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  • सतर्कता विभाग की पहल -एसईसीएल ने लांच किया जटायु डैशबोर्ड

    सतर्कता विभाग की पहल -एसईसीएल ने लांच किया जटायु डैशबोर्ड

    सीएमडी जेपी द्विवेदी ने बटन दबाकर किया शुभारंभ

    विलासपुर।एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित महाप्रबन्धक समन्वय बैठक में सीएमडी  जेपी द्विवेदी द्वारा एसईसीएल जटायु डैशबोर्ड का शुभारंभ किया गया।

    सतर्कता एवं सिस्टम विभाग के संयुक्त प्रयास से विकसित इस ऑनलाइन डैशबोर्ड में कोल इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न नियम, सर्कुलर, एसओपी, आदि का संकलन किया गया है। 

    इस पहल से एसईसीएल कर्मियों को कामकाज से जुड़े विभिन्न नियम एवं दिशानिर्देश एक ही जगह उपलब्ध हो सकेंगे तथा नॉलेज अपडेट के माध्यम से निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) को बढ़ावा मिलेगा। 

    इस दौरान निदेशक तकनीकी (संचा. सह यो/परि) एन फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक)बिरंची दास एवं निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार,सीवीओ हिमांशु जैन (वीसी के माध्यम से)संचालन क्षेत्रों के महाप्रबन्धक एवं मुख्यालय के विभागाध्यक्षगण उपस्थित रहे।

    महान महाकाव्य रामायण में, जटायु सतर्कता, कर्तव्य और धर्म के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक थे।न्याय और सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण से प्रेरित होकर,एसईसीएल सतर्कता और प्रणाली विभाग ने जटायु डैशबोर्ड विकसित किया है -जो कार्य-संबंधी चुनौतियों को हल करने के लिए वन-स्टॉप समाधान प्रदान करके की दिशा में कार्य करेगा।

    यह पहल सुनिश्चित करती है कि अधिकारियों को कोल इंडस्ट्री से संबन्धित दैनिक कार्यों से जुड़े  नियमों, दिशानिर्देशों और मानदंडों की जानकारी हो,जिससे कार्य संचालन में शंका ना रहे और निर्णय लेने में आसानी हो।

    डैशबोर्ड सार्वजनिक उद्यम विभाग, व्यय विभाग, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, केन्द्रीय सतर्कता आयोग, कोल इंडिया और SECL जैसी प्रमुख संस्थाओं द्वारा जारी किए गए परिपत्रों, दिशानिर्देशों और SOPs को समेकित करता है। सुलभ सर्चिंग के लिए उचित टैगिंग के साथ, जारी करने वाली एजेंसी, क्षेत्र, विषय, वर्ष और तिथि के अनुसार दस्तावेजों को व्यवस्थित रूप से वर्गीकृत किया गया है।

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    टीम द्वारा एआई -संचालित चैटबॉट को एकीकृत करके जटायु डैशबोर्ड को और बेहतर बनाने की कल्पना की गई है जो अधिकारियों के प्रश्नों के लिए विश्वसनीय, त्वरित प्रतिक्रिया प्रदान करेगा। 

    जटायु डैशबोर्ड में एक “योगदान” अनुभाग भी है, जो अधिकारियों को प्रासंगिक PDF अपलोड करके अनुपलब्ध संसाधनों को शामिल करने का सुझाव देने की अनुमति देता है। इन सबमिशन की समीक्षा एडमिन द्वारा की जाएगी और उन्हें रिपॉजिटरी में शामिल किया जाएगा।

    आने वाले दिनों में, AI चैटबॉट को टेंडरिंग, अनुबंध प्रबंधन, भूमि और पुनर्वास, वित्त, मानव संसाधन, और प्रमुख परिचालन क्षेत्रों से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा।

  • एसईसीएल मुख्यालय के 3 कर्मियों को भावभीनी विदाई दी गयी

    एसईसीएल मुख्यालय के 3 कर्मियों को भावभीनी विदाई दी गयी

    विलासपुर । शुक्रवार को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले 3 कर्मियों  को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में उन्हें शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

    मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में महाप्रबंधक (उत्पादन)  अरिंदम मुखर्जी, महाप्रबंधक (सामग्री प्रबंधन/क्रय)  एके अग्रवाल, विभीन्न विभागाध्यक्षों, अधिकारियों-कर्मचारियों, श्रमसंघ पदाधिकारियों की उपस्थिति में  संजीव अग्रवाल महाप्रबंधक (माइनिंग), डा. एसबी चौधरी डिप्टी सीएमओ,  राजकिशोर गुप्ता सहा. सुरक्षा  उप निरीक्षक  को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी।

    इस अवसर पर सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी के योगदान, कार्यकौशल की सराहना की गयी एवम  सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्जवल भविष्य की ईश्वर से कामना की गयी। सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहां के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है।कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व उप प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।

  • राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम : एसईसीएल द्वारा 48 निक्षय शिविर आयोजित किए गए

    राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम : एसईसीएल द्वारा 48 निक्षय शिविर आयोजित किए गए

    मुख्यालय एवं संचालन क्षेत्रों में 2389 लोगों की हुई जांच, टीबी जागरूकता के लिए किया जा रहा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

    विलासपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के 100 दिवसीय राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में एसईसीएल भी बढ़-चढ़ कर अपना योगदान दे रहा है। एसईसीएल द्वारा मुख्यालय एवं संचालन क्षेत्रों में निक्षय शिविर का आयोजन कर एसईसीएल कर्मियों एवं आमजनों की निशुल्क टीबी जांच की जा रही है। 

    एसईसीएल द्वारा कंपनी के मुख्यालय बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों जैसे कोरबा, रायगढ़, कोरिया, सुरजपुर आदि में स्थित अपने संचालन क्षेत्रों में अब तक लगभग 48 निक्षय शिविर आयोजित कर 2,389 लोगों की निशुल्क टीबी जांच की गई है।   

    टीबी जांच के साथ-साथ एसईसीएल द्वारा लोगों को टीबी के प्रति जागरूक बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कार्यस्थलों पर लोगों को निक्षय शपथ दिलाना, धार्मिक स्थलों जैसे मंदिरों, गिरिजाघरों आदि में जागरूकता शिविरों का आयोजन करना, लघु फिल्म एवं बैनर-पोस्टर आदि के माध्यम से एसईसीएल कार्यालयों/खदानों के आसपास निवासरत आमजनों को जागरूक करना, स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को जागरूक करना आदि शामिल हैं। 

    यह 100-दिवसीय अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तत्वावधान में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के व्यापक ढांचे का अंग है, जो टीबी उन्मूलन के लिए नैशनल स्ट्राटेजिक प्लान (एनएसपी) 2017-2025 का अंग है। एनएसपी टीबी के मामलों में कमी लाने, निदान और उपचार की क्षमताओं को बेहतर बनाने और इस रोग के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को दूर करने पर केंद्रित है। 

    यह महत्वाकांक्षी पहल 2018 के टीबी उन्मूलन शिखर सम्मेलन में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा निर्धारित विजन को प्रतिबिम्बित करती है, जिसमें उन्होंने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का आह्वान किया था।

  • NTPC सीपत द्वारा बिलासपुर पुलिस के सहयोग से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु हेलमेट वितरण अभियान का आयोजन

    NTPC सीपत द्वारा बिलासपुर पुलिस के सहयोग से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु हेलमेट वितरण अभियान का आयोजन

    विलासपुर। एनटीपीसी सीपत द्वारा जिला पुलिस बिलासपुर के सहयोग से सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हेलमेट वितरण अभियान का आयोजन दिनांक 24.02.2025 को नवाडीह चौक सीपत में यातायात एवं जिला पुलिस विभाग बिलासपुर के माध्यम से किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मुख्य अतिथि  रजनेश सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक बिलासपुर की उपस्थिति तथा  विजय कृष्ण पाण्डेय, परियोजना प्रमुख (एनटीपीसी सीपत) की अध्यक्षता में किया गया|

    कार्यक्रम के दौरान  राम गोपाल करियारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात ने अपने संबोधन में लोगों को हेलमेट पहनने तथा जीवन के महत्व के बारे में बताते हुए देश में हो रही दुर्घटनाओं के बारे में जानकारी दी|

    श्री विजय कृष्ण पाण्डेय , परियोजना प्रमुख ने अपने संबोधन में हेलमेट पहनने को अपनी आदत में शामिल करने का सुझाव देते हुए कहा कि जीवन अनमोल है, इसकी सुरक्षा स्वयं को ही करनी है|

    रजनेश सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने भी सभी को संबोधित कर हेलमेट पहनने की अपील की तथा इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी परिस्थिति में बिना हेलमेट पहने दुपहिया वाहन नहीं चलाएं| उन्होंने एनटीपीसी सीपत प्रबंधन का उच्च गुनवत्ता वाले हेलेमेट उपलब्ध कराने के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा की| तत्पश्चात उन्होने सभी को यातायात के प्रति शपथ भी दिलाया|

    विदित हो कि  दिनोंदिन सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ते जा रहा है जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी  हो रही है। इसके बावजूद ज्यादातर दो पहिया वाहन  चालक बिना क्रैश हेलमेट  के ही वाहन चलाते है जिससे दुर्घटना होने पर  सिर पर  गंभीर चोट लगने का डर रहता है और जान भी जाने की संभावना बनी रहती है। इन दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ही एनटीपीसी सीपत के द्वारा  जिला यातायात एवं पुलिस विभाग बिलासपुर द्वारा हेलमेट का वितरण किया गया।

    कार्यक्रम के अंत में  गोपाल सतपति , थाना प्रभारी सीपत थाना ने धन्यवाद ज्ञापन कर सभी के प्रति आभार व्यक्त किया|

    इस अवसर पर  शिव चरण परिहार, डीएसपी यातायात,  जय प्रकाश सत्यकाम, विभागाध्यक्ष मानव संसाधन, डॉ. राजीव शंकर खेर, प्राचार्य, शासकीय मदन लाल शुक्ल महाविद्यालय सीपत,  मुगल शर्मा, एसआई, सहेत्तर कुर्रे, एसआई,  कमल फूल साहू, शिव सिंह बक्साल, एसआई,  धर्मेंद्र यादव एसआई,  भरत सिंह मरकाम, एसआई   स्थानीय सीपत के स्टॉफ सहित मीडिया बंधु मौजूद रहे।

  • भारत सरकार के iGOT लर्निंग पोर्टल पर एसईसीएल को देशभर में चौथा स्थान

    भारत सरकार के iGOT लर्निंग पोर्टल पर एसईसीएल को देशभर में चौथा स्थान

    कर्मियों द्वारा किए जा चुके हैं 38,852 कोर्स

    विलासपुर। एसईसीएल ने भारत सरकार के iGOT कर्मयोगी लर्निंग पोर्टल पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर की सरकारी कंपनियों में चौथा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि उन सार्वजनिक उपक्रमों की श्रेणी में प्राप्त हुई है, जिनके 10,000 से 50,000 यूजर्स हैं।

    एसईसीएल के कर्मियों द्वारा 38,852 कोर्स सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इस पोर्टल पर अब तक 11,971 कर्मियों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 2,445 अधिकारी और 9,526 कर्मचारी शामिल हैं।

    शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के इस पहल में कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया है। लगभग 3,000 कर्मियों ने छह या अधिक कोर्स पूरे कर लिए हैं, जबकि 716 कर्मी ऐसे हैं जिन्होंने 10 या उससे अधिक कोर्स सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।

    कोयला मंत्रालय द्वारा जारी सरकारी कोयला कंपनियों के सर्वाधिक iGOT कोर्सेज करने वाले कर्मियों की सूची में एसईसीएल ने टॉप किया है और टॉप 20 परफार्मर्स में से एक तिहाई एसईसीएल से हैं । 

    हाल ही में पिछले माह नई दिल्ली में आयोजित कोयला मंत्रालय के चिंतन शिविर कार्यक्रम के दौरान iGOT पोर्टल पर एसईसीएल के बेस्ट परफॉर्मर्स को माननीय कोयला मंत्री जी ने अपने हाथों से सम्मानित किया जा चुका है। 

    iGOT (इंटेग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) कर्मयोगी पोर्टल, भारत सरकार द्वारा डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया एक प्रमुख प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को नई क्षमताएं और स्किल प्रदान करना है, जिससे वे अपने कार्यस्थल पर अधिक प्रभावी ढंग से योगदान दे सकें। यह पोर्टल व्यावसायिक विकास, नेतृत्व कौशल, डिजिटल तकनीक आदि विभिन्न विषयों पर कई कोर्स प्रदान करता है। 

  • एनटीपीसी सीपत संगवारी महिला समिति एवं सीएसआर विभाग के द्वारा दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग का वितरण

    एनटीपीसी सीपत संगवारी महिला समिति एवं सीएसआर विभाग के द्वारा दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग का वितरण

    विलासपुर। एनटीपीसी सीपत संगवारी महिला समिति एवं सीएसआर विभाग  द्वारा दिनांक 22.02.2025 को आसपास के दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग का वितरण किया गया। संगवारी महिला समिति एवं सीएसआर विभाग द्वारा परियोजना प्रभावित गाँव एवं जरूरतमंद लोगों के लिए विभिन्न प्रकार के जन-कल्याणकारी कार्य कराए जाते हैं। इसी क्रम में आसपास के ग्रामों के दिव्यांगजनों के जीवन में उत्साह भरने एवं  शारीरिक रूप से सक्षम बनाने यह पहल किया जा रहा है। 

    इस अवसर पर बाल भवन में आयोजित कार्यक्रम में  विजय कृष्ण पाण्डेय, परियोजना प्रमुख (सीपत) तथा संगवारी महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती साधना पाण्डेय द्वारा तीन दिव्यांगजनों श्री तुलसीरम यादव ग्राम कौड़िया,  क़ृष्ण कुमार दुबे  ग्राम खम्हरिया एवं श्री लक्ष्मीनारायण साहु ग्राम गुड़ी को कृत्रिम अंग का वितरण किया गया। लाभान्वित दिव्यांगजनों  ने संगवारी महिला समिति के इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।  इस कार्यक्रम के दौरान  अनिल शंकर शरण,  महाप्रबंधक (प्रचालन व अनुरक्षण),  अशोक कुमार,  महाप्रबंधक सीपीजी 2 तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं वरिष्ठ महिला समिति सदस्या उपस्थित रहे l

  • एसईसीएल दीपका मेगाप्रोजेक्ट में नये साइलो और रैपिड लोडिंग सिस्टम से रेक लोडिंग शुरू

    एसईसीएल दीपका मेगाप्रोजेक्ट में नये साइलो और रैपिड लोडिंग सिस्टम से रेक लोडिंग शुरू

    प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के अंतर्गत पर्यावरण-हितैषी कोयला निकासी के लिए फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी पर जोर 

    विलासपुर। एसईसीएल कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में, फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजनाओं के माध्यम से सुरक्षित एवं ईको-फ्रेंडली कोयला निकासी को बढ़ाने के प्रयासों में तेजी ला रही है।

    इसी कड़ी में एसईसीएल की दीपका मेगाप्रोजेक्ट ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 21 फरवरी 2025 को अपने नवनिर्मित रैपिड लोडिंग सिस्टम और साइलो नंबर 3 और 4 से पहला कोयला रेक लोड करके सफलतापूर्वक परिचालन शुरू कर दिया है। 

    नए चालू किए गए दीपका सीएचपी-साइलो एफएमसी प्रोजेक्ट की वार्षिक कोयला निकासी क्षमता 25 मिलियन टन है, जिससे मेगाप्रोजेक्ट की डिस्पैच क्षमता मजबूत हुई है।

    नए साइलो के चालू होने से पहले, दीपका 15 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता वाले मेरी-गो-राउंड डिस्पैच सिस्टम पर निर्भर था। साइलो 3 और 4 के चालू होने के साथ, दीपका की कुल कोयला डिस्पैच क्षमता अब 40 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई है। 

    कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में, एसईसीएल ने  पीएम गतिशक्ति योजना के तहत एफ़एमसी इन्फ्रा के विकास को प्राथमिकता दी है। SECL ने 233 एमटीपीए की कुल क्षमता की 17  फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफ़एमसी) परियोजनाओं पर काम कर रहा  है। इनमें से, 151 एमटीपीए की कुल क्षमता वाली 9 परियोजनाएँ पहले ही चालू हो चुकी हैं, जो कोयला परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती हैं। शेष 8 एफएमसी परियोजनाएं 82 एमटीपीए क्षमता की हैं और इन्हें अगले 2-3 वर्षों में चालू करने का लक्ष्य है। 

    एफएमसी को एक कुशल और पर्यावरण के अनुकूल कोयला परिवहन मोड के रूप में जाना जाता है। दीपका में एफएमसी बुनियादी ढांचे के कार्यान्वयन से कई लाभ होंगे जैसे  मैकेनाइज़ तरीके से सटीक लोडिंग होने से रेक में कोयले की अंडरलोडिंग और ओवरलोडिंग में कमी। 

    • लोडिंग समय में कमी आने से ज़्यादा रेक लोड कर पाना एवं बेहतर रेक उपलब्धता।  कोयले की बेहतर गुणवत्ता। 

    • सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने से डीजल खर्च में बचत एवं स्वच्छ वातावरण।  नए सिलो के चालू होने से SECL, भारतीय रेलवे और कोयला उपभोक्ताओं को समान रूप से लाभ होगा। यह लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित करने, कोयला परिवहन को अनुकूलित करने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद करेगा।

  • कोयला गुणवत्ता में सुधार से एसईसीएल को हुआ 53 करोड़ का फायदा

    कोयला गुणवत्ता में सुधार से एसईसीएल को हुआ 53 करोड़ का फायदा

    अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच कोयले की गुणवत्ता में हुआ 20 प्रतिशत का इजाफा

    विलासपुर। एसईसीएल में अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच कोयले की गुणवत्ता (कोल ग्रेड कन्फर्मेशन) में 20% की बढ़ोत्तरी हुई है जिससे कंपनी को लगभग 53 करोड़ का फायदा हुआ है। कोल क्वालिटी के सुधार के मिशन में एसईसीएल विजिलेन्स टीम ने क्वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेन्ट तथा फील्ड ऑफिसर्स के सहयोग से सफलता पाई है।    

    अक्टूबर 2024 में कुल 4855 सैंपल के आधार पर एसईसीएल के कोयले की क्वालिटी का ग्रेड कन्फर्मेशन 65% था। इसे देखते हुए एसईसीएल द्वारा कई सकारात्मक कदम उठाते हुए समय-समय पर सैंपलिंग प्रक्रिया की क्लोज़ मॉनिटरिंग कर इसे सुव्यवस्थित करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। कंपनी में कोयला गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए कोयला भंडारण, डिस्पैच प्रक्रिया तथा सैंपल लिए जाने की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया गया। 

    नतीजन जनवरी 2025 में एसईसीएल लैब में हुए टेस्टिंग अनुसार ग्रेड कन्फर्मेशन बढ़कर 83% हो गया है। इस प्रकार जनवरी 2025 में पिछले पाँच वर्षों में सबसे बेहतर कोल क्वालिटी दर्ज की गई है। एसईसीएल के मेगाप्रोजेक्ट्स की बात करें तो अक्टूबर 2024 में दीपका एवं कुसमुंडा का ग्रेड कन्फर्मेशन प्रतिशत 38.74 एवं 72.47 था जोकि जनवरी 2025 में बढ़कर 90% से अधिक हो गया है। कंपनी के गेवरा, दीपका तथा कुसमुंडा मेगाप्रोजेक्ट्स को कोल क्वालिटी में सुधार से लगभग 17 करोड़ का फायदा हुआ है। 

    एसईसीएल के सतत प्रयास से न केवल एसईसीएल को वित्तीय लाभ हुआ है, बल्कि उपभोक्ताओं का विश्वास भी बढ़ा है। उच्च ग्रेड कन्फर्मेशन से कंपनी की विश्वसनीयता और दक्षता में भी वृद्धि हुई है। एसईसीएल अपने सतत प्रयासों से कोयला गुणवत्ता प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाला कोयला उपलब्ध कराया जा सके और कंपनी की समग्र कार्यक्षमता में सुधार होता रहे।

  • एनटीपीसी सीपत संगवारी महिला समिति द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को किया गया प्रोत्साहित

    एनटीपीसी सीपत संगवारी महिला समिति द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को किया गया प्रोत्साहित

    विलासपुर। एनटीपीसी सीपत संगवारी महिला समिति द्वारा उमंग मेला 2025 में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में भाग लेने वाले स्वामी आत्मानंद विद्यालय सीपत एवं हाई स्कूल दर्राभांठा के  विद्यार्थियों को स्टेशनरी किट प्रदान कर  प्रोत्साहित किया गया। ज्ञात हो संगवारी महिला समिति द्वारा दिनांक 04 एवं 05 जनवरी 2025 को दो दिवसीय उमंग मेला का आयोजन किया गया। जिसके दूसरे दिवस 05 जनवरी को विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमें नगर परिसर में संचालित बाल भारती पब्लिक स्कूल एवं आसपास के ग्रामीण विद्यालयों के छात्र- छात्राओं ने भाग लेकर मॉडल के माध्यम से अपने वैज्ञानिक विचार को प्रदर्शित किया। ग्रामीण विद्यालयों के छात्र- छात्राओं को प्रोत्साहित करने हेतु मेले के दौरान भी प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया था। 

    संगवारी महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती साधना पाण्डेय एवं उपाध्यक्षा श्रीमती नम्रता शरण के नेतृत्व में संगवारी महिला समिति की वरिष्ठ सदस्याओं ने स्वामी आत्मानंद विद्यालय सीपत एवं हाई स्कूल दर्राभांठा के शिक्षक एवं छात्र- छात्राओं से भेंटकर उन्हे स्टेशनरी किट प्रदान कर  प्रोत्साहित किया। प्रतिभागियों तथा स्कूल प्रबंधन ने संगवारी महिला समिति के इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। अध्यक्षा संगवारी महिला समिति श्रीमती साधना पाण्डेय ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएँ दी।

  • एसईसीएल ने ₹170 करोड़ की सीएसआर परियोजनाओं को दी मंजूरी

    एसईसीएल ने ₹170 करोड़ की सीएसआर परियोजनाओं को दी मंजूरी

    छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कोयला क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास को मिलेगी मजबूती

    वर्ष 2025 में अब तक ₹77 करोड़ के एमओयू हुए साइन 

    विलासपुर। एसईसीएल ने वित्तीय वर्ष 24-25 में विभिन्न सीएसआर परियोजनाओं के लिए ₹170 करोड़ की मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के कोयलांचल में स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के बुनियादी ढांचे को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगी।

    यह आवंटन वित्तीय वर्ष 24-25 के लिए एसईसीएल के वैधानिक सीएसआर बजट ₹99.76 करोड़ से अधिक है, जो सामुदायिक विकास के प्रति कंपनी के समर्पण को दर्शाता है। इन परियोजनाओं को संबंधित समझौतों के अनुसार अगले 2-3 वर्षों में लागू किया जाएगा।

    प्रमुख परियोजनाओं में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर के साथ ₹48.19 करोड़ का समझौता ज्ञापन शामिल है, जिसमें एसईसीएल द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित 500 बेड वाले ‘एसईसीएल गर्ल्स हॉस्टल’ का निर्माण किया जाएगा। माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ द्वारा 21 जनवरी, 2025 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में इसकी आधारशिला रखी गई है। यह महिला छात्रों के लिए सुरक्षित और आरामदायक रहने का वातावरण प्रदान करेगा, जिससे महिलाओं में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

    हृदय की जन्मजात बीमारी के इलाज की महत्वपूर्ण आवश्यकता को देखते हुए, एसईसीएल ने अपनी प्रमुख परियोजना “एसईसीएल की धड़कन” (कोल इंडिया का नन्हा सा दिल का विस्तार) का दूसरा चरण शुरू किया है। 14 फरवरी, 2025 को एसईसीएल और श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर ने विश्व जन्मजात हृदय दोष (सीएचडी) जागरूकता दिवस और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की स्वर्ण जयंती समारोह पर ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ समारोह का आयोजन किया। एसईसीएल के निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में, एसईसीएल की सीएसआर पहल, ‘एसईसीएल की धड़कन’ पर प्रकाश डाला गया, जिसमें सीएचडी वाले बच्चों के लिए सफलतापूर्वक 60 सर्जरी की गई है। प्रारंभिक आकलन में बलरामपुर, छत्तीसगढ़ में 57 सीएचडी मामले सामने आने के बाद, एसईसीएल ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में अगले 300 बच्चों के इलाज के लिए ₹4.71 करोड़ की मंजूरी दी है। परियोजना के दूसरे चरण के तहत 13 बच्चों का पहले ही इलाज किया जा चुका है। 

    एसईसीएल के ‘डिजी विद्या’ कार्यक्रम के तहत एसईसीएल, अनूपपुर जिला प्रशासन और एडसीआईएल इंडिया लिमिटेड के बीच ₹13.73 करोड़ की लागत से मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के 84 सरकारी उच्चतर माध्यमिक और उच्च विद्यालयों को 265 स्मार्ट क्लासरूम समाधान और 84 विज्ञान प्रयोगशाला लगाने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया गया है।  

    टीबी उन्मूलन के लिए 100-दिवसीय गहन अभियान के अनुरूप, एसईसीएल ने छत्तीसगढ़ (बिलासपुर, रायगढ़, सूरजपुर) और मध्य प्रदेश (अनूपपुर) में 50,000 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग के लिए ₹3.82 करोड़ की परियोजना के लिए आरके एचआईवी एंड एड्स रिसर्च एंड केयर सेंटर, मुंबई के साथ भागीदारी की है और 300 रोगियों को दवाएं और पोषण किट प्रदान किए हैं।

    एसईसीएल, परिधान प्रशिक्षण एवं डिजाइन केंद्र (एटीडीसी), गुरुग्राम के साथ ₹3.12 करोड़ के समझौता ज्ञापन के माध्यम से कौशल विकास में भी निवेश कर रहा है। यह व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम 400 पिछड़े युवाओं को परिधान और कपड़ा उद्योग से संबंधित कौशल के साथ सशक्त करेगा, जिससे स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। कार्यक्रम में एसईसीएल के विभिन्न परिचालन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए आवासीय और गैर-आवासीय विकल्प शामिल होंगे।

    एसईसीएल द्वारा अनुमोदित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल हैं:

    • स्वर्गीय बिसाहू दास महंत मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, कोरबा के लिए 3.0 टेस्ला एमआरआई मशीन प्रदान करना (₹28.08 करोड़)।

    • कुपोषण और स्टंटिंग से निपटने और एनीमिया और सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग के लिए मध्य प्रदेश के विदिशा जिला प्रशासन को वित्तीय सहायता (₹30.92 करोड़)।

    • राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के साथ साझेदारी में एक बहु-कौशल विकास संस्थान (एमएसडीआई) परियोजना, जो एसईसीएल परिचालन क्षेत्रों में 1260 युवाओं को लाभान्वित करते हुए एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगी (₹6.87 करोड़)।

    एसईसीएल के निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास ने कहा, “ये सीएसआर पहल कोयलांचल के हमारे समुदायों के प्रति एसईसीएल की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। एसईसीएल सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है।