Category: BILASPUR

  • एनटीपीसी सीपत द्वारा हमर धरोहर अंतर ग्रामीण लोक कला प्रतियोगिता आयोजन

    एनटीपीसी सीपत द्वारा हमर धरोहर अंतर ग्रामीण लोक कला प्रतियोगिता आयोजन

    विलासपुर। एनटीपीसी सीपत परियोजना की ओर से “हमर धरोहर अंतर ग्रामीण लोक कला प्रतियोगिता 2025” का भव्य आयोजन किया गया,   जिसमें परियोजना क्षेत्र के प्रभावित ग्राम गतौरा,रलिया, रांक, जांजी, कौड़ियां,सीपत एवं कर्रा के 12 दलों से कुल 175 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस आयोजन में 8 से 80 वर्ष के आयु के प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा की समृद्ध संस्कृति विरासत को सहेजते हुए लोक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा को संजोना और नई पीढ़ी को इसकी विरासत से जोड़ना रहा। आयोजन का यह दूसरा वर्ष है।

    एनटीपीसी के कला निकेतन में शाम 4 बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रभावित ग्रामो के प्रतिभागियों ने पारंपरिक लोक गीतों एवं नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी। जस गीत, सुआ गीत, बांस गीत, पंथी सहित अन्य छत्तीसगढ़ी लोक विधाओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने प्रस्तुति के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति, लोक कला और सामाजिक संदेशों को खूबसूरती से मंच में उतारा। उनकी वेशभूषा और प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक को जीवंत कर दिया।

    मुख्य अतिथि परियोजना प्रमुख विजय कृष्ण पाण्डेय ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया और सभी कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि, “इस प्रकार के आयोजनों से हमारी संस्कृति जीवित रहती है और समाज में सांस्कृतिक चेतना का संचार होता है। कार्यक्रम का सफल संचालन एनटीपीसी के प्रवीण भारती ने किया।

    कार्यक्रम में जनपद पंचायत मस्तूरी अध्यक्ष सरस्वती सोनवानी, एनटीपीसी के महाप्रबंधकगण अनिल शंकर शरण,आलोक त्रिपाठी, स्वप्न कुमार मंडल,ब्रजराज रथ, एचआर प्रमुख जयप्रकाश सत्यकाम,उप कमांडेड सीआईएसएफ कपिल सुधाकर, यूनियन एशोसिएशन के प्रतिनिधि,सीपत प्रेस क्लब के पत्रकार, एनटीपीसी प्रबंधन के अन्य अधिकारी, ग्रामीण जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। समापन समारोह में लोक कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    एनटीपीसी परियोजना प्रमुख विजय कृष्ण पांडेय ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि आज भी हमारे गांव-कस्बों की गलियों में, त्योहारों की रौनक में और घर-आंगन की सजावट में लोक संस्कृति जीवित है। आश्चर्य की बात यह है कि हमारे छोटे-छोटे बच्चे भी लोक कला और परंपराओं से जुड़े हुए हैं। यह देखकर मन में गर्व का भाव जागता है कि आधुनिकता की तेज़ रफ्तार के बावजूद, लोक परंपराएं आज भी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।

    हालांकि, समय के साथ धीरे-धीरे आधुनिक संस्कृति का प्रभाव बढ़ता जा रहा है और वह हमारी लोक परंपराओं पर हावी होने लगी है। इसी कारण हमारे दिल की गहराइयों से यह भावना जन्म लेती है कि हमें अपनी लोक संस्कृति को सहेज कर रखना चाहिए। हमारी दिनचर्या की शुरुआत ही इन भावनाओं के साथ होती है। कार्यकारी निदेशक ने कहा, “हमें अपनी लोक विरासत को केवल स्मृति नहीं, जीवनशैली बनाना होगा। यही हमारी असली पहचान है और इसे हमें अगली पीढ़ी तक संजो कर ले जाना है। उन्होंने अंत मे स्वच्छता के प्रति शपथ दिलाई।

    प्रतियोगिता में रलिया की पंथी टीम विजेता रही,दूसरे स्थान पर बांस गीत टीम कौड़िया वही तीसरे स्थान पर जांजी की छत्तीसगढ़ दर्शन टीम रही सभी  विजेताओं को ट्रॉफी के साथ सभी 12 दलों के सदस्यों को आकर्षक पुरुष्कार से सम्मानित किया गया।

  • कलेक्टर, बिलासपुर ने एनटीपीसी सीपत में जेम 2025 कार्यशाला का किया उद्घाटन

    कलेक्टर, बिलासपुर ने एनटीपीसी सीपत में जेम 2025 कार्यशाला का किया उद्घाटन

    विलासपुर । शनिवार को एनटीपीसी सीपत ने अपनी प्रमुख सीएसआर पहल, गर्ल एम्पावरमेंट मिशन  का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य आस-पास के आठ गांवों की 45 बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवन कौशल प्रशिक्षण और मेंटरशिप के माध्यम से सशक्त बनाना है।

    इस कार्यशाला का उद्घाटन  संजय अग्रवाल, आईएएस, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, बिलासपुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर  विजय कृष्ण पाण्डेय , कार्यकारी निदेशक, सभी महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्षगण, संगवारी महिला समिति की वरिष्ठ सदस्याएं, यूनियन व एसोसिएशन के प्रतिनिधि, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत के सदस्य तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम में वर्तमान एवं पूर्व जेम प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत उत्साही सांस्कृतिक कार्यक्रमों को दर्शकों द्वारा अत्यंत सराहा गया।

    श्री अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “एनटीपीसी इन बालिकाओं को बड़े सपने देखने का अवसर प्रदान कर रहा है। जेम जैसे कार्यक्रम मानव संसाधन निर्माण और देश की क्षमता को उजागर करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।” उन्होंने जेम प्रतिभागियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और एनटीपीसी सीपत द्वारा किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने शिक्षा, संस्कृति और खेल के क्षेत्र में और अधिक पहल करने के लिए प्रोत्साहित किया।

    अपने संबोधन में विजय कृष्ण पांडे ने कहा, “एक बालिका को शिक्षित करना पीढ़ियों को सशक्त बनाना है। जेम केवल व्यक्तियों को ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज को मजबूत कर रहा है।” इस एक महीने की आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को आत्मरक्षा, योग, स्वच्छता, व्यक्तित्व विकास, सामान्य ज्ञान, कला और प्रदर्शन कला का प्रशिक्षण दिया जाएगा। गर्ल एम्पावरमेंट मिशन 2025 एनटीपीसी सीपत की समावेशी और दीर्घकालिक सामाजिक परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।

  • एनटीपीसी कोलडैम ने शुरू किया जागरूकता अभियान, स्कूलों में दी जा रही नदी के पानी से सुरक्षा संबंधी जानकारी

    एनटीपीसी कोलडैम ने शुरू किया जागरूकता अभियान, स्कूलों में दी जा रही नदी के पानी से सुरक्षा संबंधी जानकारी

    विलासपुर।बुधवार को सतलुज नदी में टले हादसे के बाद एनटीपीसी कोलडैम प्रबंधन ने सुरक्षा और जागरूकता को लेकर एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है जिसके तहत अब तक बरमाना, डेहर, सलापड़, धवाल व आस पास के अन्य गावों के सरकारी स्कूलों में बच्चों को सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जा चुकी है|

    एनटीपीसी कोलडैम के परियोजना प्रमुख सुभाष ठाकुर के निर्देशानुसार, 15 मई से कोलडैम परियोजना के आसपास स्थित सभी स्कूलों में ‘ नदी-नालों के आस पास सावधानी’ विषय पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत एनटीपीसी की टीम विद्यालयों में जाकर बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि वे सतलुज नदी, नालों, और बांध के निकटवर्ती क्षेत्रों में न जाएं,विशेषकर जब पानी छोड़े जाने की संभावना हो। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि बांध से पानी छोड़ने से पहले ध्वनि सायरन, लाउडस्पीकर और चेतावनी वाहन के माध्यम से प्रतिदिन ग्रामीणों को अलर्ट किया जाता है, सभी इनको ध्यान से सुने व निर्देशों का पालन सुनिश्चित करे।

    इस अभियान में बच्चों को यह भी बताया जा रहा है कि नदी किनारे खेलना या घूमना कितना खतरनाक हो सकता है। जलस्तर अचानक कैसे बढ़ सकता है और इससे जान को खतरा कैसे हो सकता है। चरवाहों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को किस प्रकार से सचेत रहना चाहिए।

  • बच्चों की जान बचाने पर अभिभावकों और ग्रामीणों ने किया एनटीपीसी कोलडैम का आभार व्यक्त

    बच्चों की जान बचाने पर अभिभावकों और ग्रामीणों ने किया एनटीपीसी कोलडैम का आभार व्यक्त

    बिलासपुर । स्थानीय जिले के खंगड़ गांव में बुधवार की शाम एनटीपीसी कोलडैम के त्वरित और मानवीय निर्णय के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। इसके लिए बच्चों के अभिभावक, जनप्रतिनिधि व अन्य ग्रामीण धन्यवाद ज्ञापन करने एनटीपीसी कोलडैम के कार्यालय पहुंचे और परियोजना प्रमुख व प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर पानी का बहाव नियंत्रित नहीं होता, तो बच्चों को बचा पाना नामुमकिन था।

    गांववासियों ने कहा कि एनटीपीसी ने यह साबित किया कि उनके लिए मानवीय जीवन सर्वोपरि है। अपना नुकसान सहकर भी एनटीपीसी कोलडैम ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

    इस अवसर पर परियोजना प्रमुख  सुभाष ठाकुर ने बच्चों का मनोबल बढ़ाया और उनसे सतर्कता बरतने की अपील की। साथ ही स्थानीय ग्रामीण तैराक  राजेंद्र कुमार को भी सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए बच्चों को बचाया। राजेंद्र कुमार ने  सुभाष ठाकुर का समय पर पानी रोकने के लिए धन्यवाद दिया और बताया कि कैसे पानी का बहाव कम होने के बाद उन्होंने बच्चों को एक-एक कर बाहर निकाला।

    उन्होंने बताया कि शाम करीब पाँच बजे उन्हें दो बच्चों के पानी में फंसे होने की सूचना मिली। यह जानकारी उन्हीं बच्चों में से एक तीसरी बच्ची ने दी, जो समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुँच गई थी। उसने अपनी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए आसपास के ग्रामीणों को कृष और अनुज के फँसे होने की जानकारी दी।

    जहाँ एक ओर निचली भटेड़ की वार्ड नंबर तीन की पंचायत सदस्य अंजना कुमारी ने एनटीपीसी प्रबंधन को सचेत किया, वहीं राजेंद्र कुमार ने पानी के बहाव को भांपते हुए सही समय पर छलांग लगाई और एक-एक कर बच्चों को बचा लिया।

    इस अवसर पर बच्चो के परिजनो ने एनटीपीसी की तत्परता की भी सराहना की व तैराक राजेंद्र कुमार ने भी एनटीपीसी का विशेष धन्यवाद किया। पंचायत सदस्य अंजना कुमारी ने कहा कि वह एनटीपीसी के सहयोग की आभारी हैं कि उन्होंने बच्चों को बचाने में हर संभव मदद प्रदान की।

    घटना के बाद एनटीपीसी के अधिकारियों ने आसपास के सभी स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें डाउनस्ट्रीम के संवेदनशील इलाकों में न जाने की अपील की गई। साथ ही प्लांट संचालन करते वक़्त कोलडैम द्वारा बजाए जाने वाले साइरन को सुनने और उसके बाद क्षेत्र को खाली करने जैसी बातों को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई।

  • एसईसीएल की 2 खदानों को कोयला मंत्रालय से मिली 5 स्टार रेटिंग

    एसईसीएल की 2 खदानों को कोयला मंत्रालय से मिली 5 स्टार रेटिंग

    ओपनकास्ट और भूमिगत मिलाकर कुल 39 खदानों को 3 या उससे अधिक की स्टार रेटिंग मिली 

    विलासपुर।वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रदर्शन के आधार पर कोयला मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी की गई कोयला एवं लिग्नाइट खदानों की स्टार रेटिंग सूची में एसईसीएल की 2 खदानों को उच्चतम 5 स्टार रेटिंग मिली है। 

    एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बंगवार यूजी एवं खैरहा यूजी ने क्रमशः 100 में से 95 एवं 91 अंक हासिल कर 5 स्टार रेटिंग हासिल की है। ओपनकास्ट श्रेणी में मेगा प्रोजेक्ट्स दीपका एवं कुसमुंडा सहित 5 खदानों को 4 स्टार रेटिंग मिली है। 

    ओपनकास्ट और भूमिगत खदानों को मिलाकर एसईसीएल की कुल 39 खदानों को 3 या उससे अधिक की स्टार रेटिंग मिली है।

    कोयला मंत्रालय द्वारा प्रौद्योगिकी की मदद से हरित, सुरक्षित और टिकाऊ खनन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए कोयला खदानों की स्टार रेटिंग की शुरुआत की गई है। कोयला नियंत्रक संगठन, कोयला मंत्रालय खनन कार्यों से जुड़े विभिन्न नियमों और विनियमों के पालन, मुख्य रूप से सुरक्षा, पर्यावरण, परियोजना प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, श्रमिकों के कल्याण आदि से संबंधित बिन्दुओं पर खदानों के प्रदर्शन के आधार पर देश भर की कोयला एवं लिग्नाइट खदानों को रेटिंग प्रदान करता है।

    एसईसीएल की खदानों द्वारा स्टार रेटिंग हासिल करने पर सीएमडी  हरीश दुहन ने कहा कि हमारी खदानों को  5 स्टार रेटिंग मिलना अत्यंत गर्व की बात है। यह हमारी टीम की मेहनत और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन को अपनाकर आने वाले समय में हमारी ज़्यादा से ज़्यादा खदानें 5 स्टार श्रेणी में शामिल हों इसके लिए हम प्रयासरत है।

  • एसईसीएल द्वारा एससी, एसटी एवं महिला उद्यमियों के लिए विशेष वेंडर डवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित

    एसईसीएल द्वारा एससी, एसटी एवं महिला उद्यमियों के लिए विशेष वेंडर डवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित

    विलासपुर। एसईसीएल द्वार 13 मई 2025 को बिलासपुर स्थित रवींद्र भवन में “एससी/एसटी एवं महिला-स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्योग (एमएसई) को सशक्त बनाने हेतु विशेष वेंडर डवलपमेंट का आयोजन किया गया। 

    इस कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए अवसरों की पहचान करना तथा सरकारी नीतियों और पोर्टल्स की जानकारी प्रदान कर उन्हें एक सक्षम कारोबारी वातावरण प्रदान करना रहा।

    कार्यक्रम में एसईसीएल निदेशक तकनीकी (संचालन सह योजना/परियोजना)  एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (एचआर)  बिरंची दास, निदेशक (वित्त)  डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी  हिमांशु जैन, और निदेशक एमएसएमई रायपुर  किशोर इरपाते, महाप्रबंधक (सामग्री प्रबंधन-क्रय)  अनुराग अग्रवाल, महाप्रबंधक (सामग्री प्रबंधन-स्टोर्स)  मनोज उपाध्याय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर लघु उद्योग एवं महिला उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।

    सत्र के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की गई, जिनमें विशेष रूप से एमएसई, एससी/एसटी एवं महिला उद्यमियों के लिए GeM पोर्टल के प्रावधानों पर जागरूकता बढ़ाना शामिल था। 

    साथ ही, एमएसई अधिनियम के तहत व्यापार में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की सहभागिता को बढ़ावा देने वाली सरकारी पहलों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को एमएसई के लिए वित्तीय सहायता को सुलभ बनाने हेतु ट्रेड्स (TReDS) पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई तथा छत्तीसगढ़ में एमएसई उद्यमियों के लिए अवसरों पर भी बात की गई। निविदा प्रक्रिया में बोलीदाताओं द्वारा की जाने वाली सामान्य त्रुटियों के बारे में भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया। 

    इस अवसर पर एसईसीएल प्रबंधन ने कहा कि हमारा प्रयास है कि एससी/एसटी एवं महिला उद्यमियों को समान अवसर एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल सहभागिता बढ़ाते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।” कार्यक्रम का आयोजन सामग्री प्रबन्धन विभाग एसईसीएल मुख्यालय द्वारा किया गया जिसे मुख्यालय एवं संचालन क्षेत्रों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

  • एनटीपीसी कोलडैम ने  एपेक्स इंडिया सीएसआर एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2024 में जीते दो प्लेटिनम पुरस्कार

    एनटीपीसी कोलडैम ने  एपेक्स इंडिया सीएसआर एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2024 में जीते दो प्लेटिनम पुरस्कार

     विलासपुर। एनटीपीसी कोलडैम ने  9मई 2025 को देहारादून मे आयोजित Apex India CSR Excellence Awards 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महिला सशक्तिकरण और शिक्षा श्रेणियों में दो प्लेटिनम पुरस्कार प्राप्त किए हैं। यह सम्मान परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने और बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए की गई उल्लेखनीय CSR पहलों के लिए प्रदान किए गए हैं।

    महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में, NTPC कोलडैम द्वारा महिलाओं के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और आजीविका सृजन के लिए ड्रेस मेकिंग, कढ़ाई, फैब्रिक उत्पादन, कंप्यूटर एप्लिकेशन, कृषि परीक्षण और उन्नत खेती जेसे कई प्रभावशाली कार्यक्रम चलाए गए हैं। वहीं, शिक्षा श्रेणी में पुरस्कार उन प्रयासों को मान्यता देता है, जिनके माध्यम से NTPC कोलडैम ने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराने, स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और शैक्षिक जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया है।

    इसके अतिरिक्त, डॉ अंजुला अग्रवाल, वरिष्ठ प्रबंधक (सीएसआर), एनटीपीसी कोलडैम, को Apex India CSR Leadership of the Year Award से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनके नेतृत्व में समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए समर्पित कार्यों की सराहना का प्रतीक है।

  • एसईसीएल में पिछले 2 महीनों में आश्रित पेंशन के रेकॉर्ड 120 लंबित मामले निपटाए गए

    एसईसीएल में पिछले 2 महीनों में आश्रित पेंशन के रेकॉर्ड 120 लंबित मामले निपटाए गए

    एचआर, सतर्कता विभाग एवं सीएमपीएफ़ओ की संयुक्त पहल से मिली सफलता

    विलासपुर। एसईसीएल में आश्रित पेंशन से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता से हल करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके फलस्वरूप पिछले 2 महीनों में रेकॉर्ड 120 मामलों को निपटाया गया है। एसईसीएल के सतर्कता विभाग एवं मानव संसाधन (एचआर) विभाग तथा सीएमपीएफ़ओ की इस संयुक्त प्रयास से कर्मचारी कल्याण की दिशा में की गई इस पहल से सफलता मिली है।

    इस अभियान के तहत, एसईसीएल प्रबंधन और सतर्कता विभाग सीएमपीएफ़ओ के अधिकारियों के साथ मिलकर लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए एक कार्य योजना पर काम कर रहे हैं। 

    एसईसीएल निदेशक (एचआर)  बिरंची दास ने हाल ही में मुख्यालय बिलासपुर में सीएमपीएफ़ओ बिलासपुर एवं जबलपुर रीज़न के कमिश्नर के साथ बैठक कर लंबित मामलों निपटान को फास्ट ट्रैक करने पर ज़ोर दिया था। साथ ही सीएमपीएफ़ओ के सी-केयर्स पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान को लेकर भी चर्चा की थी।  पहले के समय में जारी किए जाने वाले पीपीओ (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) में पत्नी का नाम न होने के कारण कर्मी की मृत्यु की स्थिति में पत्नी को अपना नाम पीपीओ में दर्ज करवाने के लिए अंतिम यूनिट में जाना पड़ता था जिसमें कई बारे देरी होने एवं अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता था।  इसे देखते हुए संशोधित पीपीओ जारी करना शुरू किया है जिसमें कर्मी के साथ उनकी पत्नी का नाम भी दर्ज किया जा रहा है। और कर्मियों को संशोधित पीपीओ जारी करवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। 

    पीएफ़/पेंशन के लंबित मामलों को निपटाने के एसईसीएल एचआर विभाग, सतर्कता विभाग एवं सीएमपीएफ़ओ द्वारा कर्मियों एवं आश्रितों से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं का हल किया जाएगा। कंपनी की योजना है कि संचालन क्षेत्रों में पीएफ़ मेला का आयोजन कर बड़े स्तर पर कर्मियों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

  • आपात स्थिति से निपटने एसईसीएल मुख्यालय में एयर डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित

    आपात स्थिति से निपटने एसईसीएल मुख्यालय में एयर डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित

    आपदा में खुद को सुरक्षित रखने के उपायों के बारे में दी गई जानकारी 

    विलासपुर।केंद्र सरकार के निर्देशानुसार पूरे देश में विभिन्न जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसी क्रम में बिलासपुर जिला प्रशासन के प्राप्त निर्देशानुसार एसईसीएल मुख्यालय में भी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। 

    मॉक ड्रिल के दौरान एसईसीएल सुरक्षा टीम द्वारा एसईसीएल अधिकारी-कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के लिए प्रशिक्षण दिया गया साथ ही बताया गया कि आपदा की स्थिति में किस तरह का व्यवहार करें और क्या उपाय करें जिससे कम से कम क्षति पहुंचे ।

  • कोल इंडिया की हाई पावर कमेटी/जॉइंट कमेटी ने किया एसईसीएल का दौरा

    कोल इंडिया की हाई पावर कमेटी/जॉइंट कमेटी ने किया एसईसीएल का दौरा

    गेवरा खदान क्षेत्र में ठेकेदारी श्रमिकों से टीम ने किया संवाद, दीपका में कांट्रेक्टर कैम्प का अवलोकन

    विलासपुर।कोल इंडिया लिमिटेड की हाई पावर कमेटी / जॉइंट कमेटी ने 7 मई 2025 को एसईसीएल का दौरा किया। इस दौरान कमेटी की द्वितीय बैठक का आयोजन साऊथ ईस्टर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के गेवरा क्षेत्र में किया गया। 

    इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रबंधन पक्ष से केशव राव, निदेशक (एचआर), एमसीएल (वीसी माध्यम से),मनीष कुमार, निदेशक (एचआर), एनसीएल,  मो. अंजार आलम, निदेशक (वित्त), ईसीएल, तथा  चन्द्र शेखर तिवारी, निदेशक तकनीकी (संचालन),सीसीएल की उपस्थिति रही वहीं, श्रमिक संघों का प्रतिनिधित्व करते हुए रंजन बेहरा (बीएमएस),शिव कान्त पांडे (एचएमएस),नरेश मण्डल (एटक),एवं  मानस चटर्जी (सीटू) बैठक में शामिल हुए।

    बैठक के दौरान ठेकेदारी श्रमिकों को प्रदान की जा रही सुविधाओं, विधिक अनुपालनों, और उनके कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। सभी सदस्यों ने बैठक में अपने विचार साझा करते हुए प्रबंधन और श्रम संगठनों की ओर से संविदा कर्मियों के हितों का ध्यान रखने एवं उन्हें उचित सुविधाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। 

    बैठक के पश्चात समिति के सदस्यों ने विश्व की दूसरी सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा का दौरा किया, जिसमें सबसे पहले सदस्यों ने व्यू पॉइंट से खदान के बारे में जानकारी ली। इसके बाद सदस्यों ने खदान में अंदर फेस तक जाकर खनन कार्यों का निरीक्षण किया। 

    इस दौरान उन्होंने खदान के अंदर कार्यरत ठेकेदारी श्रमिकों से सीधा संवाद कर वेतन और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद सदस्यों ने दीपका क्षेत्र में स्थित संविदा श्रमिकों के शिविर का भी निरीक्षण किया तथा गेवरा स्थित मियावाकी पद्धति से विकसित वृक्षारोपण स्थल का भी भ्रमण किया।

    इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (एचआर)  बिरंची दास ने संविदा श्रमिकों के कल्याण के प्रति एसईसीएल की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में इन श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और कंपनी उनके हितों की रक्षा एवं सुविधाओं मुहैया करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।

    आगमन पर एसईसीएल गेवरा क्षेत्र महाप्रबन्धक श्री एसके मोहंती एवं दीपका क्षेत्र महाप्रबंधक संजय मिश्रा द्वारा सदस्यों का आत्मीय स्वागत किया गया।