Category: UTTARAKHAND

  • केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री ने टिहरी पीएसपी की प्रथम यूनिट के प्रचालन का उद्घाटन किया

    केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री ने टिहरी पीएसपी की प्रथम यूनिट के प्रचालन का उद्घाटन किया

    मनोहर लाल,  केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, भारत सरकार ने टीएचडीसी द्वारा भारत के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट, टिहरी की सराहना 

    ऋषिकेश /,  टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल), विद्युत क्षेत्र के अग्रणी  पीएसयू ने उत्तराखंड के टिहरी में 1000 मेगावाट के वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) की पहली इकाई (250 मेगावाट) की सीओडी प्रक्रिया की सफल शुरुआत करने की घोषणा की है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत की अक्षय ऊर्जा यात्रा में विशिष्ट सफलता के रूप में दर्ज हुई है, जिसने टिहरी पीएसपी को किसी भी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) द्वारा निर्मित सबसे बड़ा पंप स्टोरेज प्लांट और देश में पहला वेरिएबल स्पीड पीएसपी के रूप में स्थापित किया है।

    इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री,  मनोहर लाल ने वर्चुअल मोड के माध्यम से टिहरी पीएसपी की प्रथम यूनिट के प्रचालन का आधिकारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर विद्युत क्षेत्र के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे जिनमें पंकज अग्रवाल (आईएएस), सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार; आकाश त्रिपाठी (आईएएस), अपर सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार;  गुरदीप सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनटीपीसी;  आर.के.विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल;  शैलेन्द्र सिंह, निदेशक (कार्मिक), टीएचडीसीआईएल;  भूपेन्द्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी), टीएचडीसीआईएल एवं  सिपन कुमार गर्ग, निदेशक (वित्त), टीएचडीसीआईएल भी उपस्थित रहे ।

    मनोहर लाल,  केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, भारत सरकार ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि टिहरी में भारत के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट की प्रथम यूनिट का सफल प्रचालन केवल टीएचडीसीआईएल की एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक साहसिक कदम है। वेरिएबल स्पीड प्रौद्योगिकी हमें सटीकता के साथ विद्युत प्रवाह का प्रबंधन करने की अनुमति देती है, जिससे हमारा ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र अधिक स्मार्ट और अधिक लचीला बनता है। 

    माननीय मंत्री ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की पूरी टीम, कार्यान्वयन के अन्य भागीदारों तथा  प्रत्येक व्यक्ति को बधाई दी जिन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दिया । 

    विद्युत मंत्रालय के सचिव,  पंकज अग्रवाल ने कमीशनिंग की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि टिहरी में वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट एक अग्रणी विकास है, जो हमारे ग्रिड के लचीलेपन को सुदृढ़ बनाता है। यह अक्षय ऊर्जा की बढ़ती मात्रा को एकीकृत करने और स्वच्छ, विश्वसनीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र की ओर ट्रांसमिशन के हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

    एनटीपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक,  गुरदीप सिंह ने बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जलविद्युत क्षेत्र में भारतीय सार्वजनिक उपक्रमों की उच्च स्तरीय अभियांत्रिकी क्षमताओं को दर्शाती है। पीएसपी की यह उपलब्धि देश भर में भविष्य में निर्मित होने वाले पीएसपी के विकास के लिए एक विशेष मिसाल कायम करेगी। 

    टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक,  आर.के. विश्नोई ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर टिहरी पीएसपी की पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी और कहा कि एक बार पूरी तरह कमीशन हो जाने पर यह परियोजना टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स की क्षमता को 2400 मेगावाट तक बढ़ा देगी, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स बन जाएगा। यह परियोजना ऑफ-पीक अधिशेष ऊर्जा को पीकिंग पावर में परिवर्तित करने, ग्रिड लचीलापन बढ़ाने और चौबीस घंटे विद्युत उपलब्ध कराने में सहयोग देने में सहायक होगी। 

    लचीली पीकिंग पावर और महत्वपूर्ण ग्रिड संतुलन समर्थन प्रदान करने के लिए परिकल्पित की गई टिहरी वेरिएबल स्पीड पीएसपी वैश्विक मंच पर भारत की आंतरायिक नवीकरणीय ऊर्जा का प्रबंधन करने की क्षमता में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप प्रतिनिधित्व करती है। 250 मेगावाट की वेरिएबल स्पीड वाली पंप स्टोरेज हाइड्रोपावर यूनिट, और इसके पावर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंट्रोल सिस्टम जीई वर्नोवा द्वारा आपूर्ति किए गए हैं। जीई वर्नोवा एक वैश्विक ऊर्जा कंपनी है जो हाइड्रोपावर का दोहन करने और विश्वसनीय ऊर्जा समाधान देने के लिए उन्नत तकनीकों का उत्पादन करती है। वर्तमान में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की इक्विटी में एनटीपीसी लिमिटेड और उत्तर प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी है। इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल के कार्यपालक निदेशक (टिहरी कॉम्प्लेक्स)  एल.पी. जोशी, टीएचडीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी और जीई वर्नोवा, एचसीसी और विद्युत क्षेत्र के अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ परियोजना से जुड़े अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

  • ऋषिकेश के राकेश कुमार ने जीती SOG ग्रैंडमास्टर सीरीज,शहर में हुआ सम्मान समारोह

    ऋषिकेश के राकेश कुमार ने जीती SOG ग्रैंडमास्टर सीरीज,शहर में हुआ सम्मान समारोह

    उत्तराखंड : हाल ही में आयोजित SOG ग्रैंडमास्टर्स सीरीज चैम्पियनशिप में ऋषिकेश के राकेश कुमार ने उत्तर और पूर्वी क्षेत्र के लिए इंडियन रम्मी ग्रैंडमास्टर का खिताब अपने नाम किया है। कुमार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि को शहर में एक विशेष समारोह में सम्मानित किया गया, जिसमें ऋषिकेश के मेयर शंभु पासवान भी उपस्थित रहे।

    इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की, जिनमें SOG ग्रैंडमास्टर्स सीरीज के टूर्नामेंट डायरेक्टर गौरव ध्यानचंद, ध्यानचंद फाउंडेशन के अध्यक्ष और हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के पोते तथा पूर्व वायुसेना अधिकारी एवं हॉकी खिलाड़ी डी.पी. रतूड़ी शामिल थे।

    Skillhub Online Games Federation (SOGF) द्वारा आयोजित SOG ग्रैंडमास्टर्स सीरीज ने देशभर से 1,50,000 से अधिक प्रतिभागियों को आकर्षित किया, जिससे यह भारत के सबसे बड़े स्किल-बेस्ड गेमिंग इवेंट्स में से एक बन गया। 29 से 30 अप्रैल तक गुरुग्राम के हयात रीजेंसी में आयोजित इस दो दिवसीय चैम्पियनशिप में शतरंज, दृष्टिबाधितों के लिए शतरंज, और रम्मी जैसी मानसिक खेलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिससे भारत की उभरती प्रतिभा को मंच मिला।

    SOGF को राकेश कुमार की इस सफलता पर गर्व है, जो न केवल क्षेत्र के लिए सम्मान की बात है, बल्कि नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को मानसिक खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने की प्रेरणा भी देती है।

    SOG ग्रैंडमास्टर्स सीरीज को इसकी अभिनव “फिजिटल” (फिजिकल + डिजिटल) अवधारणा के लिए जाना जाता है, जो मानसिक खेलों को अधिक सुलभ और समावेशी बनाती है। यह चैम्पियनशिप स्किल-बेस्ड गेम्स को एक मान्यता प्राप्त प्रतिस्पर्धी क्षेत्र के रूप में विकसित करने की व्यापक पहल का हिस्सा है, जब भारत का खेल उद्योग 2030 तक $130 बिलियन तक पहुंचने की ओर अग्रसर है। इस पहल की शुरुआत अधिवक्ता नंदन झा द्वारा की गई थी, जो SOGF के संस्थापक हैं, और इसमें टेक प्लेटफ़ॉर्म पार्टनर के रूप में रम्मी कल्चर का सहयोग प्राप्त है।

    SOGF के बारे में:
    2023 में स्थापित और नई दिल्ली में मुख्यालय स्थित, Skillhub Online Games Federation (SOGF) एक गैर-सरकारी संगठन है, जो भारत के ईस्पोर्ट्स और प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन गेमिंग समुदाय का प्रमुख प्रतिनिधि निकाय है। यह भारत में ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को प्रोत्साहित और विनियमित करता है और यह देश का पहला ऐसा फेडरेशन है, जो नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट कोड 2011 तथा इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी और इंटरनेशनल पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों का पालन करता है।

    SOG की शुरुआत केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ निदेशक डॉ. संदीप चटर्जी द्वारा की गई थी। यह फेडरेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और युवा विकास के विजन के अनुरूप काम करता है। संगठन ने भारत सरकार के 2023 के आईटी कानूनों के तहत अपनी कार्यकारी संरचना स्थापित की है और इसे ऑनलाइन स्किल गेम्स ओलंपियाड जैसी पहलों के लिए व्यापक पहचान मिली है, जो रम्मी, शतरंज, पोकर और लूडो जैसे स्किल-बेस्ड गेम्स को बढ़ावा देती है।

  • स्वच्छता पखवाड़ा 2025: वीपीएचईपी, पीपलकोटी में स्वच्छता अभियान आयोजित

    स्वच्छता पखवाड़ा 2025: वीपीएचईपी, पीपलकोटी में स्वच्छता अभियान आयोजित

    पीपलकोटी, चमोली | स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) द्वारा कार्यालय परिसर, पीपलकोटी में एक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और स्वच्छ कार्यस्थल की संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा।

    इस अवसर पर परियोजना प्रमुख एवं मुख्य महाप्रबंधक  अजय वर्मा ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्वच्छता अभियान में भाग लिया। उन्होंने कहा, “स्वच्छता न केवल एक अभियान है, बल्कि यह हमारे जीवन की आदत बननी चाहिए। कार्यस्थल की स्वच्छता एक जिम्मेदार संगठन और जागरूक कर्मचारियों का प्रतीक है।”

    इस स्वच्छता अभियान में कई वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए, जिनमें  पी.एस. रावत (अपर महाप्रबंधक, प्रभारी पावर हाउस),  ए.के. श्रीवास्तव (अपर महाप्रबंधक, वित्त एवं लेखा),  बी.एस. पुंडीर (अपर महाप्रबंधक, योजना एवं सुरक्षा),  कमल नौटियाल (उप-महाप्रबंधक, सतर्कता),  वी.डी. भट्ट (वरिष्ठ प्रबंधक, प्रभारी मानव संसाधन एवं प्रशासन), श्री विनय शील (वरिष्ठ प्रबंधक, योजना),  अरविंद कुमार (वरिष्ठ प्रबंधक, वित्त एवं लेखा),  सुमित टम्टा (वरिष्ठ प्रबंधक, सतर्कता), तथा  वाई.एस. चौहान (प्रबंधक, जनसंपर्क) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस पहल के माध्यम से वीपीएचईपी ने स्वच्छ भारत अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दर्शाया और कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक मजबूत किया।

  • टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सियासैंण में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सियासैंण में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

    पीपलकोटी, चमोली | स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) द्वारा सोमवार को सरकारी जूनियर हाई स्कूल, सियासैंण में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विद्यालय अलकनंदापुरम परिसर, वीपीएचईपी के अंतर्गत स्थित है। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना और सतत विकास में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना था।

    इस अवसर पर परियोजना प्रमुख अजय वर्मा एवं के.पी. सिंह, महाप्रबंधक (एस एंड ई/टीबीएम) द्वारा वृक्षारोपण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। दोनों अधिकारियों ने इस प्रकार की हरित पहलों को पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और टीएचडीसीआईएल की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

    इस मौके पर अजय वर्मा, परियोजना प्रमुख (वीपीएचईपी) ने कहा, “स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करने का भी एक माध्यम है। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित वातावरण प्रदान करने की दिशा में योगदान दे रहे हैं। टीएचडीसीआईएल, विशेष रूप से परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में, अपने पर्यावरणीय और सामाजिक दायित्वों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”

    श्री सिंह, महाप्रबंधक (सामाजिक एवं पर्यावरण/टीबीएम) ने कहा, “एक वृक्ष लगाना छोटा कदम जरूर है, लेकिन इसका प्रभाव अत्यंत व्यापक होता है। स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत इस प्रकार की गतिविधियाँ हमारे स्थायित्व प्रयासों का अभिन्न हिस्सा हैं। ये न केवल क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देती हैं, बल्कि कर्मचारियों और युवाओं के बीच पर्यावरणीय मूल्यों को भी सुदृढ़ करती हैं।”इस वृक्षारोपण अभियान में परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित अधिकारियों में पी.एस. रावत (अवर महाप्रबंधक, प्रभारी पावर हाउस), बी.एस. पुंडीर (अवर महाप्रबंधक, योजना एवं सुरक्षा), वी.डी. भट्ट (वरिष्ठ प्रबंधक, प्रभारी मानव संसाधन एवं प्रशासन), ओ.पी. आर्य (उप महाप्रबंधक, सीओ), बलबीर गुसाईं (वरिष्ठ प्रबंधक, डैम) एवं वाई.एस. चौहान (प्रबंधक, जनसंपर्क) भी शामिल रहे।

  • स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

    स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

    ऋषिकेश, । भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट कार्यालय समेत सभी परियोजना स्थलों, इकाइयों एवं कार्यालयों में 16 मई से 31 मई 2025 तक विभिन्न स्वच्छता जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को टीएचडीसी हाईस्कूल, ऋषिकेश में स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय चित्रकला, निबंध एवं नारा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही, मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री आर. के. विश्वोई ने कहा, “स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, यह हमारी सोच और कार्यशैली का प्रतिबिंब है। समाज के हर वर्ग, विशेषकर बच्चों और युवाओं में यदि यह भावना प्रारंभ से ही विकसित की जाए, तो हम एक स्वच्छ, स्वस्थ और जागरूक भारत की दिशा में तेज़ी से अग्रसर हो सकते हैं। आज टीएचडीसी द्वारा विद्यालय में आयोजित रचनात्मक गतिविधियां जैसे चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता इसी दिशा में एक सार्थक पहल हैं। इन प्रयासों के माध्यम से हम भावी पीढ़ी को स्वच्छता के महत्व से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।”

    निदेशक (कार्मिक), शैलेंद्र सिंह ने कहा, “स्वच्छता की भावना जब व्यवहार में उतरती है, तभी उसका वास्तविक प्रभाव दिखाई देता है। आज विद्यालय में आयोजित मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता सत्र न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि स्वच्छता हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रमों से यह सुनिश्चित होता है कि हमारी सोच समावेशी हो और स्वच्छता को हम जीवन का स्थायी हिस्सा बनाएं। टीएचडीसी इस विचार को समाज तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।”

    चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 9 एवं 10, निबंध प्रतियोगिता में कक्षा 7 एवं 8 तथा नारा प्रतियोगिता में कक्षा 5 एवं 6 के कुल 60 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत टीएचडीसी के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. मनोज रांगड़ द्वारा की गई, जिन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व को समझाते हुए अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों, नारों एवं निबंधों ने स्वच्छता के प्रति उनकी सजगता को दर्शाया।

    वहीं, टीएचडीसी हाईस्कूल, ऋषिकेश में मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें कक्षा 6 से 10 तक की लगभग 125 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन टीएचडीसी निरामय की डॉ. मानसी एवं वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. मनोज रांगड़ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान डॉ. मानसी ने छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं, उनके समाधान, स्वच्छता बनाए रखने के उपायों तथा उससे संबंधित मिथकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत स्वच्छता न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह आत्म-सम्मान एवं आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ करती है। 

    कार्यक्रम के उपरांत डॉ. मानसी एवं टीएचडीसी की प्रबंधक श्रीमती अनामिका बुड़ाकोटी द्वारा प्रत्येक छात्रा को दो-दो पैकेट सेनेटरी पैड वितरित किए गए।

    इन कार्यक्रमों में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती गीता कोठियाल, प्रबंधक श्रीमती अनामिका बुडाकोटी, उप प्रबंधक श्रीमती महक शर्मा, सहायक प्रबंधक प्रदीप घिल्डियाल सहित टीएचडीसी तथा विद्यालय के अनेक अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत इस प्रकार के रचनात्मक और जागरूकता परक कार्यक्रमों का आयोजन यह सिद्ध करता है कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की साझी जिम्मेदारी है। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है।

  • एनटीपीसी तपोवन द्वारा तीर्थ यात्रियों के लिए पेयजल सुविधा हेतु 41.60 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान

    एनटीपीसी तपोवन द्वारा तीर्थ यात्रियों के लिए पेयजल सुविधा हेतु 41.60 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान

    जोशीमठ, चमोली – एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना द्वारा श्री बद्रीनाथ धाम एवं श्री हेमकुंड साहिब की तीर्थ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पेयजल व्यवस्था के निर्माण के लिए 52.0 लाख रुपये के सापेक्ष 41.60 लाख रुपये की अग्रिम राशि प्रदान की गई। यह सहयोग राशि जिलाधिकारी चमोली डॉ. संदीप तिवारी की उपस्थिति में पेयजल निर्माण निगम, गोपेश्वर को चेक के माध्यम से सौंपी गई।

    इस अवसर पर एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड परियोजना के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख श्री प्रवीण अनंतराव पांडे ने आशा व्यक्त की कि यह सहयोग राशि निश्चित रूप से तीर्थ यात्रियों को लाभ पहुंचाएगी।

    कार्यक्रम में चमोली के अपर जिलाधिकारी  विवेक प्रकाश, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी  नंदकिशोर जोशी, एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  राजेश बोईपाई एवं आर एंड आर विभाग के उप महाप्रबंधक  डी. एस. गरब्याल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    जिलाधिकारी एवं जल निगम ने एनटीपीसी द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं विकासात्मक कार्यों की प्रशंसा करते हुए परियोजना को धन्यवाद दिया।

  • टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड,पीपलकोटी द्वारा चमोली जनपद में पर्यावरण जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक अभियान प्रारंभ

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड,पीपलकोटी द्वारा चमोली जनपद में पर्यावरण जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक अभियान प्रारंभ

    चमोली ।,: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) द्वारा संचालित विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) के पर्यावरण संवर्धन के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनपद चमोली के विभिन्न क्षेत्रों में आम जनता को पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

    इस कार्यक्रम का शुभारंभ चमोली मुख्य बाजार में  
     के. पी. सिंह (महाप्रबंधक, सामाजिक एवं पर्यावरण/ टीबीएम), वीपीएचईपी द्वारा किया गया। नुक्कड़ नाटकों का मंचन हिमालयन कल्चर समिति, उत्तराखंड द्वारा किया जा रहा है, जो जन-जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय एक सांस्कृतिक संस्था है। इस अभियान के अंतर्गत 30 नुक्कड़ नाटकों के आयोजन की योजना बनाई गई है, जो कि बौला, बिरही, गुनियाला, बेमरु, नौरख, पल्ला-हेलंग, गुलाबकोटी, सलूड जैसे ग्रामीण क्षेत्रों तथा जोशीमठ, पीपलकोटी, गोपेश्वर और चमोली जैसे शहरी क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए  के. पी. सिंह ने कहा, “नुक्कड़ नाटक समाज और पर्यावरण जैसे गंभीर विषयों को आम जनमानस तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से हम विभिन्न आयु वर्गों के लोगों को पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करने का प्रयास कर रहे हैं।”

    इस जनजागरूकता अभियान को स्थानीय नागरिकों का भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है। बद्रीनाथ वन प्रभाग के अधिकारी भी इस कार्यक्रम में सहभागिता निभा रहे हैं। नुक्कड़ नाटकों में वन संरक्षण, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास जैसे विषयों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है।

    इस अवसर पर परियोजना प्रमुख  अजय वर्मा ने कहा, “पर्यावरणीय उत्तरदायित्व टीएचडीसीआईएल के कार्य संस्कार का अभिन्न अंग है। विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि यह पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा देने वाला एक उदाहरण भी है। यह नुक्कड़ नाटक अभियान हमारे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके माध्यम से हम स्थानीय समुदाय को उनके प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहभागी बनाना चाहते हैं।”

    हिमालयन कल्चर समिति के अध्यक्ष  कमल दानू ने इस पहल के लिए धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा कि यह अभियान स्थानीय लोगों में अत्यंत लोकप्रिय हो रहा है और सभी वर्गों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

  • पीएसपी विकास में तीव्रता लाने के लिए विचार-मंथन और नीतिगत संवाद की आवश्यकता – पंकज अग्रवाल

    पीएसपी विकास में तीव्रता लाने के लिए विचार-मंथन और नीतिगत संवाद की आवश्यकता – पंकज अग्रवाल

    स्टोरेज परियोजनाएं: भारत के नवीकरणीय भविष्य को ऊर्जा प्रदान करना” विषय पर स्कोप कॉम्प्लेक्स में विचार-विमर्श सत्र आयोजित

    ऋषिकेश,। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा एनटीपीसी के सहयोग से सीबीआईपी और आईएनसीओएलडी के सहयोग से स्कोप कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में “पंप स्टोरेज परियोजनाएं: भारत के नवीकरणीय भविष्य को ऊर्जा प्रदान करना” पर एक उच्च स्तरीय विचार-विमर्श सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

    इस सत्र में शीर्ष सरकारी अधिकारियों, नीति निर्माताओं, डेवलपर्स, पर्यावरण विशेषज्ञों, नियामकों और सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों सहित 300 से अधिक प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दिन भर चले इस कार्यक्रम में भारत के नवीकरणीय ऊर्जा परिवर्तनकाल का समर्थन करने और 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में पंप स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) की बढ़ती भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सचिव (विद्युत मंत्रालय), भारत सरकार, पंकज अग्रवाल (आईएएस) एवं अपर सचिव (हाइड्रो), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार, आकाश त्रिपाठी (आईएएस) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। सदस्य (हाइड्रो), सीईए एम.जी. गोखले, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनटीपीसी गुरदीप सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल आर.के. विश्नोई, संयुक्त सचिव (हाइड्रो), विद्युत मंत्रालय मोहम्मद अफजल,  निदेशक (तकनीकी), टीएचडीसीआईएल भूपेंद्र गुप्ता,  सचिव, सीबीआईपी ए.के.धिनकर साथ ही भारत के विद्युत क्षेत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    इस कार्यक्रम में चार केंद्रित पैनल चर्चाएँ जिनमें महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया था, जिसमें “पंप स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) के लिए नीति, योजना और विनियामक ढाँचा”, “पीएसपी के विकास में भूवैज्ञानिक, सिविल और भौतिक विचार”, “पर्यावरण और वन मंजूरी ढाँचा- चुनौतियाँ और सुव्यवस्थित करना”, तथा “भारत में पीएसपी के लिए कार्यान्वयन चुनौतियाँ और इसके आगे का सफर” शामिल थे। इन चर्चाओं ने प्रत्येक क्षेत्र के आने वाली जटिलताओं और अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, जिससे नीति निर्माताओं, डेवलपर्स, तकनीकी विशेषज्ञों और पर्यावरण पेशेवरों के मध्य एक उपयोगी संवाद को बढ़ावा मिला।

    श्री अग्रवाल, आईएएस, सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने संबोधन के दौरान इस बात पर जोर दिया कि ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करना तत्काल राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय है और प्रत्येक राज्य को इस प्रयास में सक्रिय रूप से योगदान देना चाहिए। उन्होंने लचीले उत्पादन और लोड शिफ्टिंग पर विशेष ध्यान देने के साथ ग्रिड प्रबंधन के दृष्टिकोण से राज्यों के भीतर उप-क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पीएसपी विकास में तीव्रता लाने के लिए विचार-मंथन और नीतिगत संवाद की आवश्यकता है, जिसमें प्रक्रियागत विलम्ब की समीक्षा करने और प्रक्रियाओं और प्लेटफार्मों को सुव्यवस्थित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, जो आम सहमति बनाने और समन्वित क्षेत्रीय कार्रवाई को सक्षम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

     आकाश त्रिपाठी(आईएएस), अपर सचिव (हाइड्रो), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि इस कार्यशाला की उत्पत्ति पंप स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) के विकास में तेजी लाने हेतु सहयोग करने के लिए प्रासंगिक हितधारकों को एक साथ लाने की आवश्यकता में निहित है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य पीएसपी कार्यान्वयन को तेजी से आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार-मंथन और प्रमुख नीतिगत दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

     एम.जी. गोखले, सदस्य(हाइड्रो) सीईए ने भारत में पंप स्टोरेज परियोजनाओं(पीएसपी) की विशाल क्षमता पर प्रकाश डाला और विश्वसनीय ऊर्जा भंडारण के माध्यम से देश के नेट जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने में पीएसपी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में 1000 मेगावाट के टिहरी पीएसपी के कमीशन होने सहित 2025-26 में लगभग 3 गीगावाट पीएसपी क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है। 

    एनटीपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  गुरदीप सिंह ने बड़े पैमाने पर पंप स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) के शीघ्र कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि सुदृढ़  भंडारण समाधानों के बिना ऊर्जा परिवर्तनकाल सफल नहीं हो सकता है। नवीकरणीय ऊर्जा की आंतरायिक प्रकृति को देखते हुए, उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा और विश्वसनीय ग्रिड प्रबंधन में स्थिर बदलाव के लिए भंडारण क्षमताओं की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को पहचानने एवं धरातल पर परियोजनाओं के शीघ्र एवं अधिक कुशल निष्पादन को सुनिश्चित करने के तरीकों की खोज करने पर होना चाहिए।

    टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  आर.के. विश्नोई ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और इस बात पर जोर दिया कि कार्यशाला का उद्देश्य पंप स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) के विकास पर विचार-विमर्श करना है। उन्होंने कहा कि ध्यान बाधाओं की पहचान करने और धरातल के स्तर पर परियोजनाओं के शीघ्र और अधिक कुशल निष्पादन को सुनिश्चित करने के तरीकों की खोज करने पर होगा। श्री विश्नोई ने परिचालन के विभिन्न पहलुओं में ऑटोमेशन के दायरे और निर्बाध प्रचालन सुनिश्चित करने के साथ दक्षता बढ़े इस पर भी जोर दिया।

    सीबीआईपी के सचिव  ए के धिनकर ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और प्रतिष्ठित पैनलिस्ट को उनकी भागीदारी और योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक लचीले और सतत  भविष्य के निर्माण में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में पंप स्टोरेज परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के महत्व पर प्रकाश डाला। 

    पहली पैनल चर्चा “पीएसपी के लिए नीति, योजना और नियामक ढांचे” विषय पर केंद्रित थी, जिसका संचालन विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव (हाइड्रो) श्री मोहम्मद अफजल ने किया। पैनल में श्री भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) शामिल थे, जिन्होंने वर्तमान नीति व्यवस्था के तहत पीएसपी विकास पर डेवलपर के दृष्टिकोण पर विचार-विमर्श किया। 

    सीईए, एनटीपीसी, टीएचडीसी, एनएचपीसी, आरईसी/पीएफसी, एसजेवीएन, नीपको, सीडब्ल्यूसी, यूपीजेवीएनएल, ग्रीनको ग्रुप, जीएसआई, सीएसएमआरएस, महाजेनको, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, एपीजेनको, अडानी ग्रुप, ओएचपीसी, टाटा पावर और आईआईटी रुड़की जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों ने पीएसपी योजना और निष्पादन में चुनौतियों पर काबू पाने के लिए केस स्टडी, सर्वोत्तम अभ्यास और अभिनव रणनीतियों को साझा किया। 

    विचार-विमर्श में सुव्यवस्थित नीति समर्थन, शीघ्र मंजूरी तंत्र, सुदृढ वित्तपोषण विकल्प और भारत भर में पीएसपी कार्यान्वयन को बढ़ाने के लिए केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के मध्य सुदृढ़ सहयोग की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। सत्र का समापन सीईए द्वारा एक व्यापक सारांश और टीएचडीसी द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। 

    उल्लेखनीय रूप से, एनटीपीसी की सहायक कंपनी टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड भी उत्तराखंड के टिहरी में 1000 मेगावाट क्षमता के भारत के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट को चालू करने के अंतिम चरण में है |

  • वीपीएचईपी, पीपलकोटी में अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर स्वास्थ्य शिविर एवं श्रम अधिकार कार्यशाला का आयोजन

    वीपीएचईपी, पीपलकोटी में अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर स्वास्थ्य शिविर एवं श्रम अधिकार कार्यशाला का आयोजन

    पीपलकोटी, चमोली | अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) द्वारा श्रमिकों के हित में एकदिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में श्रमिकों के स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

    इस अवसर पर मानव संसाधन एवं प्रशासन विभाग (HR&A), वीपीएचईपी द्वारा एक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें परियोजना के निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. निकिता शर्मा (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी) के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम द्वारा रक्तचाप, शुगर, सामान्य रोगों की जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं।

    स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ श्री अजय वर्मा (परियोजना प्रमुख, वीपीएचईपी) ने स्वयं रक्तचाप जांच कराकर किया। उन्होंने इस अवसर पर सभी श्रमिकों को मज़दूर दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा:

    “मज़दूर दिवस हमें उन हाथों की अहमियत याद दिलाता है, जो परियोजना की नींव मजबूत करते हैं। वीपीएचईपी की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके स्वास्थ्य और अधिकारों की रक्षा हेतु टीएचडीसीआईएल सदैव प्रतिबद्ध है।”

    इसके साथ ही सतर्कता विभाग, पीपलकोटी द्वारा एक श्रम अधिकार कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें श्रमिकों को भारत के श्रम कानूनों, उनके अधिकारों तथा सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यशाला को श्री कमल नौटियाल (उप महाप्रबंधक, सतर्कता) एवं श्री सुमित टम्टा (वरिष्ठ प्रबंधक, सतर्कता) ने संबोधित किया। उन्होंने प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से श्रमिकों को बताया कि किस प्रकार श्रम कानून उनके हितों की रक्षा करते हैं और उन्हें एक सुरक्षित एवं गरिमामय कार्य वातावरण प्रदान करते हैं।

    इस अवसर पर परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी  पी.एस. रावत (अपर महाप्रबंधक प्रभारी, पावर हाउस),  बी.एस. पुंडीर (अपर महाप्रबंधक, योजना एवं सुरक्षा),  आर.एस. मखलोगा (उप महाप्रबंधक प्रभारी, यांत्रिक),  वी.डी. भट्ट (वरिष्ठ प्रबंधक प्रभारी, HR&A),  एस.सी. भट्ट (उप महाप्रबंधक, गुणवत्ता नियंत्रण),  बी.सी. चौधरी (उप महाप्रबंधक, गुणवत्ता नियंत्रण),  अनिल भट्ट (उप महाप्रबंधक, टीबीएम),  दिनेश ओसवाल (उप महाप्रबंधक, टीबीएम) एवं  अविनाश कुमार (सहायक प्रबंधक, जनसंपर्क/मा.सं. एवं प्रशा.) उपस्थित रहे।

    परियोजना स्तर पर इस तरह के आयोजन श्रमिकों के प्रति टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जो न केवल कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि उन्हें एक स्वस्थ एवं जागरूक जीवन की दिशा में भी प्रेरित करता है।

  • टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स एक सतत विद्युत भविष्य की ओर देश की प्रगति में प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित – आर.के.विश्नोई

    टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स एक सतत विद्युत भविष्य की ओर देश की प्रगति में प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित – आर.के.विश्नोई

    टीएचडीसीआईएल ने देश के प्रथम 1000 मेगावाट वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट की प्रथम इकाई को पंप कंडेंसर मोड में सिंक्रोनाइज़ करके ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की

    ऋषिकेश, । आर. के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल ने अवगत कराया कि टीएचडीसीआईएल ने टिहरी में देश के प्रथम वेरिएबल स्पीड 1000 मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) के सफल कमीशनिंग की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही इसकी प्रथम यूनिट (250 मेगावाट) को पंप कंडेनसर मोड में भारतीय ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज़ किया गया। पंप कंडेनसर सिंक्रोनाइज़ेशन 23 अप्रैल, 2025 को किया गया, जिसके फलस्‍वरूप देश के नवीकरणीय विद्युत बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। सिंक्रोनाइज़ेशन के दौरान, यूनिट का प्रचालन संतोषजनक रहा और लगभग 10 मिनट के भीतर लगभग 4 मेगावाट, 13.6 एमवीएआर की सफलतापूर्वक खपत की गई। 

    श्री विश्नोई ने इस असाधारण उपलब्धि के लिए पीएसपी की टीम को हार्दिक बधाई देते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि यह एक नया मानक है, जो देश के सबसे बड़े जल विद्युत काम्‍पलेक्‍स, टिहरी जल विद्युत काम्‍पलेक्‍स को 2,400 मेगावाट की कुल संस्थापित क्षमता के साथ पूर्ण परिचालन के परिधि में ले जाएगा।

    श्री विश्नोई ने आगे कहा कि यह उपलब्धि भारत के अक्षय ऊर्जा बुनियादी ढांचे को सुदृढ़  करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उपलब्धि टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स को एक सतत और लचीले विद्युत भविष्य की ओर देश की प्रगति में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करती है। टिहरी पीएसपी लाखों उपभोक्ताओं को एक सतत और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए अधिशेष ऑफ-पीक विद्युत को पीकिंग पावर में परिवर्तित करके उत्तरी ग्रिड को संतुलित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्‍य रूप से उच्च मांग के समय 1000 मेगावाट की कुल क्षमता के साथ, इस संयंत्र को ग्रिड को महत्वपूर्ण पीकिंग पावर सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 

     शैलेन्‍द्र सिंह, निदेशक (कार्मिक), टीएचडीसीआईएल द्वारा इस असाधारण उपलब्धि के लिए टिहरी पीएसपी टीम की हार्दिक सराहना की गई | उन्‍होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि देश की नवीकरणीय विद्युत यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो सतत समाधानों को आगे बढ़ाने और देश के स्वच्छ विद्युत वितरण का समर्थन करने में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका को सुदृढ़ बनाती है। 

     भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी), ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए टिहरी पीएसपी टीम को बधाई दी और टीम के समर्पण और अभिनव दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश में जलविद्युत परियोजनाओं के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया गया है। श्री गुप्ता ने कहा कि यह सफल समन्वय न केवल टीएचडीसी के लिए, बल्कि देश के संपूर्ण नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। टिहरी पीएसपी हमारी प्रौ‍द्योगिकी कौशल और अत्याधुनिक तकनीकों के साथ देश की स्वच्छ विद्युत महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने के हमारे संकल्प को दर्शाता है।

     सिपन कुमार गर्ग, निदेशक (वित्त), टीएचडीसीआईएल ने 1000 मेगावाट के टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की प्रथम इकाई को पंप कंडेंसर मोड में सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज़ करने पर टिहरी पीएसपी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की विद्युत के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में इस परियोजना के रणनीतिक महत्व को दर्शाती है और सतत एवं लचीले विद्युत समाधानों के लिए हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है। 

    इस विशेष अवसर पर   एल.पी. जोशी, कार्यपालक निदेशक (टिहरी कॉम्प्लेक्स),  ए.आर. गैरोला, मुख्‍य महाप्रबंधक/ईआईसी(पीएसपी),  एस.के. साहू, अपर महाप्रबंधक/प्रभारी(ईएम एंड एचएम पीएसपी), टीएचडीसीआईएल तथा मेसर्स जीईपीआईएल, टीएचडीसीआईएल सलाहकार मेसर्स ट्रैक्टबेल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।