वाराणसी: राजातालाब तहसील व आराजीलाईन ब्लॉक के पास राजमार्ग 19 राजातालाब चौराहे पर यात्री प्रतीक्षालय-शौचालय नहीं होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सैकड़ों निजी व सरकारी बसों का इस राजमार्ग से आवागमन होता है और बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। प्रतिक्षालय नहीं होने से यात्रियों को हर मौसम में खुले आसमान के नीचे अपने गंतव्य तक जाने के लिए बसों का इंतजार करना पड़ता है। जिसमे सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, दिव्यांगो व महिलाओं को होती है। इस संबंध में राजमार्ग प्राधिकरण को स्थानीय निवासी सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने डिजिटली लिखित आवेदन देकर चौराहे पर यात्राी प्रतिक्षालय व सार्वजनिक शौचालय व मूत्रालय लगवाने की मांग की गई है। साथ ही इस सबंध में प्राधिकरण का कहना है कि चौराहे पर पर्याप्त जगह नहीं होने से प्रतिक्षालय-शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। इससे पूर्व भी आम जनता द्वारा सरकार, जिला प्रशासन को सूचित करते हुए यात्री प्रतिक्षालय-शौचालय बनवाने की मांग की जा चुकी है। यहां पूर्व में था प्रतिक्षालय-शौचालय इस राजमार्ग पर पूर्व में पूर्व सांसद शंकर प्रसाद जायसवाल के द्वारा आम जनता की सुविधा को देखते हुए यात्राी प्रतिक्षालय- शौचालय बनाया गया था। लेकिन राजमार्ग चौड़ीकरण निर्माण के वक्त राजमार्ग द्वारा राजमार्ग की इन प्रतिक्षालय व शौचालय को तोड़ दिया गया। प्राधिकरण ने उस वक्त कहा था कि चौड़ीकरण निर्माण के बाद प्रतिक्षालय और शौचालय बनेगा लेकिन चौड़ीकरण का निर्माण तो हो गया, लेकिन यात्रियों के लिए प्रतिक्षालय-शौचालय का निर्माण पाँच साल बाद भी नही हुआ। जिसका खामियाजा यात्रियो को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के किसान, मज़दूर व व्यापारी यहाँ मजदूरी करने व साग सब्जी बेचने व खरीदने आते हैं। वापस अपने गंतव्य तक जाने के लिए खुले में बसों का इंतजार करते है। सबसे अधिक दिक्कत दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आये लोगों को ही होती है। साथ ही इस राजमार्ग पर सार्वजनिक शौचालय या मूत्रालय की भी कोई व्यवस्था नही है। हज़ारों की तादाद में मुसाफिर सफर करते हैं। ऐसे में खासतौर पर महिलाओं, दिव्यांगो, बुजुर्गों व बच्चों को अत्यधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। इस समस्या के समाधान के लिए राजकुमार गुप्ता ने राजमार्ग प्राधिकरण को पुनः आवेदन देकर कहा है कि ओवरब्रिज के नीचे यानी अंडरपास में पर्याप्त स्थान पर प्रतिक्षालय- शौचालय का जनहित में निर्माण कराने की मांग रखी है अन्यथा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल करने की चेतावनी दी है।
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एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा स्वच्छता मैराथन का आयोजन
सोनभद्र, सिंगरौली। स्वच्छोत्सव के अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा बैढ़न स्थित चुन कुमारी स्टेडियम में उत्साहपूर्ण स्वच्छता मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में 200 से अधिक धावकों ने भाग लिया और स्वच्छता एवं सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

कार्यक्रम के उपरांत सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता शपथ दिलाई गई, जिससे स्वच्छ और हरित भविष्य के प्रति संकल्प को और सुदृढ़ किया गया। इस अवसर पर विधायक (सिंगरौली) रामनिवास शाह तथा सीएसपी एवं जिला खेल अधिकारी (सिंगरौली) पी.एस. परस्ते मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने एनटीपीसी द्वारा सामुदायिक स्तर पर स्वच्छता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। एनटीपीसी विंध्याचल की ओर से प्रणव वर्मा, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) तथा माहताब आलम, उप महाप्रबंधक (सीएसआर/आरएंडआर) कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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एनटीपीसी दर्लिपाली परियोजना में हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ
दर्लिपाली । एनटीपीसी दर्लिपाली परियोजना में 15 सितंबर को हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ प्रशासनिक भवन में उत्साहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि फैज़ तैय्यब, मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रमुख (दर्लिपाली) ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राजभाषा हिंदी को कार्य और व्यवहार की भाषा बनाने तथा अधिक से अधिक सरकारी कार्य हिंदी में करने की शपथ दिलाई। पखवाड़े के पहले दिन ई-8 स्तर से ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रशासनिक एवं विद्युत हिंदी शब्द ज्ञान प्रतियोगिता और कर्मचारियों के लिए हिंदी प्रचार-प्रसार विषयक नारा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
आगामी दिनों में राजभाषा पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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सीसीएल के धोरी क्षेत्र में शिकायत निवारण शिविर का सफल आयोजन
धोरी,। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के धोरी क्षेत्र में एक शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य कर्मचारियों, उनके आश्रितों, ठेका श्रमिकों एवं अन्य हितधारकों की लंबित शिकायतों का समाधान करना था।

शिविर के दौरान धोरी एवं बीएंडके क्षेत्र की कुल 25 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें मुख्य रूप से सीएमपीएफ, पेंशन, सेवानिवृत्ति संबंधी बकाया भुगतान, नियोजन एवं सेवा से जुड़े मुद्दे तथा ठेका श्रमिकों की समस्याएं शामिल थीं। प्राप्त शिकायतों में से कई का स्थल पर ही समाधान किया गया, वहीं शेष शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी निपटारे का आश्वासन दिया गया।
कर्मचारियों और हितधारकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान कंपनी के सतत एवं समावेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से इस प्रकार के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर सीसीएल मुख्यालय, रांची से गौतम चौधरी (मुख्य प्रबंधक, मानव संसाधन/समाधान सेल) एवं श्री तेजविंदर सिंह (वरिष्ठ प्रबंधक, मानव संसाधन) विशेष रूप से उपस्थित रहे। धोरी क्षेत्र से महाप्रबंधक श्री रंजन कुमार सिन्हा, श्रीमती कुमारी माला (स्टाफ अधिकारी, मानव संसाधन) सहित विभिन्न मजदूर संगठनों के प्रतिनिधिगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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उपभोक्ता संतुष्टि को विभाग की प्राथमिकता बनाया जाए – मंत्री ए. के. शर्मा
केस्को (कानपुर) में विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा की समीक्षा बैठक संपन्न*
*बिजली बिलों की गड़बड़ियों पर सख्ती, उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश*
*लटके तारों और सुरक्षा खामियों को तुरंत दुरुस्त करने का आदेश*

लखनऊ, कानपुर,/ नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कानपुर में विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केस्को ऑफिस सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने उपभोक्ताओं की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विद्युत बिलों में गड़बड़ियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं से आ रही शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए। यदि किसी उपभोक्ता को बिल में त्रुटि की समस्या आती है और समय से उसका समाधान नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
श्री शर्मा ने अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी उपभोक्ताओं को हर हाल में सुरक्षित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिले। उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ-जहाँ लटके तार या जर्जर लाइनें हैं, उन्हें तुरंत सही किया जाए। बरसात और आपदा के समय उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए सभी सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि सभी ट्रांसफॉर्मरों और विद्युत लाइनों की नियमित जाँच की जाए।लाइन लॉस रोकने और चोरी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जनता की शिकायतों के समाधान हेतु हेल्पलाइन और कैंपों के माध्यम से त्वरित कार्यवाही की जाए। उपभोक्ता संतुष्टि को विभाग की प्राथमिकता बनाया जाए। बैठक के दौरान श्री शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही/शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा जनता को बेहतर सुविधाएं देने की है और इसमें कोई भी बाधा स्वीकार्य नहीं है।ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे टीम भावना के साथ कार्य करें और जनता को ऐसी व्यवस्था दें जिससे उन्हें यह महसूस हो कि सरकार उनके साथ खड़ी है। बैठक के दौरान डायरेक्टर, मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता, एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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बनहरदी कोयला खनन परियोजना,स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

लातेहार। बनहरदी कोयला खनन परियोजना, पीवीयूएनएल के सीडी बैनर तले ग्राम बारी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में 8 अगस्त 2025 को चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
उपरोक्त चिकित्सा शिविर में ग्राम बारी के अलावा ग्राम एते, रामपुर, सरली, बनहरदी और अन्य आस-पास के गांवों के लगभग 210 ग्रामवासीयो द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, एवं डॉक्टर के परामर्श के अनुसार निःशुल्क दवाएं भी प्राप्त की गईं तथा मुफ्त में पैथोलॉजी जांच भी कराया गया।
उपस्थित हितग्राहियों द्वारा इस जनकल्याणकरी कार्यक्रम की सराहना की गई। यह शिविर आसपास के समुदायों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति पीवीयूएनएल, बनहरदी परियोजना की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस कार्यक्रम में बनहरदी परियोजना की ओर से एम चंद्रशेगर , एच ओ डी बनहरदी परियोजना, आर बी सिंह, अपर महा प्रबंधक (सिविल, भू अर्जन, पुनर्वास), विनेश कुमार (वरिष्ठ प्रबंधक आर एंड आर) डॉ. चंदन सिंह, डॉ. मनीष देवदत्त एक्का (चिकित्सा अधिकारी) अबीर लाल नाथ, शुभंकर मंडल कार्यपालक (आर एंड आर) उपस्थित रहे।
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सीसीएल गिरिडीह क्षेत्र में शिकायत निवारण शिविर, 21 मामलों का हुआ निपटारा

रांची। निदेशक (मानव संसाधन), सीसीएल मुख्यालय, राँची के मार्गदर्शन में दिनांक 08 अगस्त 2025 को सीसीएल के गिरिडीह क्षेत्र में शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य लंबित मामलों का निपटारा एवं कर्मचारियों, आश्रितों, ठेका श्रमिकों तथा अन्य हितग्राहियों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना था।
शिविर के दौरान कुल 21 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें अधिकांश मामले सीएमपीएफ, पेंशन तथा सेवानिवृत्ति बकाया राशि के भुगतान से संबंधित थे। इसके अलावा कुछ शिकायतें नौकरी एवं सेवा मामलों से जुड़ी हुई थीं। कई मामलों का मौके पर समाधान किया गया, जबकि शेष शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी निपटारे का आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर गौतम चौधरी, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन/समाधान) एवं HOD (CPIO), तेजविंदर सिंह, वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन/समाधान), अमित कुमार, वरीय प्रबंधक (E&M), राजवर्धन कुमार, प्रबंधक (कार्मिक), श्रीमती सुप्रिया भारती, उप-प्रबंधक (कार्मिक) तथा श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीसीएल प्रबंधन का प्रयास है कि इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से शिकायतों का समाधान शीघ्र, पारदर्शी एवं संतोषजनक तरीके से किया जा सके।
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उपमुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंच आईडी ब्लास्ट में घायल ग्रामीण और भालू के हमले में घायल जवान से भेंटकर पूछा स्वास्थ्य का हाल

रायपुर, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को सुबह मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल डिमरापाल पहुंचकर आईडी ब्लास्ट में घायल ग्रामीण तथा भालू के हमले में घायल जवान से रूबरू भेंटकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और इन दोनों का बेहतर उपचार सुनिश्चित किए जाने के निर्देश अधिकारियों एवं चिकित्सकों को दिए। साथ ही उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामीण प्रमोद ककेम तथा जवान बामन पोड़ियाम के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। ज्ञात हो कि बीते 5 अगस्त को बीजापुर जिले के इलमिड़ी निवासी ग्रामीण प्रमोद ककेम नक्सलियों के द्वारा लगाए गए आईडी की चपेट में आने के कारण घायल हो गया, जिसे बेहतर उपचार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रिफर किया गया है। वहीं बीजापुर जिले के बासागुड़ा ईलाके में गश्त के दौरान गत 29 जुलाई को अचानक भालू के हमले में घायल जवान बामन पोड़ियाम को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचे उप मुख्यमंत्री शर्मा के साथ विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, महापौर संजय पाण्डे एवं अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा और जिला प्रशासन के अधिकारी एवं मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के चिकित्सक मौजूद थे।
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छत्तीसगढ़ में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के नए युग की शुरुआत – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्यमिता केंद्र का निर्माण वर्ष 2025-26 में प्रारंभ होगा तथा इसे वर्ष 2027-28 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज हस्ताक्षरित एमओयू से “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन” को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। इस साझेदारी से प्रदेश में गांव-गांव तक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत “श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र” की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को शोध, प्रयोग और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल आईआईएम या एनआईटी के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव के युवाओं को भी लाभान्वित करे। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से भी इस शिक्षा और कौशल विकास के आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ अब कोर सेक्टर के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। बीते 20 महीनों में किए गए साढ़े तीन सौ से अधिक सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है और केवल आठ माह में 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी यह संकल्प लें कि छत्तीसगढ़ को संसाधन-आधारित नहीं, बल्कि नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला राज्य बनाएंगे – जहाँ युवा बदलाव के वाहक बनें और उद्यमिता से समाज को दिशा दें।
मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने कार्यक्रम में रायपुर में किसानों हेतु देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उनका फाउंडेशन इस विकास यात्रा में पूर्णतः समर्पित है। श्री अग्रवाल ने बताया कि फाउंडेशन ने अपनी कुल निधि का 10 प्रतिशत समाज कल्याण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग शिक्षा, कौशल और कृषि से संबंधित कार्यों में किया जाएगा।
मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने आईआईएम रायपुर एवं एनआईटी रायपुर को कुल 172 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की है। इसमें से 101 करोड़ रुपये आईआईएम रायपुर को तथा 71 करोड़ रुपये एनआईटी रायपुर को प्रदान किए जाएंगे।
इस दानराशि से आईआईएम रायपुर में “ओसवाल छात्रावास” के 202 कमरे और “दाऊ राम गोपाल अग्रवाल नॉलेज सेंटर” की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से छह अंतरराष्ट्रीय एमबीए कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।
इसी प्रकार, एनआईटी रायपुर में “श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना की जाएगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन और क्लीन एनर्जी जैसे डीप-टेक क्षेत्रों पर कार्य करेगा।
यह केंद्र वर्ष 2030 तक 10,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देगा, 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा और 5,000 से अधिक कुशल नौकरियों का सृजन करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ की औद्योगिक आवश्यकताओं – विशेषकर खनन, इस्पात और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों – के अनुरूप विकसित की गई है, और यह स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहेगी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के, एनआईटी रायपुर के चेयरमैन डॉ. सुरेश हावरे, आईआईएम रायपुर के चेयरमैन पुनीत डालमिया, एनआईटी के निदेशक एन. वी. प्रसन्ना राव, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. संजीव पाराशर, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

