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  • रामगढ़ और कोरियाव केंद्र पर धान खरीद शुरू, राष्ट्रीय लोक दल के प्रयास से किसानों को राहत

    रामगढ़ और कोरियाव केंद्र पर धान खरीद शुरू, राष्ट्रीय लोक दल के प्रयास से किसानों को राहत

    सोनभद्र। जनपद के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। रामगढ़ और कोरियाव क्रय केंद्रों पर धान खरीद दोबारा शुरू कर दी गई है। इससे लंबे समय से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी ने किसानों की मांग को देखते हुए पहले डिप्टी आरएमओ को पत्र सौंपकर शिवपुर, कोरियाव और रामगढ़ केंद्रों पर पुनः धान खरीद शुरू करने की मांग की थी। इसके बाद शिवपुर केंद्र पर खरीद शुरू कर दी गई थी।इसी क्रम में जिलाध्यक्ष ने मिर्जापुर पहुंचकर संभागीय खाद्य नियंत्रक (RFC) से मुलाकात की और कोरियाव व रामगढ़ केंद्रों पर जल्द खरीद शुरू कराने का आग्रह किया। आरएफसी ने दोनों केंद्रों पर धान खरीद शुरू किए जाने की जानकारी दी।धान खरीद शुरू होने से किसानों की उपज बिक्री की समस्या का समाधान हुआ है। राष्ट्रीय लोक दल ने कहा है कि वह किसान हितों के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।

  • बारनवापारा अभयारण्य: जहां हर कदम पर है प्रकृति का रोमांच…..

    बारनवापारा अभयारण्य: जहां हर कदम पर है प्रकृति का रोमांच…..

    रायपुर,/ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर महासमुंद जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभ्यारण्य साल और सागौन के घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां का शांत वातावरण, हरियाली और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियां पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराती है।

    बारनवापारा में चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर, चौसिंगा, भालू तथा कभी-कभी तेंदुए की झलक भी देखने को मिल जाती है। इसके अलावा विभिन्न प्रजातियों के पक्षी यहां के वातावरण को और जीवंत बनाते हैं। वन विभाग द्वारा संचालित जीप सफारी पर्यटकों को जंगल के भीतर सुरक्षित भ्रमण का अवसर देती है। सुबह और शाम का समय वन्यजीवों को देखने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह अभयारण्य सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट है। रेल यात्रियों के लिए रायपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक स्टेशन है। रायपुर, महासमुंद और बलौदाबाजार से नियमित बस एवं टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। निजी वाहन से पहुंचना अधिक सुविधाजनक रहता है।

    अभयारण्य में प्रवेश शुल्क और सफारी शुल्क निर्धारित हैं। यहां पार्किंग, गाइड, वॉच टॉवर, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे सफारी के लिए अग्रिम बुकिंग कराएं और प्लास्टिक का उपयोग न करें। बारनवापारा की यात्रा को और अधिक सुखद बनाने के लिए पर्यटन मंडल द्वारा संचालित मोहदा रिसोर्ट विशेष आकर्षण का केंद्र है। यह रिसोर्ट प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित है और यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त कमरे, रेस्टोरेंट, बच्चों के खेलने की जगह तथा हरियाली से घिरा शांत परिसर उपलब्ध है। परिवार और समूह में आने वाले पर्यटकों के लिए यह ठहरने का एक उत्कृष्ट विकल्प है। यहां स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया जा सकता है। जंगल सफारी और मोहदा रिसोर्ट की बुकिंग वनविभाग और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की साइट से की जा सकती है। 

    बारनवापारा के समीप स्थित तुरतुरिया भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां प्राचीन अवशेष, शांत वन क्षेत्र और जलधाराएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। तुरतुरिया को महर्षि वाल्मीकि के आश्रम से जुड़ी मान्यता के कारण धार्मिक और पौराणिक महत्व भी प्राप्त है। यहां पिकनिक और प्रकृति अवलोकन के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता है। लोक मान्यता है कि माता सीता ने वनवास के दौरान यहीं आश्रय लिया था और लव-कुश का जन्म भी इसी क्षेत्र में हुआ। इस कारण यह स्थल धार्मिक आस्था का केंद्र है। यह क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण से घिरा हुआ है। यहां बहने वाली छोटी जलधाराएं और प्राकृतिक झरने इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। प्रकृति प्रेमियों और पिकनिक मनाने वालों के लिए यह आकर्षक स्थान है। तुरतुरिया में प्राचीन मंदिरों और संरचनाओं के अवशेष मिले हैं, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं। पुरातात्विक दृष्टि से भी यह स्थान महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां प्राकृतिक गरम जल कुंड भी पाए जाते हैं, जिनके बारे में स्थानीय मान्यता है कि इनका जल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। यही “तुर-तुर” ध्वनि से निकले नाम की एक मान्यता भी बताई जाती है।

    अभयारण्य से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सिरपुर ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। प्राचीन मंदिर, बौद्ध विहार और पुरातात्विक अवशेष यहां के प्रमुख आकर्षण हैं, जो इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। बारनवापारा घूमने का सर्वाेत्तम समय अक्टूबर से जून तक माना जाता है। वर्षा ऋतु में हरियाली अपने चरम पर होती है, हालांकि कभी-कभी सफारी सेवाएं सीमित हो सकती हैं। यात्रा के दौरान हल्के रंग के वस्त्र पहनना, दूरबीन और कैमरा साथ रखना तथा वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है। बारनवापारा अभयारण्य, सिरपुर और तुरतुरिया मिलकर एक ऐसा पर्यटन परिपथ तैयार करते हैं, जहां प्रकृति, रोमांच, इतिहास और आरामदायक आवास की सुविधाएं एक साथ मिलती हैं। यदि आप सप्ताहांत में सुकून भरी और यादगार यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए एक आदर्श गंतव्य सिद्ध हो सकता है।

  • ओबरा में देर रात हुड़दंग और स्टंटबाजी करने वाले तीन युवक गिरफ्तार

    ओबरा में देर रात हुड़दंग और स्टंटबाजी करने वाले तीन युवक गिरफ्तार

    ओबरा।  ओबरा थाना क्षेत्र में देर रात सार्वजनिक स्थान पर तेज आवाज में गाने बजाने, शराब पीकर गाली-गलौज करने और वाहन से खतरनाक स्टंट कर सोशल मीडिया के लिए रील बनाने वाले तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सड़क पर गाड़ी से इधर-उधर घूमते हुए न केवल शांति व्यवस्था भंग कर रहे थे, बल्कि राहगीरों के साथ अभद्र व्यवहार कर माहौल खराब कर रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई की। वाहन संख्या UP 64 R 6261 को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया। साथ ही आरोपियों को धारा 170/126/135 बीएनएसएस के अंतर्गत गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में सूरज कुमार भारती पुत्र भानु चंद भारती निवासी बिल्ली मारकुण्डी, अभि उर्फ राजीव पुत्र स्वर्गीय रविशंकर निवासी गजराज नगर तथा आकाश भारती पुत्र विजय प्रकाश भारती निवासी मोतीचन्द्र चौराहा, थाना ओबरा, जनपद सोनभद्र शामिल हैं। कार्रवाई उपनिरीक्षक विष्णु प्रभा सिंह, उपनिरीक्षक रामसिंह यादव, हेड कांस्टेबल संतोष पटेल एवं कांस्टेबल धर्मेन्द्र राजभर की टीम द्वारा की गई। पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग और स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रखने की बात कही है।

  • किसानों की मांग एवं जिलाधिकारी की पहल पर किसानों की सुविधा के लिए जनपद में धान खरीद जारी

    किसानों की मांग एवं जिलाधिकारी की पहल पर किसानों की सुविधा के लिए जनपद में धान खरीद जारी

    *किसानों की मांग पर शासन से निर्णय उपरांत जनपद के 40 क्रय केंद्रों पर खरीद जारी*

    *निर्बाध गति से चल रही है धान खरीद, जिससे किसानों को अपना उत्पाद बेचने में मिल रही मदद – डिप्टी आएमओ

    *चंदौली/ जनपद में धान खरीद लक्ष्य शासन के मंशानुसार पूर्ण होने के बाद भी जनपद में किसानों के मांग पर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के आग्रह पर शासन से धान की खरीद जनपद में लगभग 40 क्रय केंद्रों पर दिनांक 28 फरवरी, 2026 तक जारी रहेगा। जिला खाद्य विपड़न अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने उत्पादन को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाया है। इस निर्णय का सीधा लाभ जनपद के धान उत्पादकों किसानों भाइयों को मिलेगा।

    इस निर्णय का सबसे बड़ा फायदा जनपद के किसानों को होगा, जिनकी अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार धान की खेती है। जनपद में लगातार धान की खरीद सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सकेगा और फसल बेचने में कोई समस्या नहीं होगी। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। वर्तमान समय में जनपद में लगभग 40 क्रय केंद्रों पर धान खरीद दिनांक 28 फरवरी, 2026 तक जारी रहेगा। यदि और आवश्यकता होती है तो अन्य क्रय केंद्रों को भी चालू कर दिया जाएगा। प्रत्येक तहसील स्तर पर तीन से चार क्रय केंद्र पर खरीद हो रही है। और सभी काटा मंडी में चालू है। धान खरीद की प्रक्रिया निर्बाध गति से जनपद में चल रही है।

  • नवीन श्रम संहिताओं से श्रमिकों को मिलेगा आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण – योगेश दत्त मिश्रा

    नवीन श्रम संहिताओं से श्रमिकों को मिलेगा आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण – योगेश दत्त मिश्रा

    रायपुर । राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा स्थित छिंदनार ग्राम पंचायत में रविवार को श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1242 हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से 1 करोड़ 4 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में 31 से अधिक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी प्रत्येक श्रमिक तक पहुँचना आवश्यक है, तभी वे इसका समुचित लाभ ले सकेंगे। श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का उद्देश्य भी यही है कि अधिक से अधिक श्रमिक भाई-बहन योजनाओं से जुड़ें और लाभान्वित हों।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों के हित में चार नई श्रम संहिताएँ लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो श्रमिकों और उनके परिवारों के आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 45 प्रतिशत आबादी असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है, जिनके विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।

    उन्होंने चारों नई श्रम संहिताओं— मजदूरी संहिता, 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता (ओएसएच), 2020 तथा औद्योगिक संबंध संहिता, 2020— के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा, जिससे कोई भी राज्य निर्धारित वेतन से कम भुगतान नहीं कर सकेगा। साथ ही मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा, उपचार, भविष्य निधि तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएँ और सुदृढ़ की जाएंगी। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं श्रमिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक श्रमिकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें लाभ लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार किया जा सके। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुनीता भास्कर, जनपद अध्यक्ष शकुंतला भास्कर, जिला पंचायत सदस्य ममता मंडावी, जिला पंचायत सदस्य तुलेश्वरी नागेश, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संतोष गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रम विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • इतिहास से प्रेरणा लेकर ही सशक्त भविष्य का निर्माण संभव-संस्कृति मंत्री 

    इतिहास से प्रेरणा लेकर ही सशक्त भविष्य का निर्माण संभव-संस्कृति मंत्री 

    शौर्य और पराक्रम की जीवंत गाथा ‘जाणता राजा’ के समापन समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    रायपुर, । राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक साइंस कॉलेज ग्राउंड में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा आयोजित विश्वविख्यात महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य समापन समारोह अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर तथा आदिम जाति विकास विभाग के सचिव सोनमणि बोरा भी उपस्थित थे। 

    छत्रपति शिवाजी महाराज के अद्वितीय शौर्य, रणनीति, राष्ट्रभक्ति और लोक-कल्याणकारी शासन की गाथा पर आधारित इस ऐतिहासिक महानाट्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। भव्य मंच सज्जा, सजीव अभिनय, प्रभावशाली प्रकाश एवं ध्वनि संयोजन तथा ऐतिहासिक दृश्यों की जीवंत प्रस्तुति ने मानो इतिहास के स्वर्णिम पन्नों को साकार कर दिया। महान मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित ‘जाणता राजा’ केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि राष्ट्रगौरव और स्वाभिमान की प्रेरक गाथा है। इस विश्वप्रसिद्ध नाट्यकृति की संकल्पना और प्रस्तुति सुप्रसिद्ध रंगकर्मी बाबासाहेब पुरंदरे द्वारा की गई थी, जिसने दशकों से देश-विदेश में दर्शकों को इतिहास से जोड़ा है।

    संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जाणता राजा केवल एक नाटक नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास की उस अमर गाथा का सजीव दर्शन है, जिसने हमें स्वराज, स्वाभिमान और सुशासन का मार्ग दिखाया। छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उनके आदर्श हमें साहस, संगठन और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजनों का होना हमारे लिए गौरव का विषय है। राज्य सरकार संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं और उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

    मंत्री श्री अग्रवाल ने आयोजन की सफलता के लिए छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग, कलाकारों, तकनीकी टीम तथा सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी राज्य में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सके। ‘जाणता राजा’ जैसे भव्य ऐतिहासिक मंचन न केवल सांस्कृतिक चेतना को जागृत करते हैं, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई दिशा देते हैं। रायपुर में इस आयोजन ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं में इतिहास के प्रति नई जिज्ञासा और गर्व की भावना उत्पन्न की। समापन अवसर पर पूरा परिसर “जय भवानी, जय शिवाजी” के उद्घोष से गूंज उठा, जिसने वातावरण को राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कर दिया।

  • मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर पादप बोर्ड द्वारा 2100 औषधीय पौधों का वितरण

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर पादप बोर्ड द्वारा 2100 औषधीय पौधों का वितरण

    रायपुर,/छत्तीसगढ़ स्थानीय आदिवासी स्वास्थय परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्मदिवस के अवसर पर उनके गृह ग्राम बगिया में 2100 औषधीय पौधों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं पारंपरिक औषधीय ज्ञान के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को औषधीय पौधों के महत्व, उनके संरक्षण तथा घरेलू उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक आदिवासी स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है।

    उल्लेखनीय है कि वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और छत्तीसगढ़ स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम के मार्गदर्शन में औषधीय पौधों का वितरण कर लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया। इससे एक ओर हरित आवरण बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की गई। साथ ही उनके नेतृत्व में प्रदेश के सतत विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का विश्वास व्यक्त किया गया।

  • राज्य में दिव्यांग सशक्तिकरण को नई गति : विशेष शिविर में 401 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित, संवेदनशील पहल से लौटी मुस्कान

    राज्य में दिव्यांग सशक्तिकरण को नई गति : विशेष शिविर में 401 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित, संवेदनशील पहल से लौटी मुस्कान

    रायपुर,/ छत्तीसगढ़ सरकार की समावेशी और संवेदनशील नीतियों का प्रभाव अब सुदूर वनांचलों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में राज्यभर में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिले में आयोजित तीन दिवसीय विशेष दिव्यांग सशक्तिकरण शिविर में 401 दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान कर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई गई।

    सुकमा के शबरी ऑडिटोरियम में 20 से 22 फरवरी तक आयोजित इस शिविर में कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंड के हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें आवश्यक उपकरण मौके पर ही उपलब्ध कराए गए। यह शिविर केवल वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और सम्मानजनक जीवन की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।

    शिविर में भगवान महावीर  विकलांग सहायता समिति  जयपुर के विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक “जयपुर फुट”, कृत्रिम हाथ, कृत्रिम पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण तैयार कर वितरित किए गए। वर्षों से बैसाखियों के सहारे चल रहे कई हितग्राहियों को जब आधुनिक कृत्रिम अंग मिले, तो उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और नई उम्मीद साफ झलक रही थी।

    ट्राइसिकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी, स्टिक और बैसाखी जैसे उपकरण शिविर स्थल पर ही प्रदान किए गए।आर्टिफिशियल कैलिपर्स के लिए माप लेकर शीघ्र वितरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। समाज कल्याण विभाग की नोडल अधिकारी सुश्री मधु तेता ने बताया कि शिविर में 213 दिव्यांगजनों के प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन भी लिए गए, ताकि वे राज्य शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। यह पहल दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि राज्य का कोई भी नागरिक अपनी शारीरिक बाधा के कारण अवसरों से वंचित न रहे। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए विभागीय योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं। सुकमा का यह शिविर राज्य स्तर पर दिव्यांग सशक्तिकरण के व्यापक अभियान की कड़ी है।

  • मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

    *कल्याणपुर–लटोरी–दतिमा–सलका मार्ग का होगा सुदृढ़ीकरण ,40.93 करोड़ रुपए स्वीकृत, 29 किमी सड़क उन्नयन से विकास को मिलेगी नई रफ्तार*

    रायपुर/ राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकासोन्मुखी नीति के अनुरूप क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से जिला सूरजपुर अंतर्गत कल्याणपुर–लटोरी–दतिमा– सलका (मुख्य जिला मार्ग) के विभिन्न खंडों में सड़क सुदृढ़ीकरण एवं निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

    लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में प्रस्तावित इस कार्य के लिए 40.93 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह मार्ग क्षेत्र के अनेक ग्रामों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिसके उन्नयन से आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं तीव्र होगा। इससे ग्रामीण अंचलों का जिला मुख्यालय एवं अन्य प्रमुख स्थलों से बेहतर संपर्क स्थापित होगा।

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़क केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की जीवनरेखा है। सुदृढ़ सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक सुगमता से पहुंच सुनिश्चित होगी तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक त्वरित पहुंच संभव हो सकेगी। साथ ही व्यापार, लघु उद्योग एवं स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता एवं समावेशी विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चरणबद्ध रूप से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

  • विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा – मुख्यमंत्री

    विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा – मुख्यमंत्री

    *मुख्यमंत्री शांति सरोवर में आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में हुए शामिल*

    *कैबिनेट मंत्रीगण, नेता प्रतिपक्ष और विधानसभा के सदस्य भी रहे मौजूद*

    रायपुर, / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित शांति सरोवर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए।            मुख्यमंत्री श्री साय ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया।

    कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री श्री साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।  कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।