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  • सोन नदी में उतरे ग्रामीण, हर घर नल योजना की पोल खुली

    सोन नदी में उतरे ग्रामीण, हर घर नल योजना की पोल खुली

    चोपन/सोनभद्र। चोपन ब्लॉक की सिंदुरिया ग्राम पंचायत में हर घर नल योजना की जमीनी सच्चाई सामने आ गई है। कागजों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का दावा किया गया, लेकिन गांव में आज तक घरों में पानी की एक बूंद नहीं पहुंची। नाराज ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए सोन नदी में उतरकर जल सत्याग्रह किया।ग्रामीणों का कहना है कि दो से तीन वर्ष पहले पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों की खुदाई कर दी गई थी। गांव में पाइप डाल दिए गए, लेकिन जलापूर्ति शुरू नहीं हुई। फाइलों में काम पूरा दिखाकर प्रगति दर्ज कर दी गई, जबकि धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण लोग दूषित नदी का पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।जल संकट से परेशान पुरुष और महिलाएं सैकड़ों की संख्या में सोन नदी में उतर गए। अर्धनग्न होकर नदी में बैठकर उन्होंने प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण योजना अधूरी पड़ी है और जनता को मूलभूत सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।

    ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इंतजार के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। सड़कें खोद दी गईं, पाइप डाले गए, लेकिन पानी नहीं आया। मजबूरी में गंदा पानी पीना पड़ रहा है। यदि जल्द जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।योग गुरु अजय कुमार पाठक ने भी ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि स्वच्छ जल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। जब तक हर घर में नल से पानी नहीं पहुंचेगा, तब तक जल सत्याग्रह और जनआंदोलन जारी रहेगा।सिंदुरिया में हर घर नल योजना की स्थिति ने सरकारी दावों और वास्तविकता के बीच की खाई को उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस जनाक्रोश के बाद कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।

  • नहर में गंदे पानी का जमाव, अधूरी सफाई से दुद्धी नगरवासी परेशान

    नहर में गंदे पानी का जमाव, अधूरी सफाई से दुद्धी नगरवासी परेशान

    दुद्धी (सोनभद्र)। नगर पंचायत दुद्धी से होकर गुजरने वाली सिंचाई विभाग की नहर इन दिनों गंदगी और जल जमाव का केंद्र बनी हुई है। अधूरी सफाई के कारण विभिन्न वार्डों के लोग बदबू, मच्छरों और संक्रामक बीमारियों के खतरे से जूझ रहे हैं।यह नहर लउवा नदी बावन झरिया में मिलती है और इसका उद्देश्य किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना था, लेकिन वर्तमान में नहर अधिकांश समय सूखी रहती है और बरसात में ही पानी दिखाई देता है। नियमित सफाई न होने से नालियों का गंदा पानी और कचरा इसमें जमा हो गया है।कुछ माह पूर्व लकड़ा बांध से मलदेवा स्थित लउवा नदी तक लगभग 8 किलोमीटर नहर की सफाई के लिए टेंडर निकाला गया था। लकड़ा बांध से रामनगर सोनांचल इंटरमीडिएट कॉलेज तक जेसीबी से सफाई कराई गई, लेकिन राजकीय इंटर कॉलेज मार्ग और गोंडवाना भवन के पास करीब एक किलोमीटर हिस्सा छोड़ दिया गया।वार्ड नंबर 6 में कृष्णा मुरारी पांडे एडवोकेट के सामने गंदगी का बड़ा जमाव है। स्थानीय निवासी अशोक जायसवाल, पीयूष कुमार, मोहित, बिट्टू, अभिषेक, टिंकू और श्यामू सहित कई लोगों ने नगर पंचायत और सिंचाई विभाग से संपूर्ण सफाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

  • कनहर परियोजना में रिटर्निंग वॉल को लेकर सवाल, बजट उपयोग पर उठी पारदर्शिता की मांग

    कनहर परियोजना में रिटर्निंग वॉल को लेकर सवाल, बजट उपयोग पर उठी पारदर्शिता की मांग

    दुद्धी (सोनभद्र)। जनपद की महत्वपूर्ण कनहर सिंचाई परियोजना को वर्ष 2026 के बजट में लगभग 702 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने के बाद निर्माण कार्य में तेजी की उम्मीद जताई गई थी। यह परियोजना लगभग 108 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयार की जा रही है।बांध का मुख्य कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन अब मुख्य गेट पर बन रही रिटर्निंग वॉल को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कार्य में स्थानीय पत्थरों का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन बजट मिलने के बाद सुकृत क्षेत्र से कटिंग पत्थर मंगाए गए हैं।लोगों का आरोप है कि यदि स्थानीय बोल्डर मानक के अनुरूप थे तो बाहर से पत्थर मंगाने की आवश्यकता क्या थी। वहीं यदि बाहरी पत्थर बेहतर गुणवत्ता के थे तो वर्तमान में स्थानीय सामग्री का उपयोग क्यों किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने बाहरी पत्थरों की खरीद और परिवहन पर हुए खर्च का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने तथा निर्माण सामग्री की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

    सिंचाई खंड-3 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि बजट की धनराशि मुख्यतः नहर निर्माण के लिए है और नहर पूर्ण होने के बाद ही बांध से पानी छोड़ा जाएगा। उन्होंने रिटर्निंग वॉल में स्थानीय पत्थर के उपयोग की बात कही, जबकि सुकृत से लाए गए कटिंग पत्थरों के विषय में स्पष्ट जानकारी होने से इंकार किया।

  • भूमिधरी जमीन पर दूसरा नहीं कर सकता कब्जा…

    भूमिधरी जमीन पर दूसरा नहीं कर सकता कब्जा…

    लेखपाल ने शिकायत पर किया स्थलीय निरीक्षण, नापी का दिया भरोसा 

    सोनभद्र। घोरावल तहसील क्षेत्र के ढुटेर गांव में रविवार को क्षेत्रीय लेखपाल गोपेंद्र पांडेय ने तहसील समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत पर भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया।  इस दौरान शिकायतकर्ता ज्ञानदास को संतोषजनक कार्यवाही का आश्वासन देते हुए कहा कि किसी भी काश्तकार की पुश्तैनी भूमि पर दूसरा व्यक्ति किसी भी तरह का कब्जा नहीं कर सकता। ऐसा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

     बताते चले कि ढुटेर गांव निवासी ज्ञानदास ने अपनी आराजी संख्या 638 ख की भूमिधरी श्रेणी-1 की जमीन पर आसपास के कुछ लोगों द्वारा धन और बाल के बूते अवैध रूप से पूल (रास्ता) का निर्माण कर जबरिया कब्जा करने की चर्चा की शिकायत तहसील समाधान दिवस में की है। भूमि स्वामी ने यह भी कहा है कि इसको लेकर दबंगों द्वारा किसी भी आपराधिक घटना को अंजाम दिया जा सकता है। ऐसे में उक्त पुश्तैनी भूमि की तत्काल नवी और सीमांकन किए जाने की जरूरत है। इस मौके पर रघुनाथ सिंह पटेल, राकेश कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि आशीष सिंह पटेल, विजय कुमार मौर्य, जगदीश आदि मौजूद रहे।

  • एनटीपीसी दादरी में द्वि-दिवसीय ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता का शानदार आयोजन

    एनटीपीसी दादरी में द्वि-दिवसीय ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता का शानदार आयोजन

    गौतमबुद्ध नगर। नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत एनटीपीसी दादरी द्वारा महाराणा प्रताप स्टेडियम में द्वि-दिवसीय ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में परियोजना के समीपवर्ती ग्रामों से कुल 465 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 168 बालिकाएँ एवं 297 बालक शामिल थे। दो दिनों तक चले इस आयोजन में एथलेटिक्स की 100 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर एवं 1500 मीटर दौड़, हाई जंप, लॉन्ग जंप, खो-खो, वॉलीबॉल और कबड्डी जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया तथा दर्शकों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया। समापन समारोह में मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी दादरी,  ए. के. मिश्र की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ  संजय कुमार, महाप्रबंधक (ओ एंड एम),  सरोज कुमार, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), अन्य महाप्रबंधकगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, ग्राम प्रधान, कर्मचारीगण तथा उनके परिवारजन भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विजेता खिलाड़ियों एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

    इसके अतिरिक्त एनटीपीसी दादरी क्षेत्र में स्वास्थ्य और खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में आसपास के गाँवों में अब तक 5 स्टेडियम का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा 4 स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। साथ ही गाँवों में ओपन जिम की स्थापना भी की गई है और क्षेत्र के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को समय-समय पर खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है। एनटीपीसी दादरी सामाजिक दायित्व के अंतर्गत स्थानीय समुदाय के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • बीआरबीसीएल में सोन बसंत उत्सव का भव्य उद्घाटन

    बीआरबीसीएल में सोन बसंत उत्सव का भव्य उद्घाटन

    औरंगाबाद। बीआरबीसीएल में 21 फरवरी 2026 को सोन बसंत उत्सव का उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि  विजय गोयल (क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पूर्व-1, एनटीपीसी एवं निदेशक, बीआरबीसीएल) रहे। विशिष्ट अतिथि  दीपक रंजन देहुरी (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बीआरबीसीएल) उपस्थित रहे।  एलके बेहेरा (परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी, नबीनगर) सहित अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और उत्सव का शुभारंभ किया।

    बीआरबीसीएल की संगिनी लेडीज क्लब की ओर से आयोजित मेले में कई आकर्षण रहे। खाने-पीने और शॉपिंग की 60 स्टॉल लगाई गईं। सैंड आर्ट के माध्यम से देश की धरोहर और बसंत थीम को दर्शाया गया। कार्यक्रम में योजना प्रभावित गांवों की 12 मेधावी बालिकाओं को ब्यूटिशियन किट वितरित की गईं। कार्यक्रम में बिहार लोक नृत्य पर आधारित कई प्रस्तुतियां दी गईं। धोबिया नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री विजय गोयल ने कहा कि उन्हें सोन बसंत उत्सव में शामिल होकर अत्यंत आनंद हुआ। उन्होंने इस आयोजन के लिए बीआरबीसीएल और संगिनी लेडीज क्लब को शुभकामनाएं दीं।

  • वन मंत्री कश्यप मर्दापाल में भूमिपूजन और मेला मंड़ई कार्यक्रम में हुए शामिल

    वन मंत्री कश्यप मर्दापाल में भूमिपूजन और मेला मंड़ई कार्यक्रम में हुए शामिल

    2.18 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

    रायपुर, / वन मंत्री केदार कश्यप ने आज कोंडागांव जिले के मर्दापाल में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने क्षेत्रवासियों को 2 करोड़ 18 लाख 47 हजार रुपए की लागत वाले कुल 36 विकास कार्यों की सौगात दी। साथ ही वन मंत्री ने मर्दापाल में भूमिपूजन कार्यक्रम से पहले गांव के मड़ई मेला में सम्मिलित होकर भंगा राम मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख समृद्धि एवं शांति की कामना की।

    वन मंत्री श्री कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी ग्रामवासियों को पारंपरिक भंगाराम माता मावली माघ मड़ई मेला की शुभकामनाएं दीं और कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आगे भी ग्रामीण अंचल के जरूरतों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए विकसित भारत जी राम जी योजना को और अधिक प्रभावी बनाया गया है जिसके तहत अब लोगों को 125 दिन की रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और एक सप्ताह के भीतर भुगतान किया जाएगा। वन मंत्री ने शिविर में पंचायत विभाग के विकसित भारत जीरामजी योजना पर आधारित स्टॉल के साथ- साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया और ग्रामीणों से कहा कि विभागों के स्टॉल में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी और अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

    विभिन्न ग्राम पंचायतों के 36 विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन

    वन मंत्री केदार कश्यप ने मर्दापाल में विभिन्न ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण एवं सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार हेतु कुल 218.47 लाख रुपये की लागत से 36 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों में सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच, आंगनबाड़ी भवन, सीसी सड़क, नाली निर्माण तथा पुलिया निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा कई गांवों के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे।

    अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप, सरपंच श्रीमती जयंती कश्यप सहित पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने उपभोक्ता संरक्षण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का किया शुभारंभ

    खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने उपभोक्ता संरक्षण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का किया शुभारंभ

    उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण पहल

    ई-जागृति, ई-फाइलिंग और ई-हियरिंग जैसी डिजिटल सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर

    रायपुर,/ खाद्य, नागरिक  आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल ने उपभोक्ता संरक्षण विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए.पी. साही, छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम  चौरड़िया, खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, मध्यप्रदेश, गोवा, बिहार, झारखंड उत्तरप्रदेश सहित आठ राज्यों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

    राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए.पी. साही ने कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तकनीकी एवं विधिक सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में जागरूकता एवं तकनीकी पहलुओं की प्रशिक्षण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में तकनीकी, डिजिटल व्यवस्था, प्रक्रियात्मक सुधार और विधायी संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की गई।

    इस दौरान दौरान ई-प्रणालियों का विस्तार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग की जानकारी दी गई। वहीं ई-जागृति, ई-फाइलिंग और ई-हियरिंग’’ जैसी डिजिटल सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को घर बैठे शिकायत दर्ज करने और सुनवाई में भाग लेने की सुविधा मिल रही है। उपभोक्ता न्याय को किफायती, पारदर्शी और त्वरित बनाने हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

    अधिकारियों ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान शिकायत स्वीकृति की प्रक्रिया, उपभोक्ता आयोग के आर्थिक एवं क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार, शिकायत और जवाब दावा प्रस्तुत करने की समय-सीमा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को स्पष्ट किया। इस दौरान यह भी बताया गया कि यदि प्रतिवादी पक्ष 30 दिनों की निर्धारित अवधि या अधिकतम 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि (कुल 45 दिन) में लिखित बयान प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसके साक्ष्यों पर विचार सीमित हो सकता है। साथ ही प्रतिवादी को शिकायतकर्ता के गवाहों से जिरह का अवसर और उसकी सीमा पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों एवं न्यायमूर्तियों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बढ़ती चुनौतियों, डार्क पैटर्न जैसी भ्रामक डिजाइन तकनीकों और झूठे व भ्रामक विज्ञापनों के मुद्दों पर चर्चा की। क्षेत्राधिकार संबंधी विवादों और तकनीकी जटिलताओं के त्वरित समाधान हेतु वर्तमान संरचना में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया गया। निष्पादन आवेदन के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए व्यावहारिक कठिनाइयों और प्रणालीगत विलंब संबंधी जानकारी दी गई। सभी उपभोक्ता आयोगों में प्रक्रियात्मक एकरूपता लाने, मानकीकृत नियम एवं दिशानिर्देश अपनाने तथा केस मैनेजमेंट को सुव्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया। उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • परीक्षा पूर्व विद्यार्थियों के लिए ‘हेल्पलाइन 2026’ मार्गदर्शन एवं परामर्श की सशक्त पहल

    परीक्षा पूर्व विद्यार्थियों के लिए ‘हेल्पलाइन 2026’ मार्गदर्शन एवं परामर्श की सशक्त पहल

    रायपुर, / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा 2026 के विद्यार्थियों की शंकाओं के समाधान हेतु “हेल्पलाइन 2026” का संचालन परीक्षा के एक दिवस पूर्व प्रभावी रूप से किया जा रहा है। यह हेल्पलाइन 05 फरवरी 2026 से मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी. पिल्ले एवं सचिव श्रीमती पुष्पा साहू के निर्देशन में निरंतर संचालित है, जिससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन के साथ-साथ मानसिक संबल भी प्राप्त हो रहा है।

    विषय-विशेषज्ञों की सहभागिता से मिला सटीक एवं विषयवार मार्गदर्शन

    आज 21 फरवरी 2026 को राजनीति शास्त्र, रसायन शास्त्र, लेखा शास्त्र, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, वस्तु चित्रण एवं आलेखन तथा शरीर क्रिया विज्ञान एवं प्राथमिक चिकित्सा (फिजियोलॉजी एण्ड फर्स्ट एड) विषयों के विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर श्रीमती सुनिता पाण्डेय, आस्था निगम, श्रीमती सोमा बनिक, श्रीमती अर्पणा तिवारी, श्रीमती नम्रता तिवारी, श्रीमती रंजना ठाकुर, राजकुमार गेन्ड्रे, श्रीमती निशा सिंह, श्रीमती दीपा साखरकर एवं सहायक प्राध्यापक अखिलेश वामनगड़े ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कीं।

    प्रश्नपत्र पैटर्न, सिलेबस एवं उत्तर लेखन शैली को लेकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाएँ

    हेल्पलाइन के माध्यम से विद्यार्थियों ने रसायन शास्त्र के वैद्युत रसायन, आयोडोफॉर्म अभिक्रिया, नेमिंग अभिक्रिया तथा जैव अणुओं से संभावित प्रश्नों के स्वरूप के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने यह भी पूछा कि क्या प्रश्न सिलेबस से बाहर आएंगे तथा मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों को सिलेबस की पूर्ण जानकारी होगी या नहीं। इसके अतिरिक्त प्रश्नपत्र के ब्लूप्रिंट, परीक्षा पैटर्न, कम्प्यूटर विषय की तैयारी, कम्पनी लेखा पाठ से संभावित प्रश्न तथा उत्तर कैसे लिखें कि पूर्ण अंक प्राप्त हो सकेंकृइन विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। कुछ विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण प्रश्नों के संबंध में जानकारी चाही, वहीं एक छात्र ने कम समय में प्रभावी तैयारी कैसे की जाए, इस विषय में सलाह प्राप्त की। सभी जिज्ञासाओं का समाधान विषय विशेषज्ञों द्वारा सरल, स्पष्ट एवं प्रेरणादायक ढंग से किया गया।

    660 कॉल्स के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुँचा मार्गदर्शन

    दिनांक 21 फरवरी 2026 तक हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1800-233-4363 पर कुल 660 कॉल प्राप्त हुए। प्रत्येक कॉल का सुव्यवस्थित रूप से निराकरण कर विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक एवं परामर्शात्मक सहयोग प्रदान किया गया।

    उपसचिव के मार्गदर्शन एवं समन्वयक के नेतृत्व में सफल संचालन

    हेल्पलाइन का संचालन उपसचिव डॉ. बी. रघु के मार्गदर्शन में तथा हेल्पलाइन समन्वयक डॉ. प्रदीप कुमार साहू के समन्वय से किया जा रहा है। मण्डल की यह पहल परीक्षा पूर्व विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, स्पष्टता एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

  • जन्मदिन पर सेवा का संदेश : मुख्यमंत्री ने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ

    जन्मदिन पर सेवा का संदेश : मुख्यमंत्री ने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ

    रायपुर, / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की तथा रक्तदाताओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री के 62वें जन्मदिन के अवसर पर अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर तथा शिवनाथ ब्लड सेंटर द्वारा 62 लोगों के रक्तदान की विशेष व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, प्रसव एवं गंभीर बीमारियों के दौरान जब मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में रक्तदान मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिजन निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकेंगे। 

    उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा एक वर्ष में लगभग 11 हजार यूनिट रक्त संग्रह का संकल्प लिया गया है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लड बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षित यातायात जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने तथा सड़क यातायात नियमों का हर समय पालन करते हुए जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, चिकित्सक दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर की संचालक डॉ. पूनम अग्रवाल, संस्थान के अन्य प्रतिनिधि और रक्तदाता उपस्थित थे।