटर्जी, उप प्रबंधक (कम्युनिटी डेवलपमेंट/सीएसआर) श्री शैलेश चंद्र, बोरिया के मुखिया सोमा उरांव, ‘‘यथासंभव प्रयास सम्पूर्ण विकास’’ (वाईपीएसवी) संस्था के सचिव इंद्रजीत सहित स्थानीय निवासी एवं सामुदायिक हितधारक उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री चटर्जी ने कहा कि अपने कमांड एरिया/परिचालन क्षेत्रों में स्थानीय निवासी एवं समुदायों के लिए सतत् विकास, स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करना सीएमपीडीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्थानीय निवासियों ने इस पहल के लिए सीएमपीडीआई के प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि इससे स्कूलों के विद्यार्थियों तथा स्थानीय निवासियों दोनों लाभप्रद होंगे। 

  • डॉ. हेमंत शरद पांडे ने किया वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशक कार्मिक का पदभार ग्रहण

    डॉ. हेमंत शरद पांडे ने किया वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशक कार्मिक का पदभार ग्रहण

    नागपुर। डॉ. हेमंत शरद पांडे ने  27जनवरी 2025 को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के निदेशक (कार्मिक) का पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के उपरांत, उन्होंने डब्ल्यूसीएल के सीएमडी  जे. पी. द्विवेदी से मुलाकात की।  द्विवेदी ने उन्हें बधाई तथा भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डब्ल्यूसीएल के निदेशकगण एवं सीवीओ ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। डब्ल्यूसीएल के निदेशक (कार्मिक) का पद संभालने से पूर्व, डॉ. हेमंत शरद पांडे साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के रायगढ़ क्षेत्र में क्षेत्रीय महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। 

    डॉ. हेमंत शरद पांडे नागपुर के विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (VNIT) से माइनिंग इंजीनियरिंग में स्नातक है। उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री और माइनिंग में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री प्राप्त की है। उन्हें मैनेजमेंट विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) भी हासिल हैं। उन्होंने प्रबंधन एवं नेतृत्व कौशल को सुदृढ़ करने की उद्देश्य से यूरोप के शीर्ष बिजनेस स्कूल ‘ईएससीपी’ में एडवांस्ड ग्लोबल टेक्नो मैनेजमेंट प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा फ्रांस, जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड, बेल्जियम और नीदरलैंड जैसे देशों का दौरा भी किया है। उन्होंने टोरंटो, कनाडा में प्रॉस्पेक्टर्स एंड डेवेलपर्स एसोसिएशन (PDAC) की विभिन्न व्यापारिक बैठकों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में भाग लिया है।

    डॉ. पांडे ने अपने करियर की शुरुआत अगस्त 1989 में डब्ल्यूसीएल में, जूनियर एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के रूप में की। डब्ल्यूसीएल में 19 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं में अपनी सेवाएं दीं। इस अवधि में उन्होंने खनन प्रौद्योगिकी, भूमि अधिग्रहण और औद्योगिक संबंधों के मुद्दों को संभालने में विशेषज्ञता हासिल की। सितंबर 2008 से वे साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में कार्यरत रहे, जहाँ उन्होंने चिरमिरी, हसदेव, गेवरा, जोहिला और रायगढ़ क्षेत्र में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएँ दी। गेवरा क्षेत्र में महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) के रूप में उन्होंने इन-पिट क्रशिंग सिस्टम में साइलो के द्वारा डिस्पैच तथा प्रणाली में पारदर्शिता व दक्षता बढ़ाने के लिए आईटी पहलों के क्रियान्वयन जैसे उल्लेखनीय कार्य किए। रायगढ़ में उन्होंने पर्यावरण अनुकूल कोयला डिस्पैच के लिए 6 मिलियन टन प्रति वर्ष और 10 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता के दो साइलो तथा दो (02) व्हार्फ वॉल साइडिंग शुरू किए। जोहिला क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों में सौर ऊर्जा इकाई की स्थापना और जरूरतमंदों के लिए विभिन्न सीएसआर गतिविधियों का क्रियान्वयन शामिल है। 2022 में, उन्हें कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ महाप्रबंधक’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। डॉ. हेमंत शरद पांडे को कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों में 35 वर्षों का दीर्घ अनुभव प्राप्त है। उनके अनुभव का डब्ल्यूसीएल को निश्चित ही लाभ मिलेगा।

  • एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक ने किया स्कूली बच्चों में स्वेटर का वितरण

    एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक ने किया स्कूली बच्चों में स्वेटर का वितरण

     सरकारी स्कूल के 500 बच्चों को दिया गया स्वेटर

    पटना। एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय ने अपने नैगम सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कन्या मध्य विद्यालय, अदालतगंज, पटना के 500 से अधिक बच्चों को स्वेटर वितरित किए। इस अवसर पर एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 के कार्यकारी निदेशक, सुदीप नाग ने स्वेटर वितरण कार्यक्रम की अगुवाई की।

    कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में,  नाग ने कहा, “बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि स्कूल में पढ़ाई करने वाले हर बच्चे को मूलभूत सुविधाएं मिलें। एनटीपीसी हमेशा से इस दिशा में प्रयासरत रहा है। चाहे वह पावर स्टेशनों के आवासीय परिसरों में संचालित स्कूलों में स्थानीय बच्चों को अवसर प्रदान करना हो या राज्य सरकारों को शिक्षा के लिए आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने में सहयोग करना हो, एनटीपीसी ने अपनी प्रतिबद्धता हमेशा निभाई है।” श्री नाग ने बच्चों को केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय ‘खेलो इंडिया’ जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

    कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक  नृपेन्द्र कुमार ने एनटीपीसी के इस प्रयास की सराहना की और आभार व्यक्त करते हुए कहा, “एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय हमेशा जरूरतमंद बच्चों और समुदाय के विकास के लिए इस तरह की कल्याणकारी गतिविधियां आयोजित करता रहा है। यह बच्चों के भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” इस कार्यक्रम में एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 के क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रमुख  अनिल कुमार चावला, विश्वनाथ चन्दन, सुमितेश कुमार, सचिन्द्र कुमार झा, जीत सिंह संधू और विद्यालय के सभी अध्यापक सहित बड़ी संख्या में लाभान्वित बच्चों उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय पटना और इसके आस-पास के क्षेत्रों में अपनी नैगम सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों के तहत जरूरतमंदों को लाभान्वित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। एनटीपीसी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हमेशा अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है।