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  • चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना में बिरहोर टोला के लिए स्वास्थ्य शिविर, 70 से अधिक ग्रामीणों की जांच

    चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना में बिरहोर टोला के लिए स्वास्थ्य शिविर, 70 से अधिक ग्रामीणों की जांच

    हजारीबाग। चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना के सीडी-सीएसआर पहलों के अंतर्गत बिरहोर टोला के निवासियों के लिए एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 70 से अधिक ग्रामीणों के एक्स-रे एवं रक्त नमूने एकत्र किए गए, जिनका उपयोग आगे की चिकित्सीय परामर्श एवं विस्तृत निदान के लिए किया जाएगा।

    स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ परिवारों को पोषण किट का वितरण भी किया गया, ताकि समुदाय के पोषण स्तर और समग्र स्वास्थ्य को सुदृढ़ किया जा सके। कार्यक्रम के उपरांत कॉलोनी के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित विषयों पर ग्रामीणों के साथ एक संक्षिप्त संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उनकी सहभागिता और सुझावों को महत्व दिया गया। कार्यक्रम में केरेडारी के अंचल अधिकारी (CO), चट्टी बरियातू के मुखिया एवं सरपंच, एजीएम (एलएआरआर एवं सीएसआर) सहित परियोजना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। चिकित्सा दल की निरंतर प्रतिबद्धता और सहयोग के लिए विशेष सराहना व्यक्त की गई, जिनके समर्पित प्रयासों से शिविर का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ।

  • सीआईएल निदेशक मानव संसाधन विनय रंजन ने किया वेकोलि का दौरा

    सीआईएल निदेशक मानव संसाधन विनय रंजन ने किया वेकोलि का दौरा

    नागपुर। मंगलवार को कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन)  विनय रंजन ने वेकोलि का एक दिवसीय दौरा किया। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने वेकोलि में विकसित एवं क्रियान्वित ‘स्वस्थ पोर्टल’ तथा ‘विधिशक्ति पोर्टल’ के कार्यान्वयन की विस्तृत समीक्षा की तथा इन पोर्टलों को संपूर्ण कोल इंडिया में लागू किए जाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक में वेकोलि के निदेशक (वित्त)  बिक्रम घोष, निदेशक तकनीकी (संचालन)  आनंदजी प्रसाद तथा निदेशक तकनीकी  (परियोजना एवं आयोजना)  संदीप परांजपे, मुख्यालय के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन महाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध) पी. नरेंद्र कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया।

    ‘स्वस्थ पोर्टल’ पर पॉवर पॉइंट के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण महाप्रबंधक (सिस्टम्स)  प्रमोद चौधरी एवं नितिन गुप्ता, वरिष्ठ प्रबंधक (सिस्टम्स) ने किया। इसी प्रकार ‘विधिशक्ति पोर्टल’ का प्रस्तुतीकरण महाप्रबंधक (विधि)  श्रीराम तथा  नितिन गुप्ता, वरिष्ठ प्रबंधक (सिस्टम्स) द्वारा किया गया। प्रस्तुतियों में पोर्टलों की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता, दक्षता वृद्धि तथा समयबद्ध निस्तारण की विशेषताओं को रेखांकित किया गया।

    श्री रंजन ने पोर्टलों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की डिजिटल पहलें न केवल कार्यकुशलता बढ़ाती हैं, बल्कि कार्य में पारदर्शिता को भी सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने इन मॉडलों को कोल इंडिया की अन्य सहायक कंपनियों में भी अपनाने की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर पोर्टलों के डिजाइन, विकास एवं सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को सीआईएल निदेशक (मानव संसाधन) विनय रंजन के करकमलों से सम्मानित किया गया। इसके पश्चात उन्होंने WCL के अत्याधुनिक मल्टीमीडिया स्टूडियो का भ्रमण किया और आत्मनिर्भरता की दिशा में इस विशिष्ठ पहल की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने राजभाषा, पुस्तकालय एवं आर.टी.आई विभागों का अवलोकन किया।

  • कुपोषण मुक्त सहरिया का संकल्प: एनटीपीसी अंता ने शुरू किया वर्षव्यापी स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान

    कुपोषण मुक्त सहरिया का संकल्प: एनटीपीसी अंता ने शुरू किया वर्षव्यापी स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान

    बारां । जिले के किशनगंज एवं शाहबाद ब्लॉक में निवासरत सहरिया जनजातीय समुदाय की महिलाओं, गर्भवती माताओं एवं नवजात शिशुओं में कुपोषण की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एनटीपीसी अंता द्वारा नैगमिक सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत एक वर्षव्यापी व्यापक स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान की शुरुआत की गई है।

    इस कार्यक्रम के तहत लगभग 1100 महिलाओं और 1200 बच्चों को चिन्हित कर उनकी नियमित स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी निगरानी की जाएगी। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर की सतत समीक्षा, स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक परामर्श प्रदान किया जाएगा, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाया जा सके। साथ ही नवजात शिशुओं की निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    इसके अंतर्गत वितरित की जाने वाली पोषण संबंधी सामग्री का क्रय स्थानीय महिलाओं की स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ स्थानीय आजीविका को भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, पोषण की गुणवत्ता को दीर्घकाल तक बनाए रखने के उद्देश्य से चयनित महिलाओं को किचन गार्डनिंग का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने स्तर पर पौष्टिक सब्जियों का उत्पादन कर सकें एवं परिवार में स्वस्थ आहार की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    कार्यक्रम का आयोजन अपर जिला मजिस्ट्रेट एवं सहरिया परियोजना अधिकारी कार्यालय, शाहाबाद में किया गया। इस अवसर पर रोहिताश्व सिंह तोमर, जिला कलेक्टर, बारां मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर प्रारंभ से ही सहरिया समुदाय में कुपोषण उन्मूलन से जुड़ी इस परियोजना को लेकर गंभीर रूप से रुचि ले रहे हैं और प्रशासनिक स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। वहीं अनिल बवेजा, परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी अंता विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि कुपोषण जैसी जटिल सामाजिक समस्या से निपटने के लिए प्रशासन, सार्वजनिक उपक्रम एवं विशेषज्ञ संस्थानों के बीच ऐसा समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने एनटीपीसी अंता द्वारा उठाए गए इस प्रयास को जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताते हुए इसकी सराहना की।

    इस स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम का संचालन एनटीपीसी अंता द्वारा ऊर्जा और संसाधन संस्थान (TERI) के सहयोग से किया जा रहा है। टेरी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता एवं अनुभव के माध्यम से कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करेगा। इस पहल का उद्देश्य कुपोषण को केवल उपचार तक सीमित न रखते हुए उसकी मूल वजहों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है, ताकि सहरिया समुदाय को दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकें। कार्यक्रम में  जबर सिंह, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट; दिलेर सिंह कुहाड़, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), एनटीपीसी अंता; टेरी की ओर से सुश्री डॉ. रंजीता सिंह सहित प्रशासनिक एवं एनटीपीसी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन सुश्री सुरभि यादव द्वारा किया गया।

  • जम्मू और कश्मीर में रेल संपर्क की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम…. 

    जम्मू और कश्मीर में रेल संपर्क की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम…. 

    श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा – श्रीनगर वंदे भारत का जम्मू तक विस्तार

    •जम्मू से श्रीनगर की दूरी पांच घंटे से भी कम समय में होगी पूरी

     नई दिल्ली । जम्मू और कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, उत्तर रेलवे ने श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा -श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन विस्तार जम्मू तक कर दिया है। इस इलाके के लोगों की यह लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है, जिससे हज़ारों यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और ज़्यादा भरोसेमंद यात्रा का  विकल्प मिल गया हैं।

    लोगों की भारी मांग को देखते हुए उत्तर रेलवे ने अब श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा – श्रीनगर वंदे भारत ट्रेनों का जम्मू तक विस्तार कर दिया है, जिससे जम्मू व कश्मीर घाटी के बीच यात्रियों का आवागमन सुगम होगा । श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा – श्रीनगर – श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस का जम्मू तवी तक विस्तार, दिनांक 01.03.2026 से प्रभावी होगा । 

    रेलगाड़ी संख्या 26401

    जम्मू तवी – श्रीनगर रेलगाड़ी संख्या 26402

    श्रीनगर – जम्मू तवी 

    स्टेशन

    आगमन प्रस्थान नाम आगमन प्रस्थान

    – 06:15 जम्मू तवी 18:50 —

    08:08 08:10 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा 17:00 17:10

    08:28 08:30 रियासी 16:34 16:36

    09:56 09:58 बनिहाल 14:58 15:00

    11:10 — श्रीनगर — 14:00

    इस विस्तार के साथ, यात्री अब जम्मू और श्रीनगर के बीच पांच घंटे से भी कम समय में यात्रा कर सकते हैं, जो सड़क मार्ग से यात्रा की तुलना में काफी कम है। इस क्षेत्र में सड़क मार्ग से जाने वाले यात्रियों को अक्सर भूस्खलन, भारी बर्फबारी और खराब मौसम की वजह से रुकावटों का सामना करना पड़ता है । वंदे भारत सेवाओं का विस्तार एक भरोसेमंद, हर मौसम का विकल्प देता है जो सुरक्षा, आराम और समय की पाबंदी सुनिश्चित करता है। सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत ट्रेनें आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा सुविधाओं से लैस हैं, जिससे यात्रा न केवल तेज़ बल्कि अधिक सुविधाजनक भी हो जाती है। इस विस्तार  से स्थानीय निवासियों को बहुत लाभ होने, पर्यटन को बढ़ावा देने, व्यापार को आसान बनाने और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने की उम्मीद है।

    उधमपुर -श्रीनगर- बारामूला रेल लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट 6 जून 2025 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देश को समर्पित किया गया था । इसके लोकार्पण के बाद से ही , वहां के लोगों, व्यापारियों, छात्रों और पर्यटकों की तरफ से जम्मू को सीधे श्रीनगर से सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत सर्विस के ज़रिए जोड़ने की ज़ोरदार और लगातार मांग थी।

    यह प्रयास भारत सरकार और इंडियन रेलवे के जम्मू और कश्मीर के आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने और के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लगातार प्रयासों को दर्शाता  है।

  • सीएमडी बीसीसीएल ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनी सहभागिता की

    सीएमडी बीसीसीएल ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में अपनी सहभागिता की

    धनबाद / नेयवेली में एनएलसी इंडिया लिमिटेड द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला ‘मूविंग बियॉन्ड एक्सट्रैक्शन: माइन क्लोज़र एंड रिपर्पज़िंग’ का आज समापन हुआ। दो-दिवसीय इस कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री  जी. किशन रेड्डी द्वारा किया गया, जिसमें खनन क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं तथा सार्वजनिक क्षेत्र की खनन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने व्यापक रूप से भाग लिया। अपने संबोधन में मंत्री  जी. किशन रेड्डी ने इस बात पर बल दिया कि वैज्ञानिक एवं नियोजित माइन क्लोज़र की रूपरेखा खनन के आरंभिक चरण से ही तैयार की जानी चाहिए, जिससे खदान बंदी केवल एक औपचारिक प्रक्रिया न होकर स्थानीय समुदायों, पर्यावरण और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं के लिए नई राह का निर्माण करे। कोयला मंत्रालय के सचिव  विक्रम देव दत्त ने कार्यशाला को एक दूरदर्शी पहल बताते हुए माइन रिपर्पज़िंग की अवधारणा को देश में बढ़ते पर्यावरणीय दायित्व और समुदाय–केन्द्रित विकास मॉडल से जोड़ते हुए इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

    कार्यक्रम में सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज की। दो दिवसीय इस कार्यशाला में माइन क्लोज़र नीति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन, समुदाय भागीदारी, पुनर्प्रयोजन मॉडल तथा अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय एवं कोल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी, बीसीसीएल सहित अन्य सीपीएसई के प्रतिनिधिगण तथा टीएमसीपी माइंस, बीसीसीएल के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। दो-दिवसीय यह राष्ट्रीय कार्यशाला माइन क्लोज़र एवं सतत खनन के क्षेत्र में ज्ञान–विनिमय और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।

  • भोजपुरी एक्ट्रेस अंतरा सिंह प्रकरण में अदालत की सख्ती, गैर जमानती वारंट के पालन को लेकर एसपी को निर्देश

    भोजपुरी एक्ट्रेस अंतरा सिंह प्रकरण में अदालत की सख्ती, गैर जमानती वारंट के पालन को लेकर एसपी को निर्देश

    सोनभद्र। नवरात्रि के दौरान हुए जागरण विवाद से जुड़ा पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। भोजपुरी गायिका अंतरा सिंह उर्फ प्रियंका और इवेंट मैनेजर विकास कुमार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में विशेष एससी/एसटी अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने जारी गैर जमानती वारंट और धारा 84 बीएनएसएस की नोटिस के पालन को लेकर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।यह मामला परिवाद संख्या 352/2025, राज्य बनाम विकास कुमार व अन्य से संबंधित है, जो थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र का है। प्रकरण में आईपीसी की धारा 504, 506, 420, 406 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(va), 3(1)(द), 3(1)(ध) के तहत मुकदमा दर्ज है।पूरा विवाद 18 अप्रैल 2024 का बताया जाता है।

    रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बहुअरा गांव में नवरात्रि के अवसर पर देवी जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आयोजक राजेंद्र पुत्र रामनरेश ने कार्यक्रम में प्रस्तुति के लिए अंतरा सिंह को इवेंट मैनेजर के माध्यम से लगभग दो लाख रुपये में बुक किया था। आरोप है कि 1 लाख 70 हजार रुपये एडवांस दिए गए और कार्यक्रम की पूरी तैयारी कर ली गई, लेकिन तय तिथि पर प्रस्तुति नहीं हुई और कलाकार पक्ष बिना कार्यक्रम किए लौट गया।आयोजकों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह का नुकसान हुआ। एडवांस राशि वापस मांगने पर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा और अदालत के निर्देश पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।सुनवाई के दौरान आरोपियों की अनुपस्थिति पर अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। इसके बावजूद गिरफ्तारी और पेशी न होने पर विशेष न्यायाधीश ने 24 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर वारंट और धारा 84 बीएनएसएस की नोटिस का विधिवत निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई की तिथि 14 मार्च 2026 तय की गई है।मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत की सख्ती के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • 700 भवन विहीन स्कूलों के लिए 123 करोड़ रुपये का प्रावधान, 150 मॉडल स्कूल बनाये जाएंगे

    700 भवन विहीन स्कूलों के लिए 123 करोड़ रुपये का प्रावधान, 150 मॉडल स्कूल बनाये जाएंगे

    रायपुर में यूनिटी मॉल के निर्माण के लिए बजट में 93 करोड़ रुपये का प्रावधान

    “नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से नॉलेज हब तक- बदलते प्रदेश की नई तस्वीर”

    “शिक्षा, कौशल और स्वावलंबन का संकल्प- बजट 2026-27 से सशक्त होगा प्रदेश का भविष्य”

    रायपुर, / राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा और ग्रामोद्योग को विकास की मुख्यधारा में रखते हुए दूरदर्शी एवं जनकल्याणकारी प्रावधान किए हैं। विभागीय मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट प्रदेश की मानव पूंजी को सशक्त बनाने, युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अवसर प्रदान करने और पारंपरिक कारीगरों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है, समग्र विकास, सशक्त नागरिक और आत्मनिर्भर प्रदेश।

    मॉडल स्कूलों से उत्कृष्ट शिक्षा की ओर बढ़ता प्रदेश

    शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और अधोसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु पीएम-श्री योजना के अंतर्गत लगभग 350 विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में “स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना” प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 150 विद्यालयों का चयन किया गया है तथा इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिन विद्यालयों में प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक तक एकीकृत परिसर हैं, वहां आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण का विकास सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को समग्र और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा मिल सके।

    हर बच्चे को सुरक्षित भवन, सुदृढ़ आधारभूत संरचना

    राज्य सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश में कोई भी विद्यालय भवन-विहीन न रहे। बजट में 500 प्राथमिक, 100 मिडिल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के निर्माण हेतु कुल 123 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह पहल न केवल छात्रों को सुरक्षित और अनुकूल शिक्षण वातावरण प्रदान करेगी, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच को भी सुदृढ़ बनाएगी। साथ ही, एनसीसी विद्यार्थियों के स्वल्पाहार की राशि को दोगुना करने के निर्णय युवाओं के मनोबल और अनुशासन को प्रोत्साहित करेगा।

     बस्तर में शिक्षा का नया अध्याय: स्थापित होंगी दो एजुकेशन सिटी

    दंतेवाड़ा के सफल अनुभव के आधार पर अब अबूझमाड़ और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन एजुकेशन सिटी में स्कूल, आईटीआई, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास, शिक्षक आवास सहित संपूर्ण शैक्षणिक इको-सिस्टम विकसित किया जाएगा। यह पहल बस्तर क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगी तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को शिक्षा और अवसर के केंद्र में परिवर्तित करेगी।

    हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान, कारीगरों को नया बाजार

    ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत राज्य सरकार हस्तशिल्प को आजीविका सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम मानते हुए ठोस कदम उठा रही है। ढोकरा आर्ट, बांस कला और माटी कला से जुड़े हजारों परिवारों की आय में वृद्धि के लिए देश के पांच प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शो-रूम स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर का मंच मिलेगा। साथ ही, हस्तशिल्पियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मेलों में भागीदारी हेतु वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि उनके उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके।

    यूनिटी मॉल और ग्लेजिंग यूनिट से मिलेगा आधुनिक विपणन मंच

    रायपुर में यूनिटी मॉल के निर्माण के लिए बजट में 93 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य के हस्तशिल्प उत्पादों को आधुनिक और स्थायी विपणन मंच प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, कुनकुरी के ग्राम गोरिया में 2 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से ग्लेजिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे माटी शिल्पकला को आधुनिक डिजाइन और बाजार उन्मुख स्वरूप मिलेगा। शासन के इस पहल से पारंपरिक कारीगरों के कौशल को नई पहचान मिलेगी और उनके जीवन स्तर में ठोस सुधार सुनिश्चित होगा। मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट 2026-27 शिक्षा, कौशल विकास और पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाकर प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। राज्य सरकार का संकल्प है कि हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और हर कारीगर को सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिले, यही विकसित और समावेशी प्रदेश की आधारशिला है।

  • सवर्ण समाज को शोषित के रूप में चिन्हित करने का प्रयास अस्वीकार्य – डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव

    सवर्ण समाज को शोषित के रूप में चिन्हित करने का प्रयास अस्वीकार्य – डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव

    कायस्थ समाज के साथ-साथ समस्त सवर्ण समाज के लोगों को 8 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में अपराह्न 12:00 बजे आयोजित होने वाले “यूजीसी रोल बैक महा सम्मेलन” में भारी संख्या में पहुंचने की अपील

    लखनऊः अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) बिल का पूर्ण एवं दृढ़ता से विरोध करती है। इन विनियमों के लागू होने पर सवर्ण समाज को व्यवस्थित रूप से शोषक के रूप में चिन्हित किया जाएगा, जिससे समाज में एक ऐसी खाई पैदा होगी जो कभी भर नहीं पाएगी। ये बातें अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव ने निजी आवास पर आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में कहीं। उन्होंने आगे कहा कि यूजीसी के इन नए प्रावधानों में इक्विटी कमिटी में सवर्ण समाज (सामान्य वर्ग) की कोई हिस्सेदारी सुनिश्चित नहीं की गई है। इससे सवर्ण समाज को बिना किसी सुनवाई के दंडित करने और उनके शोषण का कानूनी मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सवर्ण समाज ने भारत की आजादी से पहले, आजादी के दौरान और आजादी के बाद भी राष्ट्र निर्माण में अनगिनत त्याग और आहुतियां दी हैं।  
    उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज को समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे किसी भी कार्यक्रम से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वोट बैंक की राजनीति में अंधा होकर सरकार यदि सवर्ण समाज के शोषण का कानूनी रास्ता बना दे, तो सवर्ण समाज चुप नहीं बैठेगा।
    डॉ. श्रीवास्तव ने याद दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मात्र दो सीटों वाली पार्टी से विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनाने में सवर्ण समाज—चाहे क्षत्रिय हों, ब्राह्मण हों, बनिया हों या कायस्थ—का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सवर्ण समाज की सहजता और राष्ट्रप्रेम को उनकी कमजोरी समझने की भूल सरकार को कभी नहीं करनी चाहिए।
    डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा अपनी इस भूल को सुधारते हुए इस विवादास्पद बिल को वापस (रोलबैक) ले लेती है, तो सवर्ण समाज इस गलती को भुला सकता है। अन्यथा, आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों तथा उसके बाद होने वाले सभी चुनावों में भाजपा को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि अंततः जनता ही किसी भी राजनीतिक दल के भाग्य का निर्धारण करती है—और भाजपा इस सत्य को अच्छी तरह समझती है।
    अंत में, डॉ. श्रीवास्तव ने कायस्थ समाज के साथ-साथ समस्त सवर्ण समाज के लोगों से अपील की है कि वे 8 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में अपराह्न 12:00 बजे आयोजित होने वाले “यूजीसी रोल बैक महा सम्मेलन” में भारी संख्या में पहुंचें और इस अन्यायपूर्ण विनियम के विरुद्ध अपनी एकजुट आवाज बुलंद करें। इस प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जनवरी 2026 में अधिसूचित “प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026” (यूजीसी इक्विटी विनियम 2026) के प्रावधानों के विरुद्ध अपनी दृढ़ आपत्ति दर्ज करना था। डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव, जो पूर्व में भारत सरकार के प्रधान आयुक्त सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रहकर राष्ट्र सेवा कर चुके हैं।

  • ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ महापरिनिर्वाण मंदिर से रामाभार स्तूप पहुंचकर हुई समाप्त, 20-24 फरवरी तक भव्य आयोजन

    ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ महापरिनिर्वाण मंदिर से रामाभार स्तूप पहुंचकर हुई समाप्त, 20-24 फरवरी तक भव्य आयोजन

    बौद्ध भूमि कुशीनगर बना ‘मिनी थाईलैंड’, शोभायात्रा में सम्मिलित हुए थाईलैंड के राजदूत एवं अन्य गणमान्य अतिथि

    बौद्ध आयोजन से भारत-थाईलैंड मैत्री प्रगाढ़, इनबाउंड टूरिज्म को भी बढ़ावा

    *वर्ष 2025 में रिकॉर्ड पर्यटक पहुंचे उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट, विदेशी पर्यटक आगमन संख्या 4.42 लाख के पार* 

    *‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ बनी भारत-थाई सांस्कृतिक सेतु का प्रतीक, दोनों देशों के संबंध हुए और प्रगाढ़- जयवीर सिंह*  

    लखनऊ/ भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में मंगलवार को आस्था और बौद्ध संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। थाई मोनेस्ट्री कुशीनगर की ओर से आयोजित पांच दिवसीय (20 से 24 फरवरी) समारोह के अंतिम दिन 17वीं पवित्र ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ हाथी-घोड़े और गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। शोभायात्रा से संपूर्ण बुद्ध स्थली धम्ममय हो उठी। विशेषकर थाईलैंड से पहुंचे बौद्ध श्रद्धालुओं, भिक्षुओं और पर्यटकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। समारोह में मुख्य अतिथि महाराज यतींद्र मोहन प्रताप मिश्रा तथा थाई राजदूत चवानाथ थानसून फांट की गरिमामय उपस्थिति के बीच थाईलैंड से आए बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध वंदना की। मंगलवार सुबह शोभायात्रा महापरिनिर्वाण मंदिर से निकली, जो रामाभार स्तूप में पूजन-वंदन के बाद संपन्न हुई। थाई बौद्ध धर्म गुरु फ्रा था थेप बोधियोंग और थाई मंदिर के प्रमुख भिक्षु फ्राविडेश्चेरियन (डॉ. पी सोम पोंग) की देखरेख में विशेष पूजा-अर्चना की गई। शोभायात्रा में थाईलैंड के अलावा नेपाल, तिब्बत, उत्तर प्रदेश, लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे बौद्ध धर्मावलंबियों की गरिमामय उपस्थिति रही। हजारों स्थानीय के साथ 200 से अधिक विदेशी बौद्ध श्रद्धालु पवित्र यात्रा का हिस्सा बने। 

    भारत-थाईलैंड मैत्री को कर रहा प्रगाढ़- संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह

    उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा जैसे आयोजन भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सद्भाव और सहयोग को भी नई ऊंचाई प्रदान करते हैं। भारत और थाईलैंड के बीच मैत्री संबंध इन आयोजनों के माध्यम से निरंतर प्रगाढ़ हो रहे हैं।’

    थाई कलाकारों ने किया मंत्रमुग्ध* 

    थाईलैंड से कुशीनगर पधारे लगभग 50 कलाकारों ने पारंपरिक ‘सोम पोथा फ्रा धात’ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। थाई कलाकारों की सुसज्जित पारंपरिक वेशभूषा, सौम्य भाव-भंगिमाएं और लयबद्ध प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर भारत और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों से आए बौद्ध भिक्षुओं एवं उपासकों की उपस्थिति ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक एकता का स्वरूप प्रदान किया।

    *सुसज्जित पालकी, वाद्ययंत्रों की धुनों से दिव्य माहौल*

    ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ के अंतिम दिन कुशीनगर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए शोभायात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया। आकर्षक ढंग से सुसज्जित पालकी, कतारबद्ध श्रद्धालुओं की उपस्थिति और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों ने पूरे वातावरण को एक दिव्य उत्सव में परिवर्तित कर दिया।

    *पांच दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम* 

    ‘बुद्ध धातु शोभा यात्रा’ के दौरान पांच दिनों तक विभिन्न प्रतियोगिताएं और रचनात्मक कार्यक्रम हुए। भगवान बुद्ध के उपदेशों एवं करुणा संदेश पर आधारित गायन प्रतियोगिता, चित्रकला एवं रंग भरने की प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसके अतिरिक्त, मंत्रोच्चार, भिक्षादान, निःशुल्क चिकित्सा शिविर आदि का आयोजन किया गया। शोभायात्रा समाप्ति से पूर्व विभिन्न प्रतियोगिताएं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। 

    *‘वर्ष 2025 में रिकॉर्ड विदेशी पर्यटक पहुंचे बौद्ध सर्किट’* 

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘भगवान बुद्ध की करुणा, शांति और वैश्विक सद्भाव का संदेश आज भी दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उत्तर प्रदेश की पावन धरा की ओर आकर्षित कर रहा है। प्रदेश का बौद्ध सर्किट न केवल घरेलू बल्कि बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी आस्था और अध्ययन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वर्ष 2025 में प्रदेश के सभी छह प्रमुख बौद्ध स्थलों- कुशीनगर, कौशांबी, संकिसा, श्रावस्ती, कपिलवस्तु और सारनाथ में 4.42 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इसी बात का प्रमाण है। राज्य पर्यटन विभाग दुनिया भर के बौद्ध श्रद्धालुओं को अपनी ‘बोधि यात्रा’ की शुरुआत उत्तर प्रदेश से करने को आमंत्रित करता है।

  • चौदहवीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया शुभारंभ

    चौदहवीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया शुभारंभ

    खेल से सुदृढ़ होता है राष्ट्र निर्माण – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

    रायपुर, /* प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई में चौदहवीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का सोमवार को विधिवत शुभारंभ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खेल और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 24 से 27 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में देशभर की पुलिस एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 30 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें लगभग 450 खिलाड़ी शामिल हैं। विशेष बात यह है कि 10 राज्यों के 30 से अधिक ओलंपिक, वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स और साउथ एशियन गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें अर्जुन पुरस्कार विजेता असम के डीएसपी श्री जनता तालुकार एवं राजस्थान के डीएसपी रजत चौहान भी प्रतियोगी के रूप में शामिल हुए।

    अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस बल केवल कानून – व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल और अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्तर की इस प्रतियोगिता से पुलिस बलों के बीच समन्वय, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को मजबूती मिलेगी। छत्तीसगढ़ को इसकी मेजबानी मिलना राज्य के लिए गर्व का विषय है।

    पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि खेल गतिविधियां पुलिस बलों में शारीरिक दक्षता, मानसिक संतुलन और अनुशासन को मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्षता एवं खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम में दुर्ग नगर की महापौर श्रीमती अलका बाघमार, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, एडीजी एस.आर.पी. कल्लूरी, एडीजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल विवेकानंद सिन्हा, आईजी ओ.पी. पाल, आईजी अजय यादव, आईजी अभिषेक शांडिल्य, आईजी श्री बी.एस. ध्रुव, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, डीआईजी एम.आर. आहिरे, डीआईजी मध्य रेंज एवं आयोजन सचिव सदानंद कुमार, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त राठौर तथा प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी कमांडेंट एवं पुलिस खेल अधिकारी राजेश कुकरेजा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही पद्मश्री सम्मानित समसाद बेगम, भारती बंधू, आलोक निरंजन एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सबा अंजुम भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।