Category: RAIPUR

  • समिति प्रबंधक एवं फड़ प्रभारी पर 60 लाख की वसूली का प्रकरण दर्ज

    समिति प्रबंधक एवं फड़ प्रभारी पर 60 लाख की वसूली का प्रकरण दर्ज

    *धान खरीदी में गड़बड़ी के मामले में कलेक्टर कोरबा के निर्देश पर कार्रवाई* 

    रायपुर /कोरबा जिले में कटघोरा ईलाके के अखरापाली धान खरीदी केंद्र में 60 लाख 53 हजार 680 रुपये की अनियमितता उजागर होने के बाद समिति प्रबंधक रामेश्वर प्रसाद अनंत और फड़ प्रभारी हितेंद्र कुमार के खिलाफ वसूली और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। धान खरीदी में गड़बड़ी और धान की अफरा-तफरी के मामले में कार्रवाई कलेक्टर श्री अजीत वसंत के निर्देश पर की गई है।

    कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशानुसार कटघोरा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रोहित सिंह, तहसीलदार दीपका अमित केरकेट्टा, नायब तहसीलदार कटघोरा और राजस्व विभाग की टीम ने अखरापाली धान खरीदी केंद्र का भौतिक सत्यापन किया। जांच में 1952.80 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी कीमत 60 लाख 53 हजार 680 रुपये आंकी गई। सत्यापन के दौरान 30 से 35 बोरों की तौल करने पर धान की मात्रा मानक से अधिक मिली, जिससे अनियमितता की पुष्टि हुई। जांच टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर दस्तावेज जब्त कर लिए, और दोषी पाए गए अधिकारियों पर वसूली और आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

  • राजिम कुंभ कल्प 2025: नए मेला स्थल पर भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर

    राजिम कुंभ कल्प 2025: नए मेला स्थल पर भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर

    *मुख्य मंच, हेलीपैड, मीना बाजार सहित अन्य सुविधाओं का तेजी से हो रहा निर्माण* 

    रायपुर,/ छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था के केंद्र राजिम कुंभ कल्प 2025 के भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस वर्ष नए मेला स्थल पर यह आयोजन किया जाएगा, जहां मेलार्थियों के लिए समुचित सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। इसी सिलसिले में आज राजिम सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल सहित धमतरी और रायपुर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के बाद अधिकारियों ने नए मेला स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।

    राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ राज्य के सबसे प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है, जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयागराज भी कहा जाता है। यह कुंभ कल्प माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक आयोजित होता है, जहां देशभर से संत-महात्मा, श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। इस वर्ष यह आयोजन 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक चलेगा।

    बैठक में संभागायुक्त श्री कावरे ने राजिम कुंभ कल्प को भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें और 5 फरवरी तक सभी कार्यों को पूर्ण करें। बैठक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मुख्य मंच, दुकानों, विभागीय स्टॉल, मीना बाजार, फूड ज़ोन और अन्य आवश्यक स्थलों का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए वृहद स्तर पर पार्किंग सुविधा विकसित की जा रही है और हेलीपैड का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

    संभागायुक्त श्री कावरे और कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल ने अधिकारियों को नदी किनारे कनेक्टिंग रोड निर्माण, गंगा आरती स्थल से नए मेला स्थल तक सड़क निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। पूरे मेला परिसर में हाईमास्ट लाइटों पर्याप्त संख्या में शौचालय और डस्टबिन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बस स्टैंड से नए मेला स्थल तक निर्धारित शुल्क पर बस सेवा उपलब्ध कराने, मेला स्थल पर एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेला परिसर में साधुओं के लिए कुटिया, जलाऊ लकड़ी और आवश्यक वस्तुओं की समुचित व्यवस्था, मेला क्षेत्र में पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछाई जाए और पर्याप्त संख्या में दाल-भात केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सुरक्षा के लिए पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और अग्निशमन दल तैनात किया जाए।

    राजिम कुंभ कल्प न केवल धार्मिक श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इस आयोजन में शाही स्नान, संत समागम, प्रवचन, गंगा आरती और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजिम कुंभ कल्प 2025 में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तत्परता के साथ तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक और भव्य रूप में संपन्न हो सके।

  • संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज आध्यात्मिक चेतना के पुंज – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज आध्यात्मिक चेतना के पुंज – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *आचार्य विद्यासागर जी द्वारा धर्मचर्या हेतु अपने जीवन का लम्बा समय चंद्रगिरि तीर्थस्थल में व्यतीत करना, प्रदेशवासियों का सौभाग्य*

    *डोंगरगढ़ में जैनाचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय*

    रायपुर / संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज आध्यात्मिक चेतना के पुंज थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा आचार्य जी से आशीर्वाद लेते थे, उनसे प्रेरणा ग्रहण करते थे। हम सबका सौभाग्य है कि आचार्य जी ने हमेशा हमें प्रेरित किया। यह छत्तीसगढ़ की भूमि धन्य है कि जिसे आचार्य जी ने इतना प्रेम दिया और संलेखना के लिए प्रदेश की इस धरती को चुना। आज उनकी समाधि स्मृति महोत्सव में दर्शन पाकर सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूँ। मेरी प्रार्थना है कि छत्तीसगढ़ के ऊपर उनका आशीर्वाद  हमेशा बना रहे, प्रदेश में सदैव खुशहाली हो। 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरि तीर्थस्थल में जैनाचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव में सम्मिलित हुए और समाधि के दर्शन किये जहाँ देशभर से पहुंचे अनुयायियों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।

    श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ वासियों का परम सौभाग्य है कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने धर्मचर्या के लिए अपने यशस्वी जीवन का लम्बा समय डोंगरगढ़ के चंद्रगिरि तीर्थस्थल में व्यतीत किया। आचार्य जी के विचार और उनका जीवन-दर्शन हम सबको प्रेरणा देते रहेंगे। जैनाचार्य विद्यासागर जी महाराज ने समाज को सत्य, अहिंसा और परमार्थ के मार्ग में चलने के लिए एकजुट किया। बाबा जी का जीवन सर्वजन के लिए अनुकरणीय है।

    सीएम साय ने कहा कि आचार्य जी के धार्मिक विचार तो प्रेरित करते ही हैं, भारत के प्रति उनकी सोच भी अनुकरणीय है, जिन्होंने देश के करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है। उन्होंने राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोपरि रखा। अपने संदेश से उन्होंने भारत की एकता को लगातार मजबूत करने का काम किया। उनका स्पष्ट मत था कि भारत में भारतीय शिक्षण पद्धति लागू हो और लोगों के बीच बातचीत के लिए भारतीय भाषा में व्यवहार हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से उनके विचारों को मूर्त रूप देने का प्रयास किया है। आज हमारी शिक्षा पद्धति भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जुडी हुई है। हमें इस बात कि हार्दिक खुशी है कि आचार्य जी के जीवनकाल में उनका यह स्वप्न मूर्त रूप ले सका। महोत्सव में पूज्य मुनि संतसागर जी महाराज, देशभर से आए मुनिगण, साध्वीगण, अनुयायी एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

  • केंद्रीय बजट भारत के सुनहरे भविष्य का दस्तावेज – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    केंद्रीय बजट भारत के सुनहरे भविष्य का दस्तावेज – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *किसान,युवा,महिला के साथ मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्गों के उत्थान के लिए यह बजट ऐतिहासिक*

    रायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज संसद में पेश केंद्रीय बजट 2025-26 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट से मोदी जी का वह वचन फिर से पूरा हुआ है कि जिन्हें कोई नहीं पूछता, उन्हे मोदी जी पूजते हैं। समाज के मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्गों के उत्थान के लिए यह बजट ऐतिहासिक और क्रांतिकारी होगा। यह भारत के सुनहरे भविष्य का दस्तावेज है। स्वतंत्र भारत के इतिहास के चंद ऐतिहासिक बजटों में से यह एक है। 

    श्री साय ने कहा कि जो प्रावधान इस बजट में किए गए हैं वो केवल प्रधानमंत्री श्री मोदी ही कर सकते हैं। इस बजट ने सिद्ध कर दिया है कि आने वाला समय भारत का है और भारत का स्वर्णिम युवा युग शुरू हो गया है। भारत अब विश्व का नेतृत्व करेगा यह तय हो गया है। 

    आज पेश हुआ यह बजट एक ऐतिहासिक बजट है, जिसे भारत देश में हमेशा याद रखा जाएगा। देश के टैक्स पेयर और मध्यम वर्ग का सम्मान करते हुए मोदी सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया है जिसकी कल्पना भी लोगों को नहीं थी, पूर्व की सरकार में जहां 2 लाख रुपए की आय पर टैक्स लगता था, मोदी जी की सरकार में 12 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी सरकार ने इस बजट में किसानों के उत्थान के लिए दूरगामी नीतियाँ बनाई हैं। इस बजट में कृषि की उत्पादकता बढ़ाने, दालों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने, किसानों के लिए यूरिया फैक्ट्री लगाने और किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने के निर्णय किसानों की तरक्की के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। भारत के लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज की जीवन रक्षक दवाइयों को पूरी तरीके से टैक्स में छूट दे दी गई है,  साथ ही कैंसर के लिए 200 केयर यूनिट भी बनाई जाएंगी।ऐसे संवेदनशील निर्णय पर हम मोदी सरकार का धन्यवाद करते हैं। 

  • युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए गुणवत्ता पूर्ण भोजन, शिक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सब की प्राथमिकता- राज्यपाल

    युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए गुणवत्ता पूर्ण भोजन, शिक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सब की प्राथमिकता- राज्यपाल

    *ऊर्जा से भरे प्रतिभाशाली युवाओं के सहयोग से होगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय*

    *इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर का 10वां दीक्षांत समारोह आयोजित*

    *4 हजार 200 विद्यार्थियों को प्रदान की उपाधि, 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक वितरित*

    रायपुर, / देश के लगभग 30 करोड़ बच्चे और युवा विभिन्न स्तरों पर शिक्षा प्राप्त कर रहें हैं। इस समूह के उज्जवल भविष्य के लिए गुणवत्ता भोजन, शिक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सभी की प्राथमिकता है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम खोले गए हैं, जिसमें डिग्री के साथ कौशल विकास को प्राथमिकता दी गई है। भारत को 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह उद्गार राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं कुलाधिपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में व्यक्त किये।

     राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 10 वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर उनका पुण्य स्मरण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम और इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजिनियरिंग एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. वांगा शिवा रेड्डी विशेष रूप से उपस्थित थे। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सभागार में आयोजित भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 तक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां वितरित की गई। मेधावी विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण, 18 रजत एवं 4  कास्य पदक प्रदान किए गए। साथ ही लगभग 4200 विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और पी.एच.डी की उपाधि प्रदान की।

    कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल रमेन डेका ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपने अपनी कड़ी मेहनत से अध्ययन कर ये मेडल प्राप्त किए हैं। आपके जीवन की यह अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुझे पूरा विश्वास है कि आपने इस विश्वविद्यालय में जो शिक्षा प्राप्त की है, उसका उपयोग आप समाज एवं देश के कल्याण एवं विकास के लिए करेंगे तथा दूसरों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनेंगे। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कृषि की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में युद्ध समाप्त होगा लेकिन खाद्य सामग्री की हमेशा जरूरत पड़ेगी। उन्होंने डॉ स्वामीनाथन के योगदानों का जिक्र किया श्वेत क्रांति से दूध के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब नीली क्रांति का दौर है और आज मत्स्य पालन में देश काफी आगे बढ़ चुका है। भूटान और ताइवान प्रवास के दौरान कृषि कार्य से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों को साझा किया। उन्होंने कहा कृषि एक शानदार व्यवसाय है और इससे जुड़कर भी हम देश के विकास में अपना योगदान दे सकते है। कृषि में असीम संभावनाएं है और युवा पीढ़ी को इसे समझकर इससे जुड़ना होगा। उन्होंने जय जवान जय किसान जय विज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि विज्ञान से जुड़कर ही हम कृषि को उन्नत बना सकते है।

    श्री डेका ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना प्रस्तुत की है एवं हम सबको इसे प्राप्त करने के लिए लगातार कार्य करना है। वर्तमान में हम सभी प्रकार के भोजन, अनाज, तिलहन, सब्जी, फल, दूध, मांस, मछली आदि के साथ लगभग 1000 मिलियन टन भोजन का उत्पादन कर रहे हैं। वर्ष 2047 तक इसे 1500 मिलीयन टन तक बढ़ाना होगा। यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। बदलते मौसम एवं बाजार के उतार चढ़ाव से कृषि में जोखिम बढ़ गया है। श्री डेका ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि ऐसी तकनीक का विकास करें जिससे किसानों की लागत कम हो एवं आय बढ़े। हमें प्राकृतिक खेती एवं दलहन, तिलहन के उत्पादन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश के कुल वर्कफोर्स की संख्या का 45 प्रतिशत भाग अभी भी कृषि में लगा हुआ है एवं इस वर्कफोर्स के जीवन यापन को ऊपर उठाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। कम ऊर्जा की आवश्यकता वाले छोटे-छोटे कृषि यंत्र विकसित करे जिससे कृषि में लागत, मानव श्रम एवं विशेष रूप से महिलाओं की मेहनत कम हो सके। कृषि के क्षेत्र में लोगों को बनाए रखना आज एक बड़ी चुनौती है। कृषि कार्य को आसान बनाना एवं उनकी आय बढ़ाना हमारा प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में भारत में सर्वाधिक जनसंख्या युवाओं की है। देश एवं प्रदेश की प्रगति में भी युवा शक्ति का भी उल्लेखनीय योगदान है। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि आप मुझे देश के 100 ऊर्जावान युवा दे दें, मैं देश के भविष्य को बदल दूंगा। आज भारत के पास ऊर्जा से भरी युवाओं की पीढ़ी है, निश्चय ही हम स्वामी विवेकानंद जी के सपनों को पूरा करने की दिशा में सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहे है। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक युग विज्ञान एवं तकनीक का युग है। आपने जो ज्ञान अर्जित किया है, उस ज्ञान एवं तकनीक का उपयोग समाज के हित में, देश एवं प्रदेश के विकास में करने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़वासियों की आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करें और विकसित छत्तीसगढ गढ़ने में अपना बहुमूल्य योगदान दें। रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से हम अपने प्रदेश में कृषि विकास को नई ऊंचाइयों पर स्थापित करेंगे। कृषि वैज्ञानिकों और उद्यमियों की सहभागिता से हम किसानों के जीवन को खुशहाल और समृद्ध बनाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक वैज्ञानिक अपनी सोच और काम से देश को कितना बदल सकता है इसका उदाहरण कृषि वैज्ञानिक डा. एमएस स्वामीनाथन के जीवन में हम देख सकते हैं। डा. एमएस स्वामीनाथन जी ने देश में हरित क्रांति लाई। उन्होंने देश को खाद्य सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बनाया। जिससे अब भारत को विदेशों से गेंहूं आयात के लिए मुंह नहीं ताकना पड़ा।  

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा कृषि क्षेत्र के विकास को अपनी सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने हमेशा नवाचारों, अनुसंधानों और उद्यमिता के विकास को प्रोत्साहित और प्रेरित किया है। हमारे युवा सकारात्मक ऊर्जा से भरे हैं। उनके पास नये विचार हैं। हमें उन्हें प्रोत्साहित करना है। सुविधाएं उपलब्ध करानी हैं और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना है। मुझे इस बात की खुशी है कि विश्वविद्यालय कैंपस में इसके लिए बहुत अच्छा वातावरण आप लोगों ने उपलब्ध कराया है। जीवन में नई संभावनाओं को प्राप्त करने के लिए शिक्षा बेहद आवश्यक है। हमारा देश अपनी शिक्षा व्यवस्था की वजह से ही विश्व गुरु रहा है। हमें अपनी शिक्षा संस्थाओं को लगातार बेहतर करना होगा ताकि एक बार पुनः भारत वैश्विक शिक्षा का केंद्र बन सके। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न फसलों की 160 से अधिक किस्में और 100 से अधिक उन्नत कृषि तकनीक विकसित की गई है। दुनिया जलवायु परिवर्तन के खतरों से जूझ रही है और इसका सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा। यह खुशी की बात है कि कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान केंद्रों के वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने वाले बीज तैयार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का बलरामपुर से लेकर सुकमा तक कृषि महाविद्यालय, अनुसंधान केन्द्र और कृषि विज्ञान केन्द्र का मजबूत नेटवर्क है जिनकी सहायता से विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि को राज्य की उन्नति का उत्प्रेरक मानते हुए इस विश्वविद्यालय को देश की दूसरी हरित क्रांति का अग्रदूत बनाने का संकल्प लें। अनुसंधान केंद्रों में हो रही अच्छी रिसर्च का पूरा लाभ के लिए इन्हें किसानों तक पहुंचाना होगा। छत्तीसगढ़ के कृषि विश्वविद्यालय में धान के 23,250 जर्मप्लाज्म हैं, जो कि विश्व में दूसरी नम्बर की सर्वाधिक संख्या है। इसके अतिरिक्त अन्य फसलों की लगभग 6000 किस्में विश्वविद्यालय में संग्रहित हैं। कृषि विश्वविद्यालय एक फसली क्षेत्र को बहुफसली क्षेत्र में परिवर्तित करने, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु सतत् प्रयत्नशील है। इन सभी उपलब्धियों तथा उत्कृष्ट कार्यों के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति, वैज्ञानिक, छात्र तथा किसान भाई बधाई के पात्र हैं। इनके सतत् प्रयास से प्रदेश में खेती को नई पहचान मिली है। 

    समारोह के विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी के क्षेत्र में भी निरंतर प्रगति कर रहा है। नए अनुसंधान और तकनीक के माध्यम से किसान अपना उत्पादन बढ़ा रहे है और आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे है। समारोह में दीक्षांत भाषण इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. वांगा शिवा रेड्डी ने दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन कुलसचिव द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रबंध मण्डल तथा विद्या परिषद के सदस्यगण, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी, उपाधि तथा पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा उनके पालकगण उपस्थित थे।

  • एचएनएलयू-सीजी पुलिस द्वारा  राज्य पुलिस अकादमी में नए आपराधिक कानूनों पर दो बैच का सफल प्रशिक्षण

    एचएनएलयू-सीजी पुलिस द्वारा  राज्य पुलिस अकादमी में नए आपराधिक कानूनों पर दो बैच का सफल प्रशिक्षण

    रायपुर/ हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एचएनएलयू) द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के सहयोग से छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों के लिए नए आपराधिक कानून सुधारों पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तीसरा चरण का सफल  नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी, रायपुर में आयोजन किया गया। आज आयोजित समापन समारोह के साथ अपना दूसरा बैच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 

    प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन ने अपने समापन भाषण में , जिन्होंने अपराध जांच, साक्ष्य संग्रह और कानून प्रवर्तन में तकनीकी प्रगति की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रभावी पुलिसिंग और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून और प्रौद्योगिकी का एकीकरण महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोकतंत्र में कानून और कानून बनाने के महत्व के बारे में भी बात की और इस बात पर जोर दिया कि एचएनएलयू भविष्य में पुलिस अधिकारियों के लिए इसी तरह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने न्याय को कायम रखने के लिए अधिकारियों को आवश्यक उपकरणों से लैस करने में सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण दोनों के महत्व पर जोर दिया।

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी के निदेशक डॉ. रतन लाल डांगी (आईपीएस) ने प्रतिभागी अधिकारियों को अपने संबंधित क्षेत्रों में अपनी सीख को लागू करने और अपने कनिष्ठों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित किया, जिससे वास्तविक दुनिया की पुलिसिंग में प्रशिक्षण पाठों का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो सके। राज्य पुलिस अकादमी में पुलिस अधीक्षक, आईपीएस डॉ. अभिषेक पल्लव ने पुलिस अधिकारियों को नवीनतम विधिक ज्ञान और जांच तकनीकों से लैस करने में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के महत्व पर बात की। 

    10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में एचएनएलयू प्रोफेसरों, सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों और ट्रायल कोर्टों के अभ्यास अधिवक्ताओं, अभियोजन अधिकारियों और सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों सहित प्रतिष्ठित संसाधन व्यक्तियों ने भाग लिया, जिन्होंने नए आपराधिक कानूनों और उनके व्यावहारिक के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी प्रदान की। एचएनएलयू के रजिस्ट्रार डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव, जिन्होंने कार्यक्रम की सफलता में उनके अमूल्य योगदान के लिए सभी गणमान्य व्यक्तियों, प्रतिभागियों और संसाधन व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

    जिन अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया, विशेष रूप से केस स्टडीज के आधार पर पुलिस स्टेशन की जांच प्रक्रियाओं को दोहराने वाले रोल-प्ले अभ्यास में, उन्हें गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया। नए आपराधिक कानून सुधारों पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तीसरे चरण के दूसरे बैच के सफल समापन को चिह्नित करते हुए, एक समूह तस्वीर के साथ समारोह का समापन हुआ।

    हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एचएनएलयू) में सेंटर फॉर कंपेरेटिव लॉ, स्कूल फॉर लॉ एंड गवर्नेंस और सेंटर फॉर फॉरेंसिक, स्कूल फॉर लॉ एंड टेक्नोलॉजी के तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का यह तीसरा चरण सहयोगात्मक पहल का एक हिस्सा है। जो नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से पहले मई 2024 में शुरू हुआ था। 2 दिन, 3 दिन और 5 दिन के तीन अलग-अलग प्रारूपों में डिज़ाइन किए गए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का लक्ष्य 1000 से अधिक पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित करना है। तीसरा चरण जो एएसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टरों के लिए है, छह बैचों में फैला हुआ है, प्रत्येक बैच में 150 अधिकारी शामिल हैं। पहले बैच का प्रशिक्षण 20 से 24 जनवरी 2025 तक और दूसरे बैच का प्रशिक्षण 27 से 31 जनवरी 2025 तक आयोजित किया गया था। 

    5 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री (गृह), प्रो. (डॉ.) रणबीर सिंह की गरिमामय उपस्थिति में, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक जुनेजा, एसीएस (गृह), और छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा एचएनएलयू के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह सहयोग संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों के बीच कानूनी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को बढ़ाने का प्रयास करता है।

    डॉ. दीपक श्रीवास्तव, एचएनएलयू के रजिस्ट्रार प्रभारी, अभिनव के शुक्ला, एचएनएलयू के सहायक प्राध्यापक , डॉ. पंकज शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और शुभम तोमर, राज्य पुलिस अकादमी में अभियोजन अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला का समन्वयन किया । यह पहल राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था कार्यान्वयन सुनिश्चित करने, कानून प्रवर्तन अधिकारियों के बीच कानूनी विशेषज्ञता और पेशेवर विकास को बढ़ावा देने के लिए एचएनएलयू और छत्तीसगढ़ पुलिस की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

  • हमारी नीति स्पष्ट है – बोली का जवाब बोली से और गोली का जवाब गोली से – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    हमारी नीति स्पष्ट है – बोली का जवाब बोली से और गोली का जवाब गोली से – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *बस्तर में जल्द ही अमन, चैन और शांति का माहौल स्थापित होगा*

    *बस्तर संभाग में लगातार नक्सलियों द्वारा किये जा रहे आत्मसमर्पण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबल के जवानों को दी बधाई*

    रायपुर। हमारी नीति स्पष्ट है – बोली का जवाब बोली से और गोली का जवाब गोली से। जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए हमारी सरकार द्वारा बेहतर जीवन और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो हिंसा का रास्ता छोड़ गणतंत्र का मार्ग अपनाते हैं, उनका स्वागत है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में लगातार नक्सलियों द्वारा किये जा रहे आत्मसमर्पण पर सुरक्षाबल के जवानों को बधाई देते हुए, उनके अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि – आज कांकेर जिले में 7 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिन पर कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इससे पहले नारायणपुर जिले के 27 एवं सुकमा जिले के 52 लाख के ईनामी 9 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। यह हमारी सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति और नक्सलवाद के सफाए के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियानों का प्रत्यक्ष परिणाम है।

    सीएम साय ने कहा कि अब तक 941 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 1,112 नक्सलियों को हमारे सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है। नक्सली मुठभेड़ों में 265 नक्सलियों का खात्मा हुआ है। नक्सलवाद की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर और बेहतर जीवन की उम्मीद में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं अपने बस्तर दौरे के दौरान अक्सर आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिलता हूं। उनसे बातचीत में यह साफ झलकता है कि खोखली माओवादी विचारधारा को छोड़कर वे आज बेहतर जीवन जी रहे हैं और खुश हैं। घोर नक्सल प्रभावित जिलों के चिन्हित ग्रामों में नक्सल आधार को खत्म करने के लिए शासकीय योजनाओं के माध्यम से बुनियादी ढांचे और मूलभूत आवश्यकताओं का विकास कर रही है। विष्णु देव साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए  15 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। तय समय-सीमा के भीतर माओवाद के आतंक का अंत होगा। बस्तर में जल्द ही अमन, चैन और शांति का माहौल स्थापित होगा।

  • कृषि विश्वविद्यालय का दशम् दीक्षांत समारोह 01 फरवरी को

    कृषि विश्वविद्यालय का दशम् दीक्षांत समारोह 01 फरवरी को

    राज्यपाल रमेन डेका की अध्यक्षता में आयोजित होगा दीक्षांत समारोह,चार हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रदान की जाएंगी उपाधियां, दीक्षांत समारोह के पूर्व दिवस पर कार्यक्रम की रिहर्सल की गई

    रायपुर, / इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर का दशम् दीक्षांत समारोह कल 1 फरवरी, 2025 को आयोजित किया जाएगा। कृषि महाविद्यालय रायपुर स्थित कृषि मंडपम में प्रातः 11 बजे से आयोजित इस दीक्षांत समारोह में लगभग 4 हजार 191 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएगी। दीक्षांत समारोह राज्यपाल एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा। इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. वांगा शिवा रेड्डी दीक्षांत उद्बोधन देंगे। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विद्यार्थियों को दीक्षोपदेश देंगे। दीक्षांत समारोह के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण, 18 रजत एवं 4 कांस्य पदक प्रदान किये जाएंगे। इस दौरान भव्य दीक्षांत शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। आज यहां कृषि महाविद्यालय रायपुर के क्लस्टर क्लासरूम से दीक्षांत समारोह आयोजन स्थल कृषि मंडपम् तक दीक्षांत समारोह के पल-प्रतिपल कार्यक्रम के अनुसार रिहर्सल की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, अधिष्ठातागण, संचालकगण एवं गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रोंज मेडल पाने वाले विद्यार्थी शामिल हुए। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलगीत, राज्यगीत तथा राष्ट्रगान का वादन किया गया।

    दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2022-23 एवं 2023-2024 तक कृषि विश्वविद्यालय के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियाँ वितरित की जाएँगी। दीक्षांत समारोह में बी.एस.सी. कृषि पाठ्यक्रम के 2 हजार 841, बी.एस.सी. उद्यानिकी पाठ्यक्रम के 17, बी.टेक. कृषि अभियांत्रिकी पाठ्यक्रम के 303 तथा खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के 20 पंजीकृत विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएगी। स्नातकोत्तर स्तर पर 742 एवं पी.एचडी. स्तर पर 268 के पंजीकृत विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न पाठ्यक्रमों के मेधावी विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण, 18 रजत तथा 4 कांस्य पदक भी प्रदान किये जाएंगे। इसके साथ ही दीक्षांत समारोह में 818 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पी.एच.डी. आनर्स प्रमाण पत्र भी प्रदान किये जाएंगे।

    दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए अकादमिक परिधान निर्धारित किया गया है। छात्र कोसे रंग अथवा ऑफ वाईट रंग का कुर्ता तथा सफेद पायजामा पहनेंगे, वहीं छात्राएं कोसे रंग या ऑफ वाईट रंग की साड़ी पहनेंगी। दीक्षांत समारोह के अतिथि कोसे रंग का जैकेट पहनेंगे। दीक्षांत समारोह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, प्रबध मण्डल, विद्या परिषद तथा प्रशासनिक परिषद के सदस्यों सहित विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष भी शामिल होंगे।

  • सुषमा के स्नेहिल सृजन”…

    सुषमा के स्नेहिल सृजन”…

    छंद-चौपाई ”स्नेहिल सृजन:जीवन के दो पहियों पर”
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    अपनों का जब मिले सहारा।
    जीवन बनता सुखद दुबारा।।
    दो पहियों की सुलभ सवारी।
    लगती सबको अति ही प्यारी।।

    माँ की हँसी पिता का साया।
    बालक के भी मन को भाया।।
    चले साइकिल पथ मुस्काता।
    सपनों का रथ आगे जाता।।

    पथ की दूरी घटती जाए।
    हरीतिमा मन को है भाए।।
    साथ प्रेम मिलता जब प्यारा।
    चमके जीवन सुखद सहारा।।

    दो पहियों पर गढ़ें कहानी।
    कोमल यादों की ये बानी।।
    ’सुषमा’ सुंदर प्रीत निभाती।
    जीवन को शुभ पथ दिखलाती।।

    धैर्य बने जीवन की पूँजी।
    सुख-दुख संगत बांधें कुंजी।।
    हर बाधा को सरल बनाएँ।
    खुशियों में ही समय बिताएँ।।

    चक्र समय का जब भी घूमे।
    स्नेहिल छाया पीछे चूमे।।
    रथ सपनों का बढ़ता जाए।
    सतत प्रयास न रुकने पाए।।
    सुषमा प्रेम पटेल 20250117
    (रायगढ़/रायपुर छ.ग.

  • राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सूरजपुर जिले में निर्वाचन व्यवस्था का लिया जायजा

    राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सूरजपुर जिले में निर्वाचन व्यवस्था का लिया जायजा

     बिश्रामपुर बस स्टैंड पर चल रहे ईवीएम डेमो मशीन प्रदर्शन का किया अवलोकन, हैंडस ऑन एक्सपीरिंएस को प्राथमिकता देने के दिये निर्देश, शा.क.उ.म.वि. नवापारा की छात्राओं द्वारा मताधिकार प्रयोग हेतु पालको को किये गये पत्र लेखन की सराहना की, मतदाता जागरूकता अभियान अंतर्गत  जिला  सयुंक्त कार्यालय सूरजपुर से बाइक रैली को  हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    रायपुर /छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह आज नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 अंतर्गत जिला सूरजपुर के दौरे पर रहे । जहां उनके द्वारा निर्वाचन के संबंध में जिले में चल रही तैयारियों का जायजा लिया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जयनगर मतदान केंद्र से निरीक्षण की शुरूआत कीतथा सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा. इसके पश्चात श्री सिंह ने बिश्रामपुर बस स्टैंड पर चल रहे ईवीएम डेमो मशीन प्रदर्शन का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने ईवीएम मशीन के प्रदर्शन कर्ता को स्थल पर डेमो के लिए उपलब्ध मशीन का ज्यादा से ज्यादा हैंडस ऑन एक्सपीरिंएस अर्थात व्यवाहरिक अनुभव उपस्थित आमजन के बीच मिले, इस बात पर ज्यादा जोर देने की बात कही। उन्होंने उपस्थित भावी मतदाताओं को अपने समक्ष ईवीएम डेमो मशीन पर मताधिकार का उपयोग करने हेतु आमंत्रित किया।

    इसके पश्चात निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने आई टी आई में बनाये स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था व निर्वाचन से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया । इसके साथ ही वहां उपस्थित निर्वाचन से संबंधित अधिकारियों को उनके द्वारा आवश्यक दिशानिर्देेश दिये गये। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नवापारा में जाबो मतदाता जागरूकता कार्यक्रम अंतर्गत विद्यालय की छात्राओं द्वारा अपने पालक एवं परिवार के अन्य परिचित सदस्यों के लिए पत्र लेखन किया गया, इस अवसर पर वहां उपस्थित राज्य निर्वाचन आयुक्त ने  विद्यालय की छात्राओं की इस पहल की सराहना की और उन्हें भविष्य का जागरूक मतदाता संबोधित किया। इसके साथ ही मतदाता जागरूकता अभियान अंतर्गत जिला संयुक्त कार्यालय से बाईक रैली भी निकाली गई। जिसे राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जिला सयुंक्त कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर स्टेडिम ग्राउंड के लिए किया रवाना।

    इस अवसर पर  सरगुजा संभाग के संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, नोडल अधिकारी नगर पालिका /पंचायत निर्वाचन (पुलिस) ओपी पाल,आई.जी. अंकित गर्ग, निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी एस जयवर्धन, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू, उप जिला निर्वाचन अधिकारी जगन्नाथ वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव, अवर सचिव प्रणय कुमार वर्मा,  उप संचालक (जनसंपर्क) लक्ष्मीकांत कोसरिया एवं राज्य निर्वाचन आयुक्त के निज सचिव बलराम देवांगन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।