सोनभद्र, सिंगरौली। एनसीएल के नेहरू शताब्दी चिकित्सालय (एनएससी) के द्वारा निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत विगत रविवार को निःशुल्क बाल मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों के बेहतर मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना रहा जिस से कि उनके समग्र विकास में मदद मिल सके। साथ ही उन्हें आत्म विश्वास के साथ जीवन के प्रति स्वस्थ भावनात्मक दृष्टिकोण प्रदान करना था।
इस शिविर में सरकारी मेडिकल कॉलेज, सतना से मनोचिकित्सा विशेषज्ञ एवं टीम ने विभिन्न तकनीकों के माध्यम से उपस्थित बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का परीक्षण किया। साथ ही उन्होंने बच्चों के अभिभावकों के साथ परामर्श कर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य से संबन्धित विकारों एवं उनके लक्षणों के बारे में भी जागरूक किया। इस स्वास्थ्य शिविर के दौरान बच्चों की मानसिक समस्याओं एवं अवसाद से जुड़ी समस्याओं की जाँच की गयी। इस शिविर में स्थानीय क्षेत्र के बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
गौरतलब है कि एनसीएल द्वारा सीएसआर के तहत स्थानीय क्षेत्र के हर वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसे अनेक शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है। एनसीएल की यह पहल बच्चों के भावनात्मक और मानसिक विकास के साथ साथ एक विकसित और खुशहाल समाज के निर्माण की दिशा में एक सार्थक कदम है।
सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल की स्वयं सेवी संस्था सुहासिनी संघ ने स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का आयोजन किया, जिसका नेतृत्व अध्यक्षा(सुहासिनी संघ) श्रीमती सरोजा फणि कुमार और उपाध्यक्षा (सुहासिनी संघ) श्रीमती सारिका चतुर्वेदी ने किया। इस कार्यक्रम में उपाध्यक्षा (सुहासिनी संघ) श्रीमती चित्रलेखा साहा, महासचिव(सुहासिनी संघ)) श्रीमती शिल्पा कोहली, कोषाध्यक्ष, श्रीमती गार्गी प्रसाद और (कल्याण सचिव) श्रीमती मुस्कान अरोड़ा सहित कई गणमान्य महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के तहत डॉ. बी.सी. चतुर्वेदी, मुख्य महाप्रबंधक(चिकित्सा) के मार्गदर्शन में डॉ. प्रतिभा महेंद्र और डॉ. वर्तिका कुलश्रेष्ठ ने दो अलग-अलग सत्रों का संचालन किया। इन सत्रों में नेत्र स्वास्थ्य, चश्मों की देखभाल, मासिक धर्म स्वच्छता, स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जागरूकता, और सामान्य स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद लोगों को चश्मे, दवाइयाँ और सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए, जिसे पाकर सभी बहुत खुश दिखे। इस पहल ने सुहासिनी संघ की सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत किया।
सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्य चिकित्सालय ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए आह्वान (AHWAHAN) पहल के तहत सीएसआर विभाग के सहयोग से तपेदिक (टीबी) मरीजों को पोषण किट वितरित की। यह आयोजन ई. सत्य फणि कुमार, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. बी.सी. चतुर्वेदी, मुख्य महाप्रबंधक(चिकित्सा) और राकेश अरोड़ा, मानव संसाधन प्रमुख(विंध्याचल) के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर डॉ. बी.सी. चतुर्वेदी, मुख्य महाप्रबंधक(चिकित्सा) ने टीबी के उपचार में पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज को इस बीमारी से जुड़े मिथकों को तोड़ना होगा, जिससे अधिक से अधिक लोग समय पर इलाज करवा सकें। वहीं श्री ई. सत्य फणी कुमार, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) ने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि उपचार का नियमित पालन करने से टीबी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। उन्होंने इस नेक कार्य के लिए सीएसआर और मेडिकल टीम की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. तनमय पटेल, विशेषज्ञ (विंध्य चिकित्सालय) ने किया और समन्वय की जिम्मेदारी एस.एस. राजपूत, सहायक अधिकारी (विंध्य चिकित्सालय) ने निभाई। इस आयोजन में वरिष्ठ डॉक्टरों में डॉ. प्रतिमा महेंद्र, डॉ. आर.पी. सिंह, डॉ. हेमा ओरांव, डॉ. बृजेश जैन, डॉ. दीपक डे, डॉ. वर्तिका कुलश्रेष्ठ और डॉ. प्रितिश राज सहित अन्य चिकित्सकगण उपस्थित रहे। इस पहल के तहत विंध्य अस्पताल के डॉट्स सेंटर में उपचाराधीन कुल 18 टीबी मरीजों को पोषण किट प्रदान की गई, जिससे अस्पताल की जनसेवा और स्वास्थ्य कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित हुई।
सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत राख प्रबंधन पहलों के माध्यम से बनाए रखता है। संयंत्र ने सूखी राख प्रबंधन प्रणाली अपनाकर, फ्लाई ऐश उपयोग को अधिकतम करके, और प्रभावी राख डाइक प्रबंधन लागू करके राख के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे पर्यावरणीय पदचिह्न को न्यूनतम किया गया है। आने वाले ग्रीष्म काल के शुष्क समय को ध्यान मे रखते हुए धूल नियंत्रण हेतु, डाइकपर राखड़- बंध के चारो तरफ वॉटर-स्प्रिंकलर का जाल लगाया गया है। इसी क्रम धूल उत्सर्जन को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए चलित एवं स्थिर धुंध बनाने वाली मशीनों(Fogging Machine) का भी लगातार उपयोग किया जा रहा है। डाइक के चारो ओर उपलब्ध स्थानों पर वृक्षारोपड़ भी किया गया है। राख परिवहन के दौरान, संयंत्र स्थल के अंदर या नजदीकी स्थलों तक परिवहन करते समय धूल उत्सर्जन को कम करने के लिए, राख को बंद वाहनों या सील और तिरपाल से ढंके वाहनों में सुरक्षित रूप से लोड किया जाता है। यह तरीका परिवहन के दौरान फ्लाई ऐश से होने वाले पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने में सहायक है।
सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया, जिसमें महिलाओं की अद्वितीय भूमिका और योगदान को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम इंटरएक्टिव सत्रों, प्रेरणादायक चर्चाओं और हर्षोल्लास से भरा रहा, जो एनटीपीसी की महिलाओं के सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध ट्रेनिंग कंसल्टेंट डॉ. गरिमा बंसल का प्रेरणादायक सत्र रहा। कॉर्पोरेट, शिक्षा, बिक्री और प्रशिक्षण के क्षेत्र में दो दशकों का अनुभव रखने वाली डॉ. बंसल ने महिला कर्मचारियों के लिए एक इंटरैक्टिव और आनंददायक सत्र का आयोजन किया। उन्होंने अनुभवात्मक शिक्षण गतिविधियों, खेलों और अपने विचारों के माध्यम से महिलाओं की क्षमता को अधिकतम करने और कार्यस्थल पर उनकी भागीदारी को बढ़ाने पर जोर दिया। इस खास मौके पर एक लघु वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गई, जिसमें एनटीपीसी विंध्याचल की महिला कर्मचारियों की भावनाओं और उनके योगदान को दर्शाया गया। यह वीडियो एनटीपीसी की गौरवशाली 50 साल की यात्रा में महिलाओं की भूमिका को उजागर करता है। इस वीडियो की काव्यात्मक प्रस्तुति श्रीमती पूर्णिमा चतुर्वेदी, वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) द्वारा लिखित थी, जिसमें महिला कर्मचारियों की शक्ति, समर्पण और महत्वाकांक्षाओं को खूबसूरती से दर्शाया गया।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए, एनटीपीसी विंध्याचल के कार्यकारी निदेशक(विंध्याचल) ई. सत्य फणि कुमार ने महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी दृढ़ता, प्रतिबद्धता और मेहनत ने एनटीपीसी विंध्याचल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए एनटीपीसी हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा। इस समारोह में वरिष्ठ अधिकारी गण भी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से – डॉ. बी.सी. चतुर्वेदी मुख्य महाप्रबंधक, (चिकित्सा), संजीब साहा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), सुजय कर्माकर, महाप्रबंधक (ग्रीन केमिकल्स और बीई), ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस और एडीएम) और राकेश अरोड़ा, मानव संसाधन प्रमुख, (विंध्याचल) शामिल थे। समारोह का समापन केक काटने की रस्म के साथ हुआ, जो एकता, सराहना और महिलाओं की उपलब्धियों के जश्न का प्रतीक था। एनटीपीसी विंध्याचल इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ने, नेतृत्व करने और प्रेरणा देने का अवसर प्रदान करता है, जिससे वे संगठन और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल ने 10 मार्च 2025 को प्रशासनिक भवन परिसर में एक शोक सभा का आयोजन कर स्वर्गीय कुमार गौरव, उप महाप्रबंधक, केरंदारी सीएमपी, को श्रद्धांजलि अर्पित की। वे 8 मार्च 2025 को दिवंगत हो गए थे। सभा में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर एनटीपीसी विंध्याचल के कार्यकारी निदेशक ई सत्य फणि कुमार के नेतृत्व में कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में डॉ. बीसी चतुर्वेदी, मुख्य महाप्रबंधक(चिकित्सा), संजीब कुमार साहा, महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण), अतिन कुंडु, महाप्रबंधक(परियोजना), सुजय कर्मकार, महाप्रबंधक(ग्रीन केमिकल्स और बीई) तथा राकेश अरोड़ा, मानव संसाधन प्रमुख(विंध्याचल) सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख, यूनियनों एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं कर्मचारियों ने पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। एनटीपीसी विंध्याचल, स्वर्गीय कुमार गौरव के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है एवं इस कठिन समय में उनके परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता है।
सोनभद्र, सिंगरौली। भारत सरकार की मिनिरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की अमलोरी परियोजना में विगत शनिवार को संविदाकर्मियों हेतु अंतर क्षेत्रीय संवर्धन खेलकूद प्रतियोगिता वर्ष 2024-25 का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष वर्गों में विभिन्न श्रेणियों शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, टग ऑफ वार, रिले रेस, पिचर रेस, 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, जैवलिन थ्रो, लॉन्ग जंप संबंधी मैच खेले गए।
अंतर क्षेत्रीय संवर्धन खेलकूद प्रतियोगिता 2024-25 के दौरान महाप्रबंधक (कार्मिक) एनसीएल, प्रमोद कुमार सिन्हा , क्षेत्रीय महाप्रबंधक (अमलोरी) आलोक कुमार, जेसीसी सदस्य– सीएमएस से अजय कुमार, आरसीएसएस से लाल पुष्पराज सिंह , बीएमएस से श्यामधर दुबे , एचएमएस से अशोक कुमार पाण्डेय, एनसीएल स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड मेम्बर्स एवं मुख्यालय तथा विभिन्न क्षेत्रों और इकाइयों से विभागाध्यक्ष, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस दौरान अपने उद्बोधन में प्रमोद कुमार सिन्हा ने विजेता प्रतिभागियों को जीत की बधाई दी एवं खेल-कूद को शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अमलोरी टीम विजेता और दूधिचुआ टीम रही उपविजेता
इस प्रतियोगिता में 18 स्पर्धाओं का आयोजन किया गया जिनमें एनसीएल के सभी क्षेत्रों एवं इकाइयों से कुल 12 टीमों से कुल 257 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के फाइनल में अमलोरी ने 66 अंकों से विजेता खिताब तथा दूधिचुआ परियोजना ने 40 अंकों सहित उपविजेता खिताब अपने नाम किया। इस दौरान इंडिविजुअल चैंपियनशिप (पुरुष वर्ग) में ब्लॉक- बी से श्रवण कुमार वैश एवं दूधिचुआ से मुकेश कुमार ने बाजी मारी। इसी कड़ी में इंडिविजुयल चैंपियनशिप (महिला वर्ग) में अमलोरी परियोजना से श्रीमती मंसिता एवं श्रीमती बानी ने जीत हासिल की।
सोनभद्र, सिंगरौली। सोमवार को एनसीएल द्वारा निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत केंद्रीय चिकित्सालय, सिंगरौली में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्यूआरजी (मारेंगो एशिया हॉस्पिटल), फरीदाबाद से चिकित्सकों की टीम ने उपस्थित लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया । शिविर के दौरान हड्डी रोग, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, रीढ़ की हड्डी एवं किडनी से संबंधित समस्याओं की जाँच की गयी। इस शिविर में से 100 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। गौरतलब है कि एनसीएल सीएसआर के तहत समय समय पर ऐसे अनेक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करता रहा है। एनएससी द्वारा समय समय पर ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एनसीएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
सोनभद्र, सिंगरौली। एनसीएल द्वारा सीएसआर के तहत स्थानीय क्षेत्र के हर वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देशय से ऐसे अनेक शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है, इसी कड़ी में गत रविवार को एनसीएल की निगाही परियोजना ने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत वार्ड क्रमांक 23 में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शिविर के दौरान निगाही परियोजना से चिकित्सकों की टीम के द्वारा उपस्थित लोगों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण एवं मधुमेह हेतु रक्त जाँच एवं रक्तचाप परीक्षण किया गया। साथ ही नि:शुल्क दवाइयों का भी वितरण किया गया।
इस शिविर में उपस्थित लोगों को टीबी संबंधित लक्षणों के बारे में भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर कुल 175 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। गौरतलब है कि एनसीएल सीएसआर के तहत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने हेतु समय-समय पर ऐसे अनेक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करता रहा है।
सिंगरौली।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हिंडालको महान एल्यूमिनियम में महिला सशक्तिकरण और उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के लिए भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों और स्वयं सहायता समूह (SHG) की सफल उद्यमी महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और व्यक्तिगत विकास से संबंधित प्रेरणादायक सत्रों का आयोजन किया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास और जागरूकता का संचार हो सके।
मानव संसाधन विभाग के कम्युनिकेशन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में हिंडाल्को महान के इकाई प्रमुख एस. सेन्थिलनाथ, स्मेल्टर हेड एस.शशि कुमार, वित्त प्रमुख सुशांत नायक, औद्योगिक सुरक्षा बल प्रमुख कर्नल गौरव चतुर्वेदी और सीएसआर विभाग से विजय प्रकाश वैश्य व बीरेन्द्र पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर हिंडाल्को महान के इकाई प्रमुख एस. सेन्थिलनाथ ने अपने विचार रखते हुए कहा, “महिलाएं समाज और कार्यस्थल के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। हमें उनके कार्यों को पहचानने और उन्हें समान अवसर देने के लिए हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए।”
स्मेल्टर हेड एस. शशि कुमार ने कहा, “महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब हम उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करें और उनके कार्यों को उचित सम्मान दें।”
वित्त प्रमुख सुशांत नायक ने अपने संबोधन में कहा, “आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं समाज के उत्थान का आधार होती हैं। हिंडाल्को महान हमेशा महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”
औद्योगिक सुरक्षा बल प्रमुख कर्नल गौरव चतुर्वेदी ने सुरक्षा जागरूकता पर जोर देते हुए कहा, “महिलाओं की सुरक्षा केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यस्थल और समाज में भी उनका सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है।”
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास को लेकर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।
सर्वाइकल कैंसर जागरूकता सत्र: डॉ. दीप्ति शरण ने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी।
मानसिक स्वास्थ्य एवं एनएलपी तकनीक: सुमति चतुर्वेदी ने मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरो लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग (NLP) तकनीक पर सत्र लेते हुए महिलाओं को मानसिक तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय बताए।
सुरक्षा जागरूकता सत्र: औद्योगिक सुरक्षा बल प्रमुख कर्नल गौरव चतुर्वेदी ने महिलाओं को दैनिक जीवन में सुरक्षा के उपाय और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीकों के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम का सफल संचालन अर्चना ने किया।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस बार उपहारों को पर्यावरण अनुकूल सामग्री में पैक किया गया और इस पहल को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा कर लोगों को भी जागरूक करने का प्रयास किया गया।
सीएसआर विभाग द्वारा 13 स्वयं सहायता समूह (SHG) की सफल उद्यमी महिलाओं को उनके कार्यस्थल पर जाकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। सीएसआर विभाग से विजय प्रकाश वैश्य व बीरेन्द्र पाण्डेय ने इन महिलाओं को पुरस्कार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया और भविष्य में और अधिक सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “Accelerate Action” के अनुरूप सजाया गया। आयोजन स्थल को बैंगनी (न्याय का प्रतीक), हरा (आशा का प्रतीक) और सफेद (पवित्रता का प्रतीक) रंगों से सजाया गया, जिससे महिला सशक्तिकरण का संदेश उजागर हुआ।
यह कार्यक्रम महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। हिंडाल्को महान ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि महिलाओं का योगदान समाज और उद्योग दोनों के लिए अनमोल है, और उन्हें निरंतर सशक्त बनाने के लिए कंपनी हमेशा प्रयासरत रहेगी।