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  • सुशासन से समृद्धि की ओर: विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला का बजट

    सुशासन से समृद्धि की ओर: विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला का बजट

    *प्रदेश के विकास को नई गति देगा बजट : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए जा रहे राज्य के बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के “सुशासन से समृद्धि” मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।

  • मधुबनी कला की साधिका श्रीमती इंदु मिश्रा को ‘आर्टिस्ट ऑफ द ईयर’ सम्मान

    मधुबनी कला की साधिका श्रीमती इंदु मिश्रा को ‘आर्टिस्ट ऑफ द ईयर’ सम्मान

    राँची। भारतीय लोक कला की समृद्ध परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाली प्रख्यात मधुबनी कलाकार श्रीमती इंदु मिश्रा को मधुबनी पेंटिंग श्रेणी में ‘आर्टिस्ट ऑफ द ईयर’ सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान Adreneur Consultancy Services द्वारा प्रदान किया गया। यह उपलब्धि उनके समर्पण, साधना और भारतीय लोक कला के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है। इस अवसर पर श्रीमती इंदु मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए विनम्रता और गर्व का क्षण है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, बच्चों, मित्रों एवं शुभचिंतकों के निरंतर सहयोग एवं प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने कहा, “कला भले ही एक एकाकी यात्रा प्रतीत होती हो, पर मैंने यह सफर कभी अकेले तय नहीं किया। मेरी हर कूची की रेखा के पीछे मेरे अपनों का प्रेम और विश्वास है।”

    विशेष रूप से उन्होंने यह सम्मान पूर्व क्रिकेट दिग्गज Chetan Sharma के हाथों प्राप्त करने को गौरवपूर्ण क्षण बताया, जिन्होंने विश्व कप में भारत की पहली हैट्रिक लेकर इतिहास रचा था।

    श्रीमती इंदु मिश्रा की कला यात्रा वर्ष 2013 में एक स्वाभाविक रुचि के साथ शुरू हुई। स्वशिक्षित कलाकार के रूप में उन्होंने मधुबनी की पारंपरिक शैली को आत्मसात करते हुए उसे आधुनिक संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। मिथिला की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित उनकी कलाकृतियाँ सूक्ष्म रेखांकन, लयात्मक संरचना, प्रतीकात्मक कथात्मकता और जीवंत रंगों के लिए जानी जाती हैं। श्रीमती इंदु मिश्रा देश-विदेश में 40 से अधिक एकल एवं समूह प्रदर्शनियों में भाग ले चुकी हैं। उनकी एकल प्रदर्शनियाँ Lalit Kala Akademi (नई दिल्ली), Indira Gandhi National Centre for the Arts तथा India Habitat Centre जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त उनकी कलाकृतियाँ National Crafts Museum & Hastkala Academy, Nehru Centre तथा जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय कला मेलों सहित अनेक प्रमुख मंचों पर प्रदर्शित हो चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित इंडिया आर्ट फेस्टिवल में भारतीय लोक कला का प्रतिनिधित्व कर मधुबनी की वैश्विक पहचान को सशक्त किया।

    वर्ष 2019 में उन्हें मधुबनी कला के प्रचार-प्रसार के लिए ‘अग्निपथ कला रत्न सम्मान’ से नवाजा गया। वर्ष 2023 में Prabhat Khabar द्वारा ‘अपराजिता कला सम्मान’ प्रदान किया गया। उनकी उपलब्धियों को ‘इन्फ्लुएंशियल इंडियंस’ कॉफी टेबल बुक 2023 में भी स्थान मिला है। उनकी कलाकृतियाँ प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक Prakash Jha तथा Prakash Pai सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों के निजी संग्रह में शामिल हैं। साथ ही Bank of India, Jharkhand High Court, Hindustan Petroleum Corporation Limited, Central Reserve Police Force तथा Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी उनकी कृतियाँ सुशोभित हैं। श्रीमती इंदु मिश्रा की कला केवल चित्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति है। ‘आर्टिस्ट ऑफ द ईयर’ सम्मान उनकी वर्षों की तपस्या, संघर्ष और रचनात्मक साधना का प्रमाण है। अपने समर्पण और सृजनात्मक ऊर्जा के साथ इंदु मिश्रा मधुबनी कला की इस अमूल्य विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

  • गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता – धर्मपाल सिंह

    गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता – धर्मपाल सिंह

    प्रदेश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले 112 दुग्ध उत्पादक पुरस्कृत*

    63 दुग्ध उत्पादकों को गोकुल पुरस्कार से किया गया सम्मानित*

    *49 दुग्ध उत्पादकों को मिला नंदबाबा पुरस्कार*

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज यहां इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम गोधन समागम-2026 में वर्ष 2024-25 के प्रदेश के सर्वाधिक दुग्ध आपूर्तिकर्ता 63 दुग्ध उत्पादकों को गोकुल पुरस्कार और गाय के सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले 49 दुग्ध उत्पादकों को नन्दबाबा पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कृत सभी 112 दुग्ध उत्पादकों को प्रतीक चिन्ह, पुरस्कार स्वरूप धनराशि, प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही निराश्रित गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 05 जनपदों हरदोई, अलीगढ़, अमरोहा, जालौन तथा रायबरेली के जिलाधिकारियों, सीडीओ एवं सीवीओ को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में गोकुल पुरस्कार के अंतर्गत लखनऊ दुग्ध संघ के लखीमपुर-खीरी जनपद निवासी एवं वेलवा मोती समिति के वरूण सिंह को 1,81,272.00 ली0 दुग्ध आपूर्ति हेतु राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार और फिरोजाबाद दुग्ध संघ के जनपद आगरा की दुग्ध समिति ठेरई के श्री वीरेन्द्र सिंह को 1,10,693.50 ली0 दुग्ध आपूर्ति हेतु द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इन दोनों दुग्ध उत्पादकों को क्रमशः 02 लाख रुपये एवं 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि तथा शेष अन्य चयनित लाभार्थियों को जनपद स्तरीय पुरस्कार के तहत 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार नंदबाबा पुरस्कार के तहत मुरादाबाद दुग्ध संघ के जनपद रामपुर की दुग्ध समिति हमीरपुर के लाभार्थी अरूण कुमार को 19,066.00 ली0 दुग्ध आपूर्ति हेतु राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित करते हुए पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। इनके अलावा नन्दबाबा जनपद स्तरीय पुरस्कार के तहत अन्य लाभार्थियों को 21 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर श्री सिंह ने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि पुरस्कृत 112 दुग्ध उत्पादकों में से 25 महिला लाभार्थी है, जो दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओ की भागीदारी का एक सशक्त उदाहरण है।  उ०प्र० दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति 2022 प्रदेश में दुग्ध उद्योग के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रख्यापित की गयी है। दुग्ध नीति 2022 के अन्तर्गत राज्य में 550 करोड़ का निवेश हुआ है, जिससे प्रतिदिन 39.00 लाख लीटर दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि हुई तथा लगभग 1500 रोजगार का सृजन हुआ। दुग्ध नीति अन्तर्गत 35 प्रतिशत अधिकतम रू0 5.00 करोड़ की सीमा तक पूँजीगत अनुदान प्रदान किया जाता है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये रु0 25.00 करोड का प्राविधान सरकार द्वारा बजट में किया गया है। 

    नन्द बाबा दुग्ध मिशन लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 के द्वारा 5 वर्षों में रु0 1000.00 करोड़ की लागत से प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने हेतु स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिये नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 10,000 पशुपालकों को लाभान्वित किया गया है। 6,121 राजस्व ग्रामों में प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियों गठित कर 2,44,840 दुग्ध उत्पादकों को उनके गांव में ही दूध के उचित मूल्य पर विक्रय की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये रु0 276.55 करोड़ की वित्तीय सहायता से नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजनान्तर्गत 8,000 पशुपालक लाभान्वित होने के साथ-साथ 1750 राजस्व ग्रामों में प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियाँ बनायी जायेगी, जिससे लगभग 70,000 दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होगें।

    कार्यक्रम में मुकेश कुमार मेश्राम, अपर मुख्य सचिव, पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग, उ0प्र0शासन द्वारा गोधन समागम-2026 की महत्ता पर चर्चा एवं वर्तमान परिदृश्य में भारतीय स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण दिये गये। कार्यक्रम में वैभव श्रीवास्तव, प्रबन्ध निदेशक, पी0सी0डी0एफ0लि0, राम सहाय यादव, विशेष सचिव, दुग्ध विकास विभाग, डा0 मेम पाल सिंह, निदेशक प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग, डा0 राम सागर, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी एवं श्री ए0पी0सिंह, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी द्वारा अपने बहुमूल्य विचार साझा किये गये। गोधन समागम-2026 में लगभग 1000 किसान तथा प्रदेश के सभी जनपदों में वेब कॉस्टिंग के माध्यम से लाखों किसान व आम जनमानस यूट्यूब के माध्यम से सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में इन्द्रभूषण सिंह, दुग्धशाला विकास अधिकारी, आशीष कुमार श्रीवास्तव, दुग्धशाला विकास अधिकारी, शैलेन्द्र कुमार वर्मा, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी, अरविन्द कुमार यादव, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी, विवेक कुमार कुशवाहा, व रूपेश मिश्रा की महती भूमिका रही।

  • लखनऊ में 24 फरवरी से विशेष प्रदर्शनी, डाक टिकटों से जानिए जनगणना की कहानी

    लखनऊ में 24 फरवरी से विशेष प्रदर्शनी, डाक टिकटों से जानिए जनगणना की कहानी

    *राजकीय अभिलेखागार में लगेगी ‘गिनती में आओ’ प्रदर्शनी, 28 फरवरी तक होगा खास आयोजन*

    *डाक विभाग की भूमिका पर रोशनी डालेगी ‘गिनती में आओ’ प्रदर्शनी, इतिहास प्रेमियों के लिए सुनहरा अवसर*

    *डाक अभिलेखों के जरिए सामने आएगा जनगणना का अनोखा सफर: जयवीर सिंह*

    *नई पीढ़ी को जनगणना का इतिहास जानने का मिलेगा मौका: जयवीर सिंह*

    *लखनऊ, /उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार की ओर से एक खास प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी का विषय ‘गिनती में आओ: भारत में जनगणना का डाक इतिहास’ है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा छात्र, शोधार्थी और आम लोग इन ऐतिहासिक दस्तावेजों से जुड़ें और देश के इतिहास को बेहतर तरीके से समझें।

    यह प्रदर्शनी 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे शुरू होगी, जिसका उद्घाटन शीतल वर्मा (निदेशक, जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण) करेंगी। प्रदर्शनी 28 फरवरी तक राजधानी लखनऊ के महानगर विस्तार स्थित शहीद स्मारक भवन में लगेगी। यह प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक सभी लोगों के लिए खुली रहेगी।इस प्रदर्शनी की खास बात यह है कि इसमें डाक टिकटों, पोस्टमार्क, पुराने पत्रों और अन्य डाक रिकॉर्ड के जरिए भारत की जनगणना की कहानी दिखाई जाएगी। आमतौर पर लोग जनगणना को सिर्फ आंकड़ों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन यहां बताया जाएगा कि इसमें डाक विभाग की कितनी अहम भूमिका रही है। आजादी के बाद जनगणना से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने, प्रशिक्षण सामग्री भेजने और सरकारी संवाद में डाक विभाग ने बड़ा योगदान दिया।इस आयोजन पर अपने विचार प्रकट करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि जनगणना सिर्फ आंकड़ों का काम नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की बुनियाद है और डाक टिकटों एवं पुराने अभिलेखों के माध्यम से जनगणना के इतिहास को समझने का यह एक अनोखा प्रयास है। इससे नई पीढ़ी को यह जानने का मौका मिलेगा कि देश में जनगणना कैसे की जाती थी और इसमें डाक विभाग की क्या अहम भूमिका रही।इस प्रदर्शनी का संयोजन अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. विकास कुमार ने किया है। यह प्रदर्शनी खास तौर पर विद्यार्थियों, रिसर्च करने वालों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी। और अभिलेखीय स्रोतों के माध्यम से आधुनिक भारत को समझने की नई संभावनाएं प्रदान करेगी।

  • अपर जिलाधिकारी ने किया कर-करेत्तर की मासिक समीक्षा बैठक, राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश

    अपर जिलाधिकारी ने किया कर-करेत्तर की मासिक समीक्षा बैठक, राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश

    *तहसीलों में पांच वर्ष या उससे अधिक समय के लंबित मामलों को प्राथमिकता से करें निस्तारण*

    चंदौली/ अपर जिलाधिकारी (वित्त राजस्व) राजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर, करेत्तर, राजस्व संग्रह और प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए।

    अपर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को लंबित न्याययिक वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिये।  बैठक में मंडी, आबकारी, परिवहन और खनन, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की वसूली और प्रवर्तन कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें, ताकि सरकारी राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित हो। राजस्व में गिरावट पर सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित होगी। पीएम आवास (शहरी) की समीक्षा में अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने और निर्माण कार्य शुरू न करने वालों से वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    अपर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी को न्यायालयों में लंबित वादों के शीघ्र निपटारे पर भी बल दिया ताकि मामलों में अनावश्यक देरी न हो और न्याय प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। अपर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों में कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करें और डाटा फीडिंग जैसे तकनीकी कार्यों की निगरानी स्वयं करें। इससे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।  बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी न्याययिक रतन वर्मा, उप निदेशक कृषि भीमसेन, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक सम्भागीय अधिकारी सर्वेश गौतम, डिप्टी आरएमओ राधवेंद्र सिंह, उपायुक्त उद्योग, मंडी सचिव, नगर पालिका/ नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी गण उपस्थित रहे।

  • जनकल्याणकारी नीतियों से मजबूत हो रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    जनकल्याणकारी नीतियों से मजबूत हो रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *समृद्ध किसान, मजबूत उद्योग और बढ़ता सेवा क्षेत्र: विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम*

    रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रदेश की मजबूत, संतुलित और विकासोन्मुख अर्थव्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, किसानों के हित में लिए गए निर्णयों, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने तथा सेवा क्षेत्र के विस्तार के कारण छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भावों पर बढ़कर लगभग 6 लाख 31 हजार 291 करोड़ रुपये अनुमानित है, जिसकी वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में विकास के सभी प्रमुख क्षेत्र समान रूप से प्रगति कर रहे हैं।

    *कृषि क्षेत्र में मजबूत वृद्धि:किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है, जो किसानों की मेहनत, तकनीकी नवाचार, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और समृद्ध किसान ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    *औद्योगिक क्षेत्र में तेजी: निवेश और रोजगार के नए अवसर*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश की औद्योगिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग का योगदान लगभग 49 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश, अधोसंरचना विकास और रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक संरचना और अधिक मजबूत हो रही है।

    *सेवा क्षेत्र बना नई अर्थव्यवस्था का आधार*

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आईटी एवं डिजिटल सेवाओं में विस्तार के कारण युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

    *प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि — प्रदेशवासियों की समृद्धि का संकेत*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर लगभग 1.79 लाख रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.07 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेशवासियों की बढ़ती आय, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का सकारात्मक परिणाम है।

    *हर परिवार की समृद्धि हमारा लक्ष्य*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार की आय बढ़े, जीवन स्तर बेहतर हो और समृद्धि हर घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त एवं खुशहाल बने। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान और मजबूत करेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

  • संत गाडगे बाबा ने दिया स्वच्छता ही सच्ची पूजा का संदेश – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    संत गाडगे बाबा ने दिया स्वच्छता ही सच्ची पूजा का संदेश – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *मुख्यमंत्री राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल*

    रायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी ऐसे महान संत का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन और कर्मों से समाज को स्वच्छता, सेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत गाडगे बाबा ने “स्वच्छता ही सच्ची पूजा” का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत गाडगे बाबा की स्वच्छता की प्रेरणा से उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान का स्मरण हो गया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2014 को लाल किले से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की और आज स्वच्छता जनआंदोलन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह संत गाडगे बाबा के विचारों का ही प्रभाव है कि देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता आई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी माताओं-बहनों को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। देशभर में शौचालयों के निर्माण से उनकी गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएँ शुरू की गईं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी पहलें शामिल हैं। आज सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त कर नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सफल और संस्कारित जीवन जीने की आधारशिला है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे बाबा के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उनकी आरती एवं स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों और समाज के उत्कृष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।कार्यक्रम को विधायक सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू तथा पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संत गाडगे बाबा के वंशज भी मंच पर उपस्थित थे।कार्यक्रम में तुलसी कौशिक, घनश्याम चौधरी, श्रीमती रजनी रजक, विनय निर्मलकर सहित छत्तीसगढ़ रजक समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • लाल आतंक का अंधेरा छंटा, नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने ‘गोगुंडा’ में पहली बार जला बल्ब

    लाल आतंक का अंधेरा छंटा, नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने ‘गोगुंडा’ में पहली बार जला बल्ब

    *गोगुंडा की पहाड़ियों पर आजादी के 78 वर्ष बाद पहुँची बिजली, ग्रामीणों में हर्ष का माहौल*

    रायपुर/ सुकमा की दुर्गम वादियों में करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर बसा गोगुंडा गांव आज सिर्फ रोशनी से नहीं, बल्कि उम्मीदों से जगमगा उठा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में आजादी के 78 साल बाद, इस पहाड़ी गांव ने पहली बार बिजली के बल्ब की रोशनी देखी है। यह केवल एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि उन चार दशकों के काले साये की हार है, जिसने इस गांव को विकास की मुख्यधारा से काट रखा था। कल तक जो गांव सूरज ढलते ही घने जंगलों और नक्सलियों के खौफ के सन्नाटे में डूब जाता था, वहां अब बच्चों की पढ़ाई और खुशियों की गूंज सुनाई दे रही है। ढिबरी (मिट्टी के तेल का दीया) और टॉर्च के सहारे जीवन काटने वाले ग्रामीणों के चेहरे अब अंधेरा ढलने के बाद भी बल्ब की दूधिया रौशनी में चमक रहे है। बिजली ने ग्रामीणों में जीवन के प्रति उत्साह की ऊर्जा भर दी है।गांव के बुजुर्ग माड़वी सुक्का ने कांपती आवाज में कहा कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अपने जीते जी गांव में बिजली देख पाएंगे। आज पहली बार महसूस हो रहा है कि हमारा गांव भी देश के नक्शे पर मौजूद है।

    यह ऐतिहासिक बदलाव रातों-रात नहीं आया। इसके पीछे सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का वह अटूट संकल्प है, जिसने मौत के साये को मात दी। सीआरपीएफ और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से कैंप स्थापित हुआ, जिससे नक्सलियों का ‘सुरक्षित किला’ ढह गया। जहां पहले 5 घंटे पैदल पहाड़ चढ़ना पड़ता था, वहां अब विकास की गाड़ियां पहुंच रही हैं। कैंप बनते ही कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में स्कूल, आंगनबाड़ी और राशन दुकान जैसी बुनियादी सुविधाएं युद्ध स्तर पर शुरू की गईं।कलेक्टरने बताया कि गोगुंडा में बिजली पहुंचना सामाजिक और आर्थिक बदलाव की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य जिले के अंतिम छोर तक बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाना है। सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। गोगुंडा अब सुरक्षित है और यहाँ जल्द ही पुल-पुलियों का जाल बिछेगा। कमांडेंट 74वीं बटालियन श्री हिमांशु पांडे ने बताया कि नक्सली दंश के कारण यह गांव दशकों पीछे था। कैंप की स्थापना के बाद मिली यह बिजली क्षेत्र में शांति और प्रगति का नया अध्याय लिखेगी। गोगुंडा की यह रोशनी बस्तर के बदलते स्वरूप की कहानी कह रही है। यह कहानी है उस अदम्य साहस की, जिसने पहाड़ों का सीना चीरकर बिजली के खंभे गाड़े और उन ग्रामीणों की, जिन्होंने दशकों बाद लोकतंत्र पर अपना अटूट विश्वास जताया। अब गोगुंडा का अंधेरा स्थायी रूप से छंट चुका है और अब वहां सिर्फ भविष्य की चमक है।

  • होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग: लखपति दीदी बनने की नई उड़ान

    होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग: लखपति दीदी बनने की नई उड़ान

    रू 5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

    होली समूहो के बने गुलाल से खिलेंगे सभी के चेहरे

    लखनऊ: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशो के क्रम मे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को बढ़ावा देने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित किया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर रू 5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति Google Sheet पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की दीदियां प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर भी तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलास के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूरी तरह केमिकल-फ्री है तथा त्वचा को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता।  SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह हर्बल गुलाल पूर्णतः सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे SHG दीदियां आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति बनने की ओर अग्रसर हो रही हैं।

    मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजी मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को मजबूत करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाएगा।

  • छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन की अध्यक्षता में फिल्म पॉलिसी पर बैठक

    छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन की अध्यक्षता में फिल्म पॉलिसी पर बैठक

     सब्सिडी व फिल्म सिटी पर फोकस

    रायपुर। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन की अध्यक्षता में आज फिल्म पॉलिसी को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य राज्य की फिल्म नीति के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देना तथा फिल्म उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना था। बैठक में हिंदी फिल्मों, क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों एवं ओटीटी फिल्मों सहित सभी श्रेणियों के लिए उपलब्ध सब्सिडी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सिनेमा घरों के निर्माण पर मिलने वाली सब्सिडी, फिल्म शूटिंग उपकरणों की खरीदी पर अनुदान तथा सिनेमा घरों के मरम्मत कार्यों पर उपलब्ध वित्तीय सहायता के विषय में भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।

    संस्कृति विभाग के निदेशक एवं टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड, आवेदन की समय-सीमा तथा आवश्यक औपचारिकताओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार लाभ प्रदान किया जाएगा।

    बैठक के दौरान उपस्थित निर्माताओं एवं फिल्मकारों ने जमीनी स्तर पर आ रही व्यावहारिक समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। इन मुद्दों पर सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने कहा कि पहली बार फिल्म पॉलिसी पर इस प्रकार विस्तृत और पारदर्शी संवाद आयोजित किया गया है, जिससे फिल्म उद्योग जगत में विश्वास और उत्साह का वातावरण बना है। विवेक आचार्य ने राज्य में विकसित की जा रही फिल्म सिटी की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में फिल्म टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में राज्य फिल्म निर्माण और फिल्म पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। बैठक में प्रेमचंद्राकर, भूपेंद्र साहू, मोहित साहू, अनुज शर्मा, मोहन सुंदरानी, लखी सुंदरानी, मनोज वर्मा, राज वर्मा, सतीश जैन, श्री रॉकी दसवानी, अनुपम वर्मा, श्रीमती गायत्री केशरवानी, संतोष जैन, अनुमोद राजवैद्य, प्रकाश अवस्थी, अरिहंत फिल्म्स, श्री गजेंद्र श्रीवास्तव, चकोर फिल्म्स, राजन दादा, अलख राय, मनीष मानिकपुरी एवं अशोक तिवारी सहित अनेक फिल्म निर्माता एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ। सभी हितधारकों ने राज्य में फिल्म उद्योग के समग्र विकास के लिए निरंतर सहयोग और समन्वय के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।