नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) ने जनता को ऑनलाइन बुकिंग धोखाधड़ी के बारे में सचेत किया है। विशेष रूप से ऐसे मामलों को लेकर सचेत किया गया है, जिनमें देश में धार्मिक तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को निशाना बनाया जा रहा है। यह धोखाधड़ी नकली वेबसाइटों, भ्रामक सोशल मीडिया पेजों, फेसबुक पोस्ट और गूगल जैसे सर्च इंजनों पर Paid विज्ञापनों के माध्यम से की जा रही हैं।
संदेह किए बिना लोग इन पोर्टलों के माध्यम से भुगतान करने के बाद, अक्सर तब ठगे जाने का एहसास करते हैं जब बुकिंग की कोई पुष्टि या सेवा प्राप्त नहीं होती और संपर्क के लिए दिए गए नंबर पहुंच से बाहर (Unreachable) हो जाते हैं।
लोगोंकोअत्यधिकसावधानीबरतनेकीसलाहदीजातीहै:
1. कोई भी भुगतान करने से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता की हमेशा जांच करें।
2. गूगल, फेसबुक या व्हाट्सएप पर “प्रायोजित” या अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से पहले सत्यापन करें।
3. बुकिंग केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टलों या विश्वसनीय ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से करें।
4. ऐसी वेबसाइटों की तुरंत शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: www.cybercrime.gov.in पर करें या किसी धोखाधड़ी के मामले में 1930 पर कॉल करें।
5. केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग https://www.heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से की जा सकती है।
6. सोमनाथ ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट https://somnath.org है और गेस्ट हाउस बुकिंग उसी के माध्यम से की जा सकती है।
* स्कैमसिग्नलएक्सचेंज (Scam Signal Exchange) – स्कैम सिग्नल नियमित रूप से आईटी मध्यस्थों जैसे गूगल, व्हाट्सएप, फेसबुक के साथ साझा किए जा रहे हैं ताकि सक्रिय रूप से पता लगाया जा सके।
* प्रवर्तन(Enforcement) – साइबर अपराध हॉटस्पॉट्स की पहचान की जा रही है और जिन राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों से अपराध की शुरुआत हो रही, उन्हें राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को संवेदनशील बनाया जा रहा है।
* साइबरगश्त (Cyber Patrolling) – नकली वेबसाइटों/विज्ञापनों और प्रतिरूपण करने वाले सोशल मीडिया खातों तक पहुंच को समय-समय पर अक्षम (disable)किया जा रहा है ताकि नागरिकों की सुरक्षा हो।
* संदिग्धोंकीजांचऔररिपोर्टिंग(Suspect Checking and Reporting) – राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर संदिग्धों की जांच और रिपोर्टिंग सुविधा विकसित की गई है, ताकि रिपोर्टिंग यानी शिकायत दर्ज कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
नई दिल्ली। विश्व यकृत (लीवर) दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी नागरिकों से संयमित खान-पान की आदतें अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। छोटे लेकिन प्रभावी बदलावों के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तेल का सेवन कम करने जैसे उपाय समग्र स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा एक्स पर किए गए पोस्ट का जवाब देते हुए श्री मोदी ने कहा:
“#WorldLiverDay को संयमित खान-पान और स्वस्थ जीवन जीने के आह्वान के साथ मनाने का सराहनीय प्रयास। तेल का सेवन कम करने जैसे छोटे उपाय बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर मोटापे के बारे में जागरूकता बढ़ाकर एक स्वस्थ और तंदुरुस्त भारत का निर्माण करें।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज एलन मस्क के साथ रचनात्मक बातचीत की। इस बातचीत में आपसी हितों के कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस वर्ष के शुरुमें वाशिंगटन डीसी में हुई उनकी बैठक के दौरान चर्चा में शामिल विषयों पर फिर से बातचीत की गई, जिसमें तकनीकी उन्नति के लिए साझा दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया। प्रधानमंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इन क्षेत्रों में साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा: “एलन मस्क से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें इस वर्ष के शुरुआत में वाशिंगटन डीसी में हमारी बैठक के दौरान शामिल किए गए विषय भी सम्मिलित थे। हमने प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं पर चर्चा की।भारत इन क्षेत्रों में अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 22 कुख्यात नक्सलियों नक्सलियों की गिरफ्तारी और सुकमा जिले में 33 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सुरक्षा बल के जवानों व छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई दी
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 22 कुख्यात नक्सलियों नक्सलियों की गिरफ्तारी और सुकमा जिले में 33 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सुरक्षा बल के जवानों व छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई दी है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट में कहा कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में विभिन्न ऑपरेशन्स में कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 22 कुख्यात नक्सलियों को आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों के साथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि सुकमा में 33 नक्सलियों ने सरेंडर कर मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति पर विश्वास जताया है।
श्री शाह ने कहा कि सुकमा की बडेसेट्टी पंचायत में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिससे यह पहला नक्सलवाद सदस्य मुक्त पंचायत (इलवद पंचायत) बन गया है। साथ ही, सुकमा में अन्य 22 नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया, जिससे सरेंडर करने वालों की कुल संख्या बढ़कर 33 हो गई है।
गृह मंत्री ने छिपे हुए नक्सलियों से अपील की कि वे मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले हम देश को नक्सलवाद के दंश से मुक्त करने के लिए संकल्पित हैं। गृह मंत्री ने नक्सलमुक्त भारत अभियान की दिशा में इस सफलता के लिए सुरक्षा बल के जवानों और छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई दी।
भारत का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 5.5 प्रतिशत बढ़कर 820.93 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया, जो बढ़ते वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार व्यवधानों के बीच निर्यात क्षेत्र के लचीलेपन को दर्शाता है।
फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने सेवा क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए वृद्धि का स्वागत किया, जिसने व्यापारिक निर्यात में मामूली वृद्धि को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए व्यापारिक निर्यात 0.08 प्रतिशत बढ़कर 437.42 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि आयात 6.62 प्रतिशत बढ़कर 720.24 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जिसके परिणामस्वरूप 282.82 बिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापार घाटा हुआ। अकेले मार्च 2025 में, निर्यात में साल-दर-साल 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 41.97 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जबकि आयात में 11.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 63.51 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया – जिससे मासिक व्यापार घाटा 21.54 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया।
श्री रल्हन ने निर्यात की गति को बनाए रखने के लिए कार्यनीतिक समर्थन की अपील की, जिसमें शामिल हैं:
(1) निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना।
(2) उत्पादों और बाजारों में विविधता लाना।
(3) लॉजिस्ट्क्सि और बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करना।
(4) विनियामक बोझ को कम करना और किफायती ऋण तक पहुँच में सुधार करना।
उन्होंने वैश्विक चुनौतियों का सामना करते हुए निरंतर विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार और उद्योग के साथ मिलकर काम करने की फियो की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
फरीदाबाद,/ एनटीपीसी फरीदाबाद द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर फरीदाबाद और यूएसएजी फाइनेंस के एचओडी, कर्मचारीगण तथा सीआईएसएफ के जवान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिसके पश्चात एक संक्षिप्त लेकिन भावपूर्ण समारोह का आयोजन हुआ।
अपने संबोधन में देसाई ने भारतीय संविधान निर्माण में डॉ. अंबेडकर के अमूल्य योगदान और सामाजिक न्याय, समानता तथा अधिकारों के लिए उनके सतत संघर्ष को रेखांकित किया। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे बाबासाहेब के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करें और एक समावेशी समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का समापन उपस्थित सभी लोगों द्वारा बाबासाहेब के आदर्शों पर चलने की सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ हुआ, जो समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक बना।
प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’पर ‘वन वर्ल्ड वन चैण्ट’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया
मुख्यमंत्री लखनऊ में आयोजित ‘विश्व नवकारमहामंत्र दिवस’ के कार्यक्रम मेंं सम्मिलित हुए
मुख्यमंत्री ने भगवान महावीर की जयन्ती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं
नकारात्मक सोच, अविश्वास, वैमनस्य, स्वार्थ ही वह शत्रु है, जिन्हें जीतना ही असली विजय– योगी आदित्यनाथ
लखनऊ :प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ पर ‘वन वर्ल्ड वन चैण्ट’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी यहां संगीत नाटक अकादमी में आयोजित ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ के कार्यक्रम मेंं सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भगवान महावीर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भगवान महावीर जयन्ती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नवकार महामंत्र सिर्फ मंत्र नहीं, यह हमारी आस्था का केन्द्र और हमारे जीवन का मूल स्वर है। इसका महत्व सिर्फ आध्यात्मिक नहीं है। यह स्वयं से लेकर समाज तक सभी को राह दिखाता है। इस मंत्र का प्रत्येक पद, प्रत्येक अक्षर अपने आप में एक मंत्र है। हम सभी नवकार मंत्र बोलते हैं, तो पंच परमेष्ठी को नमन करते हैं। नवकार महामंत्र पंच परमेष्ठी की वंदना के साथ ही सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन, सम्यक चरित्र है। सबसे ऊपर मोक्ष की ओर ले जाने वाला मार्ग है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मंत्र हमें याद दिलाता है कि ज्ञान और कर्म ही जीवन की दिशा है, गुरु ही प्रकाश है, मार्ग वही है जो भीतर से निकलता है। नवकार महामंत्र कहता है कि स्वयं पर विश्वास करो, स्वयं की यात्रा शुरू करो, दुश्मन बाहर नहीं, दुश्मन भीतर है। नकारात्मक सोच, अविश्वास, वैमनस्य, स्वार्थ ही वह शत्रु है, जिन्हें जीतना ही असली विजय है। जैन धर्म हमें बाहरी दुनिया ही नहीं, खुद को जीतने की प्रेरणा देता है। जब हम खुद को जीतते हैं, तब अरिहन्त बनते हैं। नवकार महामंत्र एक ऐसा मार्ग है, जो इंसान को भीतर से शुद्ध करता है। एक इंसान को सौहार्द की राह दिखाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैन तीर्थंकरों की महत्वपूर्ण भूमि है। भगवान ऋषभदेव अयोध्या के पहले राजा थे। अयोध्या में पांच तीर्थंकरों तथा काशी में चार तीर्थंकरों ने जन्म लिया था। यहीं से उन्होंने मनुष्य की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया। जैन धर्म दुनिया के प्राचीनतम धर्मों में से एक है। इसकी हजारों वर्ष पुरानी परम्परा है। जब दुनिया के सामने कुछ भी नहीं था, केवल अन्धकार था, उस समय लोकमंगल की कामना से हमें तीर्थकरों ने ज्ञान का मार्ग दिखाया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य के जीवन में तीन प्रकार के दुःख-आधिदैविक, आधिभौतिक एवं आध्यात्मिक दुःख पाए जाते हैं। आधिदैविक दुःख, जिन्हें हम आपदा या दैवीय प्रकोप से उत्पन्न दुःख कह सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवकार महामंत्र आत्म शुद्धि का माध्यम है। व्यक्ति जितना ही अन्तःकरण से शुद्ध होगा, उसकी आवाज में उतनी ही ताकत होगी। साधना की सिद्धि की पराकाष्ठा पर पहुंचा हुआ कोई भी साधक, जब अपनी बात कहता है, तो उसके अंतःकरण के भाव उसकी ताकत का एहसास करा देते हैं। यही कारण है कि हजारों वर्षों की विरासत के साथ जुड़ते हुए नवकार मंत्र आज भी हम सभी के लिए एक नई प्रेरणा बना हुआ है। मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि नवकार महामंत्र को प्रधानमंत्री जी के नौ संकल्पों के साथ जोड़ते हुए सभी लोग अपने जीवन में तीर्थंकरों के उपदेशों को अंगीकार करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य श्री महेन्द्र सिंह सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
*छत्तीसगढ़ के विकास के लिए खरसिया – परमलकसा रेल परियोजना एक ऐतिहासिक कदम- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय*
रायपुर / केंद्रीय कैबिनेट की ओर से मंजूर खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल प्रोजेक्ट के बारे में रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को रेल भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को बदलने वाला है । इस प्रोजेक्ट पर 8741 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे पूरे छत्तीसगढ़ को एक छोर से दूसरे छोर तक कवरेज मिलेगा । रेल मंत्री ने कहा कि खरसिया-परमलकसा 5वीं-6वीं रेल लाइन छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क की नई धमनी की तरह है। यह ओडिशा की सीमा से महाराष्ट्र की सीमा तक रेल नेटवर्क की सुविधा प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि यह भारत के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में से एक है । इससे छत्तीसगढ़ के रायगढ़, जांजगीर चाँपा, बिलासपुर, बलौदा बाजार, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिले जुड़ेंगे । इसके तहत 21 स्टेशन बनेंगे, 48 बड़े ब्रिज और साथ ही 349 माइनर ब्रिज, 14 फ्लाईओवर और 184 अंडर पास का निर्माण होगा । स्थानीय स्तर पर निवासियों को दिक्कत ना हो इसके लिए 5 रेल फ्लाईओवर भी निर्मित किए जाएंगे ।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में 278 किलोमीटर रूट में 615 किलोमीटर लंबी पटरियां बिछाई जाएंगी। इस रूट के निर्माण के बाद 8 से ज्यादा मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा । इस रेल नेटवर्क के निर्माण से करीब 22 करोड़ लीटर डीजल बचेगा और रेलवे को लगभग 2500 करोड़ रुपये के डीजल की बचत होगी । रेल मंत्री ने कहा कि भगवान राम के वनवास के दौरान माता शबरी के प्रसंग से जुड़े लक्ष्मी नारायण मंदिर का भी इस रेल नेटवर्क से संपर्क स्थापित होगा । बलौदा बाजार और खरसिया जैसे सीमेंट उत्पादन के बड़े इंडस्ट्रियल हब भी इस नेटवर्क से जुड़ेंगे ।
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए रेलवे अब बायपास पद्धति को अपना रही है । इसके तहत मालगाड़ी को शहर के बाहर से निकालने पर जोर दिया जा रहा है । वहीं यात्री गाड़ियों को शहर के अंदर एंट्री दी जाएगी । इस रेल लाइन के निर्माण के दौरान भी इस पर फोकस रहेगा । साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत कोसा सिल्क के उत्पादन वाले इलाके भी रेल लाइन के जरिए जुड़ेंगे । इसके चलते 2 करोड़ मानव दिवस रोजगार उत्पन्न होगा ।
रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट अब 22 गुना बढ़कर लगभग 6900 करोड़ से ज्यादा हो गया है । साथ ही 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में रेलवे के काम में अभूतपूर्व तेजी आई है । इसके तहत 1,125 किमी नए ट्रैक बने हैं, जोकि दुबई के पूरे रेलवे नेटवर्क से ज्यादा है ।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेलवे का कुल निवेश 47 हजार करोड़ से अधिक है । इसके तहत 32 स्टेशनों का पुनर्निर्माण हो रहा है, और इन्हें पूरी तरह नया बनाया जा रहा है । इनमें से कई स्टेशनों के विकास का कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।
राज्य के महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की जानकारी देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट नई लाइन पूरी होने वाली है । अब इसके आगे रावघाट से जगदलपुर रेल लाइन के डीपीआर बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है । वैसे ही गेवरा-पेन्ड्रा रोड नई लाइन पर भी तेजी से काम चल रहा है । साथ ही राजनांदगांव से नागपुर तीसरी लाइन, झारसुगड़ा से बिलासपुर चौथी लाइन, रायपुर-केन्द्री-धमतरी से अभनपुर-राजिम लाइन का गेज कन्वर्जन करके ब्रॉड गेज बनाया जा रहा है । राजनांदगांव से डोंगरगढ़ चौथी लाइन, जगदलपुर से कोरापुट की डबलिंग, धरमजयगढ़ से कोरबा नई लाइन, अनूपपुर से अंबिकापुर के दोहरीकरण के लिए पर्याप्त फंड दिए गए हैं । रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने जिन उम्मीदों के साथ डबल इंजन की सरकार बनाई है, उसे पूरा करने का काम भारतीय रेल कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आई है, छत्तीसगढ़ में रेलवे से जुड़ा हजारों करोड़ का काम हो रहा है । नई परियोजना से छत्तीसगढ़ के अनेक जिले जुड़ते हैं, यह राज्य के लिए सौभाग्य की बात है । स्टेशनों के विकास के लिए सरकार ने करोड़ों का फंड दिया है, इससे रेलवे और छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदलेगी ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को धन्यवाद देते हुए कहा कि खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल परियोजना जैसी महत्त्वपूर्ण सौगात से छत्तीसगढ़ के विकास को एक नई गति मिलेगी। यह रेल परियोजना जांजगीर-चांपा, सक्ती, बलौदा बाजार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे प्रमुख जिलों को जोड़ेगी। इससे इन जिलों के नए अवसर मिलेंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा। बलौदाबाजार और जांजगीर अब उद्योगों के लिए नया हब बनकर उभरेंगे। यह क्षेत्र लाइमस्टोन (चूना पत्थर) से समृद्ध है। रेल संपर्क बेहतर होने से यहां सीमेंट उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नया रायपुर तक सीधी रेल लाइन से राजधानी का संपर्क मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों से और बेहतर होगा। परियोजना से माल परिवहन तेज होगा, जिससे उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। इससे कृषि उत्पादों, खनिजों और निर्माण सामग्री के ट्रांसपोर्ट को भी बल मिलेगा। इससे नया रायपुर के विकास को नई दिशा और रफ्तार मिलेगी। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी राज्यमंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ राज्य के लिए मंजूर किए गए इस परियोजना के लिए खुशी जाहिर करते हुए समस्त छत्तीसगढ़ के निवासियों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्र सरकार का धन्यवाद किया ।
रायपुर /केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दंतेवाड़ा में सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर अब लाल आतंक से बाहर निकलकर उन्नति की ओर अग्रसर है। यह बदलाव हमारे वीर जवानों की बहादुरी और सतत प्रयासों का परिणाम है।डीआरजी, कोबरा बटालियन, छत्तीसगढ़ पुलिस और पैरा मिलिटरी फोर्सेस की इसमें उल्लेखनीय भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा कैम्पों की स्थापना से अनेक गाँव नक्सल मुक्त हो रहे हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सली हिंसा में घायल होने वाले जवानों के बेहतर इलाज के लिए रायपुर और जगदलपुर में विशेष अस्पतालों की स्थापना की भी घोषणा की। इस दौरान उन्होंने जवानों से आत्मीय बातचीत में कहा कि सरकार हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर पण्डूम जैसे सांस्कृतिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच बस्तर की कला, संस्कृति, खानपान, वेशभूषा, आभूषण, नृत्य-संगीत को देश-विदेश तक पहुँचाने का माध्यम बना है।
*भय से विश्वास की ओर बढ़ता बस्तर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय*
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर पण्डुम जैसे सांस्कृतिक आयोजन में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हर बार उनके आगमन से प्रदेश के वीर जवानों का हौसला बढ़ता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह संवाद बस्तर के उस परिवर्तन का प्रतीक है जो भय से विश्वास, आतंक से विकास की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय नेतृत्व और जवानों के साहस ने मिलकर बस्तर को एक नई दिशा दी है। उन्होंने जवानों को सफल नक्सल ऑपरेशनों के लिए बधाई दी और उनके योगदान को नमन किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर की शांति के लिए हमारे सुरक्षा बल के जवान पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। बस्तर को नक्सल मुक्त करना केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हम सब मिलकर इस संकल्प को पूर्ण करेंगे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम कार्यक्रम को संबोधित किया*
रायपुर / केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेव ने जनजातियों के जल, जंगल, जमीन और संस्कृति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि यहां एक प्रजावत्सल राजा के रूप में उनकी लोकप्रियता तत्कालीन सरकार को सहन नहीं हुई और साज़िश के तहत उनकी हत्या कर दी गई थी। श्री शाह ने कहा कि आज जब पूरा बस्तर लाल आतंक से मुक्त होने की कगार पर है और विकास के रास्ते पर चल चुका है, तब प्रवीर चंद्र जी की आत्मा जहां भी होगी बस्तरवासियों को अपना आशीर्वाद दे रही होगी।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अगले साल से बस्तर पंडुम के दौरान देश के हर आदिवासी ज़िले से कलाकारों को इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ख्याति दिलाने के लिए सभी देशों के राजदूतों को बस्तर का भ्रमण करवाकर यहां की परंपरा, संस्कृति और कला को पूरे विश्व तक पहुंचाने का काम मोदी सरकार कर रही है। श्री शाह ने कहा कि 1885 ग्राम पंचायतों, 12 नगर पंचायतों, 8 नगर परिषदों, एक नगरपालिका और 32 जनपदों के 47 हज़ार कलाकारों ने इस उत्सव में भाग लिया है। ज़िला प्रशासन और संस्कृति विभाग ने बस्तर पंडुम के लिए 5 करोड़ रूपए का आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि यह पंडुम स्थानीय और पारंपरिक कला, संस्कृति, शिल्पकला, तीज-त्यौहार, खानपान, बोली, भाषा, रीति रिवाज़, वेशभूषा, आभूषण, पारंपरिक गीत-संगीत और व्यंजन को मूल रूप में संवर्धित और संरक्षित करने का काम करेगा।
गृह मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं हमारे बस्तर का युवा सबसे आधुनिक शिक्षा प्राप्त करे, विश्व के युवाओं के साथ हर मंच पर प्रतिस्पर्धा करे और दुनियाभर की समृद्धि प्राप्त करे लेकिन अपनी संस्कृति, भाषा, परंपराओं को कभी न भूले। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति, बोलियां, वाद्य यंत्र और भोजन सिर्फ छत्तीसगढ़ नहीं बल्कि पूरे भारत की संस्कृति का गहना हैं और हमें इसे संजोकर रखना है। श्री शाह ने कहा कि सात श्रेणियों में मनाए जा रहे बस्तर पंडुम उत्सव को अगले वर्ष 12 श्रेणियों में मनाया जाएगा और देशभर के आदिवासी इसमें शामिल होंगे। गृह मंत्री ने कहा कि भारत की ताकत अनेकता में एकता, अनेक प्रकार की संस्कृतियों, कलाओं, परंपराओं, भाषाओं, बोलियों और व्यंजनों का समागम है। उन्होने कहा कि हम दुनिया के साथ हर स्पर्धा में खड़े रहेंगे लेकिन हमारी संस्कृति और अन्य धरोहर को संरक्षित भी करेंगे और बस्तर पंडुम इसकी शुरूआत है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वह जमाना गया जब यहां पर गोलियां चलती थी और बम धमाके होते थे। उन्होंने सभी नक्सलसियों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियार डालकर मुख्यधारा में आ जाएं क्योंकि बस्तर विकास चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी बस्तर को सब कुछ देना चाहते हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब बस्तर में शांति हो। यहां के बच्चे स्कूल जाएं, माताओं के स्वास्थ्य की चिंता हो, आदिवासी और युवा कुपोषण से पीड़ित न हों, बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था हो, हर गांव में दवाखाना हो और तहसील में अस्पताल हो, तभी विकास संभव है। उन्होंने कहा कि यह सब तभी हो सकता है जब बस्तर के लोग तय करें कि वे हर गांव को नक्सलवाद मुक्त बनाएंगे। श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषणा की है जो गांव सभी नक्सलियों से सरेंडर कराएगा उस गांव को नक्सलवाद मुक्त घोषित कर एक करोड़ रूपए की विकास राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई किसी को मारना नहीं चाहता, इसीलिए नक्सलियों को हिंसा छोड़कर मेनस्ट्रीम में आना चाहिए और उनका संरक्षण भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार करेगी। गृह मंत्री ने कहा कि नक्सली हथियार लेकर पूरे बस्तर का विकास नहीं रोक सकते।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वोकल फॉर लोकल का नारा दिया है और हर जिले के एक विशिष्ट उत्पाद को जीआई टैग से जोड़कर देशभर के बाजारों में उसकी मार्केटिंग की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे आदिवासी जननायकों को पूरे देश में सम्मान और श्रद्धा प्राप्त होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी जी ने बस्तर के नायक वीर गुंडाधूर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस और 150वीं जयंती वर्ष को जनजातीय गौरव वर्ष मनाने का काम किया है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने 75 साल तक गरीबी हटाओ का नारा तो दिया पर गरीबों के विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के करोड़ों गरीबों के लिए पिछले 10 साल में 4 करोड़ से अधिक घर बनाए, 11 करोड़ गैस कनेक्शन दिए, 12 करोड़ शौचालय बनाए, 15 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया और 70 करोड़ लोगों को 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज दिया है।
श्री अमित शाह ने कहा जो लोग यह समझ गये हैं कि विकास के लिए हाथ में बंदूक नहीं, कंप्यूटर चाहिए, IED और हथगोला नहीं बल्कि कलम चाहिए, उन सबने सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने कि दिशा में इस साल अब तक 521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जबकि 2024 में कुल 881 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। श्री शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि जो नक्सली हथियार छोड़ेंगे वे मुख्यधारा में शामिल होकर आगे बढ़ सकेंगे, लेकिन जो हथियार उठाकर हिंसा के रास्ते पर चलेंगे उनके साथ सुरक्षाबल सख्ती से निपटेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार, मार्च, 2026 तक पूरे देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने के प्रति कटिबद्ध है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब भय नहीं बल्कि भविष्य का पर्याय बन चुका है। पहले नक्सलियों के आतंक के कारण राजनेताओं को रैली और सभा करने से रोक लिया जाता था, लेकिन वक्त बदल चुका है। आज वे 50,000 आदिवासी भाई बहनों के सामने रामनवमी, अष्टमी और बस्तर पंडुम महोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब मशीनों की आवाज आती है, जहां गांव वीरान थे, अब वहां स्कूलों की घंटियां बजती हैं, जहां पहले सड़क एक स्वप्न होती थी, वहां राजमार्ग बन रहे हैं और जहां बच्चा स्कूल जाने से डरता था आज वहां का बच्चा कंप्यूटर के माध्यम से पूरे विश्व के साथ संपर्क स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास इसीलिए हो रहा है क्योंकि अब नक्सलवाद के साथ कोई नहीं जुड़ता।
श्री अमित शाह ने कहा कि विकास, विश्वास और विजय की लौ के साथ अब बस्तर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हर गांव की सभा बुलाकर नक्सलियों को सरेंडर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और विकास के रास्ते को खोलने में मदद की जानी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि विकास तब होगा जब सुकमा से कोई सब-इन्सपेक्टर बने, बस्तर से बैरिस्टर, दंतेवाड़ा से डॉक्टर और कांकेर से कलेक्टर बने, ऐसे ही बस्तर का विकास और निर्माण हमें करना है। उन्होंने कहा कि सभी को विकास के सपनों को सच करने के लिए निष्ठापूर्वक और निर्भीक होकर प्रयास करना चाहिए क्योंकि मोदी जी के शासन में किसी को डरने की ज़रूरत नहीं है।