रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि भारत के पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ एक उभरता हुआ राज्य है।
छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक सौंदर्य विलक्षण है। हमारा राज्य ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों के साथ गौरवशाली प्राचीन लोक संस्कृति का भी अद्वितीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र को समृद्ध बनाने हेतु हमारी सरकार दृढ़संकल्पित है।
*25 लाख से अधिक किसानों ने बेचा धान, अभी तक 29 हजार 599 करोड़ रूपए का भुगतान*
*कुल खरीदी का 110 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी*
*87 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का हो चुका है उठाव*
रायपुर / छत्तीसगढ़ में 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक के धान खरीदी में पिछले साल का रिकार्ड टूट गया है। पिछले वर्ष 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। इस वर्ष हुई धान खरीदी का आंकड़ा 145 लाख मीट्रिक टन से पार हो गया है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 25 लाख 13 हजार किसान धान बेच चुके हैं। धान खरीदी के एवज में बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत अभी तक किसानों को 29 हजार 599 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।
धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मीलिंग के लिए तेजी के साथ धान का उठाव किया जा रहा है। अभी तक 110 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी कर दिया गया है। जिसके विरूद्ध 87 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठाव हो चुका है। धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।
प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है। किसान सुविधा अनुसार तिथि का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य की तहत 24 जनवरी को 30 हजार 762 किसानों से 1.41 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसके लिए 58 हजार 997 टोकन जारी किए गए थे।
धनबाद।प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित और अधिक समावेशी कार्य वातावरण बनाने के लिए महिला कर्मचारियों को शिक्षित और सशक्त बनाना है। कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों और मुख्यालयों से 40 से अधिक महिला कर्मचारियों ने भाग लिया, जिसमें संकाय सदस्यों द्वारा व्यावहारिक सत्र प्रस्तुत किए गए।
संकाय में स्वेता सुभाषिनी कुमारी, प्रबंधक (कार्मिक), स्वेता कुमारी, प्रबंधक (कार्मिक), शामिल थे। तथा प्रिया सिंह सीसीडब्ल्यूओ,रिंकू दुबे, डॉ. केका मुखर्जी सीएचडी,विद्या कुमारी एमजीआर फिन, मुख्यालय, आदि ने अपना ज्ञान साझा किया।
कार्यशाला में कंपनी के स्थायी आदेश और यौन उत्पीड़न रोकथाम (पीओएसएच) अधिनियम के तहत प्रावधानों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को व्यापक ज्ञान और कौशल से लैस करने के लिए सामान्य और प्रेरक पहलुओं, उत्तरदायी व्यवहार, कैरियर विकास के अवसरों और स्वास्थ्य और ज्ञान वृद्धि पर चर्चा की गई।रवीन्द्र नाथ विश्वकर्मा, मुख्य प्रबंधक (खनन), एचआरडी तथा आर एस दुबे सीनियर एमजीआर, एचआरडी कार्यक्रम में अपने सभी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल वातावरण को बढ़ावा देने के लिए बीसीसीएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
(सांसद ढुल्लू महतो ने बीसीसीएल के सामुदायिक भवन में किया नेता जी की मूर्ति का अनावरण)
धनबाद। बीसीसीएल ने आजादी के अमर सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए । प्रातःकाल में कोयला नगर स्थित नेताजी सुभाष चौक पर बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक समीरन दत्ता, निदेशक मंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारियों ने माल्यार्पण कर नेताजी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। उसके बाद सामुदायिक भवन कोयला नगर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बीसीसीएल द्वारा अक्तूबर 2025 माह में विशेष अभियान 4.0 के दौरान स्कैप (कबाड़) से निर्मित नेताजी की एक भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। आज स्थापित की गयी नेताजी की यह प्रतिमा लगभग साढ़े पांच फीट ऊंची है। बीसीसीएल के इस प्रयास की सराहना कोयला मंत्रालय द्वारा भी की गयी। आज नेताजी की जयंती के शुभ दिन को प्रतिमा के स्थापना और अनावरण के लिए चुना गया था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक धनबाद राज सिन्हा उपस्थित रहे। बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक समीरन दत्ता, निदेशक (कार्मिक) मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (वित्त) राकेश कुमार सहाय और मुख्य सतर्कता अधिकारी अमन राज भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत डीएवी के बच्चों द्वारा स्वागत गान के साथ हुई। तत्पश्चात मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद ढुल्लू महतो ने अपने संबोधन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को देश का महान स्वतंत्रता सेनानी बताया और उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि नेताजी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ने नई ऊंचाइयां छुईं। उन्होंने सच्चे अर्थों में देश का नेतृत्व किया था। इसीलिए हम आज भी उन्हें नेता के रूप में याद करते हैं। विशिष्ट अतिथि विधायक राज सिन्हा ने भी नेताजी के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत हैं। धनबाद की भूमि सौभाग्यशाली है कि कभी यहां नेताजी के कदम पड़े थे। सीएमडी श्री समीरन दत्ता ने कहा कि बीसीसीएल का यह प्रयास हमारे राष्ट्र नायकों को स्मरण करते हुए उनके प्रति एक श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में डीएवी तथा डीपीएस के बच्चों ने देशभक्ति गीतों से समा बाँध दिया। बीसीसीएल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित करने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर बीसीसीएल के सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।
आसनसोल। ईसीएल में “त्वरित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एआई-संचालित खनन” पर प्रशिक्षण और विचार-मंथन सत्र का आयोजन ईसीएल के मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा 24.01.2025 को किया गया। सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में मो. अब्दुल कलाम पधारे थे जो कि पूर्व में ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक तथा एमसीएल व कोल इंडिया के निदेशक (तकनीकी) रह चुके हैं। वर्तमान में वे वर्ल्ड कन्फेडरेशन ऑफ प्रोडक्टिविटी साइंस के अध्यक्ष और निदेशक, रूंगटा इरिगेशन लिमिटेड के स्वतंत्र गैर-कार्यकारी निदेशक और रीवाइव पॉलिसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। सत्र के दौरान, उद्योग के साथ उनका लंबा जुड़ाव उनके विचार-विमर्श में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया जिससे सत्र में मौजूद अधिकारियों को मूल्यवान मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम में ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सतीश झा, निदेशक (वित्त) मोहम्मद अंजार आलम और निदेशक (कार्मिक) गुंजन कुमार सिन्हा के साथ सभी विभागाध्यक्षों की उपस्थिति रही, जिन्होंने विस्तार से चर्चा में भाग लिया, जिसमें एआई पॉवर्ड माइन प्लानिंग एण्ड ऑपटिमाइज़ेशन, iot इनबिल्ट इक्विपमेंट एण्ड फ्लीट मैनेजमेन्ट, एआई बेस्ड सेफ्टी एण्ड सरविलांस सिस्टम, सेंट्रलाइज्ड डिजिटल कमांड एण्ड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी), रीमोट कंट्रोल्ड एंड ऑटोनॉमस आपरेशन, एआई बेस्ड ईन्टीग्रेटेड लाजिस्टिक्स कंट्रोल टावर, आरएफआईडी, जीपीएस बेस्ड कोल ट्रैकिंग आदि जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सतीश झा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए निविदा दस्तावेजों का मसौदा तैयार करते समय अंतर-विभागीय समन्वय और सटीकता के साथ परिशुद्धता पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया। निदेशक (वित्त) मो. अंजार आलम ने अन्य विषयों के अलावा क्रय मूल्य के घटाव-बढ़ाव की स्वीकार्यता के बारे में विस्तार से चर्चा की और निदेशक (कार्मिक) गुंजन कुमार सिन्हा ने निरंतर प्रक्रिया सुधार के बारे में बात की। विभागाध्यक्षों ने मुख्य वक्ता और ईसीएल के शीर्ष प्रबंधन के सदस्यों के साथ बातचीत करने के इस अवसर के लिए अपनी प्रशंसा व्यक्त की और वे सत्र के सुझावों एवं सलाहों को अपने काम में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पतरातू । शुक्रवार को पीवीयूएनएल द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत रामगढ़ पुलिस को 10 टीवीएस अपाचे आरटीआर बाइक सभी गश्ती आवश्यक उपकरणों के साथ प्रदान की गईं।
पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आर.के. सिंह ने इन बाइकों को रामगढ़ पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार को औपचारिक रूप से सौंपा। इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और पीवीयूएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने पीवीयूएनएल द्वारा दी गई इस महत्वपूर्ण सहायता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये बाइक्स पुलिस बल की दक्षता को और अधिक मजबूत बनाएंगी, खासकर कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपातकालीन स्थितियों में तेजी से कार्रवाई करने में यह बहुत सहायक होंगी।
सीईओ आर.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पीवीयूएनएल समाज और समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इस तरह की पहल के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। यह योगदान पुलिस की कार्यक्षमता को बढ़ाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रयास ने समाज के साथ पीवीयूएनएल की गहरी प्रतिबद्धता को एक बार फिर प्रमाणित किया है।
रांची। कोयला मंत्रालय के तत्वावधान में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) द्वारा झारखंड राज्य के 8 जिलों के 193 सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘डिजिटल विद्या’ परियोजना अंतर्गत स्मार्ट क्लास एवं ICT लैब का अधिष्ठापन कराया गया. इस महत्वाकांक्षी पहल का वर्चुअल उद्घाटन आज भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त द्वारा किया गया।
कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की इस परियोजना के तहत सीसीएल ने झारखंड के राँची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, चतरा, लातेहार, गिरिडीह और पाकुड़ जैसे जिलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) लैब की स्थापना की है जिसकी कुल लागत ₹26.13 करोड़ है. परियोजना का क्रियान्वयन एजुकेशनल कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (ईडीसीआईएल) द्वारा कराया गया।
आज आयोजित उद्घाटन समारोह झारखंड के चतरा जिले के टंडवा ब्लॉक के अपग्रेडेड मिडिल स्कूल, किशुनपुर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, शिक्षक, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, लोक प्रतिनिधिगण, अभिभावक, एवं कम्पनी के अधिकारीगण उपस्थित थे. सीएमडी सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह एवं निदेशक (कार्मिक) हर्ष नाथ मिश्र कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़कर, छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, एवं समस्त जन समुदाय को शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर उपस्थित लोगों द्वारा डिजिटल शिक्षा के माध्यम से बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने की दिशा में सीसीएल के योगदान की सराहना की गई। यह परियोजना झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी स्कूलों के बच्चों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
सीसीएल का योगदान:
सीसीएल ने अपने कमान क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं को लागू किया है। ‘डिजिटल विद्या’ परियोजना शिक्षा के क्षेत्र में सीसीएल की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। यह पहल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी रूप से सक्षम शिक्षा प्रदान कर, उन्हें समाज में प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए तैयार करेगी।
यह परियोजना झारखंड के सरकारी स्कूलों के छात्रों के शैक्षिक विकास में एक नया आयाम जोड़ेगी और समाज को तकनीकी दृष्टि से समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
वेदांता के ‘प्रोजेक्ट पंछी’ से लड़कियां बनेगी आत्मनिर्भर
बालकोनगर कोरबा । वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने वेदांता के ‘प्रोजेक्ट पंछी’ की शुरूआत की है, जिसका उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से पीछे रह गई लड़कियों के जीवन में बदलाव लाना है। यह परियोजना वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल की समाज को वापस देने की सोच को साकार करते हुए, लड़कियों को प्रगति के नए अवसर प्रदान कर रहा है। इस परियोजना से लड़कियां आर्थिक एवं सामाजिक बाधाओं को पार कर अपनी शिक्षा पूरी करने तथा स्थायी आजीविका हासिल करने में सफल होंगी।
‘पंछी परियोजना’ के अंतर्गत बालको द्वारा चयनित छत्तीसगढ़ की बेटियों को उचित शिक्षा दिलाने तथा उच्च औद्योगिक उपक्रम में काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। ओपी जिंदल विश्वविद्यालय रायगढ़ के आवासीय परिसर में रहकर 76 लड़कियां 4 साल के स्नातक में अपनी शिक्षा पूरी कर रही हैं। इस कदम से उन बेटियों को नया कर दिखाने का हौसला मिलेगा जिनकी प्रगति की उड़ान पूरी तरह से थम चुकी थी। ‘पंछी परियोजना’ की मदद से ये लड़किया विकास की मुख्यधारा से जुड़ कर दुनिया को यह दिखा सकेंगी कि अगर जज्बे को सही प्रेरणा मिल जाए तो आकाश की ऊंचाइयां इनके मजबूत इरादों के पंखों से जीती जा सकती हैं।
प्रोजेक्ट पंछी लड़कियों को शिक्षा और विकास के सर्वोत्तम अवसर प्रदान करने के साथ आर्थिक परिस्थितियों के कारण टूटे सपने को पूरा कर रहा है। कंपनी का दृढ़ विश्वास है कि इससे बेटियां सशक्त होंगी और समाज को आगे लेकर जाएंगी। बालको द्वारा सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित किया गया है। वेदांता ने प्रत्येक स्थान पर विशेष चयन प्रक्रिया लागू की है। चयनित होने के बाद इन बेटियों को ख्याति प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों से उच्च शिक्षा दिया जा रहा है। शिक्षा पूरी होने के बाद औपचारिक रूप से मुख्य संचालन में शामिल किया जाएगा। प्रोजेक्ट पंछी वेदांता कंपनी के अन्य व्यावसायिक स्थानों जैसे, ओडिशा के लांजीगढ़, झारसुगुड़ा और सुंदरगढ़ में भी चल रहा है।
बालको के सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि वेदांता समूह ने स्वावलंबन के क्षेत्र में ‘पंछी’ परियोजना से अनूठी शुरुआत की है, जो बेटियों को उनके अधूरे सपनों को साकार करने का रास्ता दिखाएगी। वेदांता समूह ने सामुदायिक विकास कार्यों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना विकास जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इस परियोजना से हम एक उज्जवल भविष्य की तैयारी कर रहे हैं, जहां ये सशक्त बेटियां अपने जीवन और आसपास के समाज को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल के मार्गदर्शन में वेदांता प्रतिभाओं की तलाश करने और उन्हें देश के विकास में योगदान के लिए तैयार करने की दिशा में कटिबद्ध है।
प्रोजेक्ट पंछी सामाजिक सशक्तिकरण और विविधता के प्रति वेदांता समूह की प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो पूरे भारत में इसके विभिन्न व्यवसायों में फैला है। यह परियोजना ग्रामीण समुदाय के भीतर विविधता, समावेशन को बढ़ावा देने और सामाजिक बदलाव लाने के वेदांता के लक्ष्य को दर्शाती है। यह वंचित, दूरदराज के समुदायों में योग्य बेटियों के लिए अवसर प्राप्ति के साथ स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करके धातु एवं खनन क्षेत्र के भीतर जेंडर डायवर्सिटी को बढ़ावा देती है।
कोल इंडिया लिमिटेड के स्वर्ण जयंती वर्ष के तारतम्य में की गई परियोजना प्रारंभ
नागपुर, /: कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) ने डॉ. राम मनोहर लोहिया एनएमसी स्कूल में “हैप्पी स्कूल” परियोजना का शुभारंभ किया।
हैप्पी स्कूल परियोजना सरकारी स्कूलों के पुनर्निर्माण पर केंद्रित है। इस परियोजना के अंतर्गत स्कूल की इमारत को सीखने के साधन के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस अभिनव योजना से नागपुर नगर निगम के पांच स्कूल लाभान्वित होंगे, जिससे लगभग 1,055 छात्रों तक इस योजना का सीधा लाभ पहुंचेगा। यह योजना डॉ. श्रीकांत जिचकर फाउंडेशन द्वारा वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की सीएसआर वित्तीय सहायता से क्रियान्वित की जाएगी।
उद्घाटन समारोह में श्रीमती आंचल गोयल, आईएएस, अपर आयुक्त, नागपुर नगर निगम (एनएमसी), बिक्रम घोष, निदेशक (कार्मिक)/निदेशक (वित्त), डब्ल्यूसीएल, श्रीमती साधना सैय्यम, शिक्षा अधिकारी, एनएमसी, श्रीमती सीमा खोब्रागड़े, स्कूल निरीक्षक, श्रीमती सुनंदा लोखंडे, प्रधानाचार्या, राम मनोहर लोहिया एनएमसी स्कूल तथा डॉ. श्रीकांत जिचकर फाउंडेशन की सुश्री मैत्रेयी जिचकर उपस्थित रहे।
निदेशक (कार्मिक/वित्त) बिक्रम घोष ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के क्षेत्र में डब्ल्यूसीएल द्वारा किए जा रहे प्रभावी सीएसआर परियोजनाओं के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रगति का प्रबल मार्ग है तथा इस दिशा में डब्ल्यूसीएल अपना सहयोग निरंतर जरी रखेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल, शिक्षा के क्षेत्र में, कोल इंडिया एवं डब्ल्यूसीएल की सीएसआर गतिविधियों के प्रभाव को बढ़ाने का प्रयास है। इस दौरान स्कूल की पुनर्निर्मित कक्षाओं का उद्घाटन किया गया। डब्ल्यूसीएल के तराश योजना के अंतर्गत पढ़ रहे एनएमसी स्कूलों के छात्रों का सम्मान किया गया। साथ ही राम मनोहर लोहिया एनएमसी स्कूल के कक्षा 10वी के टॉपर्स को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कोल इंडिया लिमिटेड की एक सीएसआर फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें संगठन की व्यापक सामुदायिक कल्याण पहलों को उजागर किया गया। कार्यक्रम का समापन राम मनोहर लोहिया एनएमसी स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती सुनंदा लोखंडे द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
रांची / अर्पिता महिला मंडल ने सीसीएल मुख्यालय, रांची में खेल दिवस का आयोजन बड़े उत्साह और उमंग के साथ किया। यह आयोजन अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती प्रीति सिंह और माननीय सदस्याएं – श्रीमती रीता मिश्रा, श्रीमती इंदु मिश्रा, श्रीमती शशि दुहन और श्रीमती रूपा रानी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस भव्य आयोजन ने सभी सदस्यों को खेल भावना और मस्ती से भरे दिन के लिए एकजुट किया। कार्यक्रम में बिलियर्ड्स, टेबल टेनिस, बैडमिंटन और कैरम जैसे विभिन्न इनडोर खेलों के साथ-साथ रोमांचक आउटडोर खेल भी आयोजित किए गए। सभी सदस्यों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी प्रतिभा व प्रतिस्पर्धात्मक भावना का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों के प्रयासों को सराहा गया और उन्हें पुरस्कृत किया गया। यह आयोजन फिटनेस, खेल और उत्सव का यादगार दिन साबित हुआ।