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  • प्रधानमंत्री आवास निर्माण राशि में गड़बड़ी के मामले में 6 लोगों के विरुद्ध एफआईआर

    प्रधानमंत्री आवास निर्माण राशि में गड़बड़ी के मामले में 6 लोगों के विरुद्ध एफआईआर

    *दो रोजगार सहायक बर्खास्त* *अधूरे आवासों को पूर्ण बताकर राशि का गबन का मामला*  

    रायपुर,/ प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि गबन करने के मामले में कोरबा जिले में 6 लोगों के विरूद्ध एफआईआर की कार्यवाही की गई है, जिसमें तीन ठेकेदार, दो पूर्व रोजगार सहायक और एक पूर्व आवास मित्र शामिल है। कोरबा कलेक्टर श्री अजीत वसंत के निर्देश पर हुई इस कार्यवाही के चलते पूर्व रोजगार सहायक प्रकाश चौहान एवं किरण महंत को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ठेकदार मेघनाथ विश्वकर्मा, राजाराम चौहान ग्राम सिमकेंदा, लखनलाल बैगा ग्राम श्यांग, रोजगार सहायक ग्राम श्यांग प्रकाश चौहान और ग्राम सोल्वा के किरण महंत, पूर्व आवास मित्र चंद्रशेखर मँझवार, ग्राम करूमौहा के विरुद्ध पुलिस थाना श्यांग कोरबा में एफआईआर दर्ज कराई गई है। 

    जिला प्रशासन कोरबा को यह शिकायत प्राप्त हुई थी कि जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत श्यांग, सिमकेदा, एवं सोल्वा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 72 हितग्राहियों के आवास आधे अधूरे हैं। आवास बने ही नहीं और 86 लाख रुपए निकाल लिए गए। शिकायत के संबंध में जिला स्तरीय जांच समिति गठित कर जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार उक्त तीनों ग्रामों में स्वीकृत 72 आवासों के लिए ठेकेदार राजाराम, मेघनाथ विश्वकर्मा, लखनलाल बैगा और तत्कालीन रोजगार सहायक प्रकाश चौहान,किरण महंत, तत्कालीन आवास मित्र चंद्रशेखर मँझवार के द्वारा आवास की राशि निकाल ली गई है, जिसके कारण आवास निर्माण का कार्य अधूरा है। तत्कालीन विकासखंड समन्वयक लम्बोदर कौशिक, कलेश्वर चौहान तथा तकनीकी सहायक नरेंद्र साहू द्वारा भी बिना भौतिक सत्यापन के आवास पूर्ण होने का जिओ टैग कर पूर्ण भुगतान कराया गया। जिला प्रशासन ने इसे कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता का मामला मानते हुए संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। 

    सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही की जा रही है। जनपद पंचायत सीईओ देवानंद श्रीवास के पत्र के अनुसार विकासखंड समन्वयक प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जनपद पंचायत कोरबा के द्वारा उक्त 6 लोगों पर पुलिस थाना श्यांग कोरबा में शासकीय राशि के गबन की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने  भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409, 120-बी, 34 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।

  • डीएम ने वृहद गो संरक्षण केंद्र देवली का किया औचक निरीक्षण

    डीएम ने वृहद गो संरक्षण केंद्र देवली का किया औचक निरीक्षण

     बेहतर प्रबंधन हेतु सम्बन्धित को दिये गये आवश्यक दिशा-निर्देश

    सोनभद्र। जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने मंगलवार को तहसील घोरावल के देवली मय केवली में स्थापित वृहद गो संरक्षण केन्द्र का औचक निरीक्षण किया  , जिलाधिकारी ने वृहद गो संरक्षण केंद्र में गोवंशों के रहने, उनके खाने के लिए भूसा, चारा व पीने के पानी व्यवस्था को देखा। उन्होंने मौके पर संरक्षण केन्द्र में लगाए गए मजदूरों से वार्ता कर गोवंशों को दिये जाने वाले भूसा के मात्रा व देखभाल करने संबंधी जानकारी प्राप्त की,  बताया गया कि दो टाइम भूसा दिया जाता है और समय से पानी पिलाया जाता है। जिलाधिकारी ने वृहद गो संरक्षण केन्द्र में व्यय  रजिस्टर का निरीक्षण  किया  और भूसा खरीद भुगतान, कैशबैक, बिल वाउचर व भुगतान किये गये चेक का रिकार्ड आदि का मिलान मौके पर ही कराया गया, जिस पर संतोष व्यक्त कर गोवंशों को बेहतर प्रबंधन किया जाये, ताकि आगामी गर्मी के दिनों में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न होने पायें।

       उन्होंने सम्बन्धित को निर्देशित करते हुए कहा कि जो भी व्यय किया गया है, का बैलेंस शीट तैयार कर प्रस्तुत किया जाये। उन्होंने कहा कि वृहद गो संरक्षण केन्द्र में जो भी भूमि खाली पड़ी है, उस पर नैपियर घास लगाया जाये, जिससे कि गर्मी के दिनों में गोवंशों को हरा चारा मिल सकें। उन्होंने संबंधित को निर्देशित किया कि गोवंशों को पानी का विशेष ध्यान रखा जाये। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वृहद गो संरक्षण केन्द्र में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 गोवर्धन योजना के अंतर्गत लगाए गए कम्प्रेस बायोगैस प्लांट का भी निरीक्षण किये, निरीक्षण के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि प्लांट लगा है, जो अभी चालू नहीं है, जिसे संचालन के लिए सम्बन्धित संस्था को निर्देशित किया गया। बायोगैस प्लांट के चालू होने से घरेलू कार्य के लिए विद्युत उत्पादन होगा और गोवंशों के गोबर का उपयोग भी होता रहेगा।   इस मौके पर उप जिलाधिकारी घोरावल राजेश उपाध्याय, पशु मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 अजय कुमार मिश्रा, बी0डी0ओ0 घोरावल, डी0सी0 मनरेगा सहित अन्य संबंधित गण उपस्थित रहें। 

  • छत्तीसगढ़ के प्रथम डीजीपी श्रीमोहन शुक्ला का निधन

    छत्तीसगढ़ के प्रथम डीजीपी श्रीमोहन शुक्ला का निधन

    *पुलिस मुख्यालय नया रायपुर में दी गई श्रद्धांजलि*

    रायपुर / छत्तीसगढ़ के प्रथम पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्रीमोहन शुक्ला का आज दिनांक 28 जनवरी 2025 को प्रातः आकस्मिक निधन हो गया। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी श्री शुक्ला (आयु 85 वर्ष) ने भोपाल के वैशाली नगर स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। श्री शुक्ला का अंतिम संस्कार आज दोपहर 12 बजे भोपाल में हुआ। इस दौरान परिवारजनों, मित्रों और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

    श्री श्रीमोहन शुक्ला छत्तीसगढ़ के प्रथम पुलिस महानिदेशक रहे। वे एक नवंबर 2000 से 26 मई 2001 तक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रहे। इसके बाद उन्होंने 26 मई 2001 से 2 अक्टूबर 2004 तक छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दीं। श्री शुक्ला के निधन पर छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

  • दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से ग्रामोद्योग सेवा आश्रम ने आयोजित किया प्रचार-प्रसार कार्यक्रम

    दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से ग्रामोद्योग सेवा आश्रम ने आयोजित किया प्रचार-प्रसार कार्यक्रम

    सोनभद्र। स्वैच्छिक संस्था जन कल्याण ग्रामोद्योग सेवा आश्रम द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से ग्राम बहुअरा में प्रचार-प्रसार कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 53 लोगों ने प्रतिभाग किया।

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। परियोजना समन्वयक रोहित विश्वकर्मा ने मूक-बधिर बच्चों के लिए स्थापित मूक-बधिर बालक इंटर कॉलेज, सिन्दुरिया, चोपन के बारे में बताया। उन्होंने 3 से 7 वर्ष के दिव्यांग बच्चों के लिए शीघ्र शुरू किए जाने वाले बचपन डे केयर सेंटर की जानकारी भी साझा की, जहां बच्चों को निःशुल्क शिक्षण और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

    इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में कुष्ठावस्था पेंशन, कृत्रिम अंग सहायक उपकरण, शादी प्रोत्साहन योजना, दुकान निर्माण एवं संचालन योजना, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और यूडीआईडी कार्ड जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही, इन योजनाओं के लिए पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगता निवारण, बचाव, उपचार और पुनर्वास के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित 18 लोगों को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर संस्था के कार्यकर्ता विजय प्रजापति, अनीश मौर्य सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। यह कार्यक्रम दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ। 

  • मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    यात्रियों को संभालने में जुटी जीआरपी और आरपीएफ की टीम

    डीडीयू नगर। प्रयागराज महाकुंभ में सबसे महत्वपूर्ण मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के लिए स्नानार्थियों की भीड़ स्थानीय रेलवे स्टेशन पर उमड़ने लगी है। सोमवार को स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पचास हजार से अधिक भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को संभालने में आरपीएफ, जीआरपी स्टेशन अधीक्षक,वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट गये। यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त जेतिन बी राज ने स्वयं कमान संभाल ली है। वहीं मंडल रेल प्रबंधक पल पल पर निगाह रखे हुए हैं। यही नहीं जोनल अधिकारियों की भी निगाह जुटी है।

    माघ माह में अमावस्या तिथि को स्नान का अत्यधिक महत्व है। प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में दस करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसकी बानगी डीडीयू स्टेशन पर दिखाई दे रही है। रविवार से ही स्टेशन पर अप और डाउन की ट्रेनो में अत्यधिक भीड़ रही है। विशेष कर प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में यात्री भूसे की तरह लद कर जा रहे हैं। रविवार को यात्रियों की भीड़ को देखते हुए वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त जेतिन बी राज स्वयं रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और व्यवस्था का जायजा लिया। सोमवार को भी 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ डीडीयू स्टेशन पर जुट गई। प्रयागराज से आने वाली ट्रेनों से भी स्नानार्थी भर-भर कर पहुंच रहे हैं। यहां से पटना और गया रूट की ट्रेनों में यात्रियों को सुरक्षित सवार कराना टेढ़ी खीर साबित हो रही है। आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत, जीआरपी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह, सीएसजी एनके मिश्र आदि की देख रेख में टीम जुटी हुई है। वरीय मडल सुरक्षा आयुक्त जेतिन बी राज ने कहा कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया गया हैं।

    कंट्रोल रूम से रखी जा रही है निगाह

     स्थानीय रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के भीड़ पर निगाह रखने के लिए स्टेशन निदेशक के रूम को कंट्रोल रूम में तब्दील कर दिया गया है। यहां चौबीस घंटे के लिए मंडल स्तरीय एक अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। यहीं नहीं यहां सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता विभाग की टीम को तैनात किया गया है। इस संबंध में वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जेतिन बी राज ने कहा कि स्टेशन पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

    महाकुंभ में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए डीडीयू स्टेशन के मुख्य गेट पर ही यात्री सहायता केंद्र की स्थापना की गई है। यहां आरपीएफ, जीआरपी के अधिकारियों के साथ ही वाणिज्य विभाग के अधिकारियों की टीम लगाई गई है। यहां टीटीई यात्रियों को सही जानकारी दे रहे हैं।साथ ही यहां कुंभ स्पेशल ट्रेनों की टाइमिंग बताई जा रही है।

  • ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान का आलमपुर में कार्यालय बनाए जाने हेतु लीज पर दी गई भूमि

    ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान का आलमपुर में कार्यालय बनाए जाने हेतु लीज पर दी गई भूमि

    चन्दौली / उप जिलाधिकारी पीडीडीयू नगर आलोक कुमार ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के संरक्षण में जनपद चंदौली के अग्रणी बैंक यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के सहयोग से ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) का कार्यालय बनाए जाने हेतु ग्राम आलमपुर थाना अलीनगर तहसील पी डी डी यू नगर (मुगलसराय) स्थित गाटा संख्या 155 नवीन परती व गाटा संख्या 156/2 बंजर क्षेत्रफल 0.286 हे0 भूमि 29 वर्ष 11 माह की अवधि हेतु लीज पर दी गई है। जिसे आज दिनांक 28 जनवरी, 2025 को संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे के निर्देशानुसार नायब तहसीलदार अमित सिंह की अध्यक्षता में गठित राजस्व टीम द्वारा विधिवत पैमाइश कर पत्थर गडवाकर संस्था को कब्जा परिवर्तन कर दिया गया है। 

    मौके पर संस्थान की वाराणसी से निदेशक श्रीमती स्मिता वर्मा अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे इस संस्था के निर्माण से क्षेत्र के अधिक से अधिक संख्या में लोगों को स्वरोजगार का प्रशिक्षण आसानी से मिलेगा एवं क्षेत्र का विकास होगा।

  • जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित

    जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित

    जनपद चन्दौली में कुल 732 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, जिसमें से 42 स्कूली वाहनों के फिटनेस वैध नहीं

    चन्दौली / कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे के निर्देशानुसार अपर जिलाधिकारी वि०रा० सुरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में “जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्कूली वाहनों के सुरक्षित परिवहन से सम्बन्धित महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी। जनपद चन्दौली में कुल 732 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, जिसमें से 42 स्कूली वाहनों के फिटनेस वैध नहीं है। बिना फिटनेस के 42 स्कूली वाहनों में से 34 वाहनों की आर०सी० को निलम्बित किया जा चुका है, शेष 08 स्कूली वाहनों को प्रपत्रों को वैध कराने हेतु विद्यालय प्रबन्धकों को नोटिस प्रेषित किया गया है। वहीं 284 स्कूली वाहनों का परमिट नवीनीकरण नहीं हुआ है अथवा परमिट प्राप्त नहीं हुआ है ऐसी स्कूली वाहनों के प्रबन्धकों को नोटिस प्रेषित करने एवं यदि वाहन संचालन योग्य नहीं है, वाहन की आयु पूर्ण हो चुकी है तो ऐसे वाहन को चिन्हित कर स्क्रब कराने हेतु अपर जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया। परिवहन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि माह दिसम्बर 2024 में कुल 21 स्कूली वाहनों का मानक के अनुरूप नहीं पाये जाने के कारण चालान किया गया।

    उन्होंने बैठक के दौरान कहा कि प्रत्येक विद्यालय में रोड सेफ्टी कमेटी के गठन हेतु उपस्थित विद्यालय प्रबन्धक / प्राचार्य को निर्देशित किया गया एवं कहा गया कि स्कूल वाहनों के चालकों का चरित्र व ड्राईविंग लाईसेंस को सत्यापित कराने का कार्य शीघ्र पूर्ण करा ले साथ ही स्कूली वाहन चालकों सुरक्षित गति सीमा में विद्यालय वाहन संचालित हेतु निर्देशित करें। उक्त के अतिरिक्त जिन स्कूल वाहनों के परमिट समाप्त है अथवा बिना परमिट के संचालित हो रही है उनपर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु परिवहन विभाग को निर्देशित गया। स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन हेतु विद्यालय प्रबन्धन को समय-समय पर विद्यालय में अभिभावक अध्यापक संग आयोजित मिटिंगों में अनिवार्य रूप से बच्चों के सुरक्षित परिवहन पर चर्चा करें। दोपहिया वाहन चलाते समय सदैव हेल्मेट का प्रयोग करें एवं चार पहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगाए। स्कूली बच्चों बच्चों का सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में ए०आई० बेस्ड ट्रेनिंग देने के सम्बन्ध में चर्चा की गयी। अनफिट स्कूली वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी चन्दौली को निर्देशित किया साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में अनफिट, बिना वैध प्रपत्रों के संचालन होना पाया जाए एवं लम्बे समय से प्रपत्रों को वैध करायें ऐसे विद्यालय को चिन्हित कर उनकी मान्यता को रद्द करने सम्बन्धी आवश्यक कार्यवाही करें। जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में डॉ० सर्वेश गौतम, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, चन्दौली, अलोक कुमार (ए०ई०) पीडब्ल्यूडी०, चन्दौली, ललित कुमार मालवीय, यात्री / मालकर अधिकारी, चनदौली, अशोक कुमार यादव, सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक), जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रतिनिधि, प्रधानाचार्य-सनबीम स्कूल, मानस कान्वेंट स्कूल, सेन्ट जोसेफ स्कूल, आर्यन इंटरनेशनल स्कूल, बी०पी०एस० स्कूल, एम्बिशन स्कूल, केरला पब्लिक स्कूल सहित अन्य स्कूलों के भी ट्रान्सपोर्ट स्टाफ उपस्थित रहे।

  • पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने 20 नवीन वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों का किया लोकार्पण

    पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने 20 नवीन वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों का किया लोकार्पण

    प्रत्येक केन्द्र में 400 गोवंश को संरक्षित करने की क्षमता, गौसंरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा – धर्मपाल सिंह

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज पशुपालन निदेशालय में आयोजित एक कार्यक्रम में निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु प्रदेश के 11 जनपदों के 20 वृहद गो संरक्षण केन्द्रों का वर्चुवल लोकार्पण किया। इसके तहत जनपद हरदोई में 05, आगरा में 03, बांदा, फर्रूखाबाद, कासगंज, हाथरस, सीतापुर एवं मुरादाबाद में एक-एक तथा सहारनपुर, शाहजहांपुर एवं सुल्तानपुर में 02-02 वृहद गो संरक्षण केंद्रो का शत प्रतिशत शामिल है। सभी 20 वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों के निर्माण लागत रुपए 3202.04 लाख है। प्रति केंद्र में लगभग 400 गोवंश को संरक्षित किया जा सकता है। 

    इस अवसर पर जनपद आगरा से भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, एस0पी0 सिंह बघेल जी भी ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़े रहे। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गो संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। श्री सिंह ने सम्बंधित जनपदों के क्षेत्रीय विधायकों, ग्रामप्रधानों, जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा केयरटेकरों से भी गोवंश के रखरखाव और सहयोग पर बात की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गो संरक्षण कार्यों में स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए और गौसंरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निराश्रित गोवंश हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। गोशालाओं में गाय भूखी न रहे, चारा, भूसा, प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था हो। 

    प्रदेश में 7753 गो आश्रय स्थलों की स्थापना की जा चुकी है, जिसमें कुल 12,43,107 निराश्रित गोवंश संरक्षित है। प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 543 वृहद गो संरक्षण केंद्रों की  स्वीकृति प्रदान की गई है जिसके सापेक्ष 372 केंद्रों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। विगत 6 माह में 73 वृहद हो संरक्षण केंद्रों का निर्माण कर लोकार्पण कराया गया है। 

    श्री सिंह ने कहा कि सड़कों तथा राजमार्गों के समीपस्थ ग्रामों में पशुपालकों के गोवंशों के रात्रि के समय सड़क पर आ जाने की स्थिति में मार्ग दुर्घटना की आशंका बना रहती है। सरकार द्वारा इन पशुपालकों के पशुओं के गले में रेडियम पट्टी लगाये जाने हेतु जिलाधिकारियों को निर्देश निर्गत कर दिये गये हैं। जनपदों में उ0प्र0 गो संरक्षण एवं संवर्धन कोष की धनराशि से रेडियम पट्टी लगाये जाने का कार्य किया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में निराश्रित गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन निरंतर किया जा रहा है। पशुपालकों एवं किसानों की आय में बढ़ोत्तरी करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है और इस दिशा में विभाग द्वारा निरंतर सार्थक कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास के0 रविन्द्र नायक ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व और पशुधन विकास मंत्री के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा  निराश्रित गोवंश का गो आश्रय स्थलों में निरंतर संरक्षण किया जा रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा ग्राम्य विकास, राजस्व विभाग, नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग तथा गृह विभाग के समन्वय से अवशेष निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु निरन्तर अभियान चलाया जा रहा है।  कार्यक्रम में पशुधन विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र पांडे, पशुपालन विभाग के  निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ0 जयकेश पाण्डे ,निदेशक,(रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ योगेंद्र सिंह पवार,संयुक्त निदेशक डॉ पी0के0 सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • प्रयागराज : महाकुम्भ मेले के दृष्टिगत जनपद में संचालित अस्थायी बस अड्डे का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

    प्रयागराज : महाकुम्भ मेले के दृष्टिगत जनपद में संचालित अस्थायी बस अड्डे का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

    *प्रयागराज महाकुम्भ मेले में जाने वाले आम जनमानस की सुविधा एवं सुगमता के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने लिया अस्थायी बस अड्डे का जायजा, सम्बन्धित अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश* 

      *चन्दौली/ जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे ग्राम झांसी चन्दौली स्थित प्रयागराज में आयोजित महाकुम्भ में जाने हेतु अस्थायी बस अड्डे का स्थलीय निरीक्षण किया गया। 

    जिलाधिकारी द्वारा तीर्थ यात्रियों के सुगम आवागमन से सम्बन्धित आवश्यक निर्देश दिये गये। जनपद चन्दौली से जाने वाले आम जनमानस की सुविधा एवं सुगमता के दृष्टिगत जनपद में अस्थायी बस अड्‌डा 13.01.2025 से 26.02.2025 तक क्रियाशील रहेगा। निरीक्षण के दौरान तीर्थ यात्रीयों को उपलब्ध करायी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं का सुनिश्चित किये जाने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित भी किया गया।

    अस्थायी बस अड्डे का किया गया निरीक्षण के दौरान डॉ० सर्वेश गौतम, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, चन्दौली, अलोक कुमार (ए०ई०) पीडब्ल्यूडी०, ललित कुमार मालवीय, यात्री / मालकर अधिकारी व परिवहन विभाग के स्टाफ के साथ महाकुम्भ में जाने वाले तीर्थ यात्री उपस्थित रहे।

  • पड़ाव आश्रम में परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु का ‘अनन्य दिवस’ पर्व  ‘आनंद-दिवस’ के रूप में सोल्लास मनाया गया

    पड़ाव आश्रम में परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु का ‘अनन्य दिवस’ पर्व  ‘आनंद-दिवस’ के रूप में सोल्लास मनाया गया

    वाराणसी। श्री सर्वेश्वरी समूह, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम पड़ाव वाराणसी में परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी का “अनन्य दिवस पर्व” पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव रामजी के निर्देशन में बड़ी ही श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर प्रात:काल एक प्रभातफेरी निकाली गयी जो पड़ाव आश्रम से अघोरेश्वर महाविभूति स्थल तक गयी। सफाई एवं श्रमदान के पश्चात् लगभग 9:30 बजे परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु की चरणपादुका एवं आसन पर माल्यार्पण, पूजन एवं आरती किया गया। तदोपरांत श्री पृथ्वीपाल ने सफलयोनि का पाठ किया। सभी श्रद्धालुगण दर्शन-पूजन करके प्रसाद ग्रहण किये। पूर्वाह्न 11:30 बजे एक पारिवारिक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ।

    वक्ताओं में अघोर शोध संस्थान के निदेशक डॉ० अशोक कुमार जी, एस०के०बी० सिंह जी, वरिष्ठ चाय वैज्ञानिक आई डी सिंह जी, पृथ्वीपाल जी ने और श्रीमती प्रीतिमा जी ने अपने विचार व्यक्त किये। सभी वक्ताओं ने अघोरेश्वर महाप्रभु के विचारों पर चलकर अपने पीड़ित-उपेक्षित की सेवा करने और अन्न-जल के दुरुपयोग को रोकने की प्रेरणा दी। ओमप्रकाश तिवारी जी ने मंगलाचरण किया और श्रीमती गिरजा तिवारी जी ने एक भजन प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन श्री सर्वेश्वरी समूह के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह जी तथा प्रचार मंत्री पारसनाथ यादव जी ने गोष्ठी का सञ्चालन ने किया।

    इस पर्व को मनाने के पीछे की कथा है कि “आज ही के दिन माघ कृष्ण चतुर्दशी को सन् 1954 में प्रयागराज में आयोजित कुम्भ मेले में अपने तप के दौरान उपेक्षित और बहुत दिनों के भूखे परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु को एक अज्ञात बूढी माँ ने अपने फांकते हुए अन्न में से एक मुट्ठी अन्न दिया था, जिसके बाद से ही उनको इतना अन्न और वस्त्र मिलने लगा कि वो दूसरों की तरफ टारने लगे I” उल्लेखनीय है कि इसके बाद से ही माँ-भगवती से प्राप्त आशीर्वाद रुपी प्रसाद लेकर अघोरेश्वर महाप्रभु पीड़ित-उपेक्षित मानव की सेवा करने निकल पड़े I यह कार्यक्रम हर वर्ष वृहद् रूप से महाकुंभ प्रयागराज में पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव रामजी के सान्निध्य में श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा प्रयाग द्वारा मनाया जा रहा है I इसके अतिरिक्त देश भर में फैली समूह की सभी शाखाओं में भी यह पर्व श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया जाता हैI