टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड,पीपलकोटी द्वारा चमोली जनपद में पर्यावरण जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक अभियान प्रारंभ

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चमोली ।,: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) द्वारा संचालित विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) के पर्यावरण संवर्धन के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनपद चमोली के विभिन्न क्षेत्रों में आम जनता को पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ चमोली मुख्य बाजार में  
 के. पी. सिंह (महाप्रबंधक, सामाजिक एवं पर्यावरण/ टीबीएम), वीपीएचईपी द्वारा किया गया। नुक्कड़ नाटकों का मंचन हिमालयन कल्चर समिति, उत्तराखंड द्वारा किया जा रहा है, जो जन-जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय एक सांस्कृतिक संस्था है। इस अभियान के अंतर्गत 30 नुक्कड़ नाटकों के आयोजन की योजना बनाई गई है, जो कि बौला, बिरही, गुनियाला, बेमरु, नौरख, पल्ला-हेलंग, गुलाबकोटी, सलूड जैसे ग्रामीण क्षेत्रों तथा जोशीमठ, पीपलकोटी, गोपेश्वर और चमोली जैसे शहरी क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए  के. पी. सिंह ने कहा, “नुक्कड़ नाटक समाज और पर्यावरण जैसे गंभीर विषयों को आम जनमानस तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से हम विभिन्न आयु वर्गों के लोगों को पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करने का प्रयास कर रहे हैं।”

इस जनजागरूकता अभियान को स्थानीय नागरिकों का भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है। बद्रीनाथ वन प्रभाग के अधिकारी भी इस कार्यक्रम में सहभागिता निभा रहे हैं। नुक्कड़ नाटकों में वन संरक्षण, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास जैसे विषयों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है।

इस अवसर पर परियोजना प्रमुख  अजय वर्मा ने कहा, “पर्यावरणीय उत्तरदायित्व टीएचडीसीआईएल के कार्य संस्कार का अभिन्न अंग है। विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि यह पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा देने वाला एक उदाहरण भी है। यह नुक्कड़ नाटक अभियान हमारे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके माध्यम से हम स्थानीय समुदाय को उनके प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहभागी बनाना चाहते हैं।”

हिमालयन कल्चर समिति के अध्यक्ष  कमल दानू ने इस पहल के लिए धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा कि यह अभियान स्थानीय लोगों में अत्यंत लोकप्रिय हो रहा है और सभी वर्गों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

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