Category: Varanasi

  • मनरेगा का नाम बदलने पर मनरेगा मजदूर यूनियन का विरोध

    मनरेगा का नाम बदलने पर मनरेगा मजदूर यूनियन का विरोध

    वाराणसी: राजातालाब, विकास खंड आराजीलाईन स्थित ग्राम पंचायत महगांव में बुधवार को ‘मनरेगा मजदूर यूनियन’ की बैठक आयोजित की गई। यूनियन की सह संयोजिका रेनू पटेल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने का विरोध किया गया।

    बता दे कि विपक्ष पूरे देश में मनरेगा का नाम बदलने का विरोध कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में यूनियन गांवों और कस्बों में मजदूरों के साथ बैठकें कर रही हैं। इन बैठकों का उद्देश्य नाम बदलने का विरोध करना और मनरेगा को पुनः उसी नाम से जारी रखने की मांग के लिए मजदूरों का समर्थन जुटाना है। बैठक में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव उपस्थित रहे। उनके साथ यूनियन के अनिल मौर्य, मुश्तफा, सरोज पटेल, कविता, पूजा प्रभा पटेल सहित ग्रामसभा महगांव, कचहरियाँ, कनकपुर, जोगापुर के सैकड़ों नागरिक शामिल हुए। बैठक का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने मनरेगा के संदर्भ में केंद्र सरकार की नीतियों की कथित खामियों को जनता के समक्ष प्रस्तुत किया और उनके ‘फरेब’ को उजागर करने का प्रयास किया।

  • उद्गार’ की 132वी कवि गोष्ठीे का भव्य आयोजन

    उद्गार’ की 132वी कवि गोष्ठीे का भव्य आयोजन

    उद्गार’ साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा स्याही प्रकाशन के उद्गार सभागार में मासिक कवि गोष्ठी का आयोजन संपन्न

    काशी। नगर के साहित्यिक परिदृश्य में निरंतर सक्रिय ‘उद्गार’ साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा स्याही प्रकाशन के उद्गार सभागार में मासिक कवि गोष्ठी का भव्य, गरिमामयी एवं अत्यंत सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस साहित्यिक समागम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. डी. आर. विश्वकर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात कवि एवं चिंतक डॉ. राकेश चंद्र पाठक ‘महाकाल’ तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में  एन. बी. सिंह की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और ऊँचाई प्रदान की। गोष्ठी में स्याही प्रकाशन के प्रकाशक एवं प्रधान संपादक पंडित छतिश द्विवेदी ‘कुंठित’ की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सशक्त, संतुलित एवं प्रभावशाली संचालन सुप्रसिद्ध कवि सुनील कुमार सेठ द्वारा किया गया, जिन्होंने मंच को पूरे समय जीवंत बनाए रखा।

    इस अवसर पर साहित्य जगत के वरिष्ठ रचनाकार डॉ. दयाराम विश्वकर्मा, जगदीश नारायण गुप्त, डॉ. राकेश चंद्र पाठक ‘महाकाल’ एवं  तेजबली पाल ‘अनपढ़’ के जन्ममास का सामूहिक रूप से हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया। सभी सम्मानित साहित्यकारों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं साहित्यिक सम्मान प्रदान कर उनके दीर्घायु, स्वस्थ एवं सृजनशील जीवन की मंगलकामनाएँ दी गईं।

    कवि गोष्ठी में अनेक प्रतिष्ठित एवं सक्रिय साहित्यकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से डॉ. लियाकत अली ‘जलज’, डॉ. अनिल सिन्हा ‘बहुमुखी’, चन्द्र भूषण सिंह, आशिक बनारसी, नन्दलाल राजभर ‘नंदू’, रामनरेश पाल, जी. एल. पटेल ‘अयन’, विदुषी सहाना, मुनिन्द्र पांडेय ‘मुन्ना’, जयप्रकाश मिश्रा ‘धानापुरी’, कैलाश यादव, विजय चंद्र त्रिपाठी, दिनेश दत्त पाठक, विमल बिहारी, सिद्धनाथ शर्मा ‘सिद्ध’, श्रीमती उषा पांडेय ‘कंचन’, विनय कुमार गुप्ता ‘तन्हा’, कुंवर ‘नाजुक’, आनंद पाल, बाबा रामचंद्र, अलियार प्रधान, राजेंद्र प्रसाद गुप्त ‘बावरा’, जीउत लाल विश्वकर्मा, बैजनाथ प्रसाद श्रीवास्तव, देवेंद्र पांडेय, दीपक श्रीवास्तव ‘दबंग’ सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी सहभागिता से गोष्ठी को यादगार बनाया।

    गोष्ठी में प्रस्तुत रचनाओं में देश, समाज, संस्कृति, प्रेम, मानवीय संवेदना एवं समसामयिक सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति देखने को मिली, जिसे श्रोताओं ने करतल ध्वनि के साथ सराहा। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. डी. आर. विश्वकर्मा ने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए ऐसे आयोजनों को रचनात्मक संवाद और वैचारिक चेतना का सशक्त मंच बताया। वहीं मुख्य अतिथि डॉ. राकेश चंद्र पाठक ‘महाकाल’ ने कवियों से निरंतर साधना, प्रतिबद्ध लेखन और साहित्य सेवा के पथ पर अग्रसर रहने का आह्वान किया।कार्यक्रम का समापन अंचला पांडेय द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ आत्मीय, सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में सम्पन्न हुआ। साहित्य प्रेमियों के लिए यह कवि गोष्ठी एक सार्थक, प्रेरक एवं स्मरणीय आयोजन सिद्ध हुई।

  • आकाशवाणी वाराणसी में “कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता” विषय पर कार्यशाला आयोजित

    आकाशवाणी वाराणसी में “कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता” विषय पर कार्यशाला आयोजित

    POSH अधिनियम, समानता एवं सुरक्षित कार्य-संस्कृति पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

    वाराणसी/ कार्यस्थल पर लैंगिक भेदभाव की रोकथाम, सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, समावेशी एवं सम्मानजनक कार्य-पर्यावरण के निर्माण तथा केंद्र पर कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों एवं कैजुअल प्रस्तोताओं को लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़े कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं की सम्यक जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से आकाशवाणी वाराणसी में “कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता (जेंडर सेंसिटाइजेशन)” विषय पर एक विस्तृत एवं जागरूकता-आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला अपराह्न 2.00 बजे केंद्र के सभागार में केंद्राध्यक्ष स्वतंत्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

    कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में केंद्राध्यक्ष स्वतंत्र सिंह ने कहा कि आधुनिक कार्यस्थलों में केवल कार्यकुशलता ही नहीं, बल्कि समानता, आपसी सम्मान और संवेदनशील व्यवहार भी उतने ही आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि एक सशक्त संस्थान वही होता है जहाँ सभी कर्मचारी बिना किसी भय, भेदभाव या असहजता के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। इस प्रकार की कार्यशालाएँ कर्मचारियों को जागरूक बनाने के साथ-साथ संस्थान की सकारात्मक छवि को भी मजबूत करती हैं।

    कार्यशाला की मुख्य वक्ता डॉ. शम्भूनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन, सोनिया, वाराणसी की कार्यक्रम निदेशक डॉ. (श्रीमती) रोली सिंह रहीं। उन्होंने अपने विस्तृत व्याख्यान में लैंगिक संवेदनशीलता के सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, व्यवहारिक एवं संस्थागत आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समानता, गरिमा और पारस्परिक सम्मान किसी भी स्वस्थ एवं प्रभावी कार्य-संस्कृति की मूल आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर प्रयुक्त भाषा, संवाद की शैली, व्यवहार तथा निर्णय प्रक्रिया में संवेदनशीलता अपनाकर अनजाने में होने वाले भेदभाव को भी रोका जा सकता है।

    डॉ. रोली सिंह ने कार्यशाला के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने अधिनियम की पृष्ठभूमि, उद्देश्य, दायरा एवं महत्व को स्पष्ट करते हुए बताया कि यह कानून महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा, सम्मान एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, शिकायत की समय-सीमा, गोपनीयता के प्रावधान, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की संरचना, उसकी भूमिका एवं दायित्वों के साथ-साथ नियोक्ता और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को सरल एवं उदाहरणात्मक भाषा में समझाया।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि POSH अधिनियम केवल दंडात्मक कानून नहीं है, बल्कि जागरूकता, रोकथाम और संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा देने वाला एक सशक्त माध्यम है। इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों से एक सुरक्षित और सकारात्मक कार्य-पर्यावरण का निर्माण किया जा सकता है।

    डॉ. रोली सिंह ने सुरक्षित, समावेशी एवं सकारात्मक कार्य-पर्यावरण के निर्माण पर विशेष बल देते हुए कहा कि ऐसा वातावरण न केवल कर्मचारियों के आत्मविश्वास और मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि संस्थान की कार्यकुशलता, उत्पादकता और सामाजिक विश्वसनीयता को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से आपसी सहयोग, संवेदनशील दृष्टिकोण, संवादशीलता तथा जिम्मेदार आचरण अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम प्रमुख अशोक पाण्डेय, सहायक निदेशक (कार्यक्रम) प्रफुल्ल कुमार सिन्हा, उपनिदेशक (अभियांत्रिकी) अशोक कुमार, सहायक अभियंता, कार्यक्रम अधिशासी सहित केंद्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं कैजुअल प्रस्तोता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। कार्यशाला का समग्र उद्देश्य आकाशवाणी वाराणसी केंद्र में समानता, सुरक्षा, सम्मान और संवेदनशीलता पर आधारित कार्य-संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करना तथा एक सशक्त, जागरूक एवं उत्तरदायी कार्यबल का निर्माण करना रहा। उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं कैजुअल प्रस्तोताओं ने भविष्य में भी इस प्रकार की जागरूकता एवं प्रशिक्षण-आधारित कार्यशालाओं के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

  • सभी कलाकृतियां संस्कृति विभाग के पास सुरक्षित, पुनर्निर्माण के पश्चात यथास्थान होंगी पुनः स्थापित – मंत्री ए के शर्मा

    सभी कलाकृतियां संस्कृति विभाग के पास सुरक्षित, पुनर्निर्माण के पश्चात यथास्थान होंगी पुनः स्थापित – मंत्री ए के शर्मा

    मणिकर्णिका घाट के पुनर्निर्माण को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा का जवाब*

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, नमो घाट, अस्सी घाट सहित अनेक विकास कार्यों के माध्यम से काशी की भव्यता और दिव्यता को नई दिशा मिली। इसी श्रृंखला में मणिकर्णिका घाट पर पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ*

    वाराणसी,/ नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से काशी स्थित विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

    मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि काशी में माँ गंगा के तट पर स्थित मणिकर्णिका घाट अत्यंत प्राचीन, पौराणिक एवं निरंतर दाह-संस्कार की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थल है। दशकों से यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में शवदाह होता रहा है, जिसमें आने वाले लोगों को बैठने, ठहरने, लकड़ी भंडारण, पूजा सामग्री, मुंडन स्थल एवं अवशेषों की सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता रहा है।

    उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से सभी परिचित थे, लेकिन पूर्व की सरकारों द्वारा दशकों तक कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, नमो घाट, अस्सी घाट सहित अनेक विकास कार्यों के माध्यम से काशी की भव्यता और दिव्यता को नई दिशा मिली है। इसी क्रम में अब मणिकर्णिका घाट पर भी सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुविधाजनक पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान परियोजना के अंतर्गत पौराणिक मंदिरों, चिन्हों और धरोहरों का पूर्ण संरक्षण करते हुए शवदाह स्थल, प्लेटफार्म, लकड़ी स्टोर, पूजा सामग्री स्टोर, मुंडन स्थल तथा मढ़ी का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो एवं फोटो कार्य के दौरान अस्थायी रूप से प्रभावित कलाकृतियों के हैं, जिन्हें सुरक्षित रख लिया गया है और पुनर्निर्माण के पश्चात यथास्थान पुनः स्थापित किया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी भी मंदिर को कोई क्षति नहीं पहुंची है।

    नगर विकास मंत्री ने यह भी कहा कि पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर जी की कृतियों सहित घाट की समस्त पुरातन धरोहरों का संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनकी 300वीं जयंती पूरे सम्मान एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई है और उनके योगदान के प्रति सरकार पूर्णतः कृतज्ञ है।

    उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ नेता राजनीतिक स्वार्थवश निष्ठापूर्ण पुनर्निर्माण कार्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पूर्व के लंबे शासनकाल में इस घाट की समस्याओं के समाधान हेतु कोई प्रयास किया गया था, और क्या कोरोना काल में यहां उत्पन्न परिस्थितियों के लिए उन्होंने कोई ठोस कदम उठाए थे।

    श्री शर्मा ने कहा कि सरकार “विरासत के साथ विकास” की भावना के अनुरूप काशी की दिव्यता, भव्यता एवं मानवीय सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और मणिकर्णिका घाट का पुनर्निर्माण इसी सोच का सशक्त उदाहरण है।

    नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से मणिकर्णिका घाट के पुनर्निर्माण को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक एवं तथ्यहीन प्रचार का तथ्यों के साथ सशक्त जवाब दिया है।

  • झारखण्ड के प्रगतिशील किसानों ने आइसार्क में आधुनिक कृषि तकनीकों को जाना

    झारखण्ड के प्रगतिशील किसानों ने आइसार्क में आधुनिक कृषि तकनीकों को जाना

    वाराणसी। झारखण्ड चतरा जिले से आए 13 प्रगतिशील किसानों के एक दल ने वाराणसी स्थित अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) का गुरूवार को भ्रमण किया। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, संसाधन-सक्षम तकनीकों और जलवायु-अनुकूल खेती के बारे में जानकारी देना था।

    यह भ्रमण कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), वाराणसी के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसे डॉ. एन. के. सिंह, हेड, केवीके,वाराणसी ने समन्वित किया। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के किसानों के बीच ज्ञान साझा करना और उनकी क्षमता को मजबूत करना है। इस अवसर पर आइसार्क के वैज्ञानिकों ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों  और किसान समूहों के साथ सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

    भ्रमण के दौरान किसानों ने आइसार्क की विभिन्न शोध और प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन किया। इनमें यंत्रीकरण हब एवं रिजेनरेटिव कृषि के प्रदर्शन प्लॉट शामिल थे। इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों को चल रहे शोध कार्यों, नई तकनीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की प्रत्यक्ष जानकारी मिली। झारखण्ड से आए प्रगतिशील किसानों ने इस भ्रमण को बेहद उपयोगी बताया और कहा कि वे यहां सीखी गई तकनीकों को अपने गांवो में, अपने खेतों में व्यावहारिक रूप से अपनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने के अवसर की भी सराहना की।

  • रांची झारखंड से लापता भाई-बहन की तलाश जारी

    रांची झारखंड से लापता भाई-बहन की तलाश जारी

    अंश उम्र 5 वर्ष एवं अंशिका उम्र 4 वर्ष इसी माह से हैं लापता

    सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सहयोग की अधिकारियों से की अपील

    वाराणसी। रांची झारखण्ड के निवासी अंश उम्र 5 वर्ष एवं अंशिका उम्र 4 वर्ष जनवरी 2026 से लापता है। झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव द्वारा बच्चों की खोज-बीन के लिए सहायता हेतु सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से कहा गया है। तत्क्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक कुमार ने जनपद के सदस्य, मानव तस्कर विरोधी संगठन, पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट, जिला प्रोबेशन अधिकारी, अधीक्षक, बाल गृह रामनगर तथा पराविधिक स्वयं सेवकगण को पत्र लिखकर मोसिबारी, मल्लर टोली, धूर्वा, रांची (झारखण्ड) के दो बच्चे अंश उम्र 5 वर्ष व अंशिका उम्र 4 वर्ष जो जनवरी, 2026 से लापता है को ढूंढने में सहयोग किये जाने के साथ ही इस संबंध में शीघ्र सूचना उपलब्ध कराए जाने हेतु निर्देशित किया है।

  • नमो शक्ति रथ का शुभारंभ:वाराणसी में महिलाओं के स्तन कैंसर की समय पर पहचान की ऐतिहासिक पहल

    नमो शक्ति रथ का शुभारंभ:वाराणसी में महिलाओं के स्तन कैंसर की समय पर पहचान की ऐतिहासिक पहल

    विकसित भारत की संकल्पना स्वास्थ्य परिवार से ही संभव-डॉ कार्तिकेय शर्मा

    स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार का आधार-पूनम मौर्या

     वाराणसी। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से महिलाओं में स्तन कैंसर की समय पर पहचान और निवारक देखभाल के उद्देश्य से “नमो शक्ति रथ” का शुभारंभ बुधवार को मंडलायुक्त सभागार से किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री के “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार” विज़न से प्रेरित है तथा महिला- केंद्रित निवारक स्वास्थ्य सेवा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद व आईटीवी के फाउंडर डॉ कार्तिकेय शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, डॉ ऐश्वर्या पंडित, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद आईटीवी के संस्थापक डॉ कार्तिकेय शर्मा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहां कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से वाराणसी में महिलाओं में स्तन कैंसर के स्क्रीनिंग का वीणा उठाया गया है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस नमो शक्ति रथ का संचालन एक ऐतिहासिक पहल है। विकसित भारत की संकल्पना स्वस्थ परिवार से ही संभव है एवं स्वास्थ्य परिवार बिना स्वस्थ महिला के संभव नहीं है। वर्तमान में लगभग 9 लाख लोगों की मृत्यु कैंसर से होती है जिसमें से अत्यधिक मात्रा स्तन कैंसर के रोगियों की है। इसलिए 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आईटीवी फाउंडेशन के तरफ से वाराणसी के लिए 20 नमो शक्ति रथ (वैन) उपलब्ध कराई गई है जिनमें से 9 वैन ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 11 वैन शहरी क्षेत्रों में चलाई जाएंगे । ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की महिलाओं तक सीधी पहुँच बनाकर उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से महिलाओं को पूर्व सूचना देकर जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना है। नमो शक्ति रथ इसी दिशा में एक ठोस प्रयास है, जिससे महिलाओं को सम्मान, गरिमा और समान अवसर के साथ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम नमो शक्ति रथ पहल से न केवल कैंसर की समय पर पहचान संभव होगी, बल्कि महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। यह कार्यक्रम वाराणसी जनपद में महिला-केंद्रित निवारक स्वास्थ्य सेवा का एक नया अध्याय जोड़ेगा।

    जिला पंचायत अध्यक्षा पूनम मौर्या ने कहा कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार का आधार है। यदि घर की महिला अस्वस्थ है तो वह पूरा परिवार मानसिक व आर्थिक रूप से कमजोर हो जाता है। इसलिए किसी प्रकार के संकोच झिझक को दूर रखकर इस अभियान से सभी महिलाएं जुड़े एवं अपना स्क्रीनिंग अवश्य कराये।

    मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कहा कि आधी जनसंख्या महिलाओं की है, वर्तमान में जीवन जीने के ढंग में परिवर्तन हुआ है जिसके कारण कैंसर जैसी बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे हैं। नमो शक्ति रथ में  स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए ऐसी तकनीक से लैस मशीन लगाई गई है जो बिना किसी दर्द या संपर्क के शरीर में होने वाले शुरुआती वैस्कुलर बदलावों की पहचान करने में सक्षम है। इसलिए आप सभी से अपील है कि अपने-अपने घरों की महिलाओं के साथ-साथ लोगों को अधिक मात्रा में लाकर इस बीमारी की जानकारी के लिए स्क्रीनिंग करायें।

    जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस नमो शक्ति रथ के माध्यम से महिलाओं को निःशुल्क स्तन कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। नमो शक्ति रथ निर्धारित तिथियों में ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम सभाओं में एवं नगरीय क्षेत्र के वार्डों में जाएंगी जहां पर महिलाओं की स्क्रीनिंग की जाएगी। अंत में पूजन कर राज्य सभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, आईटीवी फाउंडेशन की डॉ ऐश्वर्या पंडित द्वारा हरी झंडी दिखाते 20 नमो शक्ति रथ को रवाना किया गया।

  • महापुरुष-गुरुजन हमें अपने तदरूप बनाना चाहते हैं – पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी

    महापुरुष-गुरुजन हमें अपने तदरूप बनाना चाहते हैं – पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी

    माँ महा मैत्रायणी योगिनी जी का निर्वाण दिवस मनाया गया

    पड़ाव, वाराणसी/ हमलोगों का आचरण-व्यवहार हर जगह बदलता रहता है। जैसा व्यवहार-आचरण हमलोग यहाँ या अपने दूसरे आश्रम में करते हैं, जैसा बात-विचार यहाँ करते हैं, यहाँ से जाने के बाद हमारा आचरण-व्यवहार, विचार, भावनाएं आदि दूसरी हो जाती हैं। जीवन के बहुत से ऐसे भटकाव हैं, आकर्षण हैं, जिनको रोकने के लिए कहा गया है।

    पूज्य बाबा जी ने कहा कि शिक्षा बहुत आवश्यक है- आगे बढ़ाने के लिए, राष्ट्र-समाज को दिशा देने के लिए, आगे बढ़ाने के लिए। लेकिन इसमें अपवाद भी है, क्योंकि कई लोग शिक्षा लेकर ऊटपटांग कृत्य भी करते हैं, देशद्रोह करते हैं और वहीं कोई अशिक्षित हैं फिर भी बहुत अच्छा कार्य करते हैं। माँ महा मैत्रायणी योगिनी जी कितना पढ़ी थीं, उस समय पढ़ाई-लिखाई, स्कूल बहुत कम थे, जाने की कोई सुविधा नहीं थी। वैसे ही परमपूज्य अघोरेश्वर कहाँ तक पढ़े? नहीं पढ़े थे। आप सोच लीजिए कि वह पढ़े नहीं लेकिन खूब पढ़े-लिखे, विद्वान भी उनसे आकर शिक्षा लेते थे। हमारा जो संस्कार है, संस्कृति है हमारे जो संत-महात्मा हैं, महापुरुष हैं- वह क्या कहते हैं, किस चीज को प्राप्त करने के लिए कहते हैं? वह अपने आत्मानुसंधान के लिए, ध्यान-धारणाओं के लिए कहते हैं। वह आपको अपने जैसा बनाना चाहते हैं।

    पूज्य श्री ने समझाया कि जैसे वह भृंगी मिट्टी का घर बनाती है फिर उसमे रेंगने वाले कीड़े को पकड़ कर ले आती है और उसमे बंद कर देती है, डंक मारती है। वह कीड़ा उसी को देखता-सुनता है, उसको बहुत भय उत्पन्न होता है और उसी को याद करते-करते वह रेंगने वाले कीड़े को भी पंख निकल आते हैं, वह उस भृंगी के तदरूप हो जाता है। भय भी कभी-कभी उत्पन्न किया जाता है कि किसी में सुधार आ जाए। क्योंकि भय बिन होय न प्रीत। एक जो सबसे बड़ा सत्य है जो हम सबके सामने रोज घटता है- वह है मृत्यु, लेकिन उससे भी हम भयभीत होते हैं। महापुरुषों के लिए तो मृत्यु वही है जैसे कि आप रोज कपड़ा बदलते हैं, वैसे ही उनका शरीर बदलता है, शरीर ही छूटता है। हम अपने-आप को, अपनी आत्मा को, परम पवित्र आत्मा समझेंगे, ईश्वर का अंश समझेंगे, तभी हम कुछ कर पाएंगे और हमारे यहाँ आने-जाने की सार्थकता तभी सिद्ध होगी।

    मंत्र हमारा मित्र है जो हमें रास्ता दिखाता रहता है। मित्र वही होता है जो अच्छा रास्ता दिखाता है, सही रास्ता दिखाता  आपको बुरा भी लग सकता है आपको भला भी लग सकता है। वह मित्र है, वह गुरु है, वह अपने अभ्यंतर का वह चिंतन है, वह सही रास्ता देगा। हमारे महापुरुषों ने, मैत्रायण योगिनी ने भी जो समझाया, कहा, अघोरेश्वर महाप्रभु ने भी हम लोग को जो कहा उसे पर हम अवश्य चिंतन करें। हमारा जीवन ही ज्यादा से ज्यादा 100 वर्ष है, उतना तो बहुत हो गया।  आजकल तो नौजवान से लेकर, छोटे से लेकर बड़े तक का हाल यह है कि कोई कहीं भी गिर जा रहा है।  तो बंधु इस क्षणभंगुर जीवन को हमलोग समझें और अपने जीवन के भौतिक कार्यों के साथ-साथ अपने आध्यात्मिक और अपने अभ्यंतर, अपने गुरु, अपने ईश्वर के प्रति भी जो कुछ हमारे कर्तव्य बनते हैं उसको भी हमलोग पूर्ण करें।

    ये बातें माँ महा मैत्रायणी योगिनी जी का 34 वें निर्वाण दिवस पर मंगलवार, दिनांक 13 जनवरी, 2026  को वाराणसी के गंगातट अघोरेश्वर भगवान राम घाट पर स्थित महाविभूति स्थल के पुनीत प्रांगण में मध्याह्न 12 बजे आयोजित एक पारिवारिक विचार गोष्ठी में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने अपने आशीर्वचन में कहीं। वक्ताओं में डॉ० दिव्या सिंह, वसुंधरा सिंह, नीतिका सिंह, शालिनी पाण्डेय, कुमारी शुभदा पाण्डेय ने अपने विचार व्यक्त किये। सोनी सिंह ने भजन गाया। कुमारी राशि ने मंगलाचरण किया। गोष्ठी का सञ्चालन अवधूत भगवन राम नर्सरी विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती सुष्मिता ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्था के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह जी ने किया।     

    इससे पूर्व अघोरेश्वर महाविभूति स्थल के पुनीत प्रांगण में परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी की जननी “माँ महा मैत्रायणी योगिनी जी” का निर्वाण दिवस बड़ी ही श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं द्वारा मनाया गया। मनाने के क्रम में प्रातः आश्रम परिसर की साफ-सफाई की गई। लगभग 8:30 बजे से पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी ने परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु एवं माताजी की समाधि पर माल्यार्पण, पूजन एवं आरती किया। इसके बाद पृथ्वीपाल जी ने सफलयोनि का पाठ किया। तत्पश्चात् पूज्य बाबा जी ने हवन-पूजन किया। श्रद्धालुओं मे प्रसाद वितरित किया गया।

  • मकर संक्रान्ति पर 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश रहेगा

    मकर संक्रान्ति पर 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश रहेगा

    वाराणसी। सामान्य प्रशासन अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन की विज्ञप्ति संख्या-671/तीन-2025- 39 (2)/2016, दिनांक 17 नवम्बर, 2025 द्वारा वर्ष 2026 हेतु घोषित अवकाशों की सूची के प्रस्तर-2 (11) में वर्ष 2026 के लिए निर्बन्धित अवकाश की सूची के पर मकर संक्रान्ति के अवसर पर दिनांक 14 जनवरी, 2026 (बुधवार) को निर्बन्धित अवकाश घोषित किया गया है। शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरान्त मकर संक्रान्ति के अवसर पर 14 जनवरी, 2026 (बुधवार) को घोषित निर्बन्धित अवकाश के स्थान पर दिनांक 15 जनवरी, 2025 (गुरुवार) को निगोशिएबल इन्स्ट्रुमेन्ट एक्ट 1831 के अधीन सार्वजनिक अवकाश घोषितं किये जाने का निर्णय लिया गया है। उक्त लिये गये निर्णय के आलोक में मकर संक्रान्ति के पावन अवसर पर 15 जनवरी, 2026 (गुरूवार) को निगोशिएबल इन्स्ट्रुमेन्ट एक्ट 1881 के अधीन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महिला स्वयं सहायता समूह की पांच महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किया

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महिला स्वयं सहायता समूह की पांच महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किया

    जनपद में 250 महिलाओं को ई-रिक्सा संचालन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है

    मुनारी की पूनम ने बताया कि ई-रिक्शा से वो प्रतिदिन लगभग 1800 रुपए तक की आय अर्जित करती है

    जनपद के जिला प्रशिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन व अन्य संस्थानों पर स्वयं सहायता समूह की दीदियों का कैन्टीन खुलवाया जाए-उप मुख्यमंत्री

    वाराणसी। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में रविवार को सर्किट हाउस सभागार में बैठक के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि करने व लखपति दीदी के सपने को साकार करने हेतु तीन नवीन कार्यक्रम की शुरुआत की गई। ग्राम पंचायत स्तर पर नवनिर्मित बारात घर का संचालन के अंतर्गत 03 ग्राम संगठनों (स्वयं सहायता समूहों का फेडरेशन) व 3 ग्राम पंचायतों (रघुनाथपुर व बेसहुपुर विकास खण्ड-सेवापुरी, सिवो विकास खण्ड-चिरईगाँव) के मध्य अनुबंध हस्ताक्षरित करवाया गया। इस अनुबंध का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनता को अपने ग्राम पंचायत में ही मांगलिक व अन्य कार्यक्रमों हेतु न्यूनतम दर पर स्थान व कैटरिंग सेवा का उपलब्ध कराना है। जिससे न केवल ग्रामीणों को लाभ हो बल्कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के स्थानीय स्तर पर रोजगार का साधन उपलब्ध हो सके। वर्तमान मे कुल 60 बारात घर के संचालन हेतु कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनपद के अन्य ग्राम पंचायतों में भी सर्वे के माध्यम से बारात घर के निर्माण हेतु निर्देशित किया। 

             जीएमआर वर लक्ष्मी ग्रुप व उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मध्य पिंक ऑटो संचालन हेतु अनुबंध के अंतर्गत GMR VR LAXMI ग्रुप व UPSRLM के मध्य वाराणसी मे 160 पिंक ऑटो संचालक को लेकर के अनुबंध किया गया।जिसके तहत मुख्यमंत्री उद्यमिता योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पिंक ऑटो उपलब्ध कराना, उनका प्रशिक्षण, उनका ड्राइविंग लाइसेन्स सम्मिलित है। GMR VR LAXMI द्वारा अपने सीएसआर मद से प्रति ऑटो पर रुपए 35000 का योगदान दिया जायेगा। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिया गया कि क्रय किये जा रहे ई ऑटो का बाजार मूल्य से तुलना करने के उपरांत सस्ते दर पर महिलाओं को ऑटो उपलब्ध कराया जाए। डेवलेपमेंट अल्टरनेटिव्स (डीए) व UPSRLM मध्य अनुबंध के अंतर्गत UPSRLM तथा DA के आपसी सहयोग से इन महिलाओं को एक सप्ताह का व्यवस्थित ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत 2.5 लाख रुपये के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराकर ई-रिक्शा प्रदान कराया गया है। आज महिलायें प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। वर्तमान में 30 महिलाओं को ई–रिक्सा प्रदान कराया गया है। साथ ही 108 महिलाओं ई-रिक्सा चलाने का प्रशिक्षण दिलाया गया है। इस प्रकार जनपद में 250 महिलाओं को ई-रिक्सा संचालन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

           अराजीलाइन विकासखंड की मिर्जामुराद ग्राम पंचायत के पार्वती समूह की पार्वती देवी, सेवापुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत कपसेठी की सतगुरु समूह की पूजा देवी, काशी विद्यापीठ विकासखंड की ग्राम पंचायत लहरतारा की अदिति समूह की माला देवी, चोलापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मुनारी सीता समूह की पूनम देवी तथा विकासखंड काशी विद्यापीठ के ग्राम पंचायत भरथरा की राधा रानी समूह की संगीता देवी को ई-रिक्शा देकर लाभान्वित किया गया। मुनारी की पूनम द्वारा बताया गया कि इस ई-रिक्शा से वो प्रतिदिन लगभग 1800 रुपए तक की आय अर्जित करती है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के जिला प्रशिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन व अन्य संस्थानों पर स्वयं सहायता समूह की दीदियों का कैन्टीन खुलवाया जाए। जिससे पूरे प्रदेश मे 01 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाया जा सके।

           इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।