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  • राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का दौरा : लाभार्थियों को सामग्री वितरण और योजनाओं की समीक्षा

    राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का दौरा : लाभार्थियों को सामग्री वितरण और योजनाओं की समीक्षा

    योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए – राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

    सोनभद्र। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का जनपद भ्रमण कार्यक्रम सकुशल सम्पन्न हुआ। उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन चुर्क हेलीपैड पर उतरा, जहां जिलाधिकारी बी.एन. सिंह और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने स्वागत किया। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद वह विकास भवन के लिए रवाना हुईं।

    विकास भवन में लाभार्थियों को सामग्री वितरण

    विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने विभिन्न विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, किट और सामग्री वितरित की। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 200 प्री-स्कूल किट तथा 200 पोषण पोटली दी गईं। 500 आयुष्मान कार्ड, 50 वनाधिकार पट्टा, मुख्यमंत्री आवास योजना के 10 स्वीकृति पत्र, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के 10 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। दो लाभार्थियों को मोटराइज्ड दोना मशीन, दो दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल और 10 अनाथ बच्चियों को 1100 रुपये के चेक वितरित किए गए।

    राज्यपाल ने कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों तक किट उपलब्ध कराने पर जोर दिया ताकि बच्चों को पढ़ने का बेहतर वातावरण मिल सके। स्वच्छता पर बल देते हुए प्रत्येक 15 दिन में बच्चों के नाखून काटने जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही। टीबी मुक्त अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक डॉक्टर मरीज को पूरी तरह स्वस्थ घोषित न करें, तब तक पोषण पोटली दी जाती रहे। आयुष्मान योजना और स्वामित्व योजना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि घर का मालिकाना हक पति और पत्नी दोनों के नाम होना चाहिए। मुख्यमंत्री सूर्य घर योजना के तहत जनपद के प्रत्येक घर पर सोलर पैनल स्थापित कराने की बात भी रखी।

    खतौनी और भूमि मामलों पर स्पष्ट निर्देश

    राजस्व विभाग को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि खतौनी से जुड़े मामलों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए। ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि लोगों को समय से जमीन का अधिकार मिल सके और विवाद की संभावना समाप्त हो। भूमि विवादों में प्रशासन और पुलिस को तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

    समीक्षा बैठक और प्रदर्शनी का अवलोकन

    राज्यपाल ने कलेक्ट्रेट परिसर में सरदार वल्लभभाई पटेल वाटिका का लोकार्पण किया और वित्तीय समावेशन जागरूकता शिविर का शुभारम्भ किया। कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पंचायत रिसोर्स सेंटर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उन्होंने मोटे अनाज की खेती पर किसानों से चर्चा की। बेसिक शिक्षा, खादी, रेशम, उद्योग, महिला कल्याण, एनआरएलएम, बाल विकास, उद्यान और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के स्टॉल का निरीक्षण किया गया। एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में 100 बच्चियों का टीकाकरण भी किया गया।

    चाक-चौबंद सुरक्षा और यातायात व्यवस्था

    दौरे को लेकर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। हेलीपैड से कार्यक्रम स्थलों तक रूट लाइनिंग की गई और पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। डॉग स्क्वायड और एंटी-सबोटाज टीम ने पूर्व जांच की। खुफिया इकाइयों को सक्रिय रखा गया। प्रवेश स्थलों पर बैरिकेडिंग और चेकिंग प्वाइंट बनाए गए। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया और पार्किंग की पूर्व व्यवस्था की गई।

  • नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने लखनऊ स्थित आवास पर की जनसुनवाई

    नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने लखनऊ स्थित आवास पर की जनसुनवाई

    जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

    विद्युत, सीवर, निर्माण कार्य एवं क्षतिपूर्ति मामलों पर मंत्री ने दिए तत्काल कार्रवाई के आदेश

    लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने आज अपने आवास पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान विद्युत कनेक्शन से संबंधित प्रकरण, विद्युत बिल में त्रुटि सुधार, सीवर लाइन की समस्याएं, नवीन निर्माण कार्यों की स्वीकृति, क्षतिपूर्ति भुगतान तथा अन्य स्थानीय जनसमस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाए तथा निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता न होकर परिणामोन्मुखी होनी चाहिए, जिससे लोगों को वास्तविक राहत मिल सके।

    मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि विद्युत एवं नगर विकास से जुड़े मामलों में तकनीकी कारणों का हवाला देकर अनावश्यक विलंब न किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे संवेदनशीलता के साथ नागरिकों की समस्याओं का समाधान करें और आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें।उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों और शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता बनी रहे। जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

    कार्यक्रम में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • होली के अवसर पर दिल्ली क्षेत्र में पार्सल यातायात पर अस्थायी प्रतिबंध लागू

    होली के अवसर पर दिल्ली क्षेत्र में पार्सल यातायात पर अस्थायी प्रतिबंध लागू

    नई दिल्ली । आगामी होली पर्व के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त संख्या को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तथा आनन्द विहार (ट.) रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करने वाली ट्रेनों में सभी प्रकार की पार्सल बुकिंग (आउटवर्ड लीज्ड एसएलआर/आउटवर्ड रेलवे पार्सल बुकिंग सहित) पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 01 मार्च से 03 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। यह प्रतिबंध नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 6/7, 8/9 एवं 14/15, आनन्द विहार (ट.) के प्लेटफार्म संख्या 2/3, साथ ही अन्य मण्डलों से चलकर इन प्लेटफार्मों पर लोडिंग/अनलोडिंग के लिए रुकने वाली गुजरने वाली ट्रेनों पर भी उक्त अवधि में लागू रहेगा। यात्रियों का व्यक्तिगत सामान केवल यात्री डिब्बों में ले जाने की अनुमति होगी। पंजीकृत समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं की बुकिंग सार्वजनिक सुरक्षा का समुचित ध्यान रखते हुए ही की जाएगी। इस आशय की जानकारी उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने दी है।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने की सौजन्य मुलाकात, खेल विकास पर हुई सार्थक चर्चा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पूर्व क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने की सौजन्य मुलाकात, खेल विकास पर हुई सार्थक चर्चा

    प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना और अवसरों का विस्तार हमारी प्राथमिकता — मुख्यमंत्री

    रायपुर/  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कपिल देव को बेल मेटल से बनी प्रतिकृति, पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ कॉफी टेबल बुक भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह  उपस्थित थे। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार द्वारा खेलों के प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना, प्रशिक्षण और अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। पूर्व कप्तान कपिल देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास के इस माहौल में प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा तथा छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।

  • वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि

    वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि

    रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी विचारक, समाज सुधारक, ओजस्वी लेखक-कवि और प्रखर इतिहासकार भी थे। उन्होंने भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नई वैचारिक ऊर्जा प्रदान की तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सावरकर जी का त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। कालापानी की अमानवीय यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्र के प्रति समर्पण अडिग रहा। उनका संपूर्ण जीवन देशसेवा, आत्मबल और राष्ट्र गौरव का प्रेरणास्रोत है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर सावरकर के विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी,  मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, श्री राम गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

  • एनटीपीसी गाडरवारा में 14वां स्थापना दिवस उत्साह, गरिमा एवं सामाजिक सरोकारों के साथ संपन्न

    एनटीपीसी गाडरवारा में 14वां स्थापना दिवस उत्साह, गरिमा एवं सामाजिक सरोकारों के साथ संपन्न

    परियोजना प्रमुख  हिम्मत सिंह चौहान ने किया नवाचार, दक्षता और सतत विकास को आगे बढ़ाने का आह्वान

    गाडरवारा । गुरुवार को एनटीपीसी गाडरवारा में 14वां स्थापना दिवस बड़े ही हर्षोल्लास, गरिमा एवं उत्सवपूर्ण  वातावरण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं परियोजना प्रमुख हिम्मत सिंह चौहान द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान गाया गया तथा उपस्थित सभी जनों ने संस्थान की प्रगति एवं राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    अपने प्रेरणादायक संबोधन में परियोजना प्रमुख हिम्मत सिंह चौहान ने एनटीपीसी गाडरवारा की अब तक की उपलब्धियों, उच्च मानकों पर आधारित संचालन, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता तथा सुरक्षा संस्कृति को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि संस्थान की सफलता का श्रेय कर्मचारियों की निष्ठा, टीम वर्क और समर्पण को जाता है। उन्होंने भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए नवाचार, दक्षता और सतत विकास को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

    इस विशेष अवसर को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए एक रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में कर्मचारियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। यह पहल एनटीपीसी गाडरवारा की सामाजिक प्रतिबद्धता एवं जनकल्याण के प्रति समर्पण को दर्शाती है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष (HODs), कर्मचारी यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारीगण, कर्मचारी एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संस्थान की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। समापन के अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने एनटीपीसी गाडरवारा की निरंतर उन्नति, सुरक्षित संचालन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • अंतागढ़ में श्रमिक सम्मेलन आयोजित, जिले के 7930 श्रमिकों को किया गया लाभान्वित

    अंतागढ़ में श्रमिक सम्मेलन आयोजित, जिले के 7930 श्रमिकों को किया गया लाभान्वित

    रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग के निर्देशानुसार श्रमिक सम्मेलन-2026 का आयोजन उत्तर बस्तर कांकेर जिले के सामुदायिक भवन अंतागढ़ में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद भोजराज नाग उपस्थित थे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत अंतागढ़ के अध्यक्ष राधेलाल नाग द्वारा की गई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल एवं छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अन्तर्गत विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से जिले के श्रमिक व उनके परिवार के सदस्यों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से राशि हस्तांतरित कर लाभान्वित किया गया। 

    श्रमिक सम्मेलन में उपस्थित सांसद श्री नाग ने सभी उपस्थित श्रमिकों और उनके परिजनों को विभाग में संचालित योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। साथ ही योजनाओं के संबंध में जागरूक होने की बात कही। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री नाग ने भी श्रमिकों को संबोधित करते हुए शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों के द्वारा लाभार्थी श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत चेक वितरित किए गए। 

    श्रम पदाधिकारी ने जानकारी दी है कि श्रमिक सम्मेलन में जिले के कुल 7930 श्रमिकों को कुल 02 करोड़ 29 लाख 17 हजार 100 रूपये से लाभान्वित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना में 101 हितग्राहियों को 20 लाख 20 हजार रूपए, मिनीमाता महतारी जतन योजनांतर्गत 89 महिला हितग्राहियों को 17 लाख 80 हजार रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 50 हितग्राहियों को 02 लाख 59 हजार 100 रूपये, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजनांतर्गत 28 हितग्राहियों को 05 लाख 60 हजार रूपये, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 19 श्रमिकों के उत्तराधिकारियों को 01 करोड़ 90 लाख रूपये एवं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजनांतर्गत 04 श्रमिकों को 04 लाख रूपए, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजनांतर्गत 01 महिला हितग्राही को 01 लाख रूपये डायरेक्ट बेनीफिट ट्रान्सफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से प्रदाय किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं अतिथिगण तथा श्रम पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रमिकगण मौजूद थे।

  • स्व सहायता समूह की महिलाएं कर रही है प्राकृतिक गुलाल का निर्माण

    स्व सहायता समूह की महिलाएं कर रही है प्राकृतिक गुलाल का निर्माण

    इस बार प्राकृतिक रंगों से रंगीन होगी होली*

    रायपुर  /  रंगों के त्योहार होली को स्वसहायता समूह की महिलाएं इस बार और खास बना रही है। होली के त्योहार को प्राकृतिक रंगों से मनाने के लिए महिलाएं हर्बल गुलाल बना रही है। गरियाबंद जिले के ग्राम सढ़ौली की राखी महिला ग्राम संगठन की 10 सक्रिय महिलाएँ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत हर्बल गुलाल का निर्माण कर आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही हैं। समूह की महिलाएं पलाश से पीला, चुंकदर से लाल और पालक के पत्तों से हरा रंग निकालकर मक्के की सूखी डंठल से प्राप्त अरारोट पाउडर में मिलाकर प्राकृतिक गुलाल का निर्माण कर रही है। इसमें हानिकारक रसायनिक तत्वों का बिल्कुल भी उपयोग नहीं किया जाता।  जिससे हर्बल गुलाल त्वचा एवं सेहत के लिए सुरक्षित रहता है। राखी महिला ग्राम संगठन की ये महिलाएँ न केवल होली के त्योहार को प्राकृतिक और सुरक्षित बना रही हैं, बल्कि अपनी आजीविका को भी मजबूत कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएँ आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं। यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है। कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इन महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महिलाएं स्वरोजगार सृजित कर आत्मनिर्भर बन रही है और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही है। पीआरपी मीना साहू ने बताया कि पिछले वर्ष भी बिहान समुह के दीदियों द्वारा कुल 30 हजार रूपये से अधिक की बिक्री कर लगभग 10 हजार रूपये से अधिक की शुद्ध मुनाफा अर्जित की थी।

    समूह की महिलाओं से चर्चा के फलस्वरूप पारंपरिक तरीकों से बनाए गए प्राकृतिक गुलाल से न केवल सेहत स्वस्थ रहेगा, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल रहेगा। साथ ही महिलाओं के लिए आमदनी का नया स्रोत भी बन रहा है। पिछले वर्ष हर्बल गुलाल की मांग अधिक रही, जिसे देखते हुए इस बार महिलाओं ने रंग बनाना शुरू कर दिया है। महिलाओं ने बताया कि गुलाल बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक है। इसे तैयार करने में फूलों और पत्तियों का उपयोग किया जाता है, जिससे यह त्वचा के लिए सुरक्षित होता है। विभिन्न रंग बनाने के लिए प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है गुलाबी रंग के लिए चुकंदर और गुलाब की पंखुड़ियां, पीला रंग के लिए हल्दी और गेंदे के फूल, हरा रंग के लिए पालक व मेंहदी के पत्ते, नीला रंग के लिए अपराजिता के फूल और लाल रंग के लिए टेसू के फूलों का इस्तेमाल कर रही है।

  • मेहनत की चमक और सरकारी संबल…..

    मेहनत की चमक और सरकारी संबल…..

    श्रमिक की बेटी डिंपल कश्यप अब संस्कार सिटी स्कूल में संवार रही अपना भविष्य

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में आई क्रांति अब सुदूर अंचलों के गरीब और श्रमिक परिवारों के आंगन तक पहुँचकर उनके बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। शासन की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का संकल्प अब धरातल पर जीवंत होता दिख रहा है। इसी कड़ी में  आदिवासी बहुल बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलौरी के एक पंजीकृत श्रमिक नंदकिशोर कश्यप की सुपुत्री डिंपल कश्यप ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता का अध्याय लिख दिया है। डिंपल का चयन राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) के आधार पर राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी स्कूल के लिए हुआ है, जो उनके परिवार के लिए किसी सुखद चमत्कार से कम नहीं है। यहां डिंपल कक्षा छठवीं में अध्ययन कर रही है और बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेगी।

          इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने डिंपल की माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की पूरी पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इस निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के प्रावधान ने परिवार के सिर से आर्थिक चिंता का बोझ पूरी तरह हटा दिया है, जिससे अब डिंपल की प्रगति की राह में कोई बाधा नहीं आएगी। अपनी बेटी की इस अभूतपूर्व सफलता पर पिता नंदकिशोर कश्यप भावुक स्वर में कहते हैं कि एक श्रमिक के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। वे दिन-रात कड़ी मेहनत ही इसलिए करते हैं ताकि उनके बच्चों का भविष्य उनके अपने संघर्षपूर्ण जीवन से कहीं बेहतर और सुगम हो सके। आज सरकार की इस कल्याणकारी योजना ने उनके उन धुंधले सपनों को हकीकत के पंख दे दिए हैं।

          माता-पिता के रूप में कश्यप दंपत्ति आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्हें अब यह अटूट विश्वास हो चला है कि उनकी बेटी का भविष्य न केवल सुरक्षित है, बल्कि वह अपनी अटूट लगन से सफलता के उस आसमान को भी छू सकेगी जिसका उन्होंने कभी केवल कल्पनाओं में विचार किया था। ग्राम बिलौरी-2 से निकलकर एक प्रतिष्ठित स्कूल तक का डिंपल का यह सफर समाज के उस हर वर्ग के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को दबाए बैठे हैं। शासन की यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि यदि बच्चे में प्रतिभा और आगे बढ़ने की ललक हो, तो सरकार की योजनाएं एक मजबूत सेतु बनकर उन्हें सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुँचाने में पूरी मदद करती हैं।

  • आईटीबी बर्लिन-2026 में दिखेगी उत्तर प्रदेश पर्यटन की सशक्त मौजूदगी, समृद्ध विरासत का होगा भव्य प्रदर्शन

    आईटीबी बर्लिन-2026 में दिखेगी उत्तर प्रदेश पर्यटन की सशक्त मौजूदगी, समृद्ध विरासत का होगा भव्य प्रदर्शन

    03 से 05 मार्च तक आयोजित आईटीबी बर्लिन में मनेगा 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उत्सव

    ITB बर्लिन-2026 की थीम ‘डिस्कवर द स्टोरीज बिहाइंड 60 इयर्स ऑफ लेगेसी’ होगी

    एडवेंचर टूरिज्म, बिजनेस ट्रैवल, एलजीबीटीक्यू+ ट्रैवल, लग्जरी ट्रैवल, मेडिकल टूरिज्म सहित अन्य पर प्रदर्शनी

    उ०प्र० पर्यटन के स्टॉल पर विभाग की वेबसाइट्स-मोबाइल एप्लीकेशन, पर्यटन सर्किट, वेलनेस टूरिज्म और ओडीओपी का प्रदर्शन

    आईटीबी बर्लिन-2026 में दुनिया से संवाद करेगा उत्तर प्रदेश का पर्यटन विजन- जयवीर सिंह

    लखनऊ। विश्व पर्यटन उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंच आईटीबी बर्लिन-2026 में उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पर्यटन संभावनाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। आगामी 03 से 05 मार्च तक आयोजित ‘इंटरनेशनल टूरिज्म-बोर्से बर्लिन’ में पर्यटन विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के समक्ष उत्तर प्रदेश अपने विविध पर्यटन स्थलों, टूरिज्म सर्किट्स, वेलनेस और एडवेंचर टूरिज्म की झलक पेश करेगा। 

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘आईटीबी बर्लिन-2026′ का आयोजन बर्लिन एक्सपो सेंटर सिटी, मेसे डैम 22 में किया जाएगा। वर्ष 1966 से आईटीबी बर्लिन वैश्विक यात्रा एवं पर्यटन उद्योग के लिए एक अग्रणी मंच के रूप में स्थापित है। इस वर्ष यह अपने 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उत्सव मनाने जा रहा है। उत्तर प्रदेश पर्यटन अपने विजन के साथ दुनिया से संवाद करेगा।’

    *आईटीबी बर्लिन-2026 की थीम* 

    ‘इंटरनेशनल टूरिज्म-बोर्से बर्लिन (आईटीबी बर्लिन-2026)’ इस बार अपने 60 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव मनाने जा रहा है। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि को रेखांकित करते हुए आईटीबी बर्लिन-2026 की थीम ‘डिस्कवर द स्टोरीज बिहाइंड 60 इयर्स ऑफ लेगेसी’ रखी गई है। यह वैश्विक पर्यटन उद्योग के विकास, नवाचार, साझेदारी सहित अन्य प्रेरक प्रसंगों को एक मंच पर सामने लाएगी। यह थीम अतीत की विरासत को सम्मान देते हुए भविष्य की रूपरेखा तय करता है। 

    *बदलती प्राथमिकताएं-उभरते रुझान*  

    आईटीबी बर्लिन-2026 में प्रदर्शनी के माध्यम से पर्यटन जगत की बदलती प्राथमिकताओं और उभरते रुझानों को प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदर्शनी को भौगोलिक सीमाओं तक सीमित न रखकर एडवेंचर टूरिज्म, बिजनेस ट्रैवल, एलजीबीटीक्यू+ ट्रैवल, लग्जरी ट्रैवल, मेडिकल टूरिज्म तथा ट्रैवल टेक्नोलॉजी जैसे विविध बाजार खंडों में विभाजित किया गया है। इसका उद्देश्य हर प्रकार के यात्रियों और उद्योग से जुड़े हितधारकों को उनकी रुचि और जरूरत के अनुरूप अनुभव मिल सके। 

    *’वैश्विक मंच पर प्रदर्शित होंगी प्रदेश की पर्यटन संभावनाएं’*

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन में यूपी टूरिज्म भव्य पवेलियन के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध पर्यटन संभावनाओं को प्रदर्शित करेगा। पवेलियन में साइनेज एवं डिस्प्ले अंग्रेजी एवं स्थानीय भाषा में होंगे। इसके अलावा, वीवीआईपी लाउंज, रचनात्मक सेटअप, हस्तशिल्प, कलाकृतियां एवं ओडीओपी (एक जनपद, एक उत्पाद) को प्रदर्शित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन की वेबसाइट्स एवं मोबाइल एप्लीकेशन को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे प्रदेश की पर्यटन क्षमता को वैश्विक मानचित्र पर नई मजबूती मिलेगी।