Category: UTTARAKHAND

  • विगत वर्षां में उ0प्र0 विधान सभा ने पूरे देश में संसदीय कार्य प्रणाली की नजीर प्रस्तुत की – मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ

    विगत वर्षां में उ0प्र0 विधान सभा ने पूरे देश में संसदीय कार्य प्रणाली की नजीर प्रस्तुत की – मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ

    सर्वदलीय बैठक सम्पन्न : विधान सभा अध्यक्ष ने विधान सभा सत्र के सुचारु संचालन के लिए सभी दलों से सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया

    मुख्यमंत्री ने विधान भवन के प्रवेश द्वार के नवीनीकृत गुम्बद और नवीनीकृत अतिविशिष्ट जलपान गृह एवं विधान सभा के नवीनीकृत सभा मण्डप तथा नवीनीकृत सभाकक्ष संख्या 15 का लोकार्पण किया

    लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधान सभा सत्र के सुचारु संचालन के लिए सभी दलों से सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया है। आज यहां विधान भवन में आहूत एक सर्वदलीय बैठक में उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही सदन चलता है। सकारात्मक वातावरण में तार्किक, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण संवाद से जनसमस्याओं का सार्थक समाधान किया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का परसेप्शन देश और दुनिया में बदला है। मुख्यमंत्री की प्रेरणा व सहयोग से विधान सभा में नवाचार किए जा रहे हैं। ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेन्ट प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री तथा नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल 11 अगस्त, 2025 से उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के वर्ष 2025 के द्वितीय सत्र का शुभारम्भ होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान सभा प्रदेश के समग्र विकास की धुरी है। विगत वर्षां में विधान सभा ने पूरे देश में संसदीय कार्य प्रणाली की नजीर प्रस्तुत की है। इससे लोकतंत्र मजबूत हुआ है। सदन स्वस्थ चर्चा-परिचर्चा के लिए जाना जा रहा है। यह कार्य दलीय नेताओं के सहयोग से सम्भव हुआ है।
    विधान सभा अध्यक्ष के नेतृत्व में विधान सभा में नवाचार की श्रृंखला शुरू हुई है। सदन में डिजिटाइजेशन, गैलरी के सुन्दरीकरण, हॉल के नवीनीकरण जैसे विभिन्न कार्य किये गये हैं। यह कार्य देश के लिए अनुकरणीय बने हैं। विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के स्पीकर, संसदीय कार्य मंत्री आदि सम्मानितजन इन नवाचारों को देखने आते हैं। यह हमारे लिए गौरव की बात है।
    मुख्यमंत्री ने सत्र के सुचारु संचालन में सत्ता पक्ष के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सदन की उच्च गरिमा और मर्यादा को बनाए रखते हुए गम्भीर चर्चा को आगे बढ़ाने से लोकतंत्र के प्रति आमजन की आस्था बढ़ती है। प्रदेश सरकार राज्य के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय परम्पराओं का पालन करते हुए सभी सदस्यों को अपने सुझावों एवं मुद्दों को सदन में रखना चाहिए। विधान सभा में सकारात्मक माहौल में चर्चा होनी चाहिए।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण एवं सतत विकास को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेन्ट तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है। इस सत्र में सदस्यगण ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेन्ट की कार्ययोजना के सम्बन्ध में आगामी 13 अगस्त से 24 घण्टे के लिए सकारात्मक चर्चा को आगे बढ़ाएं। यह सार्थक परिचर्चा देश व प्रदेश की प्रगति का माध्यम बनेगी और उत्तर प्रदेश विधान सभा देश में राज्य की एक नई छवि प्रस्तुत कर पाएगी। यह किसी पार्टी विशेष का नहीं, बल्कि राज्य का एजेण्डा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य इस विजन डॉक्यूमेन्ट को आगामी तीन माह में तैयार करने का है। राज्य सरकार ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेन्ट को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करने का कार्य करेगी। विजन डॉक्यूमेन्ट के दृष्टिगत आम जनता के विचारों को जानने के लिए क्यू0आर0 कोड जारी किया जा रहा है। यह क्यू0आर0 कोड विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए जाएंगे।
    इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने विधान भवन के प्रवेश द्वार के नवीनीकृत गुम्बद और नवीनीकृत अतिविशिष्ट जलपान गृह एवं विधान सभा के नवीनीकृत सभा मण्डप तथा नवीनीकृत सभाकक्ष संख्या 15 का लोकार्पण किया।
    संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि पक्ष एवं विपक्ष के सहयोग से ही सदन को सुचारु रूप से चलाया जा सकता है। सभी दलों ने सदन की कार्यवाही के निर्बाध संचालन में सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। यह एक अच्छी परम्परा है। सदस्यगण सदन में अपने क्षेत्र से सम्बन्धित मुद्दां को रखते हैं, लेकिन इस विजन डॉक्यूमेन्ट के माध्यम से वह पूरे प्रदेश के समग्र विकास की बात रख सकेंगे। इस अवसर पर मत्स्य मंत्री संजय निषाद भी उपस्थित थे। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष समाजवादी पार्टी के माता प्रसाद पाण्डेय, अपना दल (सोनेलाल) के राम निवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल की श्रीमती मिथिलेश पाल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजभर, निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के रमेश सिंह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना‘, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह तथा बहुजन समाज पार्टी के उमाशंकर सिंह ने अपने-अपने दलों की ओर से पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

  • वीपीएचईपी, पीपलकोटी में टीएचडीसी द्वारा बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल आयोजित, बाढ़ आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का परीक्षण

    वीपीएचईपी, पीपलकोटी में टीएचडीसी द्वारा बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल आयोजित, बाढ़ आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का परीक्षण

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के लिए अपने कर्मचारियों, श्रमिकों और समस्त हितधारकों की सुरक्षा सर्वोपरि -अजय वर्मा

    पीपलकोटी / टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा अपनी निर्माणाधीन 444 मेगावाट विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) में आज एक बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास परियोजना की पावरहाउस सुरंग में किया गया, जिसका उद्देश्य हाल ही में स्थापित प्रारंभिक बाढ़ चेतावनी प्रणाली (ईएफडब्ल्यूएस) की कार्यक्षमता का परीक्षण करना और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों को परखना था। यह मॉक ड्रिल सुबह 11:10 बजे के आसपास प्रारंभ हुई, जिसमें सुरंग के अंदर बाढ़ जैसी स्थिति का सजीव चित्रण किया गया। इस दौरान सुरंग में कार्य कर रहे श्रमिकों को टीआरटी एडिट मार्ग से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    इस अभ्यास में सीआईएसएफ (25 कार्मिक), एनडीआरएफ (25), एसडीआरएफ (7), डीडीआरएफ (7), स्थानीय पुलिस (2), टीएचडीसी कर्मचारी (15), एचसीसी (5) और परियोजना के सुरक्षा एवं चिकित्सा विभागों की सक्रिय भागीदारी रही।

    मॉक ड्रिल के दौरान क्षेत्र का घेराव, खोज, बचाव, निकासी तथा चिकित्सा सहायता जैसी सभी गतिविधियाँ सुचारु रूप से क्रियान्वित की गईं। संचार प्रणाली और सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता की सफलतापूर्वक जाँच की गई। एडिट प्रवेश द्वार पर रखे गए हेड काउंट सिस्टम का मिलान एसेम्बली प्वाइंट पर कर सत्यापन किया गया।

    इस अभ्यास का पर्यवेक्षण परियोजना प्रमुख  अजय वर्मा (मुख्य महाप्रबंधक, परियोजना),  पी.एस. रावत (अपर महाप्रबंधक, पावरहाउस), तथा  बी.एस. पुंडीर (अपर महाप्रबंधक, नियोजन एवं सुरक्षा) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया। मॉक ड्रिल का समन्वयन परियोजना के सुरक्षा विभाग द्वारा किया गया, जिसमें श्री पी.एन. ममगाईं (उप प्रबंधक, सुरक्षा) एवं  पंकज भट्ट (फील्ड ऑफिसर, सुरक्षा) ने प्रमुख भूमिका निभाई।

    अभ्यास के उपरांत सीआईएसएफ के उप कमांडेंट  विश्वनाथ अवूति ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मॉक ड्रिल के उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही एनडीआरएफ टीम ने उपस्थित कर्मचारियों को प्राथमिक बचाव उपकरणों एवं तत्कालीन प्रतिक्रिया तकनीकों के बारे में जागरूक किया।

    यह मॉक ड्रिल उस महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत 9 जुलाई 2025 को परियोजना प्रमुख श्री वर्मा द्वारा प्रारंभिक बाढ़ चेतावनी प्रणाली के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया गया था।

    परियोजना प्रमुख  अजय वर्मा अपने वक्तव्य कहा कि “टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के लिए अपने कर्मचारियों, श्रमिकों और समस्त हितधारकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। यह मॉक ड्रिल इस बात का प्रमाण है कि हम किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह से सजग और तैयार हैं। ईएफडब्ल्यूएस की स्थापना और आज की बहु-एजेंसी ड्रिल हमारी पूर्व-सक्रिय सोच और सुरक्षित कार्य वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हम लगातार अपनी सुरक्षा प्रणालियों, बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बेहतर बना रहे हैं ताकि परियोजना स्थल पर कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति किसी भी संकट की स्थिति में सुरक्षित, जागरूक और सक्षम बना रहे। हमारे लिए सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संस्कृति, जिम्मेदारी और संकल्प है।”

  • विष्णुगाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना ने मनाया टीएचडीसी का 38वां स्थापना दिवस

    विष्णुगाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना ने मनाया टीएचडीसी का 38वां स्थापना दिवस

    कर्मचारियों के अथक परिश्रम एवं समर्पण से ही टीएचडीसीआईएल ने ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है – के.पी. सिंह

    चमोली। विष्णुगाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) यूनिट, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने बड़े उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ टीएचडीसीआईएल का 38वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर के.पी. सिंह (महाप्रबंधक, टीबीएम/सामाजिक एवं पर्यावरण) ने मुख्य अतिथि के रूप में परियोजना परिसर में ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारम्भ किया।

    कार्यक्रम में टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  आर.के. विश्नोई ने निगम मुख्यालय ऋषिकेश से सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लाइव वीडियो प्रसारण के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने अपने संदेश में टीम वर्क के महत्व को रेखांकित किया और कंपनी की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया ताकि निगम नई ऊँचाइयों को छू सके।

    मुख्य अतिथि  के.पी. सिंह ने भी वीपीएचईपी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी कर्मचारियों के अथक परिश्रम एवं समर्पण से ही टीएचडीसीआईएल ने ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कर्मचारियों को आपसी सहयोग और समर्पित भावना से कार्य करते रहने हेतु प्रेरित किया।कार्यक्रम के दौरान सरस्वती विद्या मंदिर, पीपलकोटी एवं सरस्वती शिशु मंदिर, मायापुरी के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। टीएचडीसीआईएल प्रबंधन, पीपलकोटी ने विद्यार्थियों एवं उनके गुरुजनों को सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की।

  • स्थापना दिवस : टीएचडीसीआईएल के उपलब्धियों का उत्सव समर्पण, एकता और राष्ट्र विकास की भावना का प्रतिबिंब – आर. के. विश्नोई

    स्थापना दिवस : टीएचडीसीआईएल के उपलब्धियों का उत्सव समर्पण, एकता और राष्ट्र विकास की भावना का प्रतिबिंब – आर. के. विश्नोई

    टीएचडीसीआईएल ने राष्ट्र निर्माण और ऊर्जा उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के साथ 38वां स्थापना दिवस मनाया

    ऋषिकेश, । टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, विद्युत क्षेत्र का अग्रणी सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) ने ऋषिकेश स्थित अपने कॉर्पोरेट कार्यालय और देश भर की सभी परियोजनाओं और इकाई कार्यालयों में बड़े उत्साह और गौरव के साथ अपना 38वां स्थापना दिवस मनाया। यह  अवसर न केवल 1988 में अपनी स्थापना के बाद से संगठन की शानदार यात्रा में एक और वर्ष का प्रतीक रहा, बल्कि ऐतिहासिक उपलब्धियों के वर्ष के रूप में भी चिह्नित किया, जिसने टीएचडीसीआईएल के ऊर्जा पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण रूप से विस्तार किया और सततता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया साथ ही जिससे भारत के भविष्य को ऊर्जा प्रदान करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि हुई है।

    स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  आर. के. विश्नोई द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके बाद  विश्नोई ने  श्री शैलेन्द्र सिंह, निदेशक (कार्मिक),  भूपेंद्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) एवं  सिपन कुमार गर्ग, निदेशक(वित्त) के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलन किया। टीएचडीसीआईएल के स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन ऋषिकेश स्थित रसमंजरी हॉल में किया गया जिसमें कर्मचारियों एवं उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अपने प्रेरक संबोधन में,  विश्नोई ने टीएचडीसीआईएल की 38 वर्षों की परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डाला और हाल ही में उत्तराखंड के टिहरी में 1000 मेगावाट के वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) की पहली और दूसरी यूनिटों(प्रत्येक 250 मेगावाट) के कमीशन होने की सराहना की, जिसमें भारत की पहली वेरिएबल स्पीड टरबाइन है एवं किसी भी सीपीएसई द्वारा अपनी तरह का सबसे बड़ा पीएसपी है। ये उपलब्धियां भारत के विद्युत क्षेत्र में ग्रिड लचीलेपन, नवीकरणीय एकीकरण और ऊर्जा स्थिरता की दिशा में एक बडे कदम का प्रतीक है।

     विश्नोई ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 1320 मेगावाट की खुर्जा सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-1 (660 मेगावाट) के कमीशन होने पर भी प्रकाश डाला, जिसे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने राष्ट्र को समर्पित किया। यह उपलब्धि टीएचडीसीआईएल के ताप विद्युत क्षेत्र में रणनीतिक विस्तार, इसके ऊर्जा पोर्टफोलियो में और विविधता लाने और देश की बढ़ती विद्युत मांगों को पूरा करने की इसकी प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है।

    उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्थापना दिवस न केवल अपनी विरासत का उत्सव है, बल्कि यह भारत की नेट-ज़ीरो प्रतिबद्धताओं, ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों और राष्ट्र निर्माण की आकांक्षाओं के अनुरूप एक अग्रणी ऊर्जा संगठन बनने के टीएचडीसीआईएल के रणनीतिक दृष्टिकोण की पुष्टि करने का भी अवसर है।

     विश्नोई ने आगे कहा कि यह स्थापना दिवस न केवल उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि टीएचडीसीआईएल के समर्पण, एकता और राष्ट्र विकास की भावना का भी प्रतिबिंब है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि टीएचडीसीआईएल की प्रत्येक उपलब्धि के पीछे प्रेरक मानव शक्ति हैं साथ ही उन्होने कंपनी की उत्कृष्टता की खोज में निरंतर सहयोग के लिए सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों की हार्दिक सराहना की।

    उन्‍होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी संगठन की सफलता उसके शीर्ष प्रबंधन की दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता में निहित होती है, और इस संदर्भ में टीएचडीसीआईएल के निदेशक मंडल की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। श्री विश्नोई ने यह स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि हाल ही में संगठन द्वारा प्राप्त असाधारण उपलब्धियों के पीछे सभी निदेशकों का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने निदेशक (कार्मिक), निदेशक (तकनीकी) तथा निदेशक (वित्त) के समर्पित प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की, जिनके कुशल नेतृत्व और रणनीतिक मार्गदर्शन से टीएचडीसीआईएल  की निरंतर प्रगति और रूपांतरण संभव हो सका है। समारोह के एक भाग के रूप में, संगठन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन, शैक्षणिक प्रदर्शन एवं आयोजित प्रतियोगिताओं के लिए विभिन्न पुरस्कारों के माध्यम से कर्मचारियों और उनके परिवारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जो टीएचडीसीआईएल परिवार की एकता और प्रतिभा का प्रतीक थे।

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के 38वें स्थापना दिवस समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में, टीएचडीसीआईएल के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डी.वी. सिंह को प्रतिष्ठित नमन पुरस्कार प्रदान किया गया, जो उनके दूरदर्शी नेतृत्व और संगठन के विकास के प्रति आजीवन समर्पण को सम्मानित करता है, जबकि  नीरज वर्मा, कार्यपालक निदेशक (प्रभारी),  ए.के. घिल्डियाल, कार्यपालक निदेशक (एपीपी);  अजय वर्मा, मुख्य महाप्रबंधक (वीपीएचईपी),  अजय कुमार गर्ग, मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) एवं डॉ. ए.एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन-प्रशासन एवं कॉर्पोरेट संचार) को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया।

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा 38वें स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन और समर्पण के लिए विशिष्ट कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यपालक श्रेणी में  अशुतोष कुमार आनंद, उप महाप्रबंधक,  सम्राट मुखर्जी,  राकेश बंसल,  मयंक बाजपेयी, सुश्री नयन रतूडी, प्रबंधक, बलवंत सिंह एवं प्रकाश कुमार साहू, उप प्रबंधक, तथा  मयंक चौहान,सहायक प्रबंधक को उनके विशिष्ट योगदान के लिए श्रेष्ठ कर्मचारी सम्मान प्रदान किया गया। पर्यवेक्षक श्रेणी में  त्रिवेणी सिंह घनाता, कनिष्ठ कार्यपालक एवं योगेश चंद्र जोशी, कनिष्ठ अभियंता को उनके समर्पित कार्य और सराहनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया तथा कामगार श्रेणी में सुदर्शन बिस्वाल, उप अधिकारी, रोहितास सिंह, हेल्पर एवं  दीपक शाह, सहायक को उनके निरंतर परिश्रम, लगन और प्रतिबद्धता के लिए श्रेष्ठ कर्मचारी सम्मान से नवाज़ा गया।

  • टीएचडीसीआईएल एचआरडी केंद्र को एसएचआरएम इंडिया द्वारा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का गौरव प्राप्त

    टीएचडीसीआईएल एचआरडी केंद्र को एसएचआरएम इंडिया द्वारा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का गौरव प्राप्त

    यह सम्मान कंपनी की प्रतिभा विकास एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण – आर. के. विश्नोई

    यह पुरस्कार मानव पूंजी विकास के क्षेत्र में टीएचडीसीआईएल की अग्रणी यात्रा का एक और स्वर्णिम अध्याय है – शैलेन्द्र सिंह

    ऋषिकेश, : भारत सरकार के विद्युत क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, अपने मानव संसाधन विकास केंद्र, ऋषिकेश को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में प्रतिष्ठित एसएचआरएम इंडिया (सोसाइटी फॉर ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट) द्वारा प्रमाणित कर लिया है। यह गौरवपूर्ण मान्यता, टीएचडीसीआईएल के एचआरडी केंद्र को सार्वजनिक क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थानों की पंक्ति में शामिल करती है, जिसमें आईओसीएल एवं एचपीसीएल जैसे प्रमुख उपक्रम भी शामिल हैं।

    टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  आर. के. विश्नोई ने इस उपलब्धि पर एचआर टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान कंपनी की प्रतिभा विकास एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हमारे कर्मचारी मानव संसाधन नीतियाँ एवं पहल, विशेषकर एचआरडी केंद्र, ज्ञान, नवाचार एवं परिवर्तन के प्रमुख स्रोत के रूप में निरंतर कार्य कर रहे हैं। यह मान्यता भविष्य के लिए तैयार, प्रशिक्षित कर्मचारी विकसित करने की हमारी दूरदर्शिता को रेखांकित करती है।

     विश्नोई ने आगे कहा कि एसएचआरएम-पीएसई बेंचमार्किंग पहल के अंतर्गत प्राप्त यह प्रमाणपत्र टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह केंद्र, सार्वजनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थानों की अग्रिम पंक्ति में स्थान प्राप्त कर चुका है, जो वैश्विक मानकों पर आधारित शिक्षण प्रणालियों और कर्मचारी-हितैषी प्रक्रियाओं को अपनाने की हमारी रणनीति को सशक्त बनाता है।

    उन्होंने बताया कि इस मान्यता के लिए अंतरराष्ट्रीय मापदंडों पर आधारित विस्तृत मूल्यांकन प्रक्रिया के अंतर्गत, कंपनी की नीतियों की समीक्षा, प्रशिक्षण प्रतिक्रिया, एसओपी, सुरक्षा प्रोटोकॉल, उपस्थिति ऑडिट के साथ-साथ अधोसंरचना निरीक्षण और नेतृत्व, संकाय व कर्मचारियों से गहन संवाद सम्मिलित थे। यह मील का पत्थर टीएचडीसीआईएल की संगठन के सभी स्तरों पर क्षमता विकास, उत्कृष्टता और राष्ट्र की “विकसित भारत 2047” की परिकल्पना में योगदान की संकल्पबद्धता को दर्शाता है।

    टीएचडीसीआईएल के निदेशक (कार्मिक) शैलेन्द्र सिंह ने इस विशिष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए, कंपनी द्वारा निरंतर अधिगम और व्यावसायिक विकास पर केंद्रित दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार मानव पूंजी विकास के क्षेत्र में टीएचडीसीआईएल की अग्रणी यात्रा का एक और स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि कठोर अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन मानदंडों के अनुरूप एचआरडी केंद्र को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में प्राप्त मान्यता, वैश्विक स्तर की प्रशिक्षण, डिजिटल क्षमता एवं व्यावसायिक लक्ष्यों के साथ रणनीतिक समन्वय में हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    श्री सिंह ने कहा कि टीएचडीसीआईएल के लिए मानव संसाधन केवल नीतियों और प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के बारे में है। हमारी सोच सदैव कर्मचारी केंद्रित रही है — जिसमें प्रतिभा पोषण, समावेशिता, सतत अधिगम और ऐसा वातावरण तैयार करना शामिल है जहां प्रत्येक व्यक्ति फलता-फूलता है और संगठन की प्रगति में सक्रिय योगदान देता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि हमारा एचआरडी केंद्र केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि रणनीतिक परिवर्तन का संवाहक है। यह मान्यता प्रमाणित करती है कि हम अपने मानवबल को अत्याधुनिक ज्ञान और कौशल से लैस करने हेतु संकल्पित हैं, ताकि वे आज के प्रतिस्पर्धात्मक और परिवर्तनशील व्यावसायिक परिदृश्य में सशक्त योगदान दे सकें। यह उपलब्धि टीएचडीसीआईएल को नवाचार आधारित, शिक्षा केंद्रित संगठन के रूप में और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

    इस अवसर पर निशीथ उपाध्याय, कार्यकारी निदेशक (नॉलेज एवं एडवाइजरी सर्विसेज), एसएचआरएम इंडिया तथा निशांत पराशर, वरिष्ठ प्रबंधक, एसएचआरएम इंडिया द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस समारोह में टीएचडीसीआईएल के मुख्य महाप्रबन्‍धक (एचआर-प्रशासन, केंद्रीय संचार एवं एचआरडी) डॉ. ए. एन. त्रिपाठी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

    टीएचडीसीआईएल का एचआरडी केंद्र आज ज्ञान और क्षमता निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है, जो न केवल कंपनी के कर्मचारियों के लिए, अपितु अन्य केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों और अग्रणी बहुराष्ट्रीय निजी संस्थानों के लिए भी विश्वस्तरीय अधिगम अवसंरचना और संसाधन उपलब्ध करवा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस केंद्र ने लगभग ₹90 लाख का प्रशिक्षण राजस्व अर्जित किया, जो इसे व्यावसायिक विकास के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड अब कई महत्वपूर्ण सुधारों और भविष्य-दृष्टि पहल के साथ नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है और आने वाले वर्ष में ₹2 करोड़ प्रशिक्षण राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। साथ ही, केंद्र अब अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों एवं वैश्विक संस्थानों तक अपनी सेवाएं विस्तारित करने की दिशा में भी तैयार है, जिससे यह वैश्विक स्तर का अधिगम और मानव संसाधन उत्कृष्टता केंद्र बनने की दिशा में सुदृढ़ता से अग्रसर रहेगा।

  • टीएचडीसीआईएल ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

    टीएचडीसीआईएल ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

    ऋषिकेश, भारत की नवीकरणीय ऊर्जा के बुनियादी ढांचे की महत्वपूर्ण प्रगति में, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ने उत्तराखंड के टिहरी में 1000 मेगावाट के वैरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) की दूसरी यूनिट(250 मेगावाट) के लिए सीओडी प्रक्रिया की सफल शुरुआत की घोषणा की।

    टिहरी पीएसपी का यह विकास भारत की जलविद्युत क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है क्योंकि टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट न केवल देश की पहली वैरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज सुविधा है, बल्कि किसी भी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम द्वारा कार्यान्वित अपनी तरह की सबसे बड़ी सुविधा भी है। प्रथम यूनिट जून, 2025 से पहले से ही सफलतापूर्वक प्रचालित हो रही है, दूसरी इकाई की सीओडी प्रक्रिया का प्रारंभ,  एक तकनीकी रूप से उन्नत एवं ग्रिड- संतुलन हेतु स्वच्छ ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ता प्रदान करने में टीएचडीसीआईएल के नेतृत्व को और महत्वपूर्ण बनाता है। 

    इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सचिव  पंकज अग्रवाल (आईएएस) उपस्थित थे, जिन्होंने विद्युत मंत्रालय के अपर सचिव श्री आकाश त्रिपाठी (आईएएस), विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव  मोहम्मद अफजल, एनटीपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक   गुरदीप सिंह, टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  आर. के. विश्नोई, निदेशक (कार्मिक)  शैलेन्द्र सिंह, निदेशक(तकनीकी)  भूपेन्द्र गुप्ता एवं निदेशक (वित्त) श्री सिपन कुमार गर्ग की विशिष्ट उपस्थिति में वर्चुअल मोड के माध्यम से दूसरी इकाई के प्रचालन की आधिकारिक शुरुआत की। 

    विद्युत मंत्रालय के सचिव  पंकज अग्रवाल (आईएएस) ने समारोह को संबोधित करते हुए दूसरी यूनिट की वाणिज्यिक संचालन तिथि (COD) प्रक्रिया के शुभारंभ की सराहना की । उन्होंने माननीय विद्युत तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की ओर से टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ परियोजना से जुड़ी अनुबंध एजेंसियों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्युत मंत्रालय को इस उपलब्धि पर गर्व है, जो पूरी टीम की प्रतिबद्धता और तकनीकी उत्कृष्टता को दर्शाता है। श्री अग्रवाल ने इस बात की भी सराहना की कि टीएचडीसीआईएल ने न केवल भारत में उन्नत पम्प स्टोरेज तकनीक विकसित की है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में पूरे प्रोजेक्ट को निष्पादित करने की चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाई है।

    एनटीपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक,  गुरदीप सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए टीएचडीसीआईएल की टीम को बधाई दी और इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि 4 जून को पहली यूनिट के सफल COD संचालन के बाद 4 जुलाई को दूसरी यूनिट का संचालन, टीएचडीसीआईएल टीम की सतत प्रगति और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने टीम से इस गति को बनाए रखने का आग्रह किया और आशा व्यक्त की कि सतत प्रयासों सें अल्प समय में एक और मील का पत्थर भी हासिल कर लिया जाएगा।

    टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  आर. के. विश्नोई ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि को हासिल करने के लिए किए गए अथक प्रयासों के लिए पूरी टीएचडीसीआईएल टीम और कार्यान्वयन एजेंसियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।  विश्नोई ने कहा कि टिहरी पीएसपी में दूसरी यूनिट की सीओडी प्रक्रिया का प्रारंभ न केवल टीएचडीसीआईएल द्वारा एक अत्याधुनिक तकनीकी सफलता का प्रतीक है, बल्कि भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में एक दृढ़ कदम का भी संकेत देता है। 250 मेगावाट की चार रिवर्सिबल यूनिटों के साथ, टिहरी पीएसपी 1000 मेगावाट स्वच्छ पीकिंग विद्युत का उत्पादन करने का अनूठा लाभ प्रदान करता है, जो विद्युत प्रणाली की  विश्वसनीयता और ग्रिड स्थिरीकरण की महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करता है। श्री विश्नोई ने कहा कि  टिहरी पीएसपी की सभी चार यूनिटों के कमीशन होने पर, टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स 2400 मेगावाट विद्युत का उत्पादन करेगा, जो भारत का सबसे बड़ा जल विद्युत काम्पलैक्स बन जाएगा। 

     शैलेंद्र सिंह, निदेशक(कार्मिक) ने टीम पीएसपी, टिहरी के अटूट समर्पण और सहयोग की सराहना की और इस उपलब्धि का श्रेय टीएचडीसीआईएल की मानव शक्ति के सामूहिक प्रयास  को दिया।  सिंह ने कहा कि टिहरी पीएसपी आंतरायिक नवीकरणीय ऊर्जा को संतुलित करने और जीवाश्म ईंधन आधारित पीकिंग पावर पर निर्भरता को कम करने के लिए एक स्मार्ट समाधान प्रदान करता है। यह अग्रणी दृष्टिकोण इस बात का उदाहरण है कि अत्याधुनिक जल विद्युत समाधान राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को कैसे शक्ति प्रदान कर सकते हैं

    निदेशक(तकनीकी)  भूपेंद्र गुप्ता ने टीम पीएसपी, टिहरी को अपनी हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि टीएचडीसीआईएल की सुदृढ़ तकनीकी दक्षता और सतत ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जैसे-जैसे देश अपनी नेट जीरो प्रतिबद्धताओं के साथ आगे बढ़ता है, टीएचडीसीआईएल देश के विकसित ऊर्जा परिदृश्य और स्थिर लक्ष्यों में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। 

    निदेशक(वित्त)  सिपन कुमार गर्ग ने इस उपलब्धि को हासिल करने में टीम टीएचडीसीआईएल के समर्पण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1000 मेगावाट का यह संयंत्र परिचालन लचीलापन प्रदान करेगा और ग्रिड स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान देगा, जिससे अंततः दीर्घकालिक राजस्व की प्राप्ति एवं तकनीकी लचीलापन सुनिश्चित होगा। 

    प्रमुख वैरियबल स्पीड टर्बाइन, जनरेटर और उन्नत डिजिटल नियंत्रण प्रणाली जीई वर्नोवा द्वारा आपूर्ति की गई है, जो ऊर्जा नवाचार में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है। जीई वर्नोवा के योगदान ने टीएचडीसीआईएल को उच्च-निष्पादन समाधानों को एकीकृत करने में सक्षम बनाया है जो भारत में जलविद्युत उत्कृष्टता के लिए नए मानक स्थापित करते हैं। 

    इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल के कार्यपालक निदेशक(टिहरी कॉम्प्लेक्स)  एल.पी. जोशी, कार्यपालक निदेशक(प्रभारी एनसीआर)  नीरज वर्मा के साथ-साथ टीएचडीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी और जीई वर्नोवा, एचसीसी तथा विद्युत क्षेत्र के अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ  परियोजना संघ के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।  टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की इक्विटी में एनटीपीसी तथा उत्तर प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी है। 

  • एनटीपीसी तपोवन में कार्यकारी निदेशक प्रवीण पांडे को भावभीनी विदाई

    एनटीपीसी तपोवन में कार्यकारी निदेशक प्रवीण पांडे को भावभीनी विदाई

    तपोवन (उत्तराखंड), एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख  प्रवीण अनंतराव पांडे को उनकी सेवानिवृत्ति पर एक भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर परियोजना परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित होकर श्री पांडे के योगदान के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। श्री पांडे ने 09 सितंबर 1986 को बतौर प्रशिक्षु कार्यपालक ईओसी नोएडा से एनटीपीसी में अपनी सेवाएं आरंभ की थीं। कंपनी में अपने 38 वर्षों से अधिक के कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए संगठन को सशक्त नेतृत्व प्रदान किया। 30 जून 2025 को वे एनटीपीसी से सेवा निवृत्त हुए।

    इस अवसर पर उनके साथ अपर महाप्रबंधक  सी.डी. तिवारी एवं उप महाप्रबंधक  राजेश अग्रवाल भी सेवानिवृत्त हुए। अभिनंदन समारोह में एनटीपीसी हाइड्रो रीजन के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक श्री गौतम देब तथा रीजनल एचआर हेड श्री एस.पी. दुबे ने भी उपस्थित होकर तीनों अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दीं और उनके समर्पण व सेवा भाव की सराहना की।

    अगले दिन, 1 जुलाई 2025 को सीआईएसएफ यूनिट एनटीपीसी तपोवन की ओर से भी एक विशेष विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर यूनिट कमांडर, सहायक कमांडेंट  लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने सभा को संबोधित करते हुए संयंत्र की सुरक्षा में  पांडे के सहयोग और सामंजस्यपूर्ण नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने सीआईएसएफ और एनटीपीसी के बीच उत्कृष्ट तालमेल बनाए रखने के लिए श्री पांडे को धन्यवाद दिया। समारोह के दौरान भावनात्मक वातावरण के बीच सभी ने श्री पांडे एवं अन्य सेवानिवृत्त अधिकारियों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • टीएचडीसी विद्युत उत्पादन में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के माध्यम से ऊर्जा समाधानों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है – आर. के. विश्नोई

    टीएचडीसी विद्युत उत्पादन में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के माध्यम से ऊर्जा समाधानों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है – आर. के. विश्नोई

    टीएचडीसीआईएल ने भारत के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट से उत्पादित होने वाली विद्युत में से 184 मेगावाट स्वच्छ विद्युत के लिए गुजरात सरकार के साथ समझौता ज्ञापन और पीपीए पर हस्ताक्षर किए

    ऋषिकेश, । भारत के अक्षय ऊर्जा परिदृश्य के ऐतिहासिक विकास के क्रम में, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने उत्तराखंड में टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट से उत्पादित 184.08 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति के लिए गुजरात सरकार और गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन और विद्युत क्रय समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए।

    समझौते का उद्देश्य गुजरात की पीक-ऑवर विद्युत मांग को पूरा करना एवं  ग्रिड में अक्षय ऊर्जा (आरई) के बड़े पैमाने पर एकीकरण को सक्षम बनाना है। 25 जून, 2025 को आयोजित हुआ  हस्ताक्षर समारोह गुजरात सरकार के वित्त, ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स मंत्री कनुभाई देसाई, गुजरात सरकार के अपर मुख्य सचिव एस.जे. हैदर,  अनुपम आनंद, प्रबंध निदेशक, गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड, सुश्री भक्ति शैमल, संयुक्त सचिव, गुजरात सरकार,  आर. के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल, सिपन कुमार गर्ग, निदेशक(वित्त), टीएचडीसीआईएल एवं  के. पी. जांगिड़, निदेशक (वित्त), गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। 

    इस अवसर पर  विश्नोई ने कहा कि यह समझौता अभिनव जलविद्युत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है। भारत के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट के साथ, हम गुजरात राज्य को उसकी गतिशील पीक-ऑवर आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक विश्वसनीय और हरित ऊर्जा समाधान प्रदान कर रहे हैं। टिहरी पीएसपी टीएचडीसीआईएल की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और सतत ऊर्जा भविष्य के दृष्टिकोण का प्रमाण है। टीएचडीसीआईएल विद्युत उत्पादन में अभिनव और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सतत ऊर्जा समाधानों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। टीएचडीसीआईएल का ध्यान विश्वसनीयता, लचीलेपन और भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का समर्थन करने पर बना हुआ है।

    इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल के निदेशक(वित्त),  सिपन कुमार गर्ग ने कहा कि यह टीएचडीसीआईएल का अभिनव और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। संगठन ऐसी दूरदर्शी पहलों के माध्यम से सतत विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    यह समझौता ज्ञापन और पीपीए भारत सरकार की उस दृष्टि के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य पंप्ड स्टोरेज तकनीक को लचीले ऊर्जा उत्पादन और ग्रिड संतुलन के एक विश्वसनीय समाधान के रूप में बढ़ावा देना है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ रही है और मांग की प्रवृति भी बदल रही है। इस अवसर पर  सौरव नंदी, महाप्रबंधक(वित्त), जीयूवीएनएल,  आर. के. वर्मा, अपर महाप्रबंधक, टीएचडीसीआईएल,  अजय वैश, उप महाप्रबंधक, टीएचडीसीआईएल एवं गुजरात सरकार तथा गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में उत्साह और जोश के साथ मनाया गया 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

    टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में उत्साह और जोश के साथ मनाया गया 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

    ऋषिकेश, ।: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, एक प्रमुख मिनी रत्न, विद्युत उत्पादक उपक्रम के कॉर्पोरेट कार्यालय, ऋषिकेश में आज 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में कर्मचारियों और उनके परिवारों की सक्रिय भागीदारी रही, जो समग्र कल्याण और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए निगम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    इस अवसर पर, टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक,  आर. के. विश्नोई ने वर्तमान समय में मनुष्य के व्यस्त जीवन शैली में योग की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “योग हमारी प्राचीन भारतीय परंपरा का एक अमूल्य उपहार है, शारीरिक जीवन शक्ति और मानसिक स्वास्थ्य दोनों का विकास करने के लिए सबसे शक्तिशाली और विश्वसनीय साधनों में से एक के रूप में विकसित हुआ है। यह आधुनिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आंतरिक शक्ति, अनुशासन और लचीलापन प्रदान करता है।” 

    इस कार्यक्रम का उद्घाटन, कॉर्पोरेट कार्यालय, ऋषिकेश के सामुदायिक केंद्र में टीएचडीसीआईएल के निदेशक (कार्मिक), श्री शैलेन्द्र सिंह, एवं निदेशक (तकनीकी), श्री भूपेंद्र गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में  सिंह ने  प्रधानमंत्री,  नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की, जिनके प्रयासों के कारण ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा की गई और योग को अंतर्राष्ट्रीय महत्व प्राप्त हुआ। श्री सिंह ने कहा कि “आज, योग सीमाओं को पार कर गया है और एक सार्वभौमिक अभ्यास बन गया है, जिससे शरीर, मन और आत्मा में सामंजस्य लाने की क्षमता के लिए दुनिया भर में लाखों लोगों ने अपनाया है।” समारोह में भारत स्वाभिमान न्यास समूह द्वारा संचालित एक निर्देशित योग सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने लचीलेपन, आंतरिक शांति और मानसिक शांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न आसन, प्राणायाम और श्वास तकनीकों का अभ्यास किया। टीएचडीसीआईएल परिवार के सदस्यों द्वारा विशेष योग-मुद्रा की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को एक सुंदर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाया। इस अवसर पर संदीप सिंघल, कार्यपालक निदेशक (तकनीकी), डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन एवं प्रशासन तथा सीसी) एवं  टीएचडीसीआईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। टीएचडीसीआईएल की सभी परियोजनाओं एवं इकाई कार्यालयों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

  • विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

    विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

    पीपलकोटी, चमोली | 21 जून 2025: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” की वैश्विक थीम के अंतर्गत योग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना प्रमुख एवं मुख्य महा प्रबंधक अजय वर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। उनके साथ के.पी. सिंह, महा प्रबंधक (टीबीएम/एस एंड ई) तथा योग प्रशिक्षक राकेश कुमार भी उपस्थित थे।

    इस अवसर पर कुल 49 अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग के मूल सिद्धांतों को आत्मसात किया। योग सत्र का संचालन राकेश कुमार द्वारा कॉमन योगा प्रोटोकॉल के अनुरूप किया गया, जिसमें विभिन्न योग आसनों, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों को सम्मिलित किया गया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय वर्मा ने कहा: “योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन का एक समग्र दृष्टिकोण है जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ता है। योग का नियमित अभ्यास न केवल एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है, बल्कि यह तनाव प्रबंधन और कार्यस्थल एवं निजी जीवन में एकाग्रता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होता है।”

    इस अवसर पर वीपीएचईपी इकाई के निम्न वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे एवं उन्होंने सक्रिय भागीदारी की: आर.पी. मिश्रा, अपर महा प्रबंधक (प्रभारी, डैम)  संजय ममगाईं, अपर महा प्रबंधक (एचएम) ए.के. श्रीवास्तव, अपर महा प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) एस.पी. डोभाल, अपर महा प्रबंधक (पावर हाउस) बी.सी. चौधरी, उप महा प्रबंधक (क्वालिटी कंट्रोल) गृधारी लाल, उप महा प्रबंधक (डैम) ओ.पी. आर्य, उप महा प्रबंधक (सीओ/बी एंड आर) अनिल नौटियाल, उप महा प्रबंधक (एचएम)  वी.डी. भट्ट, वरिष्ठ प्रबंधक (प्रभारी, मानव संसाधन एवं प्रशासन) कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का सफल और सार्थक आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया गया।