उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद मुजफ्फरनगर भ्रमण के दौरान शुकतीर्थ आश्रम में पीपल का पौधा रोपकर वृक्षारोपण जन अभियान-2023 का शुभारम्भ किया तथा पंचवटी वाटिका की स्थापना की। इस अवसर पर उन्होंने जनपद मुजफ्फरनगर के विकास से सम्बन्धित लगभग 242 करोड़ रुपये लागत की 77 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आने से पूर्व, उन्हें विदुर कुटी, बिजनौर में वृक्षारोपण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। वहाँ भी लोगों की एक ही मांग है कि जिस प्रकार शुकतीर्थ में माँ गंगा की धारा आ गई है, उसी प्रकार विदुर कुटी को भी मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त हो। आज इस कार्य का सर्वे भी करके आए है। यह सौभाग्य इस धरती को है कि महाराज शुकदेव के श्रीमुख से सबसे पहले महाराजा परीक्षित ने अपने मोक्ष के लिए इसी पावन धरती पर श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा को सुना था। तबसे यह अमर कथा इस सम्पूर्ण धरा के कोटि-कोटि मानवों के उद्धार का कार्य कर रही है। ऐसे शुकतीर्थ की भूमि पर वृक्षारोपण महाभियान के साथ जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ है। वृक्ष लगाने के साथ ही गौमाता को गुड़ खिलाने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आज से आरम्भ हुए इस जन अभियान में 35 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें आज प्रदेश में 30 करोड़ पौधों के रोपण का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि धरा हरी-भरी होगी, तो खुशहाली व समृद्धि आएगी। प्रत्येक व्यक्ति वृक्ष लगाए और उनको संरक्षित करने का भी कार्य करे। शुकतीर्थ में 5,000 वर्ष पुराने अक्षय वट की छांव में आध्यात्मिक शांति मिलती है। 100 वर्ष पुराने वृक्षों के आस-पास चबूतरा बनाकर विरासत वृक्ष के रूप में मान्यता देकर संरक्षित किया जाना चाहिए। वृक्षारोपण अभियान में फलदार तथा औषधीय वृक्षों को लगाएं। सरकार के साथ ही आमजन को भी वृक्षारोपण के लिए अपने स्तर से प्रयास करने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी विरासत बहुत समृद्ध है। हमारे यहाँ मान्यता है कि माँ का दूध तभी फलदायी होता है, जब व्यक्ति एक पेड़ लगाता है। फलदार वृक्ष लगाना किसी भी व्यक्ति के लिए माँ के ऋण से उऋण होने जैसा है। वृक्षारोपण का अभियान समृद्धि से खुशहाली की ओर का मार्ग प्रशस्त करता है। आज हम सभी उसी के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने लोगों से एक पौधा लगाने की अपील करते हुए वृक्षारोपण अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज विकास और विरासत की नई गाथा लिख रहा है। देश में केदारनाथ धाम, बदरीनाथ धाम एवं महाकाल के महालोक का पुनरुद्धार तथा सोमनाथ मन्दिर के सुंदरीकरण के कार्य हुए हैं। वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम में सावन के महीने में 03 से 05 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन करने आ रहे हैं। वर्तमान में अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मन्दिर का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान सरकार विरासत और आस्था को सम्मान देने के साथ ही विकास को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शुकतीर्थ विकास परिषद के गठन से शुकतीर्थ के विकास के नए द्वार खुलेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर ने ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ के माध्यम से गुड़ की मिठास को दुनिया तक पंहुचाया है। सरकारी ट्यूबवेल से किसानों को मुफ्त में पानी देने की कार्यवाही तेजी से चल रही है। कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनकी आस्था का सम्मान किया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, सम्पूर्ण प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा आधार है। यहां के युवा, किसान, बेटियां, बहनों द्वारा प्रदेश को समृद्ध बनाने में जो योगदान दिया जा रहा है, वह अदभुत, अविस्मरणीय एवं अतुल्य है।
मुख्यमंत्री जी ने वृक्षारोपण जन अभियान-2023 के शुभारम्भ के उपरान्त, शुकतीर्थ में स्वामी कल्याणदेव जी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने शुकदेव मन्दिर में पूजा-अर्चना करने के उपरान्त, स्वामी ओमानन्द जी से शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री डॉ0 संजीव कुमार बालियान, प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिल देव अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने शुकतीर्थ में पतित पावनी माँ गंगा की अविरल जलधारा के बहुप्रतीक्षित आगमन पर शुकतीर्थ घाट पर जाकर माँ गंगा की पूजा-अर्चना, आरती व जलाभिषेक किया।