Category: SINGRAULI

  • एनटीपीसी-विंध्याचल द्वारा 06 कर्मचारियों के सेवानिवृत होने पर दी गई गरिमामयी विदाई

    एनटीपीसी-विंध्याचल द्वारा 06 कर्मचारियों के सेवानिवृत होने पर दी गई गरिमामयी विदाई

    सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी-विंध्याचल परियोजना में 31.12.2025 को अपनी दीर्घ सेवा देने के पश्चात कुल 06 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी अतीन कुंडु, महाप्रबंधक (परियोजना निर्माण), यज्ञसेन प्रसाद वर्मा, उप महाप्रबंधक (चिकित्सा),  नर सिंह शर्मा, सहायक प्रबन्धक(फ्यूल हैंडिलिंग), मो. लतीफ खान, टेक्निशियन(फ्यूल हैंडिलिंग)  सालिक राम पनिका, प्रचालक(एम एम-ऑफ साइट) एवं श्याम लाल बिन्द, प्रचालक (टीएमडी) हैं।

    सर्वप्रथम सेवानिवृत होने वाले सभी कर्मचारियों द्वारा सूर्या भवन के प्रांगण में पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वृक्षारोपण किया गया। इसके पश्चात एनटीपीसी-विंध्याचल प्रबंधन द्वारा सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों का सम्मान परियोजना के उमंग भवन के सभागार में किया गया। स्वागत की कड़ी में परियोजना प्रमुख(विंध्याचल)  संजीब कुमार साहा एवं महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण)  ए जे राजकुमार नें सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का पुष्पमाला से स्वागत किया। साथ ही परियोजना की यूनियन/एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी पुष्पमाला पहनाकर अतिथि कर्मचारियों का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक(विंध्याचल) संजीब कुमार साहा ने सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि एनटीपीसी-विंध्याचल को वर्तमान ऊंचाइयों तक पहुंचाने में आपके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और एनटीपीसी-विंध्याचल सदा ही आपकी सेवा के लिए आपका कृतज्ञ रहेगा। साथ ही महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण) श्री ए जे राजकुमार नें भी सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को अपने जीवन की नई पारी की नए सिरे से शुरुआत करने हेतु शुभकामनायें दीं तथा सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इसी कड़ी मे विभागाध्यक्षों ने भी सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को शुभकामनायें दीं तथा सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

    सम्मान की कड़ी में सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों का मुख्य महाप्रबंधक (विंध्याचल)  संजीब कुमार साहा एवं अन्य महाप्रबंधकगणों द्वारा श्रीफल, शाल एवं स्मृति-चिन्ह से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त सभी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एनटीपीसी मे उनके द्वारा दी गई दीर्घ सेवाओं के लिए दीर्घ सेवा प्रमाण-पत्र आदि भी प्रदान किया गया ।  
    तत्पश्चात सेवानिवृत्त कर्मचारीगण ने भी मंच पर आकर अपने अनुभव साझा किए और एनटीपीसी के साथ बिताए गए समय को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान एनटीपीसी के कारण ही बनी है और वे सदैव इसके आभारी रहेंगे। उन्होंने अपने सहकर्मियों के सहयोग और स्नेह के लिए विशेष धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण, यूनियन एवं एसोसिएशन प्रतिनिधिगण, संबंधित विभागों के कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित रहे। समारोह का सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) श्रीमती पूर्णिमा चतुर्वेदी द्वारा किया गया।

  • कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने हेतु एनसीएल ने की सराहनीय पहल…

    कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने हेतु एनसीएल ने की सराहनीय पहल…

    सीएसआर अंतर्गत चितरंगी, बरगवा एवं आसपास के क्षेत्रों में किया कंबल वितरण

    सोनभद्र, सिंगरौली।  नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने अपनी निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के तहत सिंगरौली एवं सोनभद्र क्षेत्र में शीतलहर के बीच गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों में लगातार कंबल वितरण का कार्य कर रही है।
    इस क्रम में कंपनी ने सोमवार को दार पंचायत, चितरंगी जो कि एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, में 200  कंबलों का वितरण किया। इस अवसर पर सीधी-सिंगरौली के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, राज्य मंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन एवं चितरंगी विधायक, श्रीमती राधा सिंह, पंचायत प्रतिनिधिगण तथा एनसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर) राजीव रंजन विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    इसी प्रकार, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा एवं माननीय देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम की गरिमामयी उपस्थिति में बरगवा के अम्बेडकर वार्ड एवं तिलक वार्ड (नगर परिषद) में भी 200 कंबलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगणों  ने एनसीएल की इस मानवीय पहल की प्रशंसा की तथा इसे स्थानीय समाज के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
    गौरतलब है कि एनसीएल ने इन कंबलों की खरीद खादी ग्रामोद्योग से की है, जिससे न केवल जरूरतमंदों को ठंड से बचाव सुनिश्चित हो रहा है, अपितु स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा भी मिल रहा है ।

  • एनटीपीसी विंध्याचल में आईएएस प्रशिक्षुओं ने किया बालिकाओं का मार्गदर्शन

    एनटीपीसी विंध्याचल में आईएएस प्रशिक्षुओं ने किया बालिकाओं का मार्गदर्शन

    सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल में आयोजित बालिका सशक्तिकरण अभियान 2025 के शीतकालीन सत्र के दौरान वर्ष 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षुओं ने जेम की प्रतिभागी बालिकाओं के साथ एक विशेष एवं प्रेरणादायक संवाद सत्र में सहभागिता की। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं ने बालिकाओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने के लिए प्रेरित किया, अपने जीवन अनुभव साझा किए तथा जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास, स्पष्टता और उद्देश्य के साथ सामना करने का संदेश दिया। इस संवाद सत्र में श्रीमती रूमा डे शर्मा, मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल), श्रीमती मृणालिनी, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), प्रणव वर्मा, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), माहताब आलम, उप महाप्रबंधक (सीएसआर/आरएंडआर) तथा निखिल जायसवाल, कार्यपालक(सीएसआर) की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह सत्र बालिकाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ तथा उनके आत्मबल, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा, जो युवा बालिकाओं में प्रेरणा और आत्मविश्वास के संवर्धन के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • एनटीपीसी विंध्याचल ने 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षुओं का किया स्वागत

    एनटीपीसी विंध्याचल ने 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षुओं का किया स्वागत

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनटीपीसी विंध्याचल ने परियोजना के प्रशासनिक भवन में आयोजित एक संवादात्मक सत्र के माध्यम से वर्ष 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर संजीब कुमार साहा, परियोजना प्रमुख (विंध्याचल) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ वरिष्ठ प्रबंधन से ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), डॉ. बी.के. भराली, महाप्रबंधक (चिकित्सा सेवाएं), देबब्रत त्रिपाठी, महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं) तथा श्रीमती रूमा दे शर्मा, मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल) उपस्थित रहीं। इस अवसर पर श्री सुरेश जाधव, एस डीएम (सिंगरौली) भी मौजूद रहे।
    कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्रमुखों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई, जिनमें एस.पी. यादव, अपर महाप्रबंधक (ईएमजी); एस.के. जायसवाल, अपर महाप्रबंधक (योजना एवं प्रणाली), रंजन कुमार, अपर महाप्रबंधक (हरित रसायन), श्रीमती मृणालिनी, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एवं श्री प्रणव वर्मा, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) शामिल रहे, जो संस्थान में सुदृढ़ अन्तर्विभागीय समन्वय को दर्शाता है।
    इस अवसर पर राजीव कुमार, अपर महाप्रबंधक (ईईएमजी) द्वारा भारतीय विद्युत क्षेत्र, उसमें एनटीपीसी की महत्वपूर्ण भूमिका तथा विंध्याचल परियोजना की सततता, पर्यावरणीय अनुपालन और परिचालन उत्कृष्टता से जुड़ी विशिष्ट पहलों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही, टैरिफ प्रणाली, लागत संरचना आदि विषयों पर भी जानकारी साझा की गई, जिससे प्रशिक्षुओं की क्षेत्रीय समझ और अधिक समृद्ध हुई। इसके पश्चात आईएएस प्रशिक्षुओं का सम्मान किया गया तथा उन्हें संयंत्र भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने व्यूपॉइंट एवं स्टेज-III कंट्रोल रूम का अवलोकन किया, जिससे उन्हें देश के सबसे बड़े विद्युत संयंत्र की विशालता और अत्याधुनिक तकनीकी क्षमताओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।

  • एनसीएल में ‘कोल हैंडलिंग प्लांट’ के रखरखाव व स्वच्छता अभियान उपरांत हुआ पारितोषिक वितरण समारोह

    एनसीएल में ‘कोल हैंडलिंग प्लांट’ के रखरखाव व स्वच्छता अभियान उपरांत हुआ पारितोषिक वितरण समारोह

    स्वच्छता से सुरक्षा और समृद्धि की ओर’ थीम पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन

    सोनभद्र /सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के मुख्यालय में सोमवार को कोल हैंडलिंग प्लांट्स (सीएचपी) के ‘रखरखाव एवं स्वच्छता अभियान’ के निरीक्षण उपरांत विजेताओं को सम्मानित करने हेतु एक समारोह का आयोजन किया गया जिसकी थीम ‘स्वच्छता से सुरक्षा और समृद्धि की ओर’ थीम पर आधारित थी । 22 से 25 दिसंबर 2025 तक चले निरीक्षण अभियान में एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं के सीएचपी को 4 भागों में बांटा गया था व कोल स्पीलेज, धूलशमन व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग), पीपीई का उपयोग, उपयोग, विद्युत सुरक्षा, अर्थिंग, एवं कंट्रोल रूम की स्वच्छता जैसे कई पैमानों पर अंक देकर पुरस्कृत किया गया।  समारोह में कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और एनसीएल के सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) बी. साईराम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    कार्यक्रम में एनसीएल के निदेशक (कार्मिक)  मनीष कुमार, निदेशक (वित्त)  रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी/संचालन)  सुनील प्रसाद सिंह, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना)  आशुतोष दिवेदी और मुख्य सतर्कता अधिकारी   अजय कुमार जायसवाल, श्रमिक संघ प्रतिनिधियों में आरसीएसस से  लाल पुष्पराज सिंह, बीएमएस से  श्यामधर दुबे और सीएमओएआई से  एस.के. पांडे उपस्थित रहे।  सभी परियोजनाओं के महाप्रबंधकगण, मुख्यालय के विभागाध्यक्ष एवं परियोजनाओँ से एसओ ईएंडएम, सीएचपी इंचार्ज और सीएचपी से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही सीएचपी की देखरेख करने वाली संविदा कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। 

    एनसीएल में कोल हैंडलिंग प्लांट के रखरखाव एवं स्वच्छता अभियान उपरांत आयोजित पारितोषिक वितरण समारोह को संबोधित करते हुए चेयरमैन, कोल इंडिया लिमिटेड श्री बी. साईराम ने एनसीएल की इस  पहल को ‘मील का पत्थर’ बताते हुए कहा कि यह  कोल इंडिया की  अन्य अनुषंगियों के लिए प्रेरणा व जागरूकता का माध्यम बनेगी। उन्होंने परिचालन दक्षता, ऊर्जा खपत में कमी और डिजिटलीकरण को बल देते हुए इस अभियान को निरंतर जारी रखने का आह्वान करते हुए दोहराया कि सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर एनसीएल के निदेशकमंडल व  मुख्य सतर्कता अधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘सीएचपी रखरखाव एवं स्वच्छता अभियान’ परिचालन दक्षता, अनुशासन, सुरक्षा और ‘जीरो हार्म’ संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने नियमित निरीक्षण व फॉलो-अप के माध्यम से उच्च मानकों को निरंतर कायम रखने, हरित माध्यम से कोयला प्रेषित करने हेतु सीएचपी की उपयोगिता बढ़ाने, तथा भविष्य में एनसीएल के लक्षित सीएचपी से प्रेषण को समयबद्धता के साथ हासिल करने का आह्वान किया । 

    *पारितोषिक वितरण समारोह मे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सीएचपी और कर्मियों को पुरस्कृत किया गया:*

    श्रेणी-1 (नई एफएमसी): दुधिचुआ (नई) सीएचपी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जयंत (नई) सीएचपी द्वितीय और अमलोरी आरएलएस तृतीय स्थान पर रहे। श्रेणी-2 (आउटसोर्सिंग सीएचपी): खड़िया फेज-II सीएचपी ने प्रथम पुरस्कार जीता। ब्लॉक-बी (द्वितीय) और कृष्णाशिला (तृतीय) स्थान पर रहे। श्रेणी-3 (विभागीय < 5MTPA): बीना सीएचपी ने प्रथम, ककरी ने द्वितीय और खड़िया फेज-I ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। श्रेणी-4 (विभागीय > 5MTPA): अमलोरी सीएचपी ने प्रथम स्थान हासिल किया। निगाही और दुधिचुआ (पुरानी) सीएचपी संयुक्त रूप से दूसरे, जबकि जयंत (पुरानी) सीएचपी तीसरे स्थान पर रही। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट कार्य करने वाले संविदा कर्मियों जितेंद्र यादव, प्रमोद चौरसिया, संतोष वर्मा को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ईएंडएम विभाग की ओर से निरीक्षण के दौरान देखी गई सर्वोत्तम् प्रथाओं को भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाप्रबंधक/विभागाध्यक्ष (ईएंडएम) श्री दिनेश दंडोतिया एवं उनकी टीम द्वारा किया गया।

  • एनसीएल में महिला खेलकूद प्रतियोगिता ‘निरामया 2.0’ का हुआ भव्य शुभारंभ

    एनसीएल में महिला खेलकूद प्रतियोगिता ‘निरामया 2.0’ का हुआ भव्य शुभारंभ

    सोनभद्र/सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सीईटीआई परिसर में सोमवार को दो दिवसीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता ‘निरामया 2.0’ का शुभारंभ हुआ। एनसीएल परिवार की महिलाओं की प्रतिभा को निखारने एवं उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्घाटन सिलोस प्रेसिडेंट एवं कृति महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती बी.के. दुर्गा ने वीसी के माध्यम से किया। इस अवसर पर कृति महिला मंडल की उपाध्यक्षा श्रीमती नम्रता कुमार, श्रीमती संगीता नारायण, श्रीमती वीणा सिंह, श्रीमती शीला द्विवेदी, श्रीमती रूबी जायसवाल सहित महिला मंडल की अन्य सदस्याएं उपस्थित रहीं। ‘निरामया 2.0’ के अंतर्गत बैडमिंटन, कैरम, लूडो, 50 मीटर दौड़, कबड्डी, रिले रेस, रस्साकशी एवं बैलेंस द ग्लास जैसे विभिन्न खेलों का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में पाँच टीमों के लगभग 45 प्रतिभागी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। यह खेलकूद प्रतियोगिता गृहिणियों एवं एनसीएल परिवार की महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ नारी सशक्तिकरण एवं महिला चेतना की दिशा में एनसीएल के सतत प्रयासों को भी रेखांकित करती है। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह एवं खेल भावना देखने को मिल रही है। इस दो दिवसीय प्रतियोगिता का समापन मंगलवार को सिंगरौली स्टेडियम में किया जाएगा।

  • एनटीपीसी विंध्याचल में जेम 2025 शीतकालीन सत्र का शुभारंभ

    एनटीपीसी विंध्याचल में जेम 2025 शीतकालीन सत्र का शुभारंभ

    जेम एक परिवर्तनकारी पहल है, जो न केवल बालिकाओं के सपनों को साकार करती है, बल्कि उनके परिवारों, समुदायों और अंततः राष्ट्र के विकास में भी सकारात्मक भूमिका निभाती है – संजीब कुमार साहा

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनटीपीसी विंध्याचल ने 29 दिसंबर 2025 को क्षेत्रीय ज्ञानार्जन संस्थान (RLI) में बालिका सशक्तिकरण अभियान 2025 के शीतकालीन सत्र का उत्साहपूर्वक शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संजीब कुमार साहा, परियोजना प्रमुख (विंध्याचल) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रबंधन के अनेक अधिकारी भी गरिमामयी रूप से शामिल हुए, जिनमें ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), एस.के. सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं एफएम), डॉ. बी.के. भराली, महाप्रबंधक (चिकित्सा सेवाएं), देबब्रत त्रिपाठी, महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं), श्रीमती रूमा दे शर्मा, मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल) तथा राकेश अरोड़ा, निदेशक (मानव संसाधन) के विशेष सलाहकार शामिल रहे।
    कार्यक्रम में सुहासिनी संघ की गणमान्य सदस्याओं की भी उपस्थिति रही, जिनमें श्रीमती चित्रलेखा साहा, अध्यक्षा (सुहासिनी संघ), श्रीमती निशी सिन्हा, प्रभारी (कल्याण शाखा) तथा श्रीमती शिल्पा कोहली, महासचिव (सुहासिनी संघ) शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त मानव संसाधन एवं सीएसआर विभाग के प्रतिनिधियों की सशक्त भागीदारी देखने को मिली, जिनमें श्रीमती मृणालिनी, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), प्रणव वर्मा, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन), श्री माहताब आलम, उप महाप्रबंधक (सीएसआर/आर एंड आर), श्रीमती पूर्णिमा चतुर्वेदी, वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) तथा निखिल जायसवाल, कार्यपालक (सीएसआर) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। यह सहभागिता इस पहल के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं एनटीपीसी गीत के साथ हुआ, जिससे वातावरण प्रेरणादायक बन गया। हीरो माइंड माइंड्स की समन्वयक सुश्री आस्था ने शीतकालीन सत्र के दौरान प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दी, जिनका उद्देश्य प्रतिभागी बालिकाओं का सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास निर्माण एवं जीवन कौशल को सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर जेम 2025 के ग्रीष्मकालीन सत्र की झलकियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। सभा को संबोधित करते हुए सुश्री रूमा दे शर्मा, मानव संसाधन प्रमुख (विंध्याचल), ने जेम कार्यक्रम के प्रति एनटीपीसी विंध्याचल के सतत, प्रभावशाली एवं महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि संजीब कुमार साहा ने अपने संबोधन में कहा कि जेम एक परिवर्तनकारी पहल है, जो न केवल बालिकाओं के सपनों को साकार करती है, बल्कि उनके परिवारों, समुदायों और अंततः राष्ट्र के विकास में भी सकारात्मक भूमिका निभाती है। कार्यक्रम का समापन केक काटने के साथ हर्षोल्लास पूर्ण वातावरण में हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों के चेहरे पर उत्साह और आशा स्पष्ट रूप से झलक रही थी।

  • हिंडाल्को महान में संविदाकार मीट आयोजित, सुरक्षित कार्य संस्कृति को लेकर साझा हुई जिम्मेदारियाँ

    हिंडाल्को महान में संविदाकार मीट आयोजित, सुरक्षित कार्य संस्कृति को लेकर साझा हुई जिम्मेदारियाँ

    सिंगरौली। हिंडाल्को महान में 24 दिसंबर को संविदाकारों के साथ समन्वय को सुदृढ़ करने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से तीसरी वार्षिक संविदाकार मीट का आयोजन किया गया। इस मीट में 80 से अधिक संविदाकारों एवं उनके प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए सुरक्षा, अनुपालन और संस्थागत प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं आदित्य वंदना के साथ हुआ, जिसके बाद उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सुरक्षा संकल्प लिया। पर्चेज हेड राम जतन गुप्ता ने बैठक में शामिल विभागाध्यक्षों, संविदाकारों एवं अन्य समस्त प्रतिभागियों का स्वागत-अभिनंदन करते हुए सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि संविदाकार किसी भी औद्योगिक संस्थान की कार्यप्रणाली का अहम आधार होते हैं और उनके सहयोग से ही सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध कार्य संभव हो पाता है। उन्होंने सभी से संस्थान के नियमों, सुरक्षा मानकों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी निष्ठा से पालन करने का आग्रह किया।

    इसके पश्चात पावर प्लांट हेड एवं सेफ्टी सब-कमेटी के सब-चेयरमैन प्रांजल पाठक ने कहा कि सुरक्षा केवल दस्तावेज़ों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसे कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने संविदाकारों से अपेक्षा जताई कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराते हुए श्रमिकों को नियमित रूप से जागरूक और प्रशिक्षित करें।

    स्मेल्टर हेड एस. शशि कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हिंडाल्को महान में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें संविदाकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब प्रबंधन और संविदाकार साझा दृष्टिकोण के साथ कार्य करते हैं, तभी दुर्घटनामुक्त कार्यस्थल का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

    कास्ट हाउस प्रमुख संजय चतुर्वेदी ने कहा कि उच्च तापमान एवं संवेदनशील प्रक्रियाओं वाले क्षेत्रों में सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। उन्होंने इसे सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की सजगता ही सुरक्षित कार्य वातावरण की आधारशिला है।

    मैकेनिकल हेड आदर्श ने मशीनरी एवं उपकरणों से जुड़े कार्यों में सुरक्षा की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छोटी-सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने उपकरणों की नियमित जांच, सेफ्टी गार्ड्स की उपलब्धता और प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

    कार्मिक प्रबंधक जमाल अहमद ने संविदाकारों से जुड़े विषयों पर स्पष्ट रूप से कहा कि कार्यरत श्रमिकों को समय पर वेतन, बोनस एवं अन्य वैधानिक लाभ कंपनी की पॉलिसी के अनुरूप दिए जाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों से संबंधित कंप्लायंस और शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि कार्यस्थल पर विश्वास और अनुशासन बना रहे।

    कार्यक्रम के दौरान महान विभाग के कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा जागरूकता पर प्रस्तुति दी गई। वहीं अभिषेक उपाध्याय एवं उनकी टीम ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सुरक्षा संदेश को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। मीट के दौरान समूह अभ्यास, खुला मंच संवाद और पुरस्कार वितरण समारोह का भी आयोजन हुआ। अंत में सुरक्षा मानकों का संपूर्ण रूप से पालन करने वाले संविदाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। एक प्रतिभागी ने कहा कि हिंडाल्को महान में सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है और इस तरह की संविदाकार मीट से न केवल सुरक्षा की समझ बढ़ती है, बल्कि प्रबंधन और संविदाकारों के बीच बेहतर तालमेल भी स्थापित होता है। कार्यक्रम के अंत में चंद्रशेखर साहू ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और मीट का समापन हाई टी के साथ हुआ। यह संविदाकार मीट सुरक्षित कार्य संस्कृति, नियमों के अनुपालन और जिम्मेदार सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आई।

  • एनटीपीसी विंध्याचल वीवा क्लब में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया क्रिसमस उत्सव

    एनटीपीसी विंध्याचल वीवा क्लब में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया क्रिसमस उत्सव

    सोनभद्र, सिंगरौली।  एनटीपीसी विंध्याचल में 25 दिसंबर 2025 को वीवा क्लब में आयोजित सायंकालीन कार्यक्रम के दौरान क्रिसमस का पर्व हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एम. सुरेश, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं एडीएम) एवं अध्यक्ष (वीवा) तथा  राहुल वर्मा, अपर महाप्रबंधक (एयूडी) एवं उपाध्यक्ष (वीवा) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    उत्सव में कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आपसी सौहार्द, एकता एवं उल्लास के वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। कार्यक्रम के दौरान केक कटिंग, गीत-संगीत, नृत्य तथा सैंटा कैप, चॉकलेट एवं टॉफियों के वितरण ने बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। इस अवसर पर मुकेश कश्यप, अपर महाप्रबंधक (एमजीआर), श्रीमती मृणालिनी, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एवं श्रीमती कामना शर्मा, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी गण भी उपस्थित रहे। संपूर्ण आयोजन ने क्रिसमस के मूल भाव—खुशी, साझा करने की भावना और एकता को सजीव रूप में प्रस्तुत करते हुए एनटीपीसी विंध्याचल परिवार के आपसी संबंधों को और सुदृढ़ किया।

  • सरस्वती शिशु मंदिर, विंध्यनगर में ‘परस्पर सम्मान एवं विश्वास’ पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

    सरस्वती शिशु मंदिर, विंध्यनगर में ‘परस्पर सम्मान एवं विश्वास’ पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

    सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा 24 दिसंबर 2025 को कोर वैल्यू समारोहों की श्रृंखला के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल, विंध्यनगर में स्कूली बच्चों के लिए “ परस्पर सम्मान एवं विश्वास” विषय पर आधारित भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कम उम्र से ही नैतिक मूल्यों की समझ विकसित करना एवं आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त करने की प्रेरणा देना था। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य मुद्रिका प्रसाद दुबे, विद्यालय के शिक्षक गण तथा निर्णायक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर परियोजना के अधिकारियों ने भी सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया एवं उनके आत्मविश्वास पूर्ण वक्तव्यों की सराहना की।

     राहुल वर्मा, अपर महाप्रबंधक (ए यू डी) एवं दिसंबर माह कोर वैल्यू चैंपियन ने अपनी टीम के साथ प्रतियोगिता के विजेताओं एवं निर्णायकों को सम्मानित किया। इस प्रकार की पहल न केवल एनटीपीसी कर्मचारियों में कोर वैल्यू की समझ को सुदृढ़ करती है, बल्कि विद्यालयी विद्यार्थियों में भी सम्मान एवं विश्वास जैसे मूल्यों को आत्मसात करने में सहायक सिद्ध होती है, जिससे प्रारंभिक स्तर से ही मूल्य-आधारित संस्कृति का विकास होता है।