Blog

  • अपर जिलाधिकारी ने किया कर-करेत्तर की मासिक समीक्षा बैठक, राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश

    अपर जिलाधिकारी ने किया कर-करेत्तर की मासिक समीक्षा बैठक, राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश

    *तहसीलों में पांच वर्ष या उससे अधिक समय के लंबित मामलों को प्राथमिकता से करें निस्तारण*

    चंदौली/ अपर जिलाधिकारी (वित्त राजस्व) राजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर, करेत्तर, राजस्व संग्रह और प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए।

    अपर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को लंबित न्याययिक वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिये।  बैठक में मंडी, आबकारी, परिवहन और खनन, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की वसूली और प्रवर्तन कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें, ताकि सरकारी राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित हो। राजस्व में गिरावट पर सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित होगी। पीएम आवास (शहरी) की समीक्षा में अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने और निर्माण कार्य शुरू न करने वालों से वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    अपर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी को न्यायालयों में लंबित वादों के शीघ्र निपटारे पर भी बल दिया ताकि मामलों में अनावश्यक देरी न हो और न्याय प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। अपर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों में कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करें और डाटा फीडिंग जैसे तकनीकी कार्यों की निगरानी स्वयं करें। इससे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।  बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी न्याययिक रतन वर्मा, उप निदेशक कृषि भीमसेन, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक सम्भागीय अधिकारी सर्वेश गौतम, डिप्टी आरएमओ राधवेंद्र सिंह, उपायुक्त उद्योग, मंडी सचिव, नगर पालिका/ नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी गण उपस्थित रहे।

  • जनकल्याणकारी नीतियों से मजबूत हो रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    जनकल्याणकारी नीतियों से मजबूत हो रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *समृद्ध किसान, मजबूत उद्योग और बढ़ता सेवा क्षेत्र: विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम*

    रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रदेश की मजबूत, संतुलित और विकासोन्मुख अर्थव्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, किसानों के हित में लिए गए निर्णयों, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने तथा सेवा क्षेत्र के विस्तार के कारण छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भावों पर बढ़कर लगभग 6 लाख 31 हजार 291 करोड़ रुपये अनुमानित है, जिसकी वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में विकास के सभी प्रमुख क्षेत्र समान रूप से प्रगति कर रहे हैं।

    *कृषि क्षेत्र में मजबूत वृद्धि:किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है, जो किसानों की मेहनत, तकनीकी नवाचार, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और समृद्ध किसान ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    *औद्योगिक क्षेत्र में तेजी: निवेश और रोजगार के नए अवसर*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश की औद्योगिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग का योगदान लगभग 49 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश, अधोसंरचना विकास और रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक संरचना और अधिक मजबूत हो रही है।

    *सेवा क्षेत्र बना नई अर्थव्यवस्था का आधार*

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आईटी एवं डिजिटल सेवाओं में विस्तार के कारण युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

    *प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि — प्रदेशवासियों की समृद्धि का संकेत*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर लगभग 1.79 लाख रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.07 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेशवासियों की बढ़ती आय, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का सकारात्मक परिणाम है।

    *हर परिवार की समृद्धि हमारा लक्ष्य*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार की आय बढ़े, जीवन स्तर बेहतर हो और समृद्धि हर घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त एवं खुशहाल बने। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान और मजबूत करेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

  • संत गाडगे बाबा ने दिया स्वच्छता ही सच्ची पूजा का संदेश – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    संत गाडगे बाबा ने दिया स्वच्छता ही सच्ची पूजा का संदेश – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *मुख्यमंत्री राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल*

    रायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी ऐसे महान संत का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन और कर्मों से समाज को स्वच्छता, सेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत गाडगे बाबा ने “स्वच्छता ही सच्ची पूजा” का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत गाडगे बाबा की स्वच्छता की प्रेरणा से उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान का स्मरण हो गया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2014 को लाल किले से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की और आज स्वच्छता जनआंदोलन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह संत गाडगे बाबा के विचारों का ही प्रभाव है कि देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता आई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी माताओं-बहनों को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। देशभर में शौचालयों के निर्माण से उनकी गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएँ शुरू की गईं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी पहलें शामिल हैं। आज सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त कर नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सफल और संस्कारित जीवन जीने की आधारशिला है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे बाबा के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उनकी आरती एवं स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों और समाज के उत्कृष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।कार्यक्रम को विधायक सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू तथा पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संत गाडगे बाबा के वंशज भी मंच पर उपस्थित थे।कार्यक्रम में तुलसी कौशिक, घनश्याम चौधरी, श्रीमती रजनी रजक, विनय निर्मलकर सहित छत्तीसगढ़ रजक समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • लाल आतंक का अंधेरा छंटा, नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने ‘गोगुंडा’ में पहली बार जला बल्ब

    लाल आतंक का अंधेरा छंटा, नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने ‘गोगुंडा’ में पहली बार जला बल्ब

    *गोगुंडा की पहाड़ियों पर आजादी के 78 वर्ष बाद पहुँची बिजली, ग्रामीणों में हर्ष का माहौल*

    रायपुर/ सुकमा की दुर्गम वादियों में करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर बसा गोगुंडा गांव आज सिर्फ रोशनी से नहीं, बल्कि उम्मीदों से जगमगा उठा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में आजादी के 78 साल बाद, इस पहाड़ी गांव ने पहली बार बिजली के बल्ब की रोशनी देखी है। यह केवल एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि उन चार दशकों के काले साये की हार है, जिसने इस गांव को विकास की मुख्यधारा से काट रखा था। कल तक जो गांव सूरज ढलते ही घने जंगलों और नक्सलियों के खौफ के सन्नाटे में डूब जाता था, वहां अब बच्चों की पढ़ाई और खुशियों की गूंज सुनाई दे रही है। ढिबरी (मिट्टी के तेल का दीया) और टॉर्च के सहारे जीवन काटने वाले ग्रामीणों के चेहरे अब अंधेरा ढलने के बाद भी बल्ब की दूधिया रौशनी में चमक रहे है। बिजली ने ग्रामीणों में जीवन के प्रति उत्साह की ऊर्जा भर दी है।गांव के बुजुर्ग माड़वी सुक्का ने कांपती आवाज में कहा कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अपने जीते जी गांव में बिजली देख पाएंगे। आज पहली बार महसूस हो रहा है कि हमारा गांव भी देश के नक्शे पर मौजूद है।

    यह ऐतिहासिक बदलाव रातों-रात नहीं आया। इसके पीछे सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का वह अटूट संकल्प है, जिसने मौत के साये को मात दी। सीआरपीएफ और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से कैंप स्थापित हुआ, जिससे नक्सलियों का ‘सुरक्षित किला’ ढह गया। जहां पहले 5 घंटे पैदल पहाड़ चढ़ना पड़ता था, वहां अब विकास की गाड़ियां पहुंच रही हैं। कैंप बनते ही कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में स्कूल, आंगनबाड़ी और राशन दुकान जैसी बुनियादी सुविधाएं युद्ध स्तर पर शुरू की गईं।कलेक्टरने बताया कि गोगुंडा में बिजली पहुंचना सामाजिक और आर्थिक बदलाव की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य जिले के अंतिम छोर तक बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाना है। सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। गोगुंडा अब सुरक्षित है और यहाँ जल्द ही पुल-पुलियों का जाल बिछेगा। कमांडेंट 74वीं बटालियन श्री हिमांशु पांडे ने बताया कि नक्सली दंश के कारण यह गांव दशकों पीछे था। कैंप की स्थापना के बाद मिली यह बिजली क्षेत्र में शांति और प्रगति का नया अध्याय लिखेगी। गोगुंडा की यह रोशनी बस्तर के बदलते स्वरूप की कहानी कह रही है। यह कहानी है उस अदम्य साहस की, जिसने पहाड़ों का सीना चीरकर बिजली के खंभे गाड़े और उन ग्रामीणों की, जिन्होंने दशकों बाद लोकतंत्र पर अपना अटूट विश्वास जताया। अब गोगुंडा का अंधेरा स्थायी रूप से छंट चुका है और अब वहां सिर्फ भविष्य की चमक है।

  • होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग: लखपति दीदी बनने की नई उड़ान

    होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग: लखपति दीदी बनने की नई उड़ान

    रू 5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

    होली समूहो के बने गुलाल से खिलेंगे सभी के चेहरे

    लखनऊ: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशो के क्रम मे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को बढ़ावा देने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित किया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर रू 5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति Google Sheet पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की दीदियां प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर भी तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलास के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूरी तरह केमिकल-फ्री है तथा त्वचा को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता।  SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह हर्बल गुलाल पूर्णतः सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे SHG दीदियां आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति बनने की ओर अग्रसर हो रही हैं।

    मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजी मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को मजबूत करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाएगा।

  • छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन की अध्यक्षता में फिल्म पॉलिसी पर बैठक

    छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन की अध्यक्षता में फिल्म पॉलिसी पर बैठक

     सब्सिडी व फिल्म सिटी पर फोकस

    रायपुर। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन की अध्यक्षता में आज फिल्म पॉलिसी को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य राज्य की फिल्म नीति के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देना तथा फिल्म उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना था। बैठक में हिंदी फिल्मों, क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों एवं ओटीटी फिल्मों सहित सभी श्रेणियों के लिए उपलब्ध सब्सिडी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सिनेमा घरों के निर्माण पर मिलने वाली सब्सिडी, फिल्म शूटिंग उपकरणों की खरीदी पर अनुदान तथा सिनेमा घरों के मरम्मत कार्यों पर उपलब्ध वित्तीय सहायता के विषय में भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।

    संस्कृति विभाग के निदेशक एवं टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड, आवेदन की समय-सीमा तथा आवश्यक औपचारिकताओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार लाभ प्रदान किया जाएगा।

    बैठक के दौरान उपस्थित निर्माताओं एवं फिल्मकारों ने जमीनी स्तर पर आ रही व्यावहारिक समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। इन मुद्दों पर सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने कहा कि पहली बार फिल्म पॉलिसी पर इस प्रकार विस्तृत और पारदर्शी संवाद आयोजित किया गया है, जिससे फिल्म उद्योग जगत में विश्वास और उत्साह का वातावरण बना है। विवेक आचार्य ने राज्य में विकसित की जा रही फिल्म सिटी की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में फिल्म टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में राज्य फिल्म निर्माण और फिल्म पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। बैठक में प्रेमचंद्राकर, भूपेंद्र साहू, मोहित साहू, अनुज शर्मा, मोहन सुंदरानी, लखी सुंदरानी, मनोज वर्मा, राज वर्मा, सतीश जैन, श्री रॉकी दसवानी, अनुपम वर्मा, श्रीमती गायत्री केशरवानी, संतोष जैन, अनुमोद राजवैद्य, प्रकाश अवस्थी, अरिहंत फिल्म्स, श्री गजेंद्र श्रीवास्तव, चकोर फिल्म्स, राजन दादा, अलख राय, मनीष मानिकपुरी एवं अशोक तिवारी सहित अनेक फिल्म निर्माता एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ। सभी हितधारकों ने राज्य में फिल्म उद्योग के समग्र विकास के लिए निरंतर सहयोग और समन्वय के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

  • निदेशक एनटीपीसी रवींद्र कुमार ने किया पूर्वी क्षेत्र-1 के राख उपयोग की स्थिति एवं भावी पहलों की समीक्षा

    निदेशक एनटीपीसी रवींद्र कुमार ने किया पूर्वी क्षेत्र-1 के राख उपयोग की स्थिति एवं भावी पहलों की समीक्षा

    पटना । रवींद्र कुमार, निदेशक (प्रचालन), एनटीपीसी ने  विजय गोयल, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक  (पूर्व-1) की उपस्थिति में 23 फरवरी 2026 को पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय, पटना में पूर्वी क्षेत्र–1 के स्टेशनों में राख उपयोग की स्थिति एवं नई पहलों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में केन्द्रीय कार्यालय के कार्यकारी निदेशक गण सहित पूर्वी क्षेत्र के स्टेशनों के प्रमुख तथा क्षेत्रीय मुख्यालय और केन्द्रीय कार्यालय के राख प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस समीक्षा का उद्देश्य केवल वर्तमान प्रदर्शन का आकलन करना ही नहीं, बल्कि बदलती बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की तैयारी और राख उपयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देना था।

    इस वित्तीय वर्ष में अब तक एनटीपीसी पूर्वी क्षेत्र-1 स्टेशनों द्वारा 125% से अधिक राख उपयोग का महत्वपूर्ण लक्ष्य प्राप्त किया गया है, साथ ही ड्राई फ्लाई ऐश उपयोग में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है। इस सराहनीय उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए निदेशक (प्रचालन) ने आगामी वर्षों में सड़क निर्माण एवं सीमेंट उद्योग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में संभावित कमी को देखते हुए नए विकल्पों पर जल्द से जल्द काम करने को समय की जरूरत बताया । उन्होंने प्रदर्शन को बनाए रखने और इसे और अधिक बढ़ाने हेतु वैकल्पिक एवं मूल्य वर्धित उपयोग के नए क्षेत्रों की पहचान और विस्तार पर बल दिया।

    इस दौरान राख से बनी ईंट के उत्पादन को सुदृढ़ करने, व्यवस्थित विपणन प्रयासों को बढ़ावा देने, बीआईएस प्रमाणन प्रक्रियाओं में सुधार, डीलरशिप नेटवर्क के विस्तार तथा समग्र क्षमता उपयोग बढ़ाने आदि पर विस्तृत चर्चा की गई। राख-आधारित उत्पादों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु गुणवत्ता आश्वासन, ब्रांडिंग और संगठित बाजार संपर्क के महत्व पर भी जोर दिया गया।

    समीक्षा के दौरान विविधीकरण एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नए तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ। इनमें डीकार्बोनाइजेशन क्षमता वाली कार्बोनेटेड राख वाली ईंटों का विकास, नैनो एग्रीगेट्स का उत्पादन, प्राकृतिक रेत के विकल्प के रूप में बॉटम-ऐश का उपयोग, बाढ़ में नैनो कंक्रीट एग्रीगेट (NACA) संयंत्र की स्थापना तथा राख-आधारित विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पादों का विकास शामिल है। बैठक में सिमफर Central Institute of Mining and Fuel Research (CIMFR) तथा Academy of Scientific and Innovative Research (AcSIR) के प्रतिनिधियों ने फ्लाई ऐश से दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) के निकालने की संभावनाओं पर विस्तृत  प्रस्तुति दी। समीक्षा के अंत में, निदेशक (परिचालन) ने राख-प्रबंधन की दिशा में पूर्वी क्षेत्र-1 की उत्कृष्ट उपलब्धियों की सराहना करते हुए नवाचार आधारित विविधीकरण के साथ ही संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ करने तथा सशक्त बाजार तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

  • त्यौहार में सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – क्षेत्राधिकारी

    त्यौहार में सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – क्षेत्राधिकारी

    होली व रमजान को लेकर हुई पीस कमेटी की बैठक

    दुद्धी, सोनभद्र। स्थानीय तहसील परिसर के सभागार कक्ष में सोमवार को होली तथा रमजान को लेकर शांति सौहार्द की बैठक क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय प्रभारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए सीओ ने कहा कि इसी माह में होली का त्योहार और रमजान का महीना भी है।सभी लोग आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनायें। किसी भी प्रकार की कोई ईश्या मतभेद न करें मिलजुल कर त्यौहार मनायें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई स्थानों पर एक साथ होलिका दहन है। केवल नगवा गांव में यह परंपरा नहीं है वहां जिंदा होलिका दहन का कार्यक्रम होता है जिसके लिए विशेष व्यवस्था की  जाएगी, 4 मार्च को होली का त्यौहार है उसके दो दिन पहले होली पंचांग के अनुसार परंपरागत तरीके से होलिका दहन का कार्यक्रम है।
    इसके मद्देनजर प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस फोर्स की ड्यूटी लगाने की बात कही। इसके साथ ही संबंधित गांव के प्रधानों को निगरानी रखने की अपील किया। होली और रमजान को लेकर दुद्धी मुख्य बाजार और अमवार मोड पुलिस फोर्स तैनात रहेगी। त्योहार मे किसी प्रकार का खलन डालने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष व महामंत्री पद सहित कुल 9 प्रत्याशियों ने लिया पर्चा –  निर्वाचन अधिकारी

    अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष व महामंत्री पद सहित कुल 9 प्रत्याशियों ने लिया पर्चा –  निर्वाचन अधिकारी

    डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र चुनाव : 24 फरवरी तक मिलेगा पर्चा और प्रत्याशी कर सकेंगे पर्चा दाखिला

    सोनभद्र। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) सोनभद्र के निर्वाचन सत्र 2025-26 के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई। पहले दिन अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष व महामंत्री पद के लिए एक-एक सहित कुल 9 प्रत्याशियों ने विभिन्न पदों के लिए नामांकन पत्र लिया। 24 फरवरी को भी पर्चा मिलेगा और प्रत्याशी अपना पर्चा भी दाखिल करेंगे। जिसकी वजह से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार यादव एडवोकेट ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए सत्य प्रकाश सिंह एडवोकेट ने पर्चा लिया है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए बिंदु यादव एडवोकेट एवं महामंत्री पद के लिए राजेंद्र कुमार यादव एडवोकेट ने पर्चा लिया है। इसके अलावा उपाध्यक्ष 10 वर्ष से ऊपर के लिए चतुर्भुज शर्मा एडवोकेट, उपाध्यक्ष 10 वर्ष से नीचे के लिए आशुतोष देव पांडेय एडवोकेट ने भी नामांकन पत्र लिया है। वहीं कार्यकारिणी सदस्य कनिष्ठ के लिए चंद्रकला गिरी एडवोकेट, सुमन एडवोकेट, मार्तंड  प्रताप सिंह एडवोकेट एवं रमन कुमार एडवोकेट ने नामांकन पत्र लिया है।
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि नामांकन पत्र विक्रय की अंतिम तिथि 24 फरवरी 2026 दिन मंगलवार निर्धारित है। जबकि प्रत्याशी 24 फरवरी को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर सकेंगे।बता दें कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही अध्यक्ष, महामंत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के साथ वकील मतदाताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है, जिससे चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव में सहयोग के लिए प्रदीप कुमार मौर्य एड, पवन कुमार सिंह एड, चंद्रप्रकाश सिंह एड, शांति वर्मा एड एवं  सहायक चुनाव अधिकारी सुरेश सिंह कुशवाहा एड व राजकुमार सिंह पटेल एड मौजूद रहे।

  • रासलीला के आठवें दिन वृंदावन के कलाकारों ने सुदामा चरित्र का किया मार्मिक मंचन

    रासलीला के आठवें दिन वृंदावन के कलाकारों ने सुदामा चरित्र का किया मार्मिक मंचन

    द्वारकाधीश की हुई दिव्य आरती , मंचन देख भक्त हुए मंत्रमुग्ध

    सोनभद्र। रासलीला समिति रॉबर्ट्सगंज द्वारा नगर के रामलीला मैदान में आयोजित 11 दिवसीय रासलीला के आठवें दिन कलाकारों ने महारास के साथ भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता का नृत्य के माध्यम से बड़ा ही मार्मिक मंचन किया गया।
    वृंदावन के कलाकारों द्वारा  लीला के अंतर्गत बाल्यकाल में सुदामा जी उज्जैन नगरी स्थित शांति वन गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण के लिए जा रहे थे। रास्ते में उनके पैर में कांटा गड़ गया।इस पर वे दर्द से चीखने चिल्लाने लगे। उसी रास्ते से होकर भगवान श्रीकृष्ण भी गुरुकुल शिक्षा ग्रहण करने जा रहे थे। सुदामा को मुसीबत में देख उन्होंने उनके पांव से कांटा निकाला और जड़ी बूटी लगाई। इस घटना के बाद दोनों मित्र बन गए। गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण के दौरान सुदामा अपना पाठ भूल गए। गुरु द्वारा पूछे जाने के बाद उन्होंने पाठ नहीं सुनाया।इस पर गुरु ने उन्हें जंगल जाकर लकड़ी लाने को कहा। मित्र को मुसीबत में देख भगवान भी अपने याद किए पाठ को भूलने का नाटक कर बैठे। इस पर क्रोधित गुरु ने उन्हें भी सुदामा के साथ जंगल से लकड़ी लाने का आदेश दिया। भूख लगने पर खाने के लिए सुदामा को दो मुट्ठी चने दिए। जंगल में कृष्ण लकड़ियां लाने चले गए। उसी समय सुदामा को भूख लगी और उन्होंने पूरा चना खा लिया। लकड़ी लेकर लौटे कृष्ण ने भूख लगने पर सुदामा से चने मांगे तो सुदामा ने सच सच बता दिया। इस पर भगवान ने उन्हें श्राप दिया कि ‘हक पराया खाय के, यही मिलेगी सीख, हो दरिद्री आज से, दर दर मांगे भीख।’ पढ़ाई पूरी करने के बाद श्रीकृष्ण मथुरा के राजा बन गए और सुदामा भिखारी। फिर एक समय आया कि सुदामा श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचे। देने के लिए कुछ नहीं था तो वे अपने साथ कच्चा चावल ले गए। सुदामा को देख श्रीकृष्ण अति प्रसन्न हुए। उन्होंने सुदामा के लाए चावल खाने शुरू किए। एक मुट्ठी खाकर एक तथा दूसरी मुट्ठी चावल खाकर जब उन्होंने सुदामा को दो लोक का मालिक बना दिया।
    फिर एक समय आया कि सुदामा श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचे। देने के लिए कुछ नहीं था तो वे अपने साथ कच्चा चावल ले गए। सुदामा को देख श्रीकृष्ण अति प्रसन्न हुए। उन्होंने सुदामा के लाए चावल खाने शुरू किए। एक मुट्ठी खाकर एक तथा दूसरी मुट्ठी चावल खाकर जब उन्होंने सुदामा को दो लोक का मालिक बना दिया। जब वे तीसरी मुट्ठी चावल खाने लगे तो वहां खड़ी रुक्मिणी ने उन्हें रोककर कहा कि तीनों लोक सुदामा को दे देंगे तो स्वयं कहां रहेंगे प्रभु। इस पर श्रीकृष्ण ने अपने हाथ रोक लिए और सुदामा को दो लोक का मालिक बना दिया।आठवें दिन के रासलीला का समापन द्वारकाधीश की दिव्य आरती के साथ हुई। इस अवसर पर समति के जितेन्द्र सिंह, रामप्रसाद यादव, मनोज सिंह,रामू मिश्र,सत्येंद्र पांडेय,धर्मेश सिंह खरवार, सचिन गुप्ता, धीरज जालान,अशोक श्रीवास्तव,विजय कानोड़िया,संतोष सिंह चंदेल,कमला कांत पांडेय,मिठाई लाल सोनी,शीतल सोनी,गिरीश पांडेय, ब्रजेश शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।