Category: UTTARAKHAND

  • टीएचडीसी ने भूस्खलन शमन के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए

    टीएचडीसी ने भूस्खलन शमन के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए

    ऋषिकेश, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरo केo विश्नोई ने बताया कि ऊर्जा के विभिन्न रूपों से ऊर्जा उत्पादन करने के अलावा, टीएचडीसीआईएल समग्र भारत में ढलान स्थिरीकरण समाधानों के लिए अग्रणी परामर्शी सेवा प्रदाता के रूप में  भी उभर रहा है। बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में अपनी भूमिका को सुदृढ करते हुए, टीएचडीसीआईएल ने अतिरिक्त तीन वर्षों के लिए अपनी परामर्श सेवाओं के विस्तार के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच), देहरादून के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। श्री विश्नोई ने कहा कि एमओयू के तहत, टीएचडीसीआईएल भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों का अध्ययन करने और उत्तराखंड में चारधाम मार्ग, कैलाश मानसरोवर मार्ग के एक हिस्से और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों सहित विकास के तहत खंडों के लिए शमन उपायों की सिफारिश करने के लिए एक सलाहकार के रूप में जारी रहेगा। इस परामर्शी कार्य से लगभग ₹ 40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा ।

    टीएचडीसीआईएल के निदेशक (तकनीकी) भूपेंद्र गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन विशिष्ट स्थलीय  चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए लचीले और पारंपरिक तरीकों को एकीकृत करते हुए उन्नत भू-तकनीकी समाधान अपना रहा है। यह पहल उत्तराखंड में सड़क के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और विश्वसनीयता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी।

    समझौता ज्ञापन पर टीएचडीसीआईएल के कार्यपालक निदेशक(तकनीकी)  संदीप सिंघल एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, देहरादून के मुख्य अभियंता एवं आरओ  दीपक कुमार शर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल की ओर से महाप्रबंधक  डॉ. नीरज कुमार अग्रवाल और प्रबंधक (परिकल्प एवं अभियांत्रिकी)  अमित श्याम गुप्ता के साथ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, देहरादून की ओर से अधीक्षण अभियंता श्री पूरन सिंह तथा अधिशासी अभियंता श्री सुमित रूपम सौरव भी मौजूद थे।

    टीएचडीसीआईएल अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, एनएचएआई पुणे, एनएचएआई शिलांग, उत्त्तराखंड राज्य लोक निर्माण विभाग एवं एनएचआईडीसीएल सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसी तरह के परामर्श कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल है। इसके अतिरिक्त, कंपनी श्री माता वैष्णो देवी और श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण ढलान संरक्षण और रॉकफॉल शमन समाधान प्रदान कर रहा है, जो लचीले एवं नवीनतम उपायों को अपनाते हुए बुनियादी ढांचे को सुरक्षा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ करता है।

  • वीपीएचईपी, पीपलकोटी द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    वीपीएचईपी, पीपलकोटी द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    चमोली, । टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगढ़-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) द्वारा जनता हाई स्कूल और जूनियर हाई स्कूल, बेमरू में बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला समानता एवं अधिकारों पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन वीपीएचईपी के सामाजिक विभाग द्वारा किया गया ताकि बालिकाओं को इन महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षित और सशक्त किया जा सके।

    इस सत्र में कक्षा 6 से 10 तक की कुल 40 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वीपीएचईपी की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डॉ. निकिता शर्मा ने बालिकाओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी आवश्यक प्रथाओं, स्वच्छता के महत्व और समाज में महिलाओं के अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया और उनके सवालों के उत्तर दिए।

    इस पहल पर बोलते हुए,  अजय वर्मा, मुख्य महाप्रबंधक और परियोजना प्रमुख, वीपीएचईपी ने कहा, “टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से, हम युवा बालिकाओं को ऐसे ज्ञान से सशक्त बनाना चाहते हैं जो उन्हें स्वस्थ और आत्मविश्वासी जीवन जीने में मदद करेगा। वीपीएचईपी महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने वाली पहलों का समर्थन और कार्यान्वयन जारी रखेगा।”

    वीपीएचईपी परियोजना प्रभावित गांवों में विभिन्न महिला केंद्रित योजनाओं का संचालन कर रहा है, जिसमें महिलाओं के लिए आजीविका और कौशल विकास कार्यक्रम, महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर केंद्रित ‘सहेली’ जागरूकता कार्यक्रम, विधवा पेंशन योजना आदि शामिल हैं।

    इस कार्यक्रम को छात्रों और विद्यालय प्रशासन द्वारा अत्यधिक सराहा गया, जिन्होंने सामुदायिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में टीएचडीसीआईएल के निरंतर प्रयासों की सराहना की।

  • वीपीएचईपी, पिपलकोटी में मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए ब्रेन योग कार्यशाला आयोजित

    वीपीएचईपी, पिपलकोटी में मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए ब्रेन योग कार्यशाला आयोजित

    चमोली, । टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) ने 11 और 12 फरवरी 2025 को संजीवनी क्लब, वीपीएचईपी, पिपलकोटी में दो दिवसीय ब्रेन योग कार्यशाला का आयोजन किया। मानव संसाधन एवं प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य और उत्पादकता को बढ़ावा देना था।

    अजय वर्मा, मुख्य महाप्रबंधक और परियोजना प्रमुख (एचओपी), वीपीएचईपी, ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया और सुरेश प्रभु, ब्रेन योग प्रशिक्षक का स्वागत किया। इस अवसर पर बोलते हुए,  वर्मा ने संतुलित और उत्पादक पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन प्राप्त करने में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “आज की तेज़-तर्रार कार्य संस्कृति में, मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। ब्रेन योग हमारे कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन, एकाग्रता बढ़ाने और कार्य-जीवन संतुलन प्राप्त करने में मदद करेगा।”

    इस कार्यशाला में वीपीएचईपी के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। उद्घाटन सत्र के दौरान, कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें के.पी. सिंह (जीएम, टीबीएम), पी.एस. रावत (एजीएम आई/सी पावर हाउस), ए.के. श्रीवास्तव (एजीएम, एफ एंड ए), बी.एस. पुंडीर (एजीएम, प्लानिंग एवं सेफ्टी), एस.पी. डोभाल (एजीएम, पीएच), ओ.पी. आर्य (डीजीएम, सीओ एवं टाउनशिप), बी.सी. चौधरी (डीजीएम, क्यूसी), आर.एस. मखलोगा (डीजीएम, एचएम), एस.सी. भट्ट (डीजीएम, क्यूसी) और वी.डी. भट्ट (वरिष्ठ प्रबंधक आई/सी एचआर एंड ए) शामिल थे।

    दो दिवसीय कार्यशाला को विभिन्न कर्मचारी समूहों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया था, ताकि अधिकतम भागीदारी और लाभ सुनिश्चित किया जा सके। सत्रों में संज्ञानात्मक क्षमताओं को बढ़ाने, तनाव प्रबंधन तकनीकों और विश्राम विधियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। कर्मचारियों ने इंटरएक्टिव सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया और एकाग्रता, स्मरण शक्ति और संपूर्ण मानसिक क्षमता को बढ़ाने के तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

    टीएचडीसीआईएल एक स्वस्थ और उत्पादक कार्य वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने कर्मचारियों के समग्र कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए समग्र स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एकीकृत कर रहा है।

  • टीएचडीसीआईएल के वीपीएचईपी, पीपलकोटी में सुरक्षा जागरूकता हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

    टीएचडीसीआईएल के वीपीएचईपी, पीपलकोटी में सुरक्षा जागरूकता हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

    चमोली। 444 MW विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (VPHEP), पीपलकोटी में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के सुरक्षा विभाग द्वारा 10 फरवरी 2025 को कर्मचारियों के लिए सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को आकस्मिक परिस्थितियों, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक उपचार एवं आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना था।

    कार्यक्रम के दौरान, कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण टीएचडीसी की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डॉ. नंदिता शर्मा द्वारा प्रदान किया गया। साथ ही, जिला अग्निशमन विभाग, गोपेश्वर के अधिकारियों ने अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।

    इस अवसर पर परियोजना प्रमुख, श्री अजय वर्मा (मुख्य महाप्रबंधक, VPHEP) ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सुरक्षा प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने परियोजना स्थल पर कार्यरत सभी कर्मचारियों से सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने और सतर्क रहने की अपील की।

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में  के.पी. सिंह (महाप्रबंधक, टीबीएम),  बी.एस. पुंडीर (अपर महाप्रबंधक, नियोजन एवं सुरक्षा),  पंकज भट्ट (सुरक्षा अधिकारी) एवं केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के निरीक्षक  एस.पी. भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन  पी.एन. ममगाई (उप प्रबंधक, सुरक्षा) द्वारा किया गया।

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड समय-समय पर ऐसे सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर कर्मचारियों को प्रशिक्षित करता है, जिससे कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

  • टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने वीपीएचईपी, पीपलकोटी में यूनिट-1 के रोटर और स्टे रिंग के असेंबली कार्य का किया शुभारंभ

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने वीपीएचईपी, पीपलकोटी में यूनिट-1 के रोटर और स्टे रिंग के असेंबली कार्य का किया शुभारंभ

    चमोली, । टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) ने 444 मेगावाट के विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 30 जनवरी 2025 को पावर हाउस सर्विस बे में यूनिट-1 टरबाइन के रोटर और स्टे रिंग की असेंबली का कार्य आरंभ किया गया, जो विद्युत-यांत्रिक उपकरणों के अधिष्ठापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और परियोजना को समय पर पूरा करने की दिशा में अग्रसर करता है।

    रोटर असेंबली, जो जनरेटर यूनिट का एक महत्वपूर्ण गतिशील घटक है, 6986 मिमी व्यास और 210 टन भार सहित 24 पोल से बना है। इसी प्रकार, स्टे रिंग, जो टरबाइन असेंबली का एक प्रमुख घटक है, 5915 मिमी व्यास, 20 स्टे वेन्स और 29 टन वजन का है। इन घटकों की सफल असेंबली टीएचडीसीआईएल की उत्कृष्ट इंजीनियरिंग क्षमताओं और परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    इस महत्वपूर्ण चरण का शुभारंभ एक विधिवत पूजा के साथ किया गया, जिसमें टीएचडीसीआईएल के निदेशक (तकनीकी)  भूपेन्द्र गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपस्थित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में  अजय वर्मा (परियोजना प्रमुख, वीपीएचईपी),  ए.के. घिल्डियाल (सीजीएम, एमपीएस),  यू.डी. डंगवाल (जीएम, सिविल-डिजाइन),  जे.एस. बिष्ट (जीएम, मैकेनिकल, एसएंडई, वीपीएचईपी),  के.पी. सिंह (जीएम, टीबीएम, वीपीएचईपी),  पी.एस. रावत (एजीएम, पावरहाउस, वीपीएचईपी),  अरुण कुमार (एजीएम, ईएंडएम, वीपीएचईपी),  बी.एस. पुंडीर (एजीएम, प्लानिंग और सेफ्टी, वीपीएचईपी),  एस.पी. डोभाल (एजीएम, पावरहाउस, वीपीएचईपी),  आर.पी. नौटियाल (डीजीएम, एमपीएस),  एस.एस. पंवार (डीजीएम, ईएम-डिजाइन),  अनिल नौटियाल (डीजीएम, ईएंडएम, वीपीएचईपी),  पी.के. मिश्रा (डीजीएम, बीएचईएल) सहित टीएचडीसीआईएल और बीएचईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    टीएचडीसीआईएल के निदेशक (तकनीकी)  भूपेन्द्र गुप्ता, जो वर्तमान में वीपीएचईपी के निरीक्षण दौरे पर हैं, ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर वीपीएचईपी टीम और सभी हितधारकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि रोटर और स्टे रिंग की असेंबली जल विद्युत उत्पादन इकाई की स्थापना में एक महत्वपूर्ण चरण है, जो टीएचडीसीआईएल की सटीकता और दक्षता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि वीपीएचईपी नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे देश की सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में योगदान होगा।

    इस अवसर पर परियोजना प्रमुख, अजय कुमार वर्मा (मुख्य महाप्रबंधक, परियोजना) ने टीएचडीसीआईएल के शीर्ष नेतृत्व को उनके अटूट समर्थन और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “रोटर और स्टे रिंग असेंबली का शुभारंभ पूरी वीपीएचईपी टीम और हमारे हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। यह उपलब्धि हमारी उत्कृष्ट इंजीनियरिंग प्रतिबद्धता को दर्शाती है और परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के प्रति हमारी संकल्प शक्ति को पुनः स्थापित करती है।”

    444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी), टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर विकसित की जा रही एक रन-ऑफ-रिवर परियोजना है। इस परियोजना में प्रत्येक 111 मेगावाट की चार विद्युत उत्पादन इकाइयाँ शामिल हैं। यह परियोजना क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी और इसके चालू होने पर प्रति वर्ष 1,657.07 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली का उत्पादन करेगी, जिससे भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा और उत्तरी ग्रिड की बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ किया जा सकेगा।

    ऊर्जा उत्पादन के अतिरिक्त, वीपीएचईपी क्षेत्रीय विकास को भी गति प्रदान कर रही है, जिससे स्थानीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं और बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है। टीएचडीसीआईएल सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बरकरार रखते हुए यह सुनिश्चित कर रहा है कि यह परियोजना राष्ट्र और स्थानीय समुदायों दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो।

  • वीपीएचईपी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 76वां गणतंत्र दिवस, सीएमडी ने परियोजना प्रगति की सराहना की

    वीपीएचईपी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 76वां गणतंत्र दिवस, सीएमडी ने परियोजना प्रगति की सराहना की

    चमोली, उत्तराखंड,। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) में 76वां गणतंत्र दिवस बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत परियोजना प्रमुख एवं मुख्य महाप्रबंधक  अजय वर्मा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने और सीआईएसएफ के परेड का निरीक्षण करने के साथ हुई। यह परेड इंस्पेक्टर श्री सुभाष प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में प्रस्तुत की गई।  

    इस अवसर पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी)  आर.के. विश्नोई ने ऋषिकेश स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सभी परियोजनाओं के कर्मचारियों को लाइव वीडियो प्रसारण के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए वीपीएचईपी की अद्वितीय प्रगति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि **परियोजना का 65-70% कार्य पूरा हो चुका है और टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है।  विश्नोई ने यह भी बताया कि टीबीएम संचालन में चुनौतियों का सामना कर रहे अन्य प्रोजेक्ट्स अब वीपीएचईपी की प्रगति को देखने और इससे सीखने आ रहे हैं।  

    सीएमडी के संबोधन के बाद, परियोजना प्रमुख  अजय वर्मा ने वीपीएचईपी कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, *”सीएमडी द्वारा गणतंत्र दिवस के संबोधन में वीपीएचईपी का विशेष उल्लेख हमारे लिए गर्व की बात है। हमने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और अब इस गति को बनाए रखना आवश्यक है ताकि परियोजना को निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके। यह परियोजना राष्ट्र की स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।  

    गणतंत्र दिवस समारोह में कई सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया। परियोजना प्रभावित क्षेत्र के तीन स्कूलों—जूनियर हाई स्कूल (सियासैं), राजकीय प्राथमिक विद्यालय (जैसल), और सरस्वती शिशु मंदिर (पीपलकोटी)—के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर वीपीएचईपी के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अनुबंधित कर्मचारियों को श्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार  देकर सम्मानित किया गया।

  • टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने 1320 मेगावाट के खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट की प्रथम यूनिट के वाणिज्यिक परिचालन  की घोषणा की

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने 1320 मेगावाट के खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट की प्रथम यूनिट के वाणिज्यिक परिचालन  की घोषणा की

    ऋषिकेश,/ टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, मिनी रत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम  ने 1320 मेगावाट के खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट (केएसटीपीपी) की प्रथम यूनिट के वाणिज्यिक परिचालन तिथि (सीओडी) की घोषणा के साथ भारत की विद्युत उत्पादन क्षमता को सुदृढ करने की अपनी प्रतिबद्धता में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर. के. विश्नोई ने अवगत कराया कि यह गर्व का क्षण है कि 1320 (2X660) मेगावाट की केएसटीपीपी  की  प्रथम यूनिट के वाणिज्यिक परिचालन तिथि (सीओडी) 25 जनवरी, 2025 की मध्यरात्रि में घोषित की गई है। उन्होंने उल्लेख किया कि पारंपरिक रूप से, टीएचडीसीआईएल का मुख्य व्यवसाय क्षेत्र जल विद्युत का दोहन रहा है, यह ऐतिहासिक उपलब्धि कंपनी की क्षमताओं का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन है, साथ ही थर्मल पावर क्षेत्र में इसकी उत्कृष्टता और विशेषज्ञता को भी प्रदर्शित करती है, जो कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की यात्रा को आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान करता है। इस यूनिट के सफल कमीशन के साथ, टीएचडीसीआईएल राष्ट्र के विकास को शक्ति देने और इसके सतत ऊर्जा भविष्य में योगदान देने में और भी अधिक प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है। 

    उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना की आधारशिला भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी और वर्तमान में ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइजेशन; पूर्ण लोड परीक्षण (660 मेगावाट) और पूर्ण लोड पर 72 घंटे का ट्रायल रन पहले ही पूर्ण कर लिया गया है। वाणिज्यिक परिचालन घोषणा (सीओडी) एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि यह आधिकारिक तौर पर उस बिंदु को चिह्नित करता है कि जब संयंत्र को वाणिज्यिक रूप से चालू माना जाता है और विद्युत का उत्पादन कर ग्रिड को आपूर्ति करने में सक्षम होता है। अनिवार्य रूप से, सीओडी यह दर्शाता है कि संयंत्र ने सभी आवश्यक परीक्षण और निरीक्षण पास कर लिए हैं साथ ही  निष्पादन मानकों को पूरा करता है तथा स्थिर और कुशल तरीके से विद्युत प्रणाली में योगदान देने के लिए तैयार है।

    श्री विश्नोई ने इस बात पर प्रकाश डाला कि खुर्जा एसटीपीपी में एकीकृत फ्लू गैस डी-सल्फराइजेशन (एफजीडी) प्रणाली अपनी तरह की अनूठी है जिसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है, जो खुर्जा एसटीपीपी परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 

    सीओडी यह भी सुनिश्चित करता है कि संयंत्र नियामक आवश्यकताओं और संविदात्मक दायित्वों का अनुपालन करता है। सीओडी की घोषणा के पश्चात संयंत्र हस्ताक्षरित विद्युत क्रय समझौतों के अनुसार  ग्रिड को विद्युत की आपूर्ति प्रारंभ कर सकता है और थर्मल पावर प्लांट को ग्रिड के साथ पूरी तरह से एकीकृत किया जाएगा, जिसके फलस्वरूप क्षेत्र में विद्युत की स्थिर और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इस उपलब्धि के साथ खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट (केएसटीपीपी) अपने विद्युत उत्पादन का  उत्तर प्रदेश को 64.7%, राजस्थान को 21.3%, उत्तराखंड को 3.9% और गैर-आवंटित क्षेत्रों को 10.1% विश्वसनीय विद्युत की आपूर्ति शुरू कर देगा। 

    शैलेन्द्र सिंह, निदेशक (कार्मिक) ने इस उल्लेखनीय सफलता के लिए खुर्जा टीम को बधाई दी और टीम के सामूहिक प्रयासों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, कि “यह उपलब्धि परियोजना के निर्माण में शामिल सभी लोगों की कड़ी मेहनत, समर्पण और टीम वर्क का प्रतिबिंब है। हमारे कर्मचारियों ने पहली इकाई की समय पर कमीशनिंग सुनिश्चित करने के लिए चुनौतियों पर काबू पाने में अत्यधिक प्रतिबद्धता दिखाई है। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि हम भविष्य में भी भारत की ऊर्जा प्रगति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।”

    श्री भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) जो खुर्जा परियोजना में सीओडी के अवसर पर उपस्थित थे, ने टीम के प्रयासों की सराहना की और परियोजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए, विशेष रूप से फ्लू गैस से सल्फर डाई ऑक्साइड (SO₂) को हटाने के लिए, फ्लू गैस डी-सल्फराइजेशन (एमजीडी) प्रणाली को खुर्जा थर्मल पावर प्लांट में एकीकृत किया गया है। यह प्रणाली जीवाश्म ईंधन को जलाने के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करती है, जिससे वायु की गुणवत्ता में सुधार होता है।

    टीएचडीआईएल के निदेशक (वित्त)  सिपन कुमार गर्ग ने भी टीम को बधाई दी और इस उपलब्धि के वित्तीय और रणनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा,कि “यह उपलब्धि एक कॉम्पलैक्स विद्युत  परियोजना के सफल निष्पादन का प्रतिनिधित्व करती है और वित्तीय अनुशासन और सतत निवेश पर हमारे निरंतर ध्यान को भी दर्शाती है। यह उपलब्धि न केवल हमारे प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और रणनीतिक योजना का प्रतिबिंब है, बल्कि कंपनी के वित्तीय विकास को सुदृढ करने के लिए एक प्रमुख ड्राईवर के रूप में कार्य करेगी। चूंकि यह प्लांट देश के विद्युत उत्पादन में योगदान देता है, इसलिए यह टीएचडीसीआईएल  के वित्तीय मापदंडों में भी सुधार करेगा, जिससे टीएचडीआईएल के परिचालन में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे भारत के ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को और अधिक स्थिर और सुदृढ बनाने में मदद मिलेगी, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि और ऊर्जा सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होंगे।” 

    1320 मेगावाट के खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्लांट (केएसटीपीपी) के अलावा, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं जैसे 1000 मेगावाट के टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट और 444 मेगावाट की विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना(वीपीएचईपी) के पूरा करने की दिशा में गति के साथ आगे बढ रहा है। टीएचडीसीआईएल भारत की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड की होल्डिंग कंपनी है।

    इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (परियोजना)  कुमार शरद, महाप्रबंधक (ओ एण्ड एम)  बी.के. साहू, महाप्रबंधक (विद्युत)  आर.एम. दुबे, अपर महाप्रबंधक श्री शैलेश ध्यानी, अपर महाप्रबंधक  मुकुल शर्मा, अपर महाप्रबंधक मनोज ग्रोवर, अपर महाप्रबंधक श्री अनिल त्यागी, अपर महाप्रबंधक  एन.के. भट्ट, उप महाप्रबंधक  ए.के. विश्वकर्मा  तथा केएसटीपीपी के अन्य कर्मचारी भी इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित थे।