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  • भारतीय वांगमय के सजग प्रहरी आचार्य आनन्द सुब्रमण्यम शास्त्री का निधन

    भारतीय वांगमय के सजग प्रहरी आचार्य आनन्द सुब्रमण्यम शास्त्री का निधन

     वाराणसी/ भारतीय वांगमय के सजग प्रहरी आचार्य आनन्द सुब्रमण्यम शास्त्री जी का निधन 83 वर्ष की आयु मे बेंगलूरु में हो गया। काशी में  जन्में आचार्य आनंद सुब्रमण्यम शास्त्री जी एक प्रतिष्ठित विद्वान, विचारक, चिन्तक एवं गीता मर्मज्ञ थे। पिछले सात दशकों से काशी में रहकर विभिन्न भाषाओं में श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया। विशेष रूप से श्रीमद्भगवद्गीता के सामाजिक पक्ष पर चिन्तन प्रस्तुत किया है। गीत समिति, मालवीय भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित होने वाले रविवासरीय गीत प्रवचन माला में आपने कई व्याख्यान दिए इसके साथ ही आपके सानिध्य में गीत समिति कार्यशाला का भी आयोजन किया गया था।

    उन्होंने 1973 में “श्री व्यक्ति विकास संस्थान” और 1993 में झारखंड के चतरा जिले में “श्री कुलेश्वरी बाल विद्यापीठ” की स्थापना की, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा एवं मानवीय हित-मूल्यों के विकास आधारित था, जिससे उनकी शिक्षाएँ व्यापक रूप से लोगों तक प्रभावी हुई हैं। उन्होंने “हम हिंदू क्यों हैं” (1972), “मोह” (1980), “विवेक वाणी” (1991) और “समय की पुकार” (1991) नई दिशा  (2005) विचारों के फूल ( (1989) जैसी पुस्तकें लिखी हैं।

    उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी करपात्री पुरस्कार (2021) और टी.वी. कपाली शास्त्री पुरस्कार (2005) से सम्मानित किया गया। उनकी शिक्षाएँ समाज और युवाओं को मानवीय मूल्यों,आत्म-संयम और आध्यात्मिक जागरूकता की ओर प्रेरित करती रहेगी।

    अंतिम यात्रा- आज दिनांक: 30.1.2025 को मुमुक्षु भवन, वाराणसी में सुबह 9.00 बजे से 11.00 तक अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई है। जिनका दाह संस्कार हरिश्चन्द्र घाट पर सम्पन्न हुआ। अंतिम यात्रा में मालवीय भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो० राजाराम शुक्ल एवं गीता समिति के सचिव प्रो० उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी के साथ ही अन्य विशिष्ठ गणमान्य उपस्थित हुए।

  • अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम में कुष्ठ निवारण दिवस मनाया गया

    अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम में कुष्ठ निवारण दिवस मनाया गया

    वाराणसी/ श्री सर्वेश्वरी समूह, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव, वाराणसी के पुनीत प्रांगण में गुरुवार, 30 जनवरी को कुष्ठ निवारण दिवस संस्था के अध्यक्ष पूज्यपाद औघड़ गुरुपद संभव राम जी के निर्देशन में श्रद्धापूर्वक मनाया गया I

    सायं 3:30 बजे आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के अवकासप्राप्त अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. वी०पी० सिंह ने की I अन्य वक्ताओं में श्री सर्वेश्वरी समूह के उपाध्यक्ष डॉ. ब्रजभूषण सिंह एवं प्रचार मंत्री पारसनाथ यादव , अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम के प्रधान चिकित्सक वैद्य बैकुंठ नाथ पाण्डेय, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. विजय प्रताप और डॉ० एस०के० सिंह  थे। आप सभी ने इस आश्रम द्वारा पीड़ित उपेक्षित जनों की सेवा के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि पूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु ने पीड़ित मानवता की सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म और पूजा कहा है I गोष्ठी का शुभारम्भ डॉ. वी०पी० सिंह जी द्वारा परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के चित्र पर माल्यार्पण पूजन के साथ हुआ I मंगलाचरण ओमप्रकाश तिवारी ने किया I गोष्ठी का सञ्चालन डॉ० वामदेव पाण्डेय ने तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री सर्वेश्वरी समूह के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह ने किया । गोष्ठी के पश्चात् कुष्ठी बंधुओं व माताओं में फल-बिस्कुट आदि का वितरण किया गया I इससे पूर्व इस अवसर पर प्रातःकालीन सफाई एवं श्रमदान के उपरांत मध्याह्न में कुष्ठी बंधुओं में नवीन वस्त्र वितरित  किया गया I

    उल्लेखनीय है कि परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी द्वारा 1961 में स्थापित यह कुष्ठ सेवा आश्रम बिना किसी सरकारी अनुदान के, आमजन के सहयोग से चलने वाला कुष्ठ आश्रम है। वर्तमान में पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी के निर्देशन में इस कुष्ठ आश्रम द्वारा कुष्ठ रोगियों को पूर्ण स्वस्थ्य लाभ प्रदान किया जा रहा है। विदित हो कि अब तक लाखों कुष्ठ रोगियों को प्राचीन भारतीय चिकित्सा (आयुर्वेदिक और फकीरी) पद्धति से स्वास्थ्य लाभ देकर समाज में ससम्मान प्रतिष्ठित करने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में अंकित किया गया है। इस आश्रम द्वारा अब तक साढ़े चार लाख (4,50000) से अधिक कुष्ठी बंधुओं को पूर्णतया स्वास्थ्य लाभ दे दिया गया है।

  • बनारस में महात्मा गाँधी के 77वें शहादत दिवस पर जुटे गांधीजन, बापू के जीवन प्रसंगो का किया गया पाठ

    बनारस में महात्मा गाँधी के 77वें शहादत दिवस पर जुटे गांधीजन, बापू के जीवन प्रसंगो का किया गया पाठ

     वाराणसी। 30 जनवरी 1948 को प्रार्थना सभा में जाते समय एक उग्र कट्टरपंथी नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बापू के अस्थि कलश को बेनियाबाग पार्क में सभी के दर्शन के लिए रखा गया था। इसी स्थान पर गांधी चौरा नाम से स्मारक बनाया गया है।साझा संस्कृति मंच के आह्वान पर शहर के गांधीजन सामाजिक कार्यकर्ता जुटे और बापू के चित्र को रखकर श्रद्धांजलि व्यक्त किया। 

    सभा में बापू के जीवन से जुड़े प्रसंगो का पथ किया गया और अहिंसा प्रेम भाईचारे स्वच्छ्ता स्वराज कृषि खादी स्वास्थ्य सत्य आधुनिकता इत्यादि पर आज 2025 में इंसानी सभ्यता के सामने खड़ी चुनौतियों से हम कैसे सामना करें विषयक चर्चा हुई। वक्ताओं ने रोचक प्रसंग सुनाए।  

    बापू के बनारस यात्रा को लेकर संस्मरण बताए गए। 25 अक्तूबर 1936 को भारत माता मंदिर के उद्घाटन समारोह में बापू ने कहा था ” जिस माता ने हमें जन्म दिया, वह कुछ ही वर्ष जीवित रहेंगी, किंतु धरती माता तो सदैव हैं। उसी माता का अंश भारत माता हैं, जिसका मानचित्र आज वेद मंत्रों से पुनीत हुआ। ” उद्घाटन समारोह में खान अब्दुल गफार खां, सरदार पटेल, शिवप्रसाद गुप्त, भगवान दास समेत राष्ट्रीय आंदोलन के कई दिग्गज मौजूद थे। देश भर में अपने आप में अकेले अनूठे भारत माता मंदिर परिसर को रोपवे की ज़द में लेकर उसके सौंदर्य और आभा को चोट पंहुच रही है , ये दुःख का विषय है। 

    आचार्य कृपलानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय छोड़कर काशी विद्यापीठ में आचार्य बने। उसी यात्रा के बीच उन्होंने गांधी जी से पूछा कि आगे क्या करना है। गांधी जी ने कहा कि कहीं बैठ जाओ और चरखे का काम संगठित रूप से करो। इस तरह के संवाद में देश के पहले खादी आश्रम की नींव बनारस में ही पड़ी।  अंतिम बार बापू बीएचयू के रजत जयंती समारोह में 21 जनवरी 1942 को काशी आए थे।आश्चर्य का विषय है की बीएचयू में स्थित एकमात्र खादी आश्रम पर ताला जड़ा जा चूका है।

    वक्ताओं ने गांधियन मूल्यों और स्मारकों के नष्ट होने पर बात रखी। सर्व सेवा संघ राजघाट परिसर में बापू जेपी विनोबा आदि से जुड़ी स्मृतियां थी। परिसर को बुलडोजर चला के ध्वस्त कर दिया गया। रोहनिया सड़क पर बापू चौरा और मूर्ति थी। सड़क चौड़ीकरण में बापू स्मारक को तोड़ दिया गया आदि मर्माहत करने वाले विषय उठाए।   

    आज जब चंहुओर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजे जा रहे हैं तब हत्या से तीन दिन पहले बापू दिल्ली में जो कर रहे थे वो अँधेरे में इंसानी रौशनी दिखाता है। 27 जनवरी 1948 को गांधीजी सूफी हज़रत बख़्तियार काकी की दरगाह गए थे। जहां पर कुछ उपद्रवियों ने दरगाह और को नुक़सान पहुंचाया था। इससे पहले गांधी जी ने 18 जनवरी को अपने ज़िन्दगी का आख़िरी 6 दिनी उपवास इस शर्त पर ख़त्म किया था कि हिन्दू और मुसलमान आपस में सौहार्द से रहेंगे और हिन्दू समुदाय के उपद्रवियों ने जिन मस्जिदों और दरगाहों को नुक़सान पहुंचाया है उसका पश्चाताप करते हुए मस्जिद दरगाहों की मरम्मत के करेंगे, और मस्जिदों को वापस लौटाएंगे। इसी क्रम में दिल्ली की करीब 117 मस्जिदों को वापस मुसलमानों के हवाले किया गया था। सर्वधर्म प्रार्थना सभा और बापू के प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेणे कहिये , रघुपति राघव राजाराम आदि का पाठ प्रेरणा कला मंच की रंगकर्मी टीम ने किया। बापू के गोली लगने के समय 5 बजकर 17 मिनट पर मौन रहकर श्रद्धांजलि व्यक्त की गयी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रवि शेखर, जागृति राही, पारमिता , एकता, राम धीरज जी डॉ अनूप, नीति, श्रेया, एसपी राय, टैंन , प्रमोद, रामजनम, अशोक भारत, विद्याधर, चेखुर प्रजापति, डॉ आनंद प्रकाश तिवारी, मनीष शर्मा, फ़ा आनंद, अब्दुल्लाह , धनञ्जय, संजीव सिंह, कुंवर सुरेश सिंह, उर्फी, जावेद , श्रेया, रामचन्द्र , बृजेश, आशुतोष, ज्योति आदि सैकड़ो गाँधीजन शामिल रहे। 

  • पड़ाव आश्रम में परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु का ‘अनन्य दिवस’ पर्व  ‘आनंद-दिवस’ के रूप में सोल्लास मनाया गया

    पड़ाव आश्रम में परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु का ‘अनन्य दिवस’ पर्व  ‘आनंद-दिवस’ के रूप में सोल्लास मनाया गया

    वाराणसी। श्री सर्वेश्वरी समूह, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम पड़ाव वाराणसी में परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी का “अनन्य दिवस पर्व” पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव रामजी के निर्देशन में बड़ी ही श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर प्रात:काल एक प्रभातफेरी निकाली गयी जो पड़ाव आश्रम से अघोरेश्वर महाविभूति स्थल तक गयी। सफाई एवं श्रमदान के पश्चात् लगभग 9:30 बजे परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु की चरणपादुका एवं आसन पर माल्यार्पण, पूजन एवं आरती किया गया। तदोपरांत श्री पृथ्वीपाल ने सफलयोनि का पाठ किया। सभी श्रद्धालुगण दर्शन-पूजन करके प्रसाद ग्रहण किये। पूर्वाह्न 11:30 बजे एक पारिवारिक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ।

    वक्ताओं में अघोर शोध संस्थान के निदेशक डॉ० अशोक कुमार जी, एस०के०बी० सिंह जी, वरिष्ठ चाय वैज्ञानिक आई डी सिंह जी, पृथ्वीपाल जी ने और श्रीमती प्रीतिमा जी ने अपने विचार व्यक्त किये। सभी वक्ताओं ने अघोरेश्वर महाप्रभु के विचारों पर चलकर अपने पीड़ित-उपेक्षित की सेवा करने और अन्न-जल के दुरुपयोग को रोकने की प्रेरणा दी। ओमप्रकाश तिवारी जी ने मंगलाचरण किया और श्रीमती गिरजा तिवारी जी ने एक भजन प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन श्री सर्वेश्वरी समूह के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह जी तथा प्रचार मंत्री पारसनाथ यादव जी ने गोष्ठी का सञ्चालन ने किया।

    इस पर्व को मनाने के पीछे की कथा है कि “आज ही के दिन माघ कृष्ण चतुर्दशी को सन् 1954 में प्रयागराज में आयोजित कुम्भ मेले में अपने तप के दौरान उपेक्षित और बहुत दिनों के भूखे परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु को एक अज्ञात बूढी माँ ने अपने फांकते हुए अन्न में से एक मुट्ठी अन्न दिया था, जिसके बाद से ही उनको इतना अन्न और वस्त्र मिलने लगा कि वो दूसरों की तरफ टारने लगे I” उल्लेखनीय है कि इसके बाद से ही माँ-भगवती से प्राप्त आशीर्वाद रुपी प्रसाद लेकर अघोरेश्वर महाप्रभु पीड़ित-उपेक्षित मानव की सेवा करने निकल पड़े I यह कार्यक्रम हर वर्ष वृहद् रूप से महाकुंभ प्रयागराज में पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव रामजी के सान्निध्य में श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा प्रयाग द्वारा मनाया जा रहा है I इसके अतिरिक्त देश भर में फैली समूह की सभी शाखाओं में भी यह पर्व श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया जाता हैI

  • श्री सर्वेश्वरी समूह ने मनाया राष्ट्र का 76वाँ गणतंत्र दिवस

    श्री सर्वेश्वरी समूह ने मनाया राष्ट्र का 76वाँ गणतंत्र दिवस

    भारतमाता माँ सर्वेश्वरी का अंश – पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी

    वाराणसी । गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम सभी भारत पुत्र यह संकल्प लें कि भारतमाता का हम ख्याल रखेंगे। अपने आचरण-व्यवहार द्वारा कोई ऐसा कर्म हमसे न बन पड़े कि हमें नीचा देखना पड़े। भारतमाता जिसे सर्वेश्वरी भी कहा गया है, उन्हीं का एक अंश हैं वह। उनका हमलोग समग्र रूप से ध्यान रखेंगे। जैसा आदर-सम्मान हमलोग अपने लिए चाहते हैं वैसा ही हम अपने भारतवासियों के लिए भी रखें। हमें अपना आचरण-व्यवहार तो सादगीपूर्ण रखना है, लेकिन साथ में जब आवश्यकता हो- अपने भारतमाता को संरक्षित करने के लिए, अपने संस्कार और संस्कृति को बचाने के लिए तो हमलोग अपने प्राणों की आहुति देने से भी नहीं हिचकेंगे। वैसा सामर्थ्य भी हमलोगों को रखना होगा। क्योंकि माँ काली के गले में जो मुंडमाला सुशोभित है वह उन बलिदानियों के ही मुंडों की माला है जिन्होंने अपने देश और समाज के लिए अपने प्राणों की आहुतियाँ दी हैं। उन माता के चरणों तक पहुँचने और उनके गले की माला बनने का गौरव तो देश और समाज के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर करने वालों को ही मिलता है। आपलोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ आपमें बैठी हुयी प्राणमयी भगवती को प्रणाम करता हूँ। जय माँ सर्वेश्वरी।

    यह बातें महाकुंभ, प्रयागराज में श्री सर्वेश्वरी समूह के शिविर में राष्ट्र के 76वें गणतंत्र दिवस पर बाबा भगवान राम ट्रस्ट, श्री सर्वेश्वरी समूह और अघोर परिषद् ट्रस्ट के अध्यक्ष परमपूज्य बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने कहीं। इससे पूर्व पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजी राजेंद्र प्रसाद सिंह जी ने समूह-शिविर में राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ फहराया और पूज्य बाबा जी सहित उपस्थित समूह सदस्यों और श्रद्धालुओं ने झंडे को सलामी दी और राष्ट्रगान गाया।   

    वाराणसी । रविवार, 26 जनवरी 2025 को पड़ाव स्थित अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम के पुनीत प्रांगण में राष्ट्र का 76वाँ गणतंत्र दिवस श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी के निर्देशन तथा संस्था के पदाधिकारियों, आश्रमवासियों और अवधूत भगवान राम नर्सरी विद्यालय के अध्यापक-अध्यापिकाओं और छात्र-छात्रों द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह 9:30 बजे अवधूत भगवान राम नर्सरी विद्यालय के कुमारी आकृति एवं शिवेंद्र विक्रम ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत के उपरांत श्री सर्वेश्वरी समूह और विद्यालय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष ब्रजभूषण सिंह ने राष्ट्रीयता की भावना रखने की प्रेरणा दी। इसके बाद विद्यार्थियों ने बहुत सुन्दर परेड किया। बच्चों ने बहुत ही मनोहारी और प्रेरणादायी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार जी ने बच्चों को प्रोत्साहित किया और गणतंत्र दिवस के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम का सञ्चालन उक्त विद्यालय के अध्यापक ज्ञानेंद्र सिंह जी और विजय प्रताप जी ने किया।

  • भारत को सभी क्षेत्रों में बालिकाओं की उपलब्धियों पर गर्व – सीडीओ

    भारत को सभी क्षेत्रों में बालिकाओं की उपलब्धियों पर गर्व – सीडीओ

    सोनभद्र। रावर्ट्सगंज नगर स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से शुक्रवार की सुबह राष्ट्रीय बालिका दिवस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जागरूकता रैली निकाली गई। मुख्य अतिथि सीडीओ जागृति अवस्थी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अश्वनी कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया गया। इस दौरान सीडीओ ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस पर हम बालिकाओं को सशक्त बनाए रखने और उनके लिए व्यापक अवसर सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।

    भारत को सभी क्षेत्रों में बालिकाओं की उपलब्धियों पर गर्व है। उनकी उपलब्धियां हम सभी को प्रेरित करती रहती हैं।” “हमारी सरकार ने शिक्षा, प्रौद्योगिकी, कौशल, स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसने बालिकाओं को सशक्त बनाने में योगदान दिया है। बालिकाओं के साथ कोई भेदभाव न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए भी हम उतने ही प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान प्रभात फेरी के बाद नगर स्थित राजा शारदा महेश इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के नोडल द्वारा संबंधित छात्राओं व अध्यापकों को संबंधित राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विचार प्रकट करते हुए छात्राओं के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं की गई। इस मौके पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कीर्ति आजाद बिंद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रिपुंजय श्रीवास्तव, मलेरिया अधिकारी पी.के.सिंह आदि मौजूद रहे।

  • अपने हक के लिए समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है – हंसराज विश्वकर्मा

    अपने हक के लिए समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है – हंसराज विश्वकर्मा

    चन्दौली । विश्वकर्मा सेवा ट्रस्ट के द्वितीय स्थापना दिवस के अवसर पर अग्रवाल सेवा संस्थान पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर मुगलसराय में कार्यक्रम आयोजित हुआ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाराणसी भाजपा जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा एम एल सी एवं विशिष्ट अतिथि पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के विधायक रमेश जायसवाल एवं विशिष्ट अतिथि डॉ सुनील विश्वकर्मा ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हंसराज  विश्वकर्मा जी विश्वकर्मा सेवा ट्रस्ट के स्थापना दिवस पर उपस्थित  समूह को संबोधित करते हुए कि समाज के लोगों को जागरूक करने की जरूरत है जिससे समाज में दबे कुचले पिछड़े लोगों को एक जुट होने की जरूरत है। आपस में मिलकर एक दूसरे का सहयोग करना होगा यदि आप ईमानदारी  दृढ़ निश्चय से कोई कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से आपको सफलता मिलेगी इसलिए आज आप सभी लोग आज संकल्प ले जिससे एक अच्छा संदेश जाए।

    इस अवसर पर विश्वकर्मा ट्रस्ट के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाया। शपथ के माध्यम से एक संदेश देने का काम किया है। ताकि हम अपने नैतिक जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करेंगे । आज से हम सब मिलकर  आपके सहयोग  से सेवा करते रहेंगे उन्होंने कहा कि हम सब की जिम्मेदारी है कि किसी भी जरूरत के लिए 24 घंटे समाज के लोग आएंगे हम उनको अपनी सेवाएं देंगे । विशिष्ट अतिथि डॉ सुनील विश्वकर्मा ने कहा की विश्वकर्मा वंशज हमेशा अपने कर्म पर विश्वास करता है अच्छे कर्मों के बल पर वह उच्च शिखर को प्राप्त करता है जिस तरह भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि की रचना किया उसी तरह मेरे जैसे व्यक्ति को भगवान श्री राम की मूर्ति बनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और मुझे गर्व है कि मै ऐसे  समाज से हूं। इस समाज में रहकर इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली आज मुझे और भी बड़ी जिम्मेदारियां दे दी गई है मैं आप सब लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हमेशा अच्छे कार्य करने की जरूरत है निश्चित रूप से सभी लोगों को इस मुकाम तक पहुंचना आसान होगा। संरक्षक डी एन विश्वकर्मा ने कहा कि  विश्वकर्मा सेवा ट्रस्ट के कार्यक्रम में आप सभी लोग आए इसके लिए हम आभार व्यक्त करते हैं।

    संरक्षक हीरालाल शर्मा ने कहा इस तरह के आयोजन से समाज में एक अच्छा संदेश जाता है लोगों के अंदर एक दूसरे का सहयोग करने की भावना जागृत होती है अतिथियों का स्वागत करते हुए ट्रस्ट के सचिव डॉक्टर आर के शर्मा ने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य गरीब कमजोर निर्धन मेधावी छात्रों की मदद कर उन्हें उच्च शिक्षा ग्रहण कराना चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों को आवश्यकता अनुसार सहयोग करना  एवं किसी भी तरह की समस्याएं हो समाज के लोगों को एकजुट होकर उनका सहयोग करने की जरूरत है और उन्हें यथा संभव सहायता करने की जरूरत है । इस अवसर पर घनश्याम शर्मा सतीश कुमार  बबन शर्मा मुकेश शर्मा श्रीकांत विश्वकर्मा अजय शर्मा दया नाथ शर्मा रितिक विश्वकर्मा विनोद शर्मा सुशील विश्वकर्मा संतोष शर्मा डॉ राजेश डा अनिल शर्मा नन्द लाल शर्मा विवेक शर्मा दीपक इत्यादि मौजूद थे कार्यक्रम का संचालन नंद कुमार शर्मा ने किया एवं  धन्यवाद प्रकाशित अध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने किया।