Category: MADHYA PRADESH

  • अविरल जैन ने रचा इतिहास: SOF अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में पाया अंतर्राष्ट्रीय रैंक 1

    अविरल जैन ने रचा इतिहास: SOF अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में पाया अंतर्राष्ट्रीय रैंक 1

    गाडरवारा। बाल भारती पब्लिक स्कूल, एनटीपीसी गाडरवारा के छात्र अविरल जैन (कक्षा VI) ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए SOF द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड (IMO) परीक्षा में अंतर्राष्ट्रीय रैंक 1 हासिल कर विद्यालय, अभिभावकों और पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि उनकी कठिन मेहनत, समर्पण और विद्यालय द्वारा प्रदान की गई उत्कृष्ट शिक्षण प्रणाली का प्रतिफल है।

    बाल भारती पब्लिक स्कूल, जो कि चाइल्ड एजुकेशन सोसायटी (पंजी.) नई दिल्ली द्वारा संचालित है, हमेशा से छात्रों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक श्रेष्ठता के लिए प्रतिबद्ध रहा है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने समय-समय पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सफलता अर्जित कर विद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

    विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने अविरल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

    विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु बाल वाटिका, कक्षा I से IX एवं कक्षा XI (विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय) में सीमित सीटों पर प्रवेश प्रारंभ हो चुके हैं। इच्छुक अभिभावक विद्यालय से संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    बाल भारती पब्लिक स्कूल का उद्देश्य न केवल ज्ञान प्रदान करना है, बल्कि छात्रों को एक सशक्त, जागरूक और उत्तरदायी नागरिक बनाना भी है।

  • बरगवां में हिंडालको महान का मेगा मेडिकल कैंप: 700 ग्रामीणों को मिला इलाज,डॉक्टरों ने CSR की पहल की सराहना की

    बरगवां में हिंडालको महान का मेगा मेडिकल कैंप: 700 ग्रामीणों को मिला इलाज,डॉक्टरों ने CSR की पहल की सराहना की

    बरगवां। हिंडालको महान के सीएसआर विभाग द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत बरगवां वन विभाग कार्यालय के सामने एक दिवसीय मेगा मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। इस शिविर में ट्रामा सेंटर व सिंगरौली मेडिकल कॉलेज के 8 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने करीब 700 मरीजों की जांच कर निःशुल्क दवाएं एवं परामर्श प्रदान किया।

    शिविर में मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. गंगा वैश्य, जनरल सर्जन डॉ. पारसनाथ साहू, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. महेन्द्र पटेल, नाक-कान-गला विशेषज्ञ डॉ. अतुल तोमर, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अम्बे शाह, दंत चिकित्सक डॉ. राजकुमार, डॉ. श्याम दीन और डॉ. राजेश त्रिपाठी ने ग्रामीणों की सेवा की।

    *डॉक्टरों की सेवा ही असली राष्ट्रसेवा: डॉ. विवेकानंद मिश्रा*

    कार्यक्रम में सबसे पहले मानव संसाधन प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा:

    “डॉक्टर सिर्फ एक पेशेवर नहीं, बल्कि वे जीवनदाता होते हैं। जब चिकित्सा सेवा गांव के द्वार पर पहुंचे, तो वह सिर्फ उपचार नहीं बल्कि विश्वास की संजीवनी होती है। हिंडालको महान का सीएसआर विभाग इसी विश्वास को साकार कर रहा है। डॉक्टरों की सेवा ही असली राष्ट्रसेवा है, और आज इस शिविर में वह प्रतिबिंबित हो रही है।”

    शिविर की शुरुआत में हिंडालको महान के स्मेल्टर हेड एस. शशि कुमार, पावर प्लांट हेड प्रांजल पाठक एवं मानव संसाधन प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा द्वारा सभी चिकित्सकों का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया गया।

    डॉ. गंगा वैश्य ने कहा,

    “हिंडालको महान के सीएसआर विभाग ने चिकित्सा सेवा को जनमानस तक पहुंचाने का जो कार्य किया है, वह वास्तव में अनुकरणीय है। इस पहल से ग्रामीणों को विशेषज्ञों की सेवा एक ही स्थान पर प्राप्त हो सकी, यह बहुत बड़ी बात है।”

    *स्मेल्टर हेड एस. शशि कुमार ने कहा,*

    “इस शिविर ने यह सिद्ध किया कि कॉर्पोरेट और समाज के बीच एक मजबूत सेतु बन सकता है, यदि नीयत और नीति दोनों स्पष्ट हों।”

    पावर प्लांट हेड प्रांजल पाठक ने अपने विचार साझा करते हुए कहा,

    “CSR के प्रयास तभी सार्थक होते हैं जब उनका सीधा लाभ आमजन को मिले। आज का यह कैंप उसी का सुंदर उदाहरण है। डॉक्टरों और आयोजन टीम का योगदान सराहनीय है।”

    *सीएसआर प्रमुख संजय सिंह ने जताया आभार*

    अंत में सीएसआर प्रमुख संजय सिंह ने सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और आयोजन से जुड़े सहयोगियों का आभार प्रकट करते हुए कहा,

    “हमारा उद्देश्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और जागरूकता को भी बढ़ाना है। आने वाले समय में हम ऐसे और शिविर आयोजित करेंगे।”

    कार्यक्रम का संचालन शीतल श्रीवास्तव ने किया, जबकि आयोजन की सफलता में विजय वैश्य, धीरेंद्र तिवारी, बीरेंद्र पांडेय, प्रवीण श्रीवास्तव, पिंकी, राम ललन वर्मा, अरविंद वैश्य, दीपक, खलालु, संजीव, भोला वैश्य, कमलेश और पंकज सहित सीएसआर टीम का विशेष योगदान रहा।

    यह मेगा मेडिकल कैंप न सिर्फ इलाज का जरिया बना, बल्कि डॉक्टरों और ग्रामीणों के बीच विश्वास और सेवा भाव भी स्थापित कर गया।

  • “नन्हा-सा-दिल एनसीएल” सीएसआर पहल के पहले चरण में  2,658 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग

    “नन्हा-सा-दिल एनसीएल” सीएसआर पहल के पहले चरण में  2,658 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनसीएल द्वारा जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को नव जीवन देने के उद्देश्य से शुरू की गयी “नन्हा-सा-दिल-एनसीएल” सीएसआर पहल का पहला चरण वैढ़न तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित किया गया । इस दौरान  एनसीएल द्वारा 38 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें अभी तक 2,658 बच्चों की स्क्रीनिंग की गयी है एवं  87 बच्चों को ईको विश्लेषण हेतु चयनित किया गया है। इसके बाद हृदय रोग की पुष्टि होने पर मरीज बच्चों को श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अस्पतालों में नि: शुल्क सर्जरी हेतु रेफर किया जाएगा।

    एनसीएल ने सिंगरौली परिक्षेत्र में निवासरत जन्मजात हृदय रोग-कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों के नि: शुल्क जीवन रक्षण सर्जरी हेतु  “नन्हा-सा-दिल-एनसीएल” सीएसआर पहल की 22 मार्च, 2025 को औपचारिक शुरुआत की है। इस अभिनव सीएसआर पहल के तहत एनसीएल द्वारा 345 स्क्रीनिंग शिविरों के माध्यम से 17000 से अधिक बच्चों की हृदय रोग जांच की जाएगी।

    गौरतलब है कि भारत में हर साल लगभग 3 लाख बच्चे सीएचडी के साथ पैदा होते हैं जिनमें से इलाज के अधिक लागत के कारण 5% रोगी ही सर्जरी करवा पाते हैं। एनसीएल की इस सीएसआर पहल से सिंगरौली परिक्षेत्र में दिल की बीमारियों से पीड़ित बच्चों को नि: शुल्क जीवन का उपहार मिलेगा।

  • “नन्हा-सा-दिल एनसीएल” सीएसआर पहल के पहले चरण में 2,658 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग

    “नन्हा-सा-दिल एनसीएल” सीएसआर पहल के पहले चरण में 2,658 बच्चों की हुई स्क्रीनिंग

    सिंगरौली एनसीएल द्वारा जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को नव जीवन देने के उद्देश्य से शुरू की गयी “नन्हा-सा-दिल-
    एनसीएल” सीएसआर पहल का पहला चरण वैढ़न तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित किया गया । इस दौरान एनसीएल द्वारा 38 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें अभी तक 2,658 बच्चों की स्क्रीनिंग की गयी है एवं 87 बच्चों को ईको विश्लेषण हेतु चिहनित किया गया है। इसके बाद हृदय रोग की पुष्टि होने पर मरीज बच्चों को श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अस्पतालों में नि: शुल्क सर्जरी हेतु रेफर किया जाएगा।

    एनसीएल ने सिंगरौली परिक्षेत्र में निवासरत जन्मजात हृदय रोग-कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों के नि: शुल्क जीवन रक्षण सर्जरी हेतु “नन्हा-सा-दिल-एनसीएल” सीएसआर पहल की 22 मार्च, 2025 को औपचारिक शुरुआत की है। इस अभिनव सीएसआर पहल के तहत एनसीएल द्वारा 345 स्क्रीनिंग शिविरों के माध्यम से 17000 से अधिक बच्चों की हृदय रोग जांच की जाएगी।

    गौरतलब है कि भारत में हर साल लगभग 3 लाख बच्चे सीएचडी के साथ पैदा होते हैं जिनमें से इलाज़ के अधिक लागत
    के कारण 5% रोगी ही सर्जरी करवा पाते हैं। एनसीएल की इस सीएसआर पहल से सिंगरौली परिक्षेत्र में दिल की बीमारियों से पीड़ित बच्चों को नि: शुल्क जीवन का उपहार मिलेगा।

  • उत्पादन व प्रेषण के नए शिखर पर एनसीएल : वित्तीय वर्ष 2024-25 में कोयला उत्पादन में  बेहतरीन प्रदर्शन

    उत्पादन व प्रेषण के नए शिखर पर एनसीएल : वित्तीय वर्ष 2024-25 में कोयला उत्पादन में  बेहतरीन प्रदर्शन

    सोनभद्र, सिंगरौली।  भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने वित्त वर्ष 2024 -25 में कोयला उत्पादन व प्रेषण में शानदार प्रदर्शन कर नया मुकाम हासिल किया है। एनसीएल ने विगत वित्त वर्ष 24-25 में कोयला उत्पादन व प्रेषण में नया इतिहास रचा है।

    वित्त वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित 139 मिलियन टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य को कंपनी ने हासिल कर लिया है।
    एनसीएल ने राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए चालू वित्त वर्ष में बिजली घरों सहित सभी उपभोक्ताओं को 137.7 मिलियन टन कोयला प्रेषण किया है। इसी क्रम में एनसीएल ने लगभग 85% कोयला पर्यावरण अनुकूल (रेल, एमजीआर व बेल्ट पाइप कंवेयर) विधियों के माध्यम से प्रेषित किया है।

    इस शानदार उपलब्धि पर सीएमडी एनसीएल बी. साईराम व निदेशक (कार्मिक)  मनीष कुमार, निदेशक (वित्त)  रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी/संचालन)  जितेन्द्र मलिक व निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना)  सुनील प्रसाद सिंह ने एनसीएल टीम को बधाई दी है। उन्होंने कंपनी की इस सफलता का श्रेय एनसीएल कर्मियों की मेहनत व राष्ट्र की ऊर्जा जरूरतों के प्रति उनके अटूट समर्पण को दिया है ।

    इस अवसर पर मंगलवार को सीएमडी सहित समस्त निदेशक मंडल ने एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं का दौरा किया व एनसीएल कर्मियों के समर्पण और ऊर्जा संरक्षा के प्रति कटिबद्धता के आलोक में उनका अभिनंदन किया।  इस अवसर पर कर्मियों से सीधे रूबरू होते हुए सीएमडी एनसीएल ने कहा कि एनसीएल कर्मियों ने कठिन परिदृश्य में विभिन्न बाधाओं को पार करते हुए लक्ष्यों को पूरा किया है, जिसके लिए समस्त एनसीएल टीम बधाई की पात्र है l
    गौरतलब है कि वर्ष 2023-24 के मुकाबले एनसीएल परिक्षेत्र में वर्ष 2024-25 में 218% अधिक वर्षा हुई, इसके बावजूद भी कंपनी ने वर्ष 2023-24 की तुलना में वर्ष 2024-25 में 2 मिलियन टन से अधिक कोयला उत्पादन किया है।

  • स्थापना दिवस का यह उत्सव संगठन की दृढ़ता, उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं की याद दिलाता है – शुभाशीष बोस

    स्थापना दिवस का यह उत्सव संगठन की दृढ़ता, उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं की याद दिलाता है – शुभाशीष बोस

    गर्व के साथ मनाया गया एनटीपीसी खरगोन का स्थापना दिवस समारोह

    खरगोन। एनटीपीसी खरगोन ने अपने स्थापना दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया, जिसमें कर्मचारियों, गणमान्य व्यक्तियों और अतिथियों ने संगठन की यात्रा और उपलब्धियों का जश्न मनाया। यह आयोजन देशभक्ति, प्रेरणादायक संबोधन और आनंद के क्षणों का एक अद्भुत संगम था, जिसने एकता और उत्कृष्टता की भावना को और मजबूत किया।

    समारोह की शुरुआत एनटीपीसी ध्वज फहराने से हुई, जो राष्ट्र की प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का प्रतीक था। जैसे ही ध्वज ऊंचाई पर लहराया, समस्त सभा गर्व और समर्पण की भावना से एकजुट खड़ी रही।

    ध्वजारोहण के बाद,  शुभाशीष बोस (BUH, खरगोन) ने उपस्थितजनों को संबोधित किया। अपने भाषण में, उन्होंने संगठन की उपलब्धियों, कर्मचारियों की अथक मेहनत और भविष्य की दृष्टि पर प्रकाश डाला। उन्होंने टीम वर्क, नवाचार और स्थिरता के महत्व को रेखांकित किया, जिससे एनटीपीसी खरगोन ऊर्जा क्षेत्र में नए मानक स्थापित करता रहे।

    समारोह में गुब्बारे छोड़ने की आकर्षक प्रस्तुति भी हुई, जो एनटीपीसी खरगोन की ऊंची उड़ान और सफलता का प्रतीक थी। इस प्रतीकात्मक पहल के बाद केक काटने का आयोजन हुआ, जिसने इस अवसर को और भी हर्षोल्लासपूर्ण बना दिया। कर्मचारियों और नेताओं ने मिलकर इस खुशी को साझा किया, जिससे एनटीपीसी परिवार की एकता और सामूहिक भावना और प्रबल हुई।

    इस आयोजन का एक विशेष आकर्षण आईआरएसएम 2025 टूर्नामेंट में एनटीपीसी खरगोन की शानदार उपलब्धियों के लिए नेतृत्व को ट्रॉफी सौंपने का क्षण था। इस यूनिट ने टेबल टेनिस, फुटबॉल और बैडमिंटन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे कर्मचारियों की खेल भावना और प्रतिस्पर्धात्मक जज्बा उजागर हुआ। इन उपलब्धियों को मान्यता देना न केवल खेल में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करता है, बल्कि फिटनेस और टीम वर्क की संस्कृति को भी बढ़ावा देता है।

    समारोह के अंत में एक हार्दिक धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके योगदान से यह आयोजन सफल हुआ। एनटीपीसी खरगोन टीम के सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई, जिससे उत्कृष्टता और निरंतर विकास की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया गया।

    दिन का समापन एक भव्य संगीतमय संध्या और गाला डिनर के साथ हुआ, जिसमें सभी ने स्वयं का जश्न मनाया।

    जैसे-जैसे एनटीपीसी खरगोन आगे बढ़ रहा है, स्थापना दिवस का यह उत्सव संगठन की दृढ़ता, उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं की याद दिलाता है। यह दिन बीते हुए मील के पत्थरों को संजोने, वर्तमान का जश्न मनाने और आने वाली नई चुनौतियों और सफलताओं के लिए तैयार होने का अवसर था।

  • एनसीएल की सीडब्ल्यूएस इकाई ने ग्राम कठास में लगाया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर

    एनसीएल की सीडब्ल्यूएस इकाई ने ग्राम कठास में लगाया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर

    250 से अधिक लोगों ने करवाया स्वास्थ्य परीक्षण

    सोनभद्र, सिंगरौली। एनसीएल की सभी परियोजना एवं इकाइयों द्वारा समय-समय पर सीएसआर के तहत नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है। इसी कड़ी में एनसीएल की सीडब्ल्यूएस इकाई द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत गत शनिवार को ने ग्राम कठास, चितरंगी में नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। 

    शिविर के दौरान नेहरू शताब्दी चिकित्सालय, जयंत से चिकित्सकों की टीम के द्वारा विभिन्न समस्याओं के आधार पर उपस्थित लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गयी। स्वास्थ्य शिविर में 250 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इसके अतिरिक्त उपस्थित लोगों को नि:शुल्क दवाइयों का भी वितरण किया गया।  इस अवसर पर नोडल अधिकारी (सीएसआर), सीडब्ल्यूएस एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। 

    गौरतलब है कि एनसीएल द्वारा सीएसआर के तहत सिंगरौली परिक्षेत्र के दूरस्थ स्थानों में उच्च स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने हेतु ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कंपनी की सामुदायिक कल्याण की प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है।

  • हिंडालको महान विस्थापित कॉलोनी मझिगवां के विद्यालय का शानदार परीक्षा परिणाम: 97% छात्र हुए उत्तीर्ण

    हिंडालको महान विस्थापित कॉलोनी मझिगवां के विद्यालय का शानदार परीक्षा परिणाम: 97% छात्र हुए उत्तीर्ण

    सिंगरौली। हिंडालको महान विस्थापित कॉलोनी मझिगवां में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें विद्यालय ने शानदार प्रदर्शन किया। कुल 460 विद्यार्थियों में से 447 छात्र सफल रहे, जिससे विद्यालय का परीक्षा परिणाम 97% रहा। इस उपलब्धि को सम्मानित करने के लिए परीक्षा परिणाम घोषणा एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

    हिंडालको महान अपने विस्थापित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निःशुल्क शिक्षा, गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, कोचिंग एवं छात्रवृत्ति प्रदान करता है। यह पहल न केवल बच्चों के शैक्षिक भविष्य को संवारने में मददगार है, बल्कि उनके समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुई। विद्यालय के आचार्य गोपाल विश्वकर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर सीएसआर प्रमुख संजय सिंह और आर एंड आर प्रभारी विजय प्रकाश वैश्य उपस्थित रहे। समारोह में उदय से नवम कक्षा तक 97% विद्यार्थियों के सफल होने की घोषणा की गई। साथ ही, प्रत्येक कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले तीन-तीन मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

    अपने संबोधन में हिंडालको महान के सीएसआर प्रमुख संजय सिंह ने परीक्षा के महत्व और शिक्षा के जीवन में प्रभाव पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि “परीक्षा केवल अंकों का खेल नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है। सफलता उन्हीं को मिलती है जो निरंतर प्रयास करते हैं और अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत करते हैं।” उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए शिक्षा को आत्मनिर्भरता और समाज में बदलाव लाने का सबसे प्रभावी साधन बताया।

    कार्यक्रम के अंत में आर एंड आर प्रभारी विजय प्रकाश वैश्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस आयोजन की सफलता में विद्यालय के आचार्य बंधुओं सहित भोला वैश्य और प्रभाकर वैश्य का विशेष योगदान रहा।

    विद्यालय के इस उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम ने छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के प्रयासों को दर्शाया है। यह सफलता विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है और शिक्षा के प्रति उनके उत्साह को और अधिक मजबूत करती है।

  • एनसीएल की ब्लॉक-बी परियोजना ने ग्राम सोलंग में लगाया नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर

    एनसीएल की ब्लॉक-बी परियोजना ने ग्राम सोलंग में लगाया नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर

    160  लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का उठाया लाभ
     सोनभद्र, सिंगरौली।
    रविवार को  एनसीएल की ब्लॉक-बी परियोजना द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत ग्राम सोलंग में नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में डॉ. सुरोजीत सेन शर्मा, ब्लॉक-बी परियोजना तथा डॉ. ओम शर्मा, केंद्रीय अस्पताल, सिंगरौली ने विभिन्न समस्याओं के आधार पर उपस्थित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर के दौरान 160 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। साथ ही उपस्थित लोगों को नि:शुल्क दवाइयों का भी वितरण किया गया।

    इस अवसर पर नोडल अधिकारी (सीएसआर), ब्लॉक-बी  तथा परियोजना से अन्य अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि एनसीएल की सभी परियोजना एवं इकाइयों द्वारा समय-समय पर सीएसआर के तहत ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है। इस से पूर्व एनसीएल की ब्लॉक–बी परियोजना द्वारा सीएसआर के तहत ग्राम मुहेर, ग्राम एंगुरा, ग्राम महदेइया, ग्राम पडरी एवं ग्राम नौढिया में ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा चुका है।  एनसीएल ब्लॉक -बी परियोजना द्वारा मार्च 2025  में सीएसआर के तहत आयोजित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से स्थानीय क्षेत्र में चिकित्सा सुविधायें प्रदान की गयी जिसमें 1000 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया है

  • एनसीएल की ब्लॉक-बी परियोजना ने ग्राम मुहेर में लगाया नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर

    एनसीएल की ब्लॉक-बी परियोजना ने ग्राम मुहेर में लगाया नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर

    140  लोगों ने करवाया स्वास्थ्य परीक्षण
    सोनभद्र, सिंगरौली। एनसीएल की सभी परियोजना एवं इकाइयों द्वारा समय-समय पर सीएसआर के तहत नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है। इसी कड़ी में एनसीएल की ब्लॉक-बी परियोजना द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत ग्राम मुहेर में नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में डॉ. सुरोजीत सेन शर्मा, ब्लॉक-बी परियोजना तथा डॉ. राजर्षी सरकार, केंद्रीय अस्पताल, सिंगरौली ने विभिन्न समस्याओं के आधार पर उपस्थित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर के दौरान 140 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। साथ ही उपस्थित लोगों को नि:शुल्क दवाइयों का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी (सीएसआर), ब्लॉक-बी  तथा परियोजना से अन्य अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।  इस से पूर्व एनसीएल की ब्लॉक–बी परियोजना द्वारा सीएसआर के तहत ग्राम एंगुरा, ग्राम  महदेइया, ग्राम पडरी एवं ग्राम नौढिया में ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा चुका है