Category: BILASPUR

  • एसईसीएल मुख्यालय में कंज़्यूमर मीट का आयोजन, गुणवत्ता पर विशेष फोकस

    एसईसीएल मुख्यालय में कंज़्यूमर मीट का आयोजन, गुणवत्ता पर विशेष फोकस

    एसईसीएल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता युक्त, भरोसेमंद और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करना है – हरीश दुहन

    विलासपुर। एसईसीएल द्वारा 16 फरवरी 2026 को एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में कोयला उपभोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय एवं संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कंज़्यूमर मीट का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने की। इस दौरान निदेशक (तकनीकी संचालन)  एन. फ्रैंकलिन जयकुमार एवं निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) रमेश चंद्र महापात्र उपस्थित रहे। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सीएमडी  हरीश दुहन ने स्पष्ट रूप से कहा कि टीम एसईसीएल अब “गुणवत्ता सर्वोपरि” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एसईसीएल का उद्देश्य केवल अधिक कोयला उत्पादन नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता युक्त, भरोसेमंद और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

    उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से खुलकर अपने सुझाव एवं विचार साझा करने का आह्वान किया और विश्वास दिलाया कि प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। श्री दुहन ने आश्वस्त किया कि गुणवत्ता नियंत्रण, पारदर्शिता, तकनीकी उन्नयन और बेहतर समन्वय के माध्यम से एसईसीएल उपभोक्ता संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा तथा उद्योगों की ऊर्जा आवश्यकताओं की विश्वसनीय पूर्ति के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

    निदेशक (तकनीकी संचालन)  एन. फ्रैंकलिन जयकुमार ने अपने संबोधन में “Production with Purity, Dispatch with Quality” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि उत्पादन प्रक्रिया से लेकर डिस्पैच तक हर स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की संतुष्टि ही एसईसीएल की वास्तविक सफलता है। बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक (खनन/विक्रय)  अजीत चौधरी द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कंपनी की कार्यप्रणाली, उत्पादन प्रणाली, गुणवत्ता प्रबंधन तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक के दौरान उपभोक्ताओं ने कोयले के मूल्य की वापसी (Refund of Coal Value), बैंक गारंटी, गुणवत्ता युक्त कोयले की आपूर्ति एवं अन्य परिचालन संबंधी विषयों पर प्रश्न एवं सुझाव प्रस्तुत किए। सीएमडी  हरीश दुहन संपूर्ण बैठक के दौरान उपस्थित रहे तथा सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (गुणवत्ता)  संजीव निगम सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

  • केन्द्रीय सतर्कता आयोग के राष्ट्रीय कार्यशाला में SECL की ‘डिजीकोल’ पहल बनी पारदर्शी सुशासन का मॉडल

    केन्द्रीय सतर्कता आयोग के राष्ट्रीय कार्यशाला में SECL की ‘डिजीकोल’ पहल बनी पारदर्शी सुशासन का मॉडल

    बिलासपुर। केन्द्रीय सतर्कता आयोग द्वारा 11 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में “डिजिटल इनिशिएटिव्स फॉर इंक्रीजिंग ट्रांसपेरेंसी इन गवर्नेंस” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहल ‘डिजीकोल (DigiCOAL)’ को सार्वजनिक उपक्रमों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने वाली एक आदर्श डिजिटल पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

    कार्यशाला में SECL की ओर से मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) हिमांशु जैन ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डिजीकोल पहल के माध्यम से खनन कार्यों के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में डिजिटल निगरानी और डेटा आधारित प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ रूप से लागू किया गया है, जिससे संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।

    डिजिटल निगरानी से मजबूत हुआ संचालन तंत्र

    प्रस्तुति के दौरान विभिन्न तकनीकी पहलों की जानकारी दी गई। HEMM फ्लीट मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से शॉवेल, डंपर एवं डोजर जैसे भारी खनन उपकरणों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा रही है। सेंसर आधारित प्रणाली से उपकरणों की लोकेशन, ऑपरेटिंग ऑवर्स और ईंधन खपत की निगरानी होती है। ईंधन में असामान्य गिरावट, अनावश्यक निष्क्रिय समय (Idle Time) तथा निर्धारित मार्ग से विचलन की स्वतः पहचान संभव हो पाई है। वीडियो एनालिटिक्स एवं कनेक्टेड वर्कर सिस्टम के जरिए सुरक्षा प्रबंधन, परिचालन नियंत्रण तथा आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।ड्रोन आधारित सर्वेक्षण से अतिक्रमण की पहचान, हॉल रोड एवं ढलानों की निगरानी तथा मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था के आकलन में सटीकता आई है। डेटा-ड्रिवन माइन प्लानिंग एवं अनुकूलित ड्रिलिंग-ब्लास्टिंग प्रणाली ने उत्पादन प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक एवं सटीक बनाया है।इसके साथ ही डिजिटल भूमि अभिलेख, ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म, स्पेयर प्रबंधन प्रणाली एवं डिजिटल वॉर रूम जैसी पहलों ने एक एकीकृत एवं छेड़छाड़-रोधी (टैम्पर-प्रूफ) डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया है। इस अवसर पर SECL मुख्यालय, बिलासपुर में कार्यशाला के वेबकास्ट का सामूहिक अवलोकन किया गया। CMD SECL हरीश दुहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुति में सहभागिता की। उनके साथ निदेशक (तकनीकी-संचालन)  एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरांची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, निदेशक (तकनीकी-परियोजना एवं योजना) रमेश चंद्र मोहापात्रा सहित मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

    राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

    राष्ट्रीय मंच पर डिजीकोल की प्रस्तुति SECL की डिजिटल परिवर्तन यात्रा को मिली महत्वपूर्ण मान्यता है। यह उपलब्धि न केवल कोयला क्षेत्र में SECL की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति किस प्रकार जिम्मेदारी और दक्षता के साथ की जा सकती है।

  • सिक्किम से 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने किया गेवरा खदान का भ्रमण

    सिक्किम से 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने किया गेवरा खदान का भ्रमण

    हरित, सुरक्षित और आधुनिक कोयला खनन प्रक्रियाओं को नज़दीक से देखा

    विलासपुर। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) सिक्किम एवं छत्तीसगढ़, के संयुक्त तत्वधान में सिक्किम से 15-सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने दिनांक 10 फरवरी 2026 को एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा का दौरा किया। यह दौरा देश की ऊर्जा सुरक्षा में एसईसीएल भूमिका, पर्यावरणीय प्रयासों और सतत खनन पहलों को प्रत्यक्ष रूप से समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा में अत्याधुनिक एचईएमएम संचालन का अवलोकन किया। मीडिया दल को सरफेस माइनर के माध्यम से ब्लास्ट-फ्री कोयला उत्खनन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जो पर्यावरण-अनुकूल होने के साथ-साथ सुरक्षित और प्रभावी खनन का उदाहरण है। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी के माध्यम से की जा रही पर्यावरण-अनुकूल कोयला डिस्पैच प्रणाली को भी देखा, जिससे धूल-उत्सर्जन में कमी, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होती है। इसके साथ ही गेवरा में विकसित मियावाकी पद्धति से किए गए सघन पौधारोपण को भी मीडिया सदस्यों ने सराहा। 

    पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने कोयला खनन कार्यों को इतनी नज़दीक से देखा। उन्होंने देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक कल्याण के प्रति एसईसीएल के संतुलित दृष्टिकोण की सराहना की। गेवरा दौरे के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में एसईसीएल प्रबंधन से  एन फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (तक.) संचालन,  बिरंची दास, निदेशक (एचआर),  रमेश चन्द्र महापात्र, निदेशक (तक.) योजना/परियोजना- के साथ संवाद किया, जहाँ संगठन की भावी योजनाओं, सतत विकास लक्ष्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व पहलों पर विस्तार से चर्चा हुई ।

  • सीआईएल अंतर-कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2025–26 का भव्य समापन, एसईसीएल बना चैंपियन

    सीआईएल अंतर-कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2025–26 का भव्य समापन, एसईसीएल बना चैंपियन

    बिलासपुर। स्व. श्री बी.आर. यादव अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैदान, बहतराई में आयोजित कोल इंडिया लिमिटेड अंतर-कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2025–26 का समापन आज उत्साह, अनुशासन एवं खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का आयोजन एसईसीएल के तत्वावधान में किया गया। फाइनल मुकाबले में एसईसीएल और सीसीएल की टीमें आमने-सामने रहीं। रोमांचक मुकाबले में एसईसीएल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीसीएल को 6–1 से पराजित कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। मैच के दौरान दोनों टीमों ने बेहतरीन तालमेल, तेज आक्रमण और सशक्त रक्षा का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा।

    समापन समारोह में निदेशक (मानव संसाधन), एसईसीएल  बिरंची दास मुख्य अतिथि तथा निदेशक (वित्त), एसईसीएल डी. सुनील कुमार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर  मनीष श्रीवास्तव, सचिव हॉकी छत्तीसगढ़,  रोहताश्व बाजपेयी (अध्यक्ष, हॉकी बिलासपुर), कोल इंडिया वेल्फेयर बोर्ड के सदस्य, एसईसीएल संचालन समिति के सदस्य, एसईसीएल कल्याण मंडल, मुख्यालय एवं क्षेत्रीय जेसीसी सदस्य, क्षेत्रीय कल्याण समिति के सदस्य, विभिन्न काउंसिल एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि, सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में प्रातः खेले गए तीसरे स्थान के मुकाबले में एनसीएल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एमसीएल को पराजित कर तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस सफल आयोजन ने कोल इंडिया परिवार की एकजुटता, समन्वय एवं खेल संस्कृति को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया। एसईसीएल परिवार की ओर से सभी प्रतिभागी टीमों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

  • मुख्यमंत्री के कर कमलों से “पढ़ाई विथ एआई” का शुभारंभ,एनटीपीसी कोलडैम व जिला प्रशासन की अनूठी पहल

    मुख्यमंत्री के कर कमलों से “पढ़ाई विथ एआई” का शुभारंभ,एनटीपीसी कोलडैम व जिला प्रशासन की अनूठी पहल

    बिलासपुर। जिला प्रशासन एवं एनटीपीसी कोलडैम द्वारा दूर-दराज़ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शैक्षिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से “पढ़ाई विथ एआई” पहल का शुभारंभ किया गया।

    इस पहल का उद्घाटन  मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा 5 फ़रवरी 2026 को अपने बिलासपुर दौरे के दौरान किया गया। इस अवसर पर माननीय शिक्षा मंत्री (उच्च एवं प्रारंभिक),हिमाचल प्रदेश रोहित ठाकुर, नगर एवं ग्रामीण योजना, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी, उपायुक्त बिलासपुर  राहुल कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर, एसपी संदीप धवल, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एनटीपीसी कोलडैम मंगला हरींद्रन सहित एनटीपीसी कोलडैम के सीएसआर विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

    उपायुक्त बिलासपुर  राहुल कुमार के कुशल मार्गदर्शन में परिकल्पित “पढ़ाई विथ एआई” हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसके अंतर्गत बिलासपुर ज़िले के 7 सरकारी विद्यालयों के 330 विद्यार्थियों को डिजिटल लाइव कक्षाओं के माध्यम से JEE एवं NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु शैक्षणिक सहयोग एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह ऑनलाइन कक्षाएँ फिलो एडटेक प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से संचालित की जाएंगी।

    इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को आठ प्रमुख सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। प्रत्येक विद्यालय में सिलेबस को समयबद्ध रूप से पूरा करने हेतु two-way interactive digital live classes आयोजित की जाएंगी। साथ ही, प्रत्येक विषय के रिविज़न एवं प्रश्न अभ्यास के लिए साप्ताहिक reinforcement classes भी संचालित की जाएंगी।

    हर विद्यार्थी को FILO ऐप का एक्सेस प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से वह किसी भी समय मात्र 60 सेकंड में एक लाइव शिक्षक से जुड़ सकता है। इस ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों को संपूर्ण अध्ययन सामग्री के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु Super 30 बैचेस की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

    जो विद्यार्थी पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं, उनके लिए personal counselling एवं individual academic support की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, नियमित periodic assessments के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर का निरंतर मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकें।

  • एसईसीएल में सीआईएल अंतर-कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य शुभारंभ

    एसईसीएल में सीआईएल अंतर-कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य शुभारंभ

    बिलासपुर।साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के तत्वावधान में कोल इंडिया अंतर-कंपनी हॉकी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ स्व.  बी.आर. यादव अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैदान, बहतराई, बिलासपुर में सम्पन्न हुआ। पूरे आयोजन में ऊर्जा, अनुशासन एवं खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला।

    यह प्रतियोगिता 4 से 7 नवम्बर 2026 तक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न अनुषंगी कंपनियों के मध्य रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निदेशक (मानव संसाधन)बिरंची दास रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में निदेशक (वित्त)डी सुनील कुमार एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन उपस्थित रहे। 

    इसके साथ ही  रोहताश्व बाजपेयी, अध्यक्ष, हॉकी बिलासपुर, श्रमसंघ प्रतिनिधियों में एसईसीएल कल्याण मण्डल के सम्मानित सदस्य बजरंगी शाही,राजेश शर्मा एवं  पी. चंद्रकांत की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही एसईसीएल मुख्यालय कल्याण मंडल समिति, जेसीसी सदस्य, क्षेत्रीय कल्याण समिति के सदस्य, समस्त काउंसिल एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर सर्वप्रथम सभी टीमों द्वारा आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत कर अतिथियों को सलामी दी गई। इसके पश्चात निदेशक मंडल एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी द्वारा गोल पोस्ट पर प्रतीकात्मक गोल कर प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया गया। अतिथियों द्वारा सभी टीमों के खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उन्हें आगामी मैचों हेतु शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।

    अपने संबोधन में  बिरंची दास ने कहा, “खेल संगठन में एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यह प्रतियोगिता कोल इंडिया परिवार की खेल भावना और समन्वय का प्रतीक है।”

    इस अवसर पर सम्मानित अतिथियों द्वारा टूर्नामेंट का पहला गोल कर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया गया। 

    कार्यक्रम की की शुरुआत में अतिथियों का भंगरा नृत्य से जोरदार स्वागत किया गया साथ ही एसईसीएल कर्मियों द्वारा एक स्वागत गीत की सुंदर प्रस्तुति भी दी गई। इसके साथ छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों से वातावरण पूर्णतः उत्सवमय एवं भव्य बन गया।

    इस प्रतियोगिता में कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियाँ — एसईसीएल, ईसीएल, एनसीएल, बीसीसीएल, सीसीएल, डब्ल्यूसीएल, एमसीएल तथा तेलंगाना स्थित सरकारी कोल कंपनी एससीसीएल — भाग ले रही हैं।

    प्रतियोगिता के प्रथम दिवस में खेले गए मुकाबलों में एसईसीएल ने ईसीएल को 8-0 से पराजित किया, एनसीएल ने बीसीसीएल को 4-1 से हराया, सीसीएल ने एससीसीएल को 3-1 से पराजित किया, एमसीएल ने डब्ल्यूसीएल को 1-0 से हराया, एसईसीएल ने बीसीसीएल को 6-0 से शिकस्त दी एवं अंतिम मैच में एनसीएल ने ईसीएल को 4-0 से पराजित किया।  

  • एस. एस. राव ने संभाला एनटीपीसी कोलडैम के परियोजना प्रमुख का कार्यभार

    एस. एस. राव ने संभाला एनटीपीसी कोलडैम के परियोजना प्रमुख का कार्यभार

    विलासपुर। एस. एस. राव ने 2 फरवरी 2026 को एनटीपीसी कोलडैम स्टेशन के परियोजना प्रमुख का कार्यभार संभाला।  राव पिछले छह माह से कोलडैम परियोजना के प्रचालन एवं अनुरक्षण विभाग में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे थे। 

    एनटीपीसी कोलडैम ने  एस. एस. राव का परियोजना प्रमुख के रूप में स्वागत किया। साथ ही, निवर्तमान परियोजना प्रमुख  सुभाष ठाकुर को उनके एनटीपीसी लारा स्थानांतरण के अवसर पर भावपूर्ण विदाई दी| कार्यक्रम के दौरान संगिनी संघ की अध्यक्षा श्रीमती रेखा ठाकुर के सहयोग एवं सहभागिता के लिए भी शुभकामनाएँ व्यक्त की गईं।  एस. एस. राव ने वर्ष 1990 में एक्ज़ीक्यूटिव ट्रेनी के रूप में एनटीपीसी में अपनी सेवाएँ प्रारंभ की व अपने दीर्घ कार्यकाल के दौरान सीएंडआई, ईईएमजी, ईएमजी, अनुरक्षण, ऐश डाइक अनुरक्षण तथा प्रचालन एवं अनुरक्षण जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में कई दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। कोलडैम से पूर्व वे एनटीपीसी तलचर कानीहा में कार्य कर रहे थे| एनटीपीसी कोलडैम परिवार  एस. एस. राव के नेतृत्व में परियोजना की निरंतर प्रगति की अपेक्षा करता है।

  • कोरबा जिले में ‘प्रोजेक्ट SHWAS’ के क्रियान्वयन के लिए ₹4.99 करोड़ की सीएसआर सहायता मंजूर

    कोरबा जिले में ‘प्रोजेक्ट SHWAS’ के क्रियान्वयन के लिए ₹4.99 करोड़ की सीएसआर सहायता मंजूर

    एसईसीएल ने टीबी एवं फेफड़ों की बीमारियों के लिए एआई-सक्षम मोबाइल मेडिकल यूनिट परियोजना हेतु किया समझौता

    विलासपुर। सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने टीबी एवं अन्य फेफड़ों से संबंधित रोगों की रोकथाम एवं उपचार हेतु ‘प्रोजेक्ट SHWAS’ के क्रियान्वयन के लिए आश्रय फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

    यह परियोजना एसईसीएल की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत कोरबा जिले में संचालित की जाएगी, जिसके लिए ₹4.99 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। एमओयू पर हस्ताक्षर एसईसीएल मुख्यालय में निदेशक (मानव संसाधन)  बिरंची दास की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुए। इस अवसर पर एसईसीएल की ओर से  सी. एम. वर्मा, महाप्रबंधक (सीएसआर) तथा आश्रय फाउंडेशन की ओर से  नलिन जोहरी, कार्यकारी निदेशक ने एमओयू का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम में एसईसीएल के सीएसआर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    प्रोजेक्ट SHWAS छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी तरह की पहली एआई-आधारित मोबाइल मेडिकल यूनिट परियोजना होगी, जिसके माध्यम से टीबी एवं अन्य फेफड़ों की बीमारियों की घर-घर जाकर जांच, शीघ्र पहचान तथा उपचार से जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत निवारक, संवर्धनात्मक एवं ओपीडी आधारित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। परियोजना के प्रमुख घटकों में प्री-टीबी लक्षणों का प्रारंभिक उपचार एवं प्राथमिक चिकित्सा सहायता, उपचार अनुपालन की निगरानी एवं फॉलो-अप, टीबी रोगियों के लिए देखभाल एवं स्वच्छता किट, मासिक पोषण एवं वेलनेस किट के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सेवाएं भी शामिल है।

  • एसईसीएल मुख्यालय के 3 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी 

    एसईसीएल मुख्यालय के 3 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी 

    विलासपुर। शनिवार को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले  3  कर्मियों  को निदेशक (मानव संसाधन)  बिरंची दास के मुख्य आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों  और कर्मचारियों  की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी। सेवानिवृत्त होने वालों में उमेश कुमार गुप्ता वरीय प्रबंधक (खनन) भूमिगत खदान विभाग,  प्रेम सिंह कालवी कार्यालय अधीक्षक ए-1 उत्खनन विभाग, श्रीमती अनिता कड़वे लिपिक ग्रेड-1 निदे. तक. (यो.परि.) सचिवालय  शामिल रहे।

    निदेशक (मानव संसाधन)  बिरंची दास ने अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की। सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं। कार्यक्रम का संचालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय उप प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

  • एसईसीएल सीएमडी  हरीश दुहन को मिला डब्ल्यूसीएल के सीएमडी का अतिरिक्त प्रभार

    एसईसीएल सीएमडी  हरीश दुहन को मिला डब्ल्यूसीएल के सीएमडी का अतिरिक्त प्रभार

    विलासपुर। कोयला मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह अतिरिक्त प्रभार 1 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर प्रारंभिक अवधि तीन माह के लिए अथवा आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।  हरीश दुहन ने 27 मार्च 2025 को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) का पदभार ग्रहण किया है।  उनके नेतृत्व में एसईसीएल ने भू-अधिग्रहण, गुणवत्तापूर्ण कोयला उत्पादन, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन, महिला सशक्तीकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

     हरीश दुहन के मार्गदर्शन में एसईसीएल भूमिगत खदानों में पेस्ट-फिल तकनीक अपनाने वाली देश की पहली कोल पीएसयू बनी है। लंबे समय से भू-अधिग्रहण की चुनौतियों से जूझ रही एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं में, उनके नेतृत्व में अप्रैल 2025 से अब तक रिकॉर्ड 250 हेक्टेयर से अधिक भूमि का पजेशन प्राप्त किया गया है, जिससे उत्पादन क्षमता को सशक्त आधार मिला है। इसके अतिरिक्त, कोल इंडिया की पहली पूर्णतः महिला-संचालित डिस्पेंसरी तथा ऑल-वूमेन सेंट्रल स्टोर यूनिट की शुरुआत कर एसईसीएल ने नारी सशक्तीकरण एवं कार्यस्थल समावेशन के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित किए हैं।

     हरीश दुहन को कोयला खनन क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक का व्यापक एवं बहुआयामी अनुभव प्राप्त है। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से माइनिंग इंजीनियरिंग में स्नातक उपाधि प्राप्त की है। वर्ष 1989 में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) से अपने करियर की शुरुआत करने वाले श्री दुहन के पास फर्स्ट क्लास माइन मैनेजर सर्टिफिकेट तथा प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की उपाधि भी है। अपने करियर के दौरान  दुहन सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) में निदेशक (तकनीकी-संचालन) के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की निगाही परियोजना में एरिया जनरल मैनेजर तथा कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट प्लानिंग विभाग के महाप्रबंधक के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं।

     हरीश दुहन को पर्यावरण-हितैषी फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं, डिजिटलीकरण, तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास एवं कार्यान्वयन का विशेष अनुभव प्राप्त है, जो उन्हें कोयला क्षेत्र में आधुनिक, सतत एवं भविष्य-उन्मुख नेतृत्व प्रदान करने वाला व्यक्तित्व बनाता है।