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  • कोटेदार के विरुद्ध ग्रामीणों ने खोला मोर्चा लाइसेंस निरस्त करने को सौंपा ज्ञापन

    कोटेदार के विरुद्ध ग्रामीणों ने खोला मोर्चा लाइसेंस निरस्त करने को सौंपा ज्ञापन

     उपजिलाधिकारी ने नाम तहसीलदार को सौपा शिकायती पत्र

    दुद्धी/संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को ब्लाक क्षेत्र म्योरपुर के ग्राम पंचायत फाटपखना के कोटेदार का  लाइसेन्स निरस्त करके  नया कोटेदार नियुक्ति कराने एवं कोटेदार द्वारा अंगूठा लगाकर पैसा निकालने का  आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी के नाम एक शिकायती पत्र ग्राम प्रधान लक्ष्मण  प्रसाद  के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में महिला पुरुष ग्रामीणों ने तसिलदार अंजनी गुप्ता को दिया।शिकायती पत्र पढ़ने के उपरांत तहसीलदार ने जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्यवाही करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया।शिकायती पत्र के माध्यम से ग्रामीणों ने अवगत कराया कि  ग्राम पंचायत फाटपखना (खम्हरिया टोला) टोले  के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानदार अखिलेश पुत्र स्व० लालचंद व परिवार के सदस्य ग्रामीण जनता के साथ बहुत बड़ा घपला / धोखा धड़ी करते आ रहे राशन देने के नाम पर अंगूठा लगाते समय खाता से पैसा निकाल लेते हैं और राशन में भी -बेदितौली करते है।

     यह घटना स्वयं कोटेदार के ‌द्वारा किया गया है वे काफी फ्राड किस्म के व्यक्ति है जिससे ग्रामीण जनता संतुष्ट नहीं है। वे गल्ला के वितरण में भी चोरी करते हैं। आदिवासी बाहुलय क्षेत्र होने के कारण यहाँ के लोग ज्यादा पड़े लिखे नहीं है जिसका फायदा विगत कई वर्षों से इनके पिता एवं  पुत्र  के ‌द्वारा उठाया जा रहा है जब ग्राम वासियों के ‌द्वारा उनके किये गए घपलेबाजी का जबाब माँगा जाता है तो वो कहते है कि ज्यादा बोलोगे तो किसी को राशन नहीं मिलेगा और राशन कार्ड भी निरस्त करा देंगे।इस दौरान ग्रामीण राजेन्द्रप्रसाद,इन्द्रदेव सविन्द्र,काशी जयसिंह  कविता उर्मिला देवती सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • सोनभद्र में 100 करोड़ के डीएमएफ फंड की जांच के आदेश, मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान

    सोनभद्र में 100 करोड़ के डीएमएफ फंड की जांच के आदेश, मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान

    सोनभद्र। जिले में डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड (डीएमएफ) के लगभग 100 करोड़ रुपये के कथित दुरुपयोग के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी सोनभद्र को निर्देश दिए गए हैं।राष्ट्रीय लोकदल की जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के समक्ष शिकायत रखी थी कि डीएमएफ फंड का उपयोग मजदूरों, फैक्ट्री वर्कर्स और मूल निवासियों के कल्याण में न कर प्रशासन द्वारा मनमाने तरीके से खर्च किया गया। पार्टी के जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस फंड में भारी अनियमितता और बंदरबाट हुई है तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    स्थानीय इकाई ने जांच आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच से सरकारी धन के सही उपयोग का रास्ता साफ होगा और  यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो उसका खुलासा होगा। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि डीएमएफ फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले गरीब मजदूरों और प्रदूषण से पीड़ित परिवारों को राहत देना है, इसलिए धन का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए।इस मौके पर संगठन महासचिव पवन शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर विश्वकर्मा, प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष भोला देव पांडेय, मनदीप सिंह, बंटी चौबे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।उक्त जानकारी जिला प्रवक्ता विकास पांडेय द्वारा दी गई।

  • जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता, रॉबर्ट्सगंज तहसील में जिलाधिकारी ने की जनसुनवाई 

    जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता, रॉबर्ट्सगंज तहसील में जिलाधिकारी ने की जनसुनवाई 

    सोनभद्र। तहसील दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी बीएन सिंह और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने रॉबर्ट्सगंज तहसील में संयुक्त रूप से जनसुनवाई की। बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए गए।भूमि विवाद, अतिक्रमण, पारिवारिक विवाद और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।साथ ही प्रत्येक शिकायत की नियमित मॉनिटरिंग करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।जनपद की अन्य तहसीलों में भी अधिकारियों द्वारा जनसुनवाई कर शिकायतों के समाधान की कार्रवाई की गई।

  • मजदूरों से भरी पिकअप ने सीएनजी टेंपो में मारी टक्कर, एक दर्जन से अधिक सवारियां घायल 

    मजदूरों से भरी पिकअप ने सीएनजी टेंपो में मारी टक्कर, एक दर्जन से अधिक सवारियां घायल 

    नौगढ। नौगढ़ मद्धुपुर मुख्य मार्ग पर शनिवार को चोरमरवा पुलिया के समीप मजदूरों से भरी पिकअप से अनियंत्रित होकर के सीएनजी टेंपो में पीछे से जोरदार टक्कर लग गया। जिससे दोनों वाहनों में सवार 14 यात्री घायल हो गए।  घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ व जनपद सोनभद्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मद्धुपुर में भर्ती कराए जाने पर प्राथमिक उपचार कर चिकित्सकों ने  जिला अस्पतालों में रेफर कर दिया गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर मे जयमोहनी भूर्तिया गांव से पिकअप वाहन संख्या UP 64 ए टी 4907 में कई गांवों के मजदूर क्षेत्र के धौठवा जंगल में जलावनी लकड़ी लेने के लिए जा रहे थे। वहीं सीएनजी टेंपो संख्या UP 64 CT 1830 नौगढ़ बाजार से सवारियां लेकर मधुपुर, जनपद सोनभद्र जा रहा था। रास्ते में चोरमरवा पुलिया के समीप पिकअप अनियंत्रित होकर टेंपो पर पीछे से चढ़ गई। जिससे टेंपो व पिक अप असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।दुर्घटना में गुड्डी 42 वर्ष, मीरा 40 वर्ष अनीता 13 वर्ष मुनाकि 45 वर्ष प्यारी 18 वर्ष उषा 26 वर्ष बलवन्ती 60 वर्ष अमली 48 वर्ष संगीता 35 वर्ष संगीता 40 वर्ष  गिरजा 58 सहित कुल 11 लोगों को गंभीर रूप से घायलावस्था में 112 नंबर पुलिस वाहन व एंबुलेंस से  तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ पहुंचाया गया।वहीं गुलाबी 40 वर्ष सविता 50 वर्ष व ऊषा 50 वर्ष को एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मद्धुपुर सोनभद्र पहुंचाया गया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद  हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने जिला संयुक्त जिला चिकित्सालय चकिया व जिला अस्पताल रावर्टसगंज जनपद सोनभद्र के लिए रेफर कर दिया।रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही नौगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंच कर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों व झाड़ियों में फंसे हुए सवारियों को बाहर निकलवा कर अस्पताल भेजवाया।  अस्पताल में उपजिलाधिकारी विकास मित्तल सी ओ आपरेशन नामेन्द्र कुमार रावत ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि सुजीत कुमार उर्फ सूड्डू सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष भगवानदास अग्रहरि ईत्यादि ने पहुंच कर घायलों का हाल जाना।

  • दलित की जमीन पर दबंगों की नजर कर सकते हैं कब्जा

    दलित की जमीन पर दबंगों की नजर कर सकते हैं कब्जा

    किसान ने भूमि धरी भूमि की नापी व सीमांकन कराने की मांग

    शाहगंज/सोनभद्र। घोरावल तहसील क्षेत्र के ढुटेर गांव में दलित की भूमि धरी जमीन को दबंग कब्जा करने के प्रयास में हैं। उक्त गांव निवासी ज्ञानदास ने शनिवार को सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस घोरावल में दिये प्रार्थना पत्र में बताया है कि गांव में स्थित उनके आराजी संख्या-638 ख की भूमि धरी श्रेणी-1 की पुस्तैनी जमीन की नापी व सीमांकन कराये जाने के लिए पूर्व में प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा आज तक इस जमीन की नापी और सीमांकन नहीं किया गया। परिणामस्वरूप आसपास के कुछ लोग धन और बल के बूते उक्त पुस्तैनी भूमि पर अवैध रूप से पुल, रास्ता का निर्माण कर जबरन कब्जा करने का मन बना रहे है। ऐसी चर्चा सुनने को मिल रही है। यदि समय रहते इस पर आवश्यक कार्यवाही नहीं की गयी तो भविष्य में दबंगों द्वारा किसी आपराधिक घटना को अंजाम दिया जा सकता है। ऐसे स्थिति में उन्होने इस भूमि की तत्काल नापी व सीमांकन कराये जाने का अनुरोध विभागीय उच्चाधिकारियों से किया है। जिससे भूमि स्वामी के साथ दबंगों द्वारा घटना को अंजाम दिये जाने की आशंका खत्म हो जाये और सुकुन से जीवन बसर कर सके।

  • किसानों का 32 सदस्यीय दल मूंगफली शोध संस्थान जूनागढ़ से अध्ययन पश्चात् वापस लौटा 

    किसानों का 32 सदस्यीय दल मूंगफली शोध संस्थान जूनागढ़ से अध्ययन पश्चात् वापस लौटा 

    अहरौरा, मिर्जापुर/ जनपद मे गंगा के कछारी, मैदानी व पहाड़ी क्षेत्र मे मूंगफली की अच्छी खेती लायक कई हजार हेक्टेयर भूमि रहते हुए, कम लागत एवं कम समय में खेती होने के बावजूद भी क्यों इसकी खेती का क्षेत्रफल कम होता जा रहा है ।

    और क्यों इसका औसत उत्पादन 15-16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के आस पास रह जा रहा है ।

     जब कि गुजरात में इसका औसत उत्पादन 37-38 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक हो रहा है इसका विशेष अध्ययन करने के लिए चुनारगढ़ एफपीओ के सदस्य एवम् क्षेत्रीय किसानों का 32 सदस्यीय दल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मूंगफली शोध संस्थान जूनागढ़ में पहुँचा जिसमें कम पैदावार होने का मुख्य कारण नए उन्नत प्रजातियों को न लगा कर पुराने बीजों को बार बार बुआई करना, न्यूनतम समर्थन मूल्य का न मिलना, लाइन से बुआई न करना, निकाई-गुड़ाई का न होना, बीज एवं ज़मीन का बग़ैर शोधन किए पारंपरिक खेती करना, आधुनिक खेती को न अपनाना पाया गया।

        उक्त यात्रा को उपनिदेशक कृषि विकेश कुमार पटेल ने 11 फरवरी से 19 फरवरी तक के लिए रवाना किया जिसमें 5 दिन जूनागढ़ शोध संस्थान में एफपीओ के सदस्यों एवं किसानों के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों ने मूंगफली की खेती के संबंध में विभिन्न विषयों पर चर्चा एवं संवाद किए गए जहा अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश के चार ज़िले मूंगफली के दृष्टि से उत्तम है जिस चार में एक मीरजापुर सम्मिलित है साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि गुजरात आज मूंगफली के क्षेत्र में सर्वोत्तम उत्पादक प्रदेश है और यहाँ के मूंगफली की औसत उत्पादन 35-40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है और न्यूनतम समर्थन मूल्य 7,263 रुपया दिया जा रहा है तब भी देश में लगभग 50% तेल बाहर से आयात करना पड़ रहा है।

        इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश हेतु विशेष रूप से 35-40 क्विंटल औसत उत्पादन देने वाली VG-19535 और गिरनार-4 प्रजाति की मूंगफली को यंत्रों द्वारा लाइन में बीजों को शोधन कर बुवाई करने की संस्तुति की गई और खरपतवार नाशक दवाओं को भी बुआई करने से पूर्व ज़मीन में डालने की भी बात बतायी गई। उक्त कार्यक्रम कृषि विभाग मीरजापुर एवं चुनारगढ़ एफपीओ के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ। प्रतिनिधिमंडल में मेजर कृपा शंकर सिंह हरिशंकर सिंह, अशोक सिंह, श्याम सुंदर विश्वकर्मा, सतेंद्र सिंह, राम पोष सिंह, सतीश सिंह, छन्नू सिंह, उपेन्द्र सिंह, महेश सिंह, सुनील सिंह, धर्मवीर सिंह, बलवंत सिंह, सुरेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, भगेलू राजभर, रमापति सिंह, अमित सिंह, पी बी सिंह, प्रमोद सिंह, शैलेंद्र सिंह, आलोक सिंह ,रवींद्र प्रताप सिंह, रामदास सिंह शैलेन्द्र सिंह यशवंत सिंह जयेंद्र सिंह उज्ज्वल सिंह योगेश सिंह, राजेश सिंह, शुभम सिंह, ओसियर कोल आदि लोग रहे।

  • एनटीपीसी तालचेर कनिहा ने 72 गांवों के सरकारी स्कूलों को डुअल-डेस्क बेंच दिए

    एनटीपीसी तालचेर कनिहा ने 72 गांवों के सरकारी स्कूलों को डुअल-डेस्क बेंच दिए

     कनिहा, ओडिशा / शनिवार को एनटीपीसी तालचेर कनिहा ने आस-पास के स्कूलों में अच्छी शिक्षा देने के अपने प्रयास में, कनिहा ब्लॉक के 72 गांवों के 81 सरकारी स्कूलों में स्कूली बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण CSR पहल की। ​​इस प्रोग्राम के तहत, स्कूलों को कुल 1,400 डुअल-डेस्क बेंच दिए गए।
    डिस्ट्रीब्यूशन ड्राइव 29 नवंबर 2025 को शुरू हुआ, जिसमें पहले चरण में खजुरिया अपर प्राइमरी स्कूल और झारबरनी स्कूल को डुअल डेस्क दिए गए।  7 फरवरी 2026 तक, ब्लॉक के सभी 81 स्कूलों को सफलतापूर्वक बेंचों से सुसज्जित किया गया था, जिससे हजारों छात्रों को सीधे लाभ हुआ। यह पहल एनटीपीसी तालचेर कनिहा के अपने संचालन के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करती है। आवश्यक अवसंरचना आवश्यकताओं को संबोधित करके, परियोजना का उद्देश्य छात्र आराम, कक्षा जुड़ाव और समग्र शैक्षणिक अनुभव में सुधार करना है। स्वच्छता के क्षेत्र में, स्टेशन ने स्कूलों में 75 शौचालय ब्लॉकों का निर्माण किया है, जिससे हजारों छात्रों को लाभ हुआ है और स्वच्छता और सम्मान को बढ़ावा मिला है। बालिका सशक्तीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, अब तक 550 लड़कियों को बालिका सशक्तीकरण मिशन कार्यक्रम के तहत लाभ हुआ है, जिससे युवा प्रतिभागियों में आत्मविश्वास, कौशल विकास और शैक्षिक प्रेरणा को बढ़ावा मिला है।

  • मेजा ऊर्जा निगम प्रा.लिमिटेड ने दिव्यांगजनों को  सहायक उपकरण वितरित किए

    मेजा ऊर्जा निगम प्रा.लिमिटेड ने दिव्यांगजनों को  सहायक उपकरण वितरित किए

    मेजा / शुक्रवार को मेजा ऊर्जा निगम (प्रा.) लिमिटेड ने अपनी नैगम सामाजिक दायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत तथा आरोग्यम अस्पताल एवं अलिम्को (Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India – ALIMCO) के सहयोग से सामाजिक समावेशन और दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम उठाते हुए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के 348 दिव्यांगजनों को कुल 482 सहायक उपकरणों का वितरण किया। इस विशेष अभियान का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी दैनिक जीवन की चुनौतियों को कम करना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

    इस वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, हाथ से चलने वाली ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र (सुनने की मशीन), स्मार्ट स्टिक सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। ये उपकरण लाभार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप चिन्हित कर वितरित किए गए, ताकि वे अपनी गतिशीलता, संवाद क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि कर सकें। विशेष रूप से मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और स्मार्ट स्टिक जैसे आधुनिक उपकरणों ने दिव्यांगजनों को स्वतंत्र रूप से आवागमन करने और दैनिक कार्यों को सहजता से संपन्न करने में सक्षम बनाया है।

    कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि  जी. श्रीनिवास राव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मेजा ऊर्जा निगम एवं श्रीमती कविता राव (अपराजिता महिला समाज, अध्यक्षा) द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि यह पहल केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के आत्मसम्मान और गरिमा का सम्मान है, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और आत्मविश्वास के बल पर जीवन की चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि शारीरिक चुनौतियाँ किसी भी व्यक्ति के सपनों, प्रतिभा और क्षमताओं को सीमित नहीं कर सकतीं। उचित सहयोग और अवसर मिलने पर वे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

    इस अवसर पर श्रीमती कविता राव (अपराजिता महिला समाज, अध्यक्षा) ने अपने आशीर्वचन में कहा कि मेजा ऊर्जा निगम द्वारा संचालित यह CSR पहल वास्तव में मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं और उन्हें सहयोग, सम्मान एवं अवसर प्रदान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस प्रकार के सहायक उपकरण न केवल उनके जीवन को सुगम बनाते हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई दिशा भी प्रदान करते हैं।

    मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आगे कहा कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक वर्ग—विशेषकर दिव्यांगजन—सम्मान, समान अवसर और संसाधनों तक समान पहुँच प्राप्त करे। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से आह्वान किया कि वे समावेशी समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ और दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा दें। इस अवसर पर पंकज कुमार गुप्ता (मुख्य महाप्रबंधक, अभियांत्रिकी),  नरेंद्र नाथ सिन्हा (महाप्रबंधक, प्रचालन एवं अनुरक्षण),  अशोक कुमार सामल (महाप्रबंधक, अनुरक्षण), डॉ. ए. के. चौधरी (मुख्य चिकित्सा अधिकारी),  अंगशु बरुआ (मुख्य वित्त अधिकारी, एमयूएनपीएल),  विवेक चन्द्र (अपर महाप्रबंधक, मानव संसाधन),   अनिल कुमार (नीम अध्यक्ष),  विभागाध्यक्ष एवं अलिम्को प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए निगम के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इन सहायक उपकरणों से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। यह पहल न केवल दिव्यांगजनों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि सामाजिक समावेशन, समानता और मानवीय संवेदनाओं को भी सुदृढ़ करेगी। मेजा ऊर्जा निगम भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्रीय विकास और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

  • प्रशासन,एनटीपीसी तलईपल्ली प्रबंधन एवं प्रभावित ग्रामवासियों की त्रिपक्षीय बैठक संपन्न, धरना हुआ खत्म

    प्रशासन,एनटीपीसी तलईपल्ली प्रबंधन एवं प्रभावित ग्रामवासियों की त्रिपक्षीय बैठक संपन्न, धरना हुआ खत्म

    घरघोड़ा, रायगढ़। एनटीपीसी तलईपल्ली कोयला खनन परियोजना से प्रभावित 8 गांवों के ग्रामवासियों, प्रशासन एवं परियोजना प्रबंधन के बीच एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक ग्राम तलईपल्ली के धरना स्थल में दिनांक 20.02.2026 को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) घरघोड़ा ने की। बैठक में तहसीलदार घरघोड़ा, थाना प्रभारी घरघोड़ा तथा एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    बैठक के दौरान प्रभावित ग्रामवासियों की विभिन्न मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिस पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। निर्णय लिया गया कि एनटीपीसी में कार्यरत ठेका कंपनियों में प्रभावित ग्रामवासियों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके लिए संबंधित कंपनियों के साथ पृथक बैठक प्रस्तावित है। पुनर्वास आवेदन की प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु प्रभावित गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जिनमें पटवारी भी उपस्थित रहेंगे।

    तेंदूपत्ता से संबंधित विषय पर ग्रामवासियों को शासन अथवा न्यायालय में ज्ञापन प्रस्तुत करने के लिए वाहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, पुनर्वास मुआवजा प्रकरणों की जांच में तेजी लाने एवं प्रभावित ग्रामों में अतिरिक्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया गया। त्रिपक्षीय बैठक में बनी सहमति के पश्चात अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे ग्रामवासियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की सहमति व्यक्त की एवं धरना समाप्त किया। इसके उपरांत शनिवार दिनांक 21.02.2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्गा प्रसाद अधिकारी की अध्यक्षता में एनटीपीसी के अधिकारियों एवं संबंधित ठेका कंपनियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रभावित ग्रामवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

  • आशा ट्रस्ट: सदस्यों को बाजार मूल्य के 18 % पर उपलब्ध कराए जाते हैं सैनिटरी पैड 

    आशा ट्रस्ट: सदस्यों को बाजार मूल्य के 18 % पर उपलब्ध कराए जाते हैं सैनिटरी पैड 

    सरोज बनी रहेगी प्रबंधक, नेहा और सुनीता होंगी सहायक 

    चौबेपुर/ सामाजिक आशा ट्रस्ट द्वारा संचालित अध्ययन केंद्र और स्वावलम्बन प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ी लड़कियां माहवारी  स्वच्छता अभियान के तहत एक अभिनव प्रयोग से तहत विगत दो वर्षों से पैड बैंक का संचालन करती हैं जिससे लगभग 150 सदस्य  जुडी हुयी हैं । बैंक से जुड़ी सदस्यों को वार्षिक मूल्यांकन बैठक का आयोजन आशा ट्रस्ट परिसर में किया गया जिसमें सर्वसम्मति से  बैंक की मुख्य जिम्मेदारी साझा करने के लिए हुए चुनाव में सिलाई प्रशिक्षिका सरोज सिंह को अगले एक वर्ष के लिए दोबारा प्रबंधक चुना गया । उनकी सहायता के लिए नेहा और सुनीता यादव को सहायक प्रबंधक चुना गया । 

    ज्ञातव्य है कि उक्त पैड बैंक का संचालन विगत दो वर्ष से किया जा रहा हैं जिसके अंतर्गत सभी सदस्यों को माहवारी के दौरान प्रयोग किये जाने वाले अच्छी गुणवत्ता के सैनिटरी नैपकिन बाजार मूल्य से 18 प्रतिशत मूल्य पर उपलब्ध कराए जाते हैं, इसमें सदस्य के अंशदान से दूना व्यय आशा ट्रस्ट वहन करती है ।  प्रबन्धक सरोज सिंह ने बताया कि ग्रामीण परिवेश में सहजता से न उपलब्ध होने एवं संकोच के कारण प्रायः लड़कियां पैड का प्रयोग नही कर पाती हैं  ऐसे में इस बैंक से जुड़ने पर उन्हें सहजता और मुद्रित मूल्य से काफी कम मूल्य पर पैड उपलब्ध हो जा रहा है ।  इस अवसर पर मुख्य अतिथि स्त्री एवं प्रजनन स्वास्थ्य विशेषज्ञ शेर बहादुर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता वाले सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता सहज और सस्ती होनी चाहिए, इस बारे में प्रभावी नीति बनानी चाहिए ।