सोनभद्र। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत आवासों का निर्माण तय समय सीमा में पूरा कराया जाए और पात्र लाभार्थियों को भुगतान समय से मिले।बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के नाम पर कोई बिचौलिया लाभार्थियों से धन की मांग करता पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
आवास निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा आवश्यक होने पर वेतन रोकने के निर्देश दिए। लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारित करने और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
समीक्षा बैठक में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति भी जांची गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाकर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने भी विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। इस दौरान जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज राय, जिला पंचायत राज अधिकारी नामित शरण, डीसी मनरेगा रवींद्र वीर सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सोनभद्र। करीब 3 वर्ष 11 माह पूर्व 10 वर्षीय नाबालिग बालक के साथ हुए अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दोषी को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी विजय उर्फ टीपू साहनी (27) को 20 वर्ष की कठोर कैद तथा 35 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी तथा अर्थदंड की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़ित को दिए जाएंगे।अभियोजन के अनुसार 21 मार्च 2022 को थाना चोपन क्षेत्र के निवासी पीड़ित के पिता ने तहरीर देकर बताया था कि 20 मार्च 2022 की शाम आरोपी ने उनके 10 वर्षीय पुत्र को चने के खेत में बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बालक ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, अप्राकृतिक दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने आठ गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ताओं ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने यह निर्णय सुनाया।
सोनभद्र। पिपरी थाना क्षेत्र के चकेलवा कुंडा भाटी बेलवादह में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। रास्ता न होने के कारण एक परिवार ट्यूब के सहारे डैम पार कर रहा था, तभी ट्यूब से फिसलकर एक महिला और मासूम बच्ची गहरे पानी में डूब गईं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।जानकारी के अनुसार राहुल (उम्र 25 वर्ष) अपनी पत्नी उषा (उम्र 24 वर्ष) और भतीजी रिंकी के साथ ट्यूब पर बैठकर नदी पार कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से उषा और रिंकी ट्यूब से फिसलकर पानी में गिर गईं और डूब गईं। राहुल किसी तरह बाहर निकल आया और शोर मचाकर आसपास के लोगों को जानकारी दी।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ की टीम सुबह से ही दोनों की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन करीब 12 घंटे बीत जाने के बाद भी दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवागमन का उचित रास्ता नहीं होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर ट्यूब के सहारे डैम पार करने को मजबूर हैं। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव में मातम का माहौल है।
– रासलीला के दूसरे दिन पूतना वध के लीला का हुआ सजीव मंचन
सोनभद्र। जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित श्री रामलीला मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्री कृष्ण रासलीला के दूसरे दिन कंस द्वारा श्री कृष्ण को ढूंढने और उन्हें मारने के लिए भेजे गए राक्षसों के वध का मंचन किया गया। इस दौरान पूतना के वध के मंचन के दौरान श्री कृष्ण द्वारा किए गए वध पर पंडाल में जय श्री कृष्णा के जय घोष गूंजे।
इस दौरान बड़ी संख्या में नगर वासी वृंदावन से पहुंचे कलाकारों की रासलीला देखने के लिए पहुंचे।
इस अवसर पर संयोजक राम प्रसाद यादव ने बताया कि दूसरे दिन की शुरुआत श्री राधे कृष्ण के आरती पूजन के साथ की गई, जिसके बाद नंद के घर भगवान की बचपन की अठखेलियों का दृश्य दिखाया गया।
मंचन में आगे की प्रस्तुति में दिखाया गया कि कंस को नहीं पता चल पा रहा था कि उसके काल के रूप में पैदा हुए श्री कृष्ण कहा हैं, जिस पर उसने पूतना को नवजन्मे बच्चों को मारने के लिए भेजा।
इस दौरान जब ढूंढते ढूंढते पूतना श्री कृष्ण के घर पहुंची तो उसने चुपके से श्री कृष्ण को उठाया और अपना विषैला दूध पिलाकर उनको मारने का प्रयास करने लगी, लेकिन भगवान श्री कृष्ण ने दूध के साथ-साथ पूतना के प्राण भी खींच लिए। मंचन की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को शुरू से अंत तक पंडाल में रोके रखा। कार्यक्रम में पधारे स्थानीय प्रतिष्ठित स्व.जंगी लाल परीवार सदस्य संजीव गुप्ता आरटीओ प्रयागराज ने विधि विधान से ठाकुर जी का आरती पूजन किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति के संरक्षक जितेंद्र सिंह, रामप्रसाद यादव, कृष्ण मुरारी गुप्ता अध्यक्ष सचिन गुप्ता, महामंत्री धीरज जलान, कोषाध्यक्ष बचाऊ पांडे, संजीव गुप्ता,
सौरभ यादव, उमेश यादव, अमरेश पटेल,राघवेंद्र नारायण, विमल चौबे, राकेश गुप्ता, धर्मेश विजय कानोड़िया, अशोक श्रीवास्तव, संदीप चौरसिया, हर्ष केशरी, धर्मेश सिंह खरवार, दिलकरन सिंह, सुनील श्रीवास्तव, मिठाई लाल सोनी, राजेश सोनी, शिवकुमार सोनकर, सरजू प्रसाद सहित अन्य लोगों उपस्थित रहे।
“वैश्विक हिंदी परिवार के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ राष्ट्रीय साहित्यिक गरिमा का विशिष्ट आयोजन”
सोनभद्र।वैश्विक हिंदी परिवार के तत्वावधान में समकालीन हिंदी कविता के चर्चित काव्य-संग्रह “विदा होती बेटियाँ” के तृतीय संस्करण का लोकार्पण, परिचर्चा एवं काव्य-पाठ समारोह साहित्य अकादमी, रवींद्र भवन, मंडी हाउस, नई दिल्ली में अत्यंत गरिमामय एवं भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल कविता, समाज एवं मानवीय संवेदना के मध्य एक सार्थक एवं गहन संवाद का सशक्त मंच सिद्ध हुआ, जहाँ साहित्यिक संवेदना, बौद्धिक विमर्श एवं आत्मीय अभिव्यक्ति का सुंदर संगम दिखाई दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद मिश्र — अपर निजी सचिव, भारत के राष्ट्रपति; पूर्व महाप्रबंधक (राजभाषा), एनटीपीसी लिमिटेड; पूर्व कुल सचिव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा तथा पूर्व महासचिव, विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस — ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वंदना झा, अध्यक्ष, भारतीय भाषा केंद्र, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) उपस्थित रहीं। विशिष्ट सानिध्य प्रदान किया अनिल जोशी, अध्यक्ष, वैश्विक हिंदी परिवार; पूर्व उपाध्यक्ष, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा ने। कार्यक्रम में विद्वत सहभागिता रही प्रोफेसर प्रीति सागर, डीन, भाषा विद्यापीठ, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि “विदा होती बेटियाँ” केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि हमारे समय की संवेदनात्मक चेतना का सशक्त अभिलेख है। उन्होंने संग्रह की मार्मिक पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए कहा —
“कभी सोचा कहाँ था / एक दिन ऐसा होगा
जब सब कुछ होगा मेरे पास / और तुम नहीं होगी माँ।”
यह अभिव्यक्ति आधुनिक जीवन की उस गहरी विडंबना को उजागर करती है, जहाँ उपलब्धियों की चमक के मध्य रिश्तों की अनुपस्थिति सबसे बड़ी पीड़ा बन जाती है। उन्होंने आगे कहा —
“सबसे कठिन है / कठोर वक़्त में / ख़ुद को सरल बनाए रखना।”
यह पंक्ति आज के समाज के लिए एक गहन मानवीय संदेश है।
मुख्य अतिथि डॉ. वंदना झा ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. ओम प्रकाश का यह काव्य-संग्रह समकालीन हिंदी कविता में स्त्री-संवेदना, पारिवारिक संरचना एवं सामाजिक चेतना का अत्यंत संतुलित एवं परिपक्व उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह कृति स्त्री-विमर्श को किसी घोषणात्मक आग्रह या वैचारिक नारे के रूप में नहीं, बल्कि जीवन के यथार्थ एवं मानवीय अनुभव की गहराई से प्रस्तुत करती है।
उन्होंने संग्रह की चर्चित पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए कहा —
“विदा होती बेटियाँ / कभी-कभी /
हमेशा के लिए भी / विदा हो जाती हैं।”
ये पंक्तियाँ स्त्री जीवन की उस मौन पीड़ा को स्वर देती हैं, जो सामाजिक संरचनाओं के भीतर अक्सर अनकही रह जाती है।
अनिल जोशी जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. ओम प्रकाश की कविताएँ समकालीन हिंदी कविता में संवेदना, करुणा एवं सामाजिक आत्ममंथन का अत्यंत सशक्त दस्तावेज़ हैं। उन्होंने कहा कि यह कृति कविता को जीवन, समाज एवं मानवीय मूल्यों से गहराई से जोड़ती है।
कुमार अनुपम — सुप्रसिद्ध साहित्यकार, साहित्य अकादमी — ने कहा कि “विदा होती बेटियाँ” समकालीन हिंदी कविता में मानवीय संवेदना की अत्यंत प्रामाणिक एवं प्रभावकारी अभिव्यक्ति है।
डॉ. अलका सिन्हा, सुप्रसिद्ध लेखिका ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा:
“‘विदा होती बेटियाँ’ की कविताएँ जीवन की आंतरिक ऊष्मा, रिश्तों की गहरी स्मृतियों तथा मानवीय करुणा से निर्मित हैं। इन कविताओं में अनुभव की सच्चाई एवं भाव की प्रामाणिकता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। विशेषकर माँ और पिता पर लिखी कविताएँ पाठक के अंतर्मन को अत्यंत आत्मीय एवं मार्मिक ढंग से स्पर्श करती हैं।”
प्रोफेसर सारिका कालरा, प्राध्यापक , लेडी श्रीराम कॉलेज ने अपने उद्बोधन में कहा:
“यह काव्य-संग्रह आधुनिक समाज की संवेदनात्मक संरचना, बदलते पारिवारिक समीकरणों तथा भावनात्मक विडंबनाओं का अत्यंत प्रभावकारी काव्य-चित्र प्रस्तुत करता है। डॉ. ओम प्रकाश की कविताएँ पाठक को केवल भावुक नहीं करतीं, बल्कि उसे भीतर से विचारशील एवं आत्मसंवादी बनाती हैं। ‘विदा होती बेटियाँ’ समकालीन हिंदी कविता में संवेदना का एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर है।”
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट वक्ताओं एवं विद्वानों — प्रोफेसर बीर पाल सिंह यादव, प्रोफेसर धीरेंद्र बहादुर सिंह, प्रोफेसर पदम परिहार, प्रोफेसर संजय सेठ, डॉ. अजीत मिश्र, डॉ. अविनाश पाठक, डॉ. नलिन विकास, डॉ. रुचिता सहाय सहित अन्य शिक्षाविदों एवं साहित्यकारों — ने एक स्वर में कहा कि यह काव्य-संग्रह समकालीन हिंदी कविता में संवेदना, करुणा एवं सामाजिक यथार्थ का संतुलित एवं प्रभावकारी काव्य-दस्तावेज़ है।
कार्यक्रम के दौरान संग्रह की चर्चित पंक्तियाँ —
“मैं छुपाता हूँ अपने भीतर प्यार
ताकि घनघोर अँधेरे को
तुम्हारी चौखट का सूरज बना सकूँ।”
ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया।
कवि डॉ. ओम प्रकाश ने अपने वक्तव्य में कहा:
“‘विदा होती बेटियाँ’ मेरे लिए केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों, रिश्तों की स्मृतियों एवं मानवीय संवेदनाओं से निकला एक गहन आत्म-संवाद है। इस संग्रह की कविताएँ उन भावनात्मक क्षणों, सामाजिक यथार्थों तथा अंतर्मन की अनुभूतियों से निर्मित हैं, जिन्हें हम अपने दैनिक जीवन की व्यस्तताओं में अक्सर अनदेखा कर देते हैं।
विशेष अतिथि तनवीर हसन, वरिष्ठ पूर्व रेल अधिकारी ने कहा कि, इन कविताओं में माँ का स्नेह है, पिता का मौन संघर्ष है, बेटियों की विदाई का करुण आलोक है, और आधुनिक जीवन की संवेदनात्मक विडंबनाओं का साक्षात्कार है। यह संग्रह किसी वैचारिक आग्रह का नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर शेष बची करुणा, प्रेम एवं आत्मीयता को बचाए रखने का एक विनम्र प्रयास है।
प्रोफेसर परितोष मणि ने अपने उद्बोधन में कहा कि,
मेरी दृष्टि में कविता का मूल उद्देश्य केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि मनुष्य को उसकी संवेदनात्मक जड़ों से जोड़ना है। यदि ये कविताएँ पाठक के भीतर स्मृति, आत्मबोध एवं संवेदना का कोई स्पंदन उत्पन्न कर सकें, तो यही इस कृति की सार्थकता होगी।”
कार्यक्रम के दौरान सुश्री संस्कृति केशरी सहित विभिन्न सुधी वक्ताओं द्वारा काव्य-पाठ प्रस्तुत किया गया, जिसने आयोजन को अत्यंत आत्मीय एवं भावपूर्ण आयाम प्रदान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अर्चना त्रिपाठी, सुप्रसिद्ध लेखिका एवं प्राध्यापक, जीसस एंड मेरी कॉलेज ने किया। आयोजन का संयोजन विनयशील चतुर्वेदी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन शिव कुमार निगम, संयुक्त सचिव , भारत सरकार ने प्रस्तुत किया।
हिंडालको रेनुसागर में वैल्यूज मन्थ के तहत कैनवास बाल क्रिकेट मैच का आयोजन
अनपरासोनभद्र। हिंडालको रेनुसागर के तत्वावधान में चल रहे वैल्यूज मन्थ कार्यक्रमों की श्रृंखला में यूनिट हेड आर. पी. सिंह के मार्गदर्शन में आदित्य बिड़ला इंटरमीडिएट कॉलेज, रेनुसागर के प्रांगण में देर शाम को हुये कैनवास बाल क्रिकेट मैच में दिशिता महिला मंडल रेनुसागर की टीम ने एक तरफा मुकाबले में रेनुसागर रॉयल्स की टीम को 15 रन से पराजित कर ट्राफी पर कब्जा किया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि हिंडालको रेनुसागर के यूनिट हेड आर पी सिंह विशिष्ट अतिथि हेड संचालन मनीष जैन एवं हेड एच आर आशीष पांडेय ने टॉस कराकर मैच का शुभारंभ किया।
रेनुसागर रॉयल्स की टीम ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का निर्णय लिया। बैटिंग करने आई दिशिता महिला मंडल रेनुसागर की टीम ने दिशिता महिला मंडल रेनुसागर की वरिष्ठ सदस्या इंदु सिंह के मार्गदर्शन में कप्तान विभा सिंह के नेतृत्व में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए सुजाता पांडेय ने तीन चौके जड़ कर अपनी टीम के लिये 19 रन का योगदान दिया वही सुप्रिया ने चार चौके की मदद से 18 रन एवं निर्मल के 12 रन की बदौलत निर्धारित 10 ओबर में टीम ने 3 विकेट खोकर 84 रन बनाने का लक्ष्य दिया।वही रेनुसागर रॉयल्स की टीम ने शानदार गेंदबाजी करते हुये सलोनी पाल,अलका एवं मीना साहू ने अपने टीम के लिये एक-एक विकेट चटकाये। जबाब में उतरी रेनुसागर रॉयल्स की टीम ने कप्तान पूजा कुमारी के नेतृत्व में रोमांचक खेल का प्रदर्शन करते हुये सलोनी पाल ने बेहतरीन बैटिंग करते हुये तीन छक्के एवं 4 चौके की सराहनीय सहयोग से अपने टीम के लिये 36 रन बनायी वही अनन्या पांडेय के दो चौके की योगदान से 13 रन के बदौलत टीम ने निर्धारित 10 ओबर में दो विकेट के पतन पर मात्र 69 रन ही बना पायी।वही दिशिता महिला मंडल रेनुसागर टीम के ममता साहू के शानदार क्षेत्ररक्षण एवं निर्मल तथा वैष्णवी कार्तिक के गेंदबाजी ने अपने टीम के लिये 1-1 विकेट चटकाए।इस अवसर पर हिंडालको रेनुसागर के वरिष्ठ अधिकारी दीपक पांडेय,नवींद्र पाठक,मनीष सिंह,ब्रजेश कुमार बर्मा सहित भारी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।कार्यक्रम को सफल बनाने में रोहित सक्सेना,अलिंद तिवारी,राजेश राय,सदानन्द पांडेय,देवेन्द्र राय एवं ऋतम्बरा राजावत का सराहनीय सहयोग रहा।मैच का आँखों देखा हाल सदानन्द पांडेय एवं अनुराग तोमर ने संयुक्त रूप से सुनाया।कार्यक्रम के अंत में रोहित सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में एनसीएल की सार्थक पहल
सिगंरौली,महिला स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एनसीएल ने सोमवार को एनसीएल ने अवंतीबाई स्वयं सहायता समूह, पीपरखड़ के साथ एमओयू किया। इस एमओयू के तहत एनसीएल द्वारा निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत सिंगरौली एवं सोनभद्र के 28 विद्यालयों में तीन वर्ष की अवधि तक ‘पाखी’ सैनिटरी पैड की नि: शुल्क नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा। एनसीएल की इस पहल से लगभग 8,000 छात्राओं को मासिक धर्म स्वच्छता का लाभ मिलेगा एवं स्थानीय महिलाओं को रोजगार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के अवसर मिलेंगे। उल्लेखनीय है कि ग्राम पीपरखड़ स्थित ‘पाखी’ सैनिटरी पैड निर्माण इकाई की स्थापना एनसीएल झिंगुरदा द्वारा आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी के सहयोग से की गई है। इस इकाई का संचालन आजीविका मिशन के अंतर्गत अवंती बाई स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं, जहाँ उन्हें सेनेटरी पैड बनाने का प्रशिक्षण के साथ मासिक धर्म एवं उससे जुड़े मिथ्यो के प्रति जागरूक किया जाता है । इस केन्द्र के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त हो रहे हैं
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज विकास खण्ड अन्तर्गत ग्राम पंचायत पकरी में मण्डलायुक्त ने चौपाल में प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन (शौचालय निर्माण) एवं विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद किया । उन्होंने लाभार्थियों से पूछा कि उन्हें आवास, शौचालय एवं पेंशन की धनराशि समय से प्राप्त हो रही है या नहीं तथा किसी प्रकार की समस्या तो नहीं है।
ग्रामीणों ने योजनाओं से मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी दी, जिस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र व्यक्तियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लाभान्वित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की शिकायत का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त ग्राम में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति तथा विद्युत आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने ग्रामीणों से जलापूर्ति की नियमितता, पाइपलाइन की कार्य स्थिति एवं बिजली आपूर्ति के संबंध में जानकारी ली, उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है, जिसके लिए निरंतर निगरानी एवं जनसंवाद आवश्यक है। इस मौके पर जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया सहित सम्बन्धित अधिकारी गण एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहें।
बीजपुर/सोनभद्र। एनटीपीसी रिहंद में नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत 16 से 17 फरवरी 2026 तक आयोजित 02 दिवसीय ग्रामीण खेल सम्मेलन का भव्य शुभारंभ 16 फरवरी 2026 को सोनशक्ति स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संजय असाटी, मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रमुख (रिहंद) द्वारा किया गया।इस ग्रामीण खेल सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बच्चों के बीच खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करना तथा उनमें आपसी सौहार्द, अनुशासन और टीम भावना का विकास करना है। ग्रामीण खेल सम्मेलन 2026 के अंतर्गत पारंपरिक एवं लोकप्रिय ग्रामीण खेलों की विविध प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं, जिनमें बालक एवं बालिका वर्ग हेतु कबड्डी, खो-खो विभिन्न दौड़ स्पर्धाएँ, लॉन्ग जंप तथा रिले रेस शामिल हैं। मुख्य अतिथि संजय असाटी ने एनटीपीसी रिहंद के सीएसआर के अंतर्गत ऐसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जहाँ वे अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ग्रामीण खेल सम्मेलन ग्रामीण युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर सिद्ध होगा, जिससे वे अपने हुनर को निखारकर भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल जनसमुदाय के समग्र विकास को बढ़ावा देने हेतु एनटीपीसी रिहंद की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस कार्यक्रम में कुल 23 विद्यालयों के 800 से ज्यादा प्रतिभाशाली खिलाड़ी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं, जिनका उद्देश्य खेल के प्रति अपने कौशल और समर्पण का प्रदर्शन करना है।ग्रामीण खेल सम्मेलन के मंच के माध्यम से एनटीपीसी रिहंद अपने सीएसआर उद्देश्यों के अनुरूप समग्र विकास को प्रोत्साहित करने तथा खेल के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर संकल्पित है।
करमा, सोनभद्र। स्थानीय विकास खंड के ग्राम पंचायत सिरसिया ठकुराई मे सोमवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात ग्राम पंचायत के पहले प्रधान बाबू देवधारी सिंह की 45 वीं पूण्य तिथि मनायी गयी, इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके ब्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला, कवियों एवं लोकगीत गायकों ने रचना और गायकी के माध्यम से उनके समय मे कराये गये कार्यों का गुणगान किया।
गोपाल सिंह वैद्य ने कहा कि बाबू जी समदर्शी ब्यक्तित्व के धनी थे, उन्होंने अभावग्रस्त जन जीवन मे हमेशा खड़े रहे और न्याय का साथ दिया, बुद्धिनाथ यादव ने कहा कि ऐसी विभूतियां किसी परिवार या समाज मे कभी कभी जन्म लेती हैं। प्रसिद्ध कवियित्री रचना तिवारी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रद्धासुमन अर्पित किया, पूर्व विधायक तीरथराज ने कहा कि जब हम छोटे थे तब बाबू जी का नाम सुना करते थे, आज नयी पीढ़ी को उनके बताए रास्ते पर चलने की आवश्यकता है। संचालन कर रहे ब्रह्मानन्द त्रिपाठी ने कहा कि क्षेत्र का कोई भी ब्यक्ति उनके दरवाजे से निष्फल नहीं जाता था, बाबू जी पौत्र प्रमोद सिंह ने आये सभी अतिथियों का माल्यार्पण और अंगवस्त्र से स्वागत किया। इस अवसर पर राजन सिंह, रविन्द्र बहादुर पटेल, सेराज अहमद, रबिकान्त तिवारी, चन्द्र मोहन शुक्ला, राम केश यादव, राम प्रवेश यादव, बलदेव सिंह, रबिन्द्र बहादुर सिंह, शिवपूजन सिंह, धीरज सिंह, अनिल कुमार सिंह, गुलाब यादव ,नन्दलाल, राम करन यादव सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।