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  • जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने नए साल के पहले ही दिन उप मुख्यमंत्री अरुण साव उतरे फील्ड पर

    रायपुर. । उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देने आज नए साल के पहले ही दिन फील्ड पर उतरे। वे आज राजधानी रायपुर से करीब 75 किलोमीटर दूर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना का काम देखने पहुंचे। उन्होंने दामाखेड़ा के पास ग्राम तोरा में शिवनाथ नदी के चक्रवाय एनीकट पर योजना के लिए तैयार हो रहे इंटेकवेल और ग्राम किरवई में निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों कार्यों के निर्माण में तेजी लाते हुए समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा भी इस दौरान मौजूद थे।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज योजना के इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्यों का बारिकी से निरीक्षण किया। उन्होंने किरवई में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की ड्राइंग-डिजाइन देखकर जल शोधन की प्रक्रिया समझी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से निर्माण कार्यों में उपयोग हो रहे सामग्रियों एवं निर्माण की गुणवत्ता की टेस्टिंग के बारे में पूछा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को दोनों साइट्स का नियमित भ्रमण कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साव ने निर्माण एजेंसी से कहा कि इस पूरे क्षेत्र में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति के लिए यह एक बड़ी और महत्वपूर्ण योजना है। इससे 50 गांवों को पेयजल मिलेगा। इसके सभी घटकों का काम अच्छा होना चाहिए। उन्होंने पाइपलाइन बिछाने और गांवों में टंकी निर्माण के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली।

    *करीब 75 करोड़ की योजना, 15 हजार परिवार होंगे लाभान्वित*

    अगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना से सिमगा विकासखंड के 50 गांवों के 15 हजार से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। शिवनाथ नदी पर तोरा गांव में बने चक्रवाय एनीकट से पानी लेकर गांव-गांव में निर्मित पानी टंकियों के माध्यम से हर घर में नल से जल की आपूर्ति की जाएगी। करीब 75 करोड़ रुपए लागत की इस योजना का 40 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। योजना का काम इस साल जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। 

    *पानी टंकी पर चढ़कर गुणवत्ता देखी, महिलाओं से जलापूर्ति का लिया फीडबैक*

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के सड्डू में सिंगल-विलेज जल प्रदाय योजना का भी अवलोकन किया। उन्होंने पानी टंकी पर चढ़कर निर्माण की गुणवत्ता देखी। उन्होंने गांव के घरों में जाकर नल से आ रही पानी की धार भी देखी। साव ने सरपंच, पंचों, अन्य ग्रामीणों और महिलाओं से चर्चा कर जलापूर्ति के संबंध में फीडबैक भी लिया। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह-शाम दोनों समय नल से पर्याप्त पानी आ रहा है। सड्डू में पूर्व से ही संचालित नल जल योजना के तहत 212 घरों में नल कनेक्शन दिए गए थे। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में दूसरी पानी टंकी के निर्माण के बाद 292 और घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। दोनों को मिलाकर अब गांव में 504 नल कनेक्शन हो गए हैं। टंकियों को भरने के लिए यहां दो जलस्रोत स्थापित हैं। 

    उप मुख्यमंत्री साव ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान कहा कि घर-घर लगे नल, गांव में स्थापित पानी की टंकियां और जलस्रोत आपके ही हैं। आप लोगों को ही इनका इस्तेमाल, संधारण, रखरखाव और सुरक्षा करनी है। योजना पूर्ण हो जाने के बाद नल जल योजना का संचालन भी ग्राम पंचायतों को ही करना है। साव के अगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज योजना और सड्डू सिंगल-विलेज योजना के निरीक्षण के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, रायपुर के मुख्य अभियंता श्री राजेश गुप्ता और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

  • आयुष्मान योजना कक्ष का विस्तार,आईपीडी मरीजों  के लिए अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं,फीडबैक के लिए लगाई गयी सुझाव पेटी

    रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर शासकीय अस्पतालों में आम नागरिकों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नए वर्ष की शुरूआत में ही चिकित्सा सुविधाओं की सभी लोगों को सुगम एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, यह प्रयास किया जा रहा है। स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की सुविधा हेतु सभी तलों (फ़्लोर )में कक्ष का शुभारंभ 1 जनवरी 2025 को किया गया है।  वित्त मंत्री और रायगढ़ के स्थानीय विधायक ओ. पी. चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम उपलब्धता हेतु किया जा रहे इस पहल का स्वागत किया है।

    मेडिकल कालेज रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ. विनित कु‌मार जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के अनुसार इस सुविधा विस्तार से भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी।इससे अनावश्यक भीड़ एवं कतार का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की बचत होगी।  पूर्व में यह सुविधा सिर्फ एमआरडी के रजिस्ट्रेशन ओपीडी काऊंटर के समीप ही उपलब्ध थी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम के मिंज के अनुसार आयुष्मान योजना कक्ष के विस्तार के साथ ही चिकित्सालय में अब ओपीडी , आईपीडी मरीज़ के जाँच के लिये अलग से जाँच पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं।  सभी जांच पूर्णतः निःशुल्क है।  ओपीडी की 10 रुपये की पंजीयन पर्ची एवं आईपीडी मरीज के लिये 85 रुपये की पर्ची के अलावा अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं।  इसके संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है। 

    इसके साथ ही एक नई पहल करते हुए चिकित्सालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी (बॉक्स) की व्यवस्था की गई है । साथ ही वार्ड में भर्ती मरीज के इलाज के सम्बन्ध में प्रतिदिन  चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता  और व्यावसायिक सलाहकार द्वारा  फीडबैक लिया जा रहा है। सुझाव एवं शिकायत पेटी में प्राप्त पत्र एवं फीडबैक को अस्पताल प्रबंधन द्वारा समिति में रख कर उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

  • ग्रीन जीडीपी के लिए पारिस्थितिकी तंत्र का मूल्यांकन शुरू करने वाला छत्तीसगढ़ बना देश का पहला राज्य

    रायपुर, / वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल शुरू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।  इस पहल  के द्वारा पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के व्यापक मूल्य को मापकर छत्तीसगढ़ के सतत विकास में रेखांकित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विज़न और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप विज़न डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है, जिसमें वन विभाग द्वारा संचालित पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन की अवधारणा सम्मिलित की गई है। यह समग्र दृष्टिकोण राज्य में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित हो सके। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन न केवल बजटीय योजना को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा, बल्कि भविष्य की रणनीतियों को दिशा प्रदान करेगा, धन आवंटन को अधिक प्रभावी बनाएगा और वानिकी विकास के प्रयासों को सशक्त करेगा। यह प्रक्रिया सतत विकास और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य मे संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम ने स्थानीय समुदायों को और अधिक सशक्त बनाया है। गुरु घासीदास, कांगेर घाटी और इंद्रावती जैसे राष्ट्रीय उद्यानों के साथ, छत्तीसगढ़ में प्रकृति आधारित पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं हैं। स्थानीय निवासियों को जंगल सफारी, नेचर ट्रेल्स और इको-कैंपिंग जैसी सुविधाओं के प्रबंधन में सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है, जिससे न केवल सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी सशक्त किया गया है। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत आधार हैं और लाखों लोगों की आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये वन विभिन्न प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान करते हैं। वनों से प्राप्त होने वाले अन्य महत्वपूर्ण अमूर्त लाभ अक्सर उपेक्षित रहते हैं और उनका उचित मूल्यांकन नहीं हो पाता। इनमें जलवायु संतुलन बनाए रखने के लिए कार्बन अवशोषण, कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परागण, पोषक तत्वों का चक्रण, मृदा उर्वरता में सुधार और जैव विविधता संरक्षण जैसी सेवाएं शामिल हैं। वनों का बाढ़ और रोग नियंत्रण, जल प्रवाह का प्रबंधन और वेक्टर जनित रोगों के जोखिम को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका है। 

    इसके अतिरिक्त, वनों से जल पुनर्भरण और शुद्धिकरण होता है, शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर वायु गुणवत्ता में सुधार होता है, और सुंदर प्राकृतिक दृश्य तथा जैव विविधता-समृद्ध क्षेत्रों के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ भावनात्मक संतुष्टि भी प्रदान होती है। इन वनों का गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व भी है, क्योंकि पवित्र स्थलों और देवगुड़ी जैसे क्षेत्रों के माध्यम से ये आदिवासी विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के वन अनेक नदियों का उद्गम स्थल हैं, जो सतत जल प्रवाह, जलग्रहण क्षेत्र संरक्षण और कृषि तथा आजीविका के लिए आवश्यक जैविक पदार्थ से मृदा को समृद्ध करने में सहायक हैं। इन प्रत्यक्ष लाभों का राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ता है। ये सभी लाभ ग्रामीण उद्योगों और आजीविका को प्रोत्साहित करते हैं और राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

  • पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 18 चिकित्सा शिक्षकों का संविदा नियुक्ति आदेश जारी

    रायपुर /छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के उद्देश्य से पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए एक साथ 18 चिकित्सा शिक्षकों की संविदा नियुक्ति की गई है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज रायपुर में पहली बार एक साथ इतने संविदा चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।  डॉ. रूमी कुमार, सहायक प्राध्यापक प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, डॉ. हर्षिता भाटिया सहायक प्राध्यापक रेडिएशन अंकोलॉजी, डॉ. कमलकांत साहू, सहायक प्राध्यापक फॉरेंसिक मेडिसीन, डॉ. स्निग्धा कुमारी सहायक प्राध्यापक (कार्डियक निश्चेतना) सीटीव्हीएस विभाग, डॉ. रचना रिची पांडेय सहायक प्राध्यापक (अंकोनिश्चेतना) रेडियोथेरेपी विभाग, डॉ. अविनाश बंजारे (अंकोनिश्चेतना) रेडियोथेरेपी विभग, डॉ. श्रूती तूरकर सहायक प्राध्यापक (एनेस्थिसिया) क्रिटिकल केयर, डॉ. संध्या वर्मा सीनियर रेसीडेंट पैथोलॉजी, डॉ. रेबिना यादव सीनियर रेसीडेंट पैथोलॉजी विभाग, डॉ. प्रिंशी चौधरी सीनियर रेसीडेंट नेत्र रोग, डॉ. पियूषी साव सीनियर रेसीडेंट नेत्र रोग, डॉ. सुरभि चौबे सीनियर रेसीडेंट ईएनटी, डॉ. पारूल राठी सीनियर रेसीडेंट ईएनटी, डॉ. शुभांगन मिश्रा सीनियर रेसीडेंट प्रसूति एवं स्त्री रोग, डॉ. नील पसरीजा सीनियर रेसीडेंट अस्थि रोग, विनय मिश्रा रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स, अनजुम मिश्रा रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स, अनुराग संचय कालकुलेवर रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स की चिकित्सा शिक्षक के रूप में संविदा नियुक्ति की गई है।

    स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर कार्डयो वैस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी विभाग में बाईपास सर्जरी प्रारंभ करने हेतु  3 परफ्युजनिस्ट एवं 3 फिजिशियन असिस्टेंट की संविदा आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में 57 वार्ड ब्वाय एवं 17 स्वीपर सहित कुल 74 सफाई कर्मियों की नियुक्ति भी की गयी है। 

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राज्य में गुणवत्तायुक्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार पहल कर रहे हैं। इसके साथ ही मरीज एवं उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री साय संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रहे हैं। इन निर्णयों से अस्पताल में सुरक्षा की स्थिति मजबूत होने के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी एवं चिकित्सा छात्रों के पठन-पाठन में सुधार भी देखा जा रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर मेडिकल कालेज एवं चिकित्सालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढीकरण हेतु 12 गार्ड एवं 10  गनमैन की भी तैनाती की गई है। 

    उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज और अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शीघ्र ही बंदूकधारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की बात कही थी।

  • जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने गंगा पूजन,भूमि पूजन व धर्म ध्वजारोहण कर किया माघ मेला कल्पवास का शुभारम्भ

    भदोही । काशी-विन्ध्य-प्रयाग के महा संगम स्थल महातीर्थ सेमराधनाथ धाम में कल्पवास के 30वें वर्ष के परम पुनीत अवसर पर श्री कल्पवास मकर माघ मेला का सपरिवार जिलाधिकारी विशाल सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 मीनाक्षी कात्यायन ने मॉ गंगा का पूजा अर्चना कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन एवं धर्म ध्वजा पताका स्थापित कर प्रतीकात्मक शुभारम्भ किया।

    सर्वप्रथम जिलाधिकारी विशाल सिंह ने सपत्नीक व पुलिस अधीक्षक डॉ0 मीनाक्षी कात्यायन ने बाबा सेमराधनाथ धाम में भगवान शिव पर जलाभिषेक कर भदोहीवासियों के सर्व कल्याण हेतु कामना किया। तत्पश्चात् नव वर्ष पर दर्शन पूजन करने आए दर्शनार्थियों को नूतन वर्ष की मंगलकामनाएं देते हुए आत्मीय भाव से उनका कुशल क्षेम पूछा। काशी-विन्ध्य-प्रयाग के महासंगम स्थल महातीर्थ सेमराधनाथ धाम में कल्पवास के 30वें वर्ष के परम पुनीत अवसर पर गंगा तट पर मॉ गंगा का निर्मल एवं अविरल सतत् धारा हेतु वैदिक मंत्रोच्चार द्वारा पूजन अर्चना किया। उन्होने माघ मेला कल्पवास के प्रतीक स्वरूप मॉ गंगा तट पर धर्म ध्वजारोहण कर भारतीय सनातन धर्म एवं आस्था का प्रतीकात्मक शुभारम्भ किया।


    इस अवसर पर दर्शन पूजन उपरान्त जिलाधिकारी विशाल सिंह, पत्नी डॉ दिव्या सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 मीनाक्षी कात्यायन ने गुरू मंहत की प्रतिमा पर माल्यापर्ण करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होने कहा कि नूतन वर्ष 2025 का आज प्रथम दिवस है, सम्मानित जनता जनार्दन, विद्वतजनों के साथ इस पुनीत कार्यक्रम में सहभागिता कर मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूॅ। जनपद के लिए यह गर्व की बात है कि गंगा तट पर विगत 30 वर्षाे से माघ मेलें में कल्पवास का आयोजन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने श्री कल्पवास मकर माघ मेला की भव्यता को देखकर इसे प्रस्ताव बनाकर प्रान्ति मेला घोषित करने हेतु प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का आश्वासन दिया। साथ ही धर्मार्थ कार्य विभाग या पर्यटन विभाग द्वारा यहॉ पर गेस्ट हाउस निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। पूरे मन्दिर व मेला क्षेत्र में शौचालय, पेयजल व अस्पताल की उपलब्धता पर जोर दिया।


    उन्होनें कहा कि इस कल्पवास माघ मेलें को सकुशला के साथ सम्पन्न कराने के लिए शासन प्रशासन के साथ लगातार बैठक कर धरातलीय कार्य किया जा रहा है। आगामी 13 जनवरी 2025 से शुरू हो रहे कल्पवास माघ मेलें में श्रद्धालुओं के सुविधा के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क मार्ग के लिए चकर्ड प्लेट, बिजली विभाग द्वारा प्रकाश की सुचारू व्यवस्था, साफ-सफाई, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, साउण्ड व्यवस्था, जिला पंचायत विभाग के द्वारा मेले परिसर में टेंट, शौचालय, बैरिकेटिग, वन विभाग द्वारा अलाव हेतु लकड़ी की व्यवस्था, शान्ति एवं सुरक्षा हेतु पुलिस प्रशासन, यातायात पुलिस सहित सम्बन्धित सभी विभागो के आपसी समन्वय से तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। उन्होनें तीर्थ स्थल का भ्रमण कर वहॉ की नैसर्गिक वातावरण में लगे कल्पवृक्ष, वंशी वृक्ष, सिंदूर वृक्ष, कमल सरोवर आदि का अवलोकन करते हुए, लोगो को पेड़ पौधों एवं पर्यावरण की महत्वा पर प्रकाश डालते हुए जागरूक किया। चिकित्सा अधीक्षक डीघ के नेतृत्व में डीएम, एसपी ने टीबी मरीजों को पोषण पोटली प्रदान कर उनके सुखद व उत्तम स्वास्थ्य की कामना किया।


    पुलिस अधीक्षक डॉ0 मीनाक्षी कात्यायन ने पूरे कल्पवास मेले क्षेत्र का भ्रमण कर शान्ति व कानून व्यवस्था के दृष्टिगत जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि पर्याप्त पुलिस व्यवस्था में सकुशल मेला सम्पन्न होगा। गंगा नदी के दृष्टिगत जल पुलिस व गोताखोरो की भी तैनाती की गयी है।


    आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ दिव्या सिंह ने कार्यक्रम में व नववर्ष की बेला पर महिलाओं, बालिकाओं को और अधिक स्वांवलम्बी बनाते हुए उनके सशक्तिकरण पर बल दिया तथा वंचितो को सुविधाओं से आच्छादित करने पर जोर दिया।
    इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ0 तेजवीर सिंह, मेला प्रभारी/उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर अरूण गिरि, पुलिस क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा, अपर अधिशासी अभियन्ता पी0डब्ल्यू0डी, अधिशासी अभियंता विद्युत, जिला सूचना अधिकारी डॉ0 पंकज कुमार, मंहत करूणाशंकर दास, ग्राम प्रधान सेमराध आलोक कुमार सिंह, अध्यक्ष माघ मेला समिति रामबली सिंह, अजित प्रताप सिंह, नरेन्द्र शुक्ला, शेरबहादुर, दिनेश सिंह पूर्व प्रमुख, सहित साधु संत, भक्तगण उपस्थित रहें।

  • जिलाधिकारी ने शीत लहर के दृष्टिगत रैन बसेरे व अलाव का किया स्थलीय निरीक्षण,जरूरतमंद लोगों को वितरित किया कंबल

    भदोही ।  ठंड के मौसम में रात्रि के दौरान विशेषकर बेघर, मजदूर और दूर-दराज के इलाकों से आए यात्रियों के लिए अलाव और रैन बसेरे जीवनरक्षक साबित होते हैं। शासन का यह प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण प्रभावित न हो और जरूरतमंदों को तुरंत राहत मिले।

    शासन के निर्देशों के क्रम में यह सुनिश्चित करने के लिए कि सर्दी के मौसम में कोई भी व्यक्ति ठंड में रात्रि में न रहे, जिलाधिकारी विशाल सिंह ने रात्रि में ज्ञानपुर में अलाव और रैन बसेरे का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने अलाव की स्थिति, रैन बसेरे की साफ-सफाई और वहां उपलब्ध सुविधाओं को परखा।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रैन बसेरों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं और यह ध्यान रखा जाए कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति ठंड में बाहर न रहे।  जिलाधिकारी विशाल सिंह ने जनसामान्य से अपील की कि अगर कोई व्यक्ति ठंड में परेशान हो, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

    निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आगंतुक रजिस्टर, साफ-सफाई व्यवस्था, शौचालय, बिस्तर इत्यादि सुविधाओं को देखा एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने निरीक्षण के दौरान कस्बा क्षेत्र में अलाव का भी निरीक्षण किया, कस्बा क्षेत्र के प्रमुख स्थलों पर अलाव जलते हुए पाया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने जरूरतमंद व असहाय वर्ग के लोगों को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि ठंड के दृष्टिगत कोई भी व्यक्ति सड़क किनारे या खुले आसमान के नीचे ना सोए, रैन बसेरे का आश्रय ले, वहां पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 कुंवर वीरेन्द्र मौर्य, उपजिलाधिकारी ज्ञानपुर अरुण गिरी, तहसीलदार अजय सिंह, अधिशासी अधिकारी राजेन्द्र दुबे, आर के रवि तिवारी, आपदा लिपिक सौरभ श्रीवास्तव, आपदा विशेषज्ञ अंकित कुमार सिंह उपस्थित रहे। 

  • बनारस रेल इंजन कारखाना में स्‍वच्‍छता हेतु मेगा श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन

    बनारस रेल इंजन कारखाना प्रांगण को स्‍वच्‍छ एवं साफ-सफाई रखने के उद्देश्‍य से महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के नेतृत्‍व में एक मेगा श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसके अंतर्गत आज दिनांक 01 जनवरी, 2025 को प्रात: 08:00 बजे बरेका कंचनपुरकॉलोनी स्थित तालाब के प्रांगण की गहन साफ-सफाई की गई ।

    इस अवसर पर महाप्रबंधक एन.पी.सिंह ने सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा कहा कि हम नये वर्ष की
    शुरूआत स्‍वच्‍छता के साथ किये हैं । यह स्‍वच्‍छता का एक लक्षीय शुरूआत है, जिसे हमलोग बनाये रखेंगे । आगे उन्‍होंने कहा कि कंचनपुर कॉलोनी स्थित इस तालाब को सूर्य सरोवर की तरह और ही अच्‍छा करना है । साफ-सफाई से स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी बीमारियां भी दूर रहती है। इस अवसर पर चिकित्‍सा विभाग द्वारा टीबी मुक्‍त भारत अभियान के अंतर्गत जन-
    जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया । ताकि स्‍वस्‍थ वातावरण की दिनचर्या आत्‍मसात कर टीबी के संक्रमण को रोका जा सके ।


    मेगा स्‍वच्‍छता श्रमदान के अवसर पर प्रमुख मुख्‍य विद्युत इंजीनियर एस.के.सिंह, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर सुब्रतो नाथ, प्रमुख मुख्‍य इंजीनियर विनोद कुमार शुक्‍ल, प्रमुख मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश कुमार, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी जनार्दन सिंह, मुख्‍य अभिकल्‍प इंजीनियर-परियोजना अनुराग कुमार गुप्‍ता, मुख्‍य
    यांत्रिक इंजीनियर-सर्विस इंजीनियर नीरज जैन, मुख्य गुणता आश्वासन प्रबंधक रामजन्म चौबे, वरिष्‍ठ मंडल चिकित्‍सा अधिकारी डॉ. मिनहाज अहमद, उप महाप्रबंधक अनुज कटियार, उप मुख्‍य इंजीनियर साकेत सहित बड़ी संख्या में सिविल डिफेंस, सेंट जॉन्‍स एम्‍बुलेंस ब्रिगेड, रेवले सुरक्षा बल के सदस्‍य, अधिकारी व कर्मचारी के साथ ही संयुक्‍त

    सचिव,कर्मचारी परिषद श्रीकांत यादव एवं अन्‍य सदस्‍य उपस्थित रहें।कार्यक्रम का सफल संचालन संरक्षा अधिकारी अनूप सिंह वत्‍स द्वारा किया गया ।

  • एनटीपीसी-विंध्याचल द्वारा 10 कर्मचारियों के सेवानिवृत होने पर दी गई भावभीनी विदाई

    एनटीपीसी-विंध्याचल परियोजना मे दिनांक 31.12.2024 को अपनी दीर्घ सेवा देने के पश्चात कुल 10 कर्मचारी
    सेवानिवृत्त हुए।

    सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी इस प्रकार से हैं : – अतुल मरखेडकर,अपर महाप्रबंधक(नगर अनुरक्षण),परशुराम देव, वरिष्ठ प्रबंधक(सुरक्षा),ऋषि नारायण सिंह,अभियंता(ईधन प्रबंधन), उमेश
    कुमार पाण्डेय, अभियंता/एसएलपीएस(प्रचालन),राजमणि पटेल, अभियंता/एसएलपीएस(प्रचालन),
    रामजियावन नामदेव, अभियंता/एसएलपीएस(प्रचालन),गोपाल कृष्ण सिरोटिया,
    अधिकारी/एसएलपीएस(चिकित्सा),राम सहाय, प्रचालक(प्रचालन), हरी प्रसाद, प्रचालक(ईधन प्रबंधन) एवं
    लगनधारी चर्मकार, प्रचालक(टीएमडी)।


    एनटीपीसी-विंध्याचल प्रबंधन द्वारा सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों का सम्मान परियोजना के उमंग भवन के
    सभागार में किया गया। स्वागत की कड़ी में कार्यकारी निदेशक(विंध्याचल) ई सत्य फणि कुमार एवं
    महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण) संजीब कुमार साहा नें सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का पुष्पमाला से
    स्वागत किया। साथ ही परियोजना की यूनियन/एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी पुष्पमाला पहनाकर अतिथि
    कर्मचारियों का स्वागत किया।

    इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) ई सत्य फणि कुमार नें सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की
    सराहना करते हुए कहा कि एनटीपीसी-विंध्याचल को वर्तमान ऊंचाइयों तक पहुंचाने में आपके योगदान को हमेशा याद
    रखा जाएगा और एनटीपीसी-विंध्याचल सदा ही आपकी सेवा के लिए आपका कृतज्ञ रहेगा। साथ ही
    महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण) संजीब कुमार साहा नें सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को अपने जीवन
    की नई पारी की नए सिरे से शुरुआत करने हेतु शुभकामनायें दीं तथा सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इसी कड़ी
    मे विभागाध्यक्षों ने भी सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को शुभकामनायें दीं तथा सभी के उत्तम स्वास्थ्य की
    कामना की।


    सम्मान की कड़ी में सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों का कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) ई सत्य फणि कुमार
    एवं अन्य महाप्रबंधकगणों द्वारा श्री फल, शाल एवं स्मृति-चिन्ह से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त सभी सेवानिवृत्त
    होने वाले कर्मचारियों को एनटीपीसी मे उनके द्वारा दी गई दीर्घ सेवाओं के लिए दीर्घ सेवा प्रमाण-पत्र आदि भी प्रदान
    किया गया ।
    तत्पश्चात सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों ने बारी-बारी से एनटीपीसी से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया।
    सभी नें एनटीपीसी में अपने बिताए समय को अविस्मरणीय कहा । उन्होने कहा कि उनकी पहचान एनटीपीसी के
    कारण ही बनी है और वे अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं। इसी के साथ सेवानिवृत्त होने वाले सभी
    कर्मचारियों ने सभी सहकर्मियों को उनके सहयोग एवं सानिध्य के लिए विशेष तौर से धन्यवाद दिया।
    इस अवसर पर महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्ष, यूनियन एवं एसोशिएशन के प्रतिनिधिगण, सेवानिवृत होने वाले विभाग
    के कर्मचारीगणों के साथ-साथ एवं उनके परिवार जन भी उपस्थित रहे।
    अभिनंदन समारोह का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ प्रबन्धक(मानव संसाधन)पुर्णिमा चतुर्वेदी द्वारा
    किया गया। कार्यक्रम के अंत में इस क्षण को अविस्मरणीय बनाने के लिए सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों के साथ
    कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) ई सत्य फणि कुमार, मुख्य महाप्रबंधक एवं अन्य महाप्रबंधकगणों के साथ एक
    सामूहिक एवं सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत फोटोग्राफ भी ली गई।

  • डबल इंजन सरकार महाकुम्भ के लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं युद्धस्तर पर कर रही

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद प्रयागराज में मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि आप सबके सहयोग से महाकुम्भ को पूरी भव्यता के साथ यहां पर आयोजित करने का गौरव न सिर्फ डबल इंजन सरकार को बल्कि प्रयागराजवासियों को भी प्राप्त होने जा रहा है। प्रयागराजवासियों से अपील होगी कि स्वच्छता और आतिथ्य सेवा का जो उदाहरण उन्होंने कुम्भ-2019 में प्रस्तुत किया था, उससे अच्छा अवसर इस बार उनके सामने आ रहा है। इस बार भी प्रयागराज आतिथ्य सेवा के साथ-साथ स्वच्छता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करे।


       मुख्यमंत्री प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 के दृष्टिगत समीक्षा बैठक करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रकृति और परमात्मा की कृपा से, भगवान प्रयागराज, द्वादश माधव और माँ गंगा और माँ यमुना की कृपा से महाकुम्भ का यह आयोजन सकुशल सम्पन्न हो, इसके लिए आज यहां बैठक की गई है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज सिटी का कायाकल्प लगभग पूरा हो चुका है। 200 से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है। इन्हें सिंगल से 02-लेन, 02-लेन से 04-लेन, 04-लेन से 06-लेन बनाया जा चुका है। 14 फ्लाईओवर या आर0ओ0बी0 में से 13 कम्प्लीट हो गए हैं और एक फाइनल स्टेज की तरफ बढ़ रहा है।


    शहर के अन्दर सौंदर्यीकरण के कई कार्य किए गए हैं। सिटी में यह भी व्यवस्था की गई है, कि रेलवे स्टेशनों पर भी होल्डिंग एरिया हों और उसके बाहर भी। मेला प्राधिकरण ने लगभग 5,000 एकड़ क्षेत्रफल में प्रयागराज को जोड़ने वाले मार्गों पर संगम से 02 से 05 किलोमीटर की दूरी पर पार्किंग स्पेस चिन्हित करके उन्हें सक्रिय कर दिया है। हर पार्किंग स्थल पर चौकी होगी, सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होगी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी होगा।
                     मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ-2019 में पहली बार पांटून ब्रिज की संख्या को बढ़ाकर 22 किया गया था, जिसे इस बार महाकुम्भ को देखते हुए 30 कर दिया गया है। इसमें 28 पांटून ब्रिज बनकर तैयार हो गए हैं और 02 अगले तीन-चार दिन में बनकर तैयार होंगे। 12 किलोमीटर का अस्थाई घाट यहां पर तैयार किया जा रहा है और सभी लगभग तैयार हैं। अरैल की ओर भी एक पक्का घाट बन रहा है, जिसे अगले दो-तीन दिन के अन्दर कम्प्लीट कर लिया जाएगा। चेकर्ड प्लेट यहां पर लगभग 520 किलोमीटर से अधिक के दायरे में बिछाई जा चुकी हैं। इसी प्रकार से शुद्ध पेयजल के लिए 450 किलोमीटर से अधिक की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।


                 मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला लगभग अपना शेप ले चुका है। 7,000 से अधिक संस्थाएं अब तक आ चुकी हैं। डेढ़ लाख से अधिक टेंट की व्यवस्था मेला प्राधिकरण की ओर से की गई है। देश और दुनिया प्रयागराज महाकुम्भ आने के लिए उत्सुक है। लोग उत्तर प्रदेश और देश के इस सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक समागम को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं। 144 वर्ष के बाद महाकुम्भ का यह मुहूर्त आ रहा है और इसके लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं डबल इंजन सरकार यहां युद्धस्तर पर कर रही है।
                 मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा का पहला स्नान यहां पर सम्पन्न होगा। 14 जनवरी मकर संक्रांति को दूसरा स्नान होगा, जो अमृत स्नान भी होगा। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का स्नान होगा, जो मुख्य स्नान में से एक है, जिसमें सबसे ज्यादा भीड़ आएगी। हमारा अनुमान है कि इस दिन 06 से 08 करोड़ श्रद्धालु यहां पर आएंगे और उस अमृत स्नान में सहभागी बनेंगे। यह एक बहुत पवित्र मुहूर्त भी होगा। 03 फरवरी को बसंत पंचमी है, फिर 12 फरवरी और 26 फरवरी, यह दो स्नान समेत यहां पर कुल छह स्नान होने हैं। मुख्य स्नान के दिन कोई भी प्रोटोकॉल नहीं होगा। प्रमुख स्नान के अवसर पर पूज्य संतों के लिए, श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्प वर्षा की व्यवस्था भी रहेगी।

  • सेल,राउरकेला इस्पात संयंत्र द्वारा निदेशक प्रभारी,  अतनु भौमिक को भावभीनी विदाई

    सुंदरगढ़।सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ‘मंथन’ सम्मलेन कक्ष में आयोजित एक समारोह में निदेशक प्रभारी,  अतनु भौमिक को भावभीनी विदाई दी गई। निदेशक प्रभारी, बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल),  बीरेंद्र कुमार तिवारी, जिन्होंने, आरएसपी के निदेशक प्रभारी का अतिरिक्त प्रभार संभाला, कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए। कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन),तरुण मिश्रा,कार्यपालक निदेशक प्रभारी (संकार्य),आलोक वर्मा, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा),  ए के बेहुरिया,कार्यपालक निदेशक (परिचालन),  बिस्वरंजन पलाई, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन),  अनिल कुमार, कार्यपालक निदेशक (खान),एम पी सिंह,कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएँ),  सुदीप पाल चौधरी, मुख्य महाप्रबंधक और विभागाध्यक्ष शामिल हुए। तरुण मिश्रा ने भौमिक को सेवा प्रमाणपत्र सौंपा।

    तिवारी ने कार्यक्रम के दौरान आरएसपी के निदेशक प्रभारी का अतिरिक्त प्रभार संभाला।तिवारी ने बोकारो में  भौमिक के संक्षिप्त कार्यकाल के दौरान उनके साथ अपने मधुर संबंधों को याद किया और बताया कि कैसे उनके व्यक्तित्व ने उन्हें बोकारो में बेहद लोकप्रिय बना दिया। उन्होंने बोकारो में कार्य संस्कृति में आए बदलाव का श्रेय भी भौमिक को दिया। उन्होंने कहा, “ भौमिक ने एक उदाहरण पेश किया है कि कैसे बिना गुस्सा किए या दंडात्मक कार्रवाई किए प्यार और दया के साथ काम किया जा सकता है।” सेल बिरादरी की ओर से उन्होंने कंपनी के लिए उनकी अविश्वसनीय सेवा और कई अमिट छाप छोड़ने के लिए श्री भौमिक के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। 

    सभी कार्यपालक निदेशकों और मुख्य महाप्रबंधकों ने भी भौमिक के साथ काम करने के अपने विचार और अनुभव साझा किए और उन्हें दूसरी पारी की शुभकामनाएं दीं। 

    इस अवसर पर बोलते हुए भौमिक ने कहा, “बचपन से ही मैं हमेशा आरएसपी की सेवा करने का सपना देखता था, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस संगठन का नेतृत्व करूंगा।” अपनी सफलता का श्रेय सभी सहकर्मियों और जूनियर्स को उनके अटूट समर्थन के लिए देते हुए उन्होंने आगे कहा, “हमने इस यात्रा में कई चुनौतियों और बाधाओं का सामना किया है। फिर भी हम आरएसपी कर्मीसमूह के समर्पण और टीम वर्क के कारण उनमें से प्रत्येक पर विजय प्राप्त किया ।” उन्होंने आरएसपी कर्मीसमूह को उत्कृष्टता की खोज में लगे रहने के लिए प्रोत्साहित किया। 

    महाप्रबंधक (जन संपर्क) एवं संचार मुख्य, अर्चना शत्पथी ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया । उप प्रबंधक (एचआर-ओडी), सिम्पी पटेल ने कार्यक्रम का समन्वय किया।