मुख्यमंत्री का राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को मंहगाई भत्ता एवं मंहगाई राहत 34 प्रतिशत से बढ़ाकर 38 प्रतिशत करने का निर्णय

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प्रत्येक कर्मचारी को 6,908 रु0 बोनस देय होगा

बोनस भुगतान से राज्य सरकार पर 1,022 करोड़ रु0 का व्ययभार

मंहगाई भत्ता एवं मंहगाई राहत का 38 प्रतिशत की दर से भुगतान से प्रदेश सरकार पर 296 करोड़ रु0 का मासिक व्ययभार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर्मचारियों के व्यापक हित के दृष्टिगत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए पात्र कर्मचारियों को बोनस प्रदान किए जाने तथा राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को मंहगाई भत्ता एवं मंहगाई राहत की वर्तमान दर 34 प्रतिशत को 01 जुलाई, 2022 से बढ़ाकर 38 प्रतिशत किए जाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी आज यहां देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए मासिक परिलब्धियों की उच्चतम सीमा 7,000 रुपये के आधार पर 30 दिन की परिलब्धियों का आगणन करते हुए प्रत्येक कर्मचारी को 6,908 रुपये बोनस देय होगा। राज्य सरकार के इस समय लगभग 14 लाख 82 हजार कर्मचारी बोनस पात्रता की परिधि में आते हैं। इन्हें बोनस अनुमन्य किए जाने से राज्य सरकार पर कुल 1,022 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि जो कर्मी जी0पी0एफ0 योजना से आच्छादित हैं, उन्हें बोनस धनराशि का 25 प्रतिशत नकद प्राप्त होगा, शेष 75 प्रतिशत जी0पी0एफ0 खाते में भेजा जाएगा। ऐसे कर्मी जो जी0पी0एफ0 योजना से आच्छादित नहीं हैं, उनका देय नकद व्ययभार के रूप में राजकोष पर आएगा। प्रवक्ता ने बताया कि मंहगाई भत्ता एवं मंहगाई राहत का 38 प्रतिशत की दर से भुगतान पर 296 करोड़ रुपये का मासिक व्ययभार आएगा। माह जुलाई से माह अक्टूबर तक के देयों का कुल तात्कालिक व्ययभार 1,184 करोड़ रुपये आएगा, जिसमें से पुरानी पेंशन प्रणाली से आच्छादित कर्मियों से सम्बन्धित धनराशि 387 करोड़ रुपये जी0पी0एफ0 में जमा होगी, इसलिए नकद व्ययभार 797 करोड़ रुपये आएगा।

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