Category: RAIPUR

  • आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, उन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया – अमित शाह

    आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, उन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया – अमित शाह

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के ‘प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव’ और श्री 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए*

    *आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा*

    रायपुर / केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया और श्री 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आचार्य विद्यासागर जी की स्मृति में ₹100 का स्मारक सिक्का, डाक विभाग का ₹5 का विशेष लिफाफा, 108 चरण चिन्हों व चित्र का लोकार्पण और प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ का शिलान्यास किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूज्य मुनि समता सागर जी महाराज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    अपने संबोधन में श्री शाह ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, जिन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जन्मे आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महामुनिराज अपने कर्मों से भारत, भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाएँ और भारत की पहचान के ज्योतिर्धर बने। श्री शाह ने कहा कि शायद ही यह सम्मान किसी ऐसे धार्मिक संत को मिला होगा, जिन्होंने धर्म के साथ-साथ देश की पहचान की व्याख्या विश्व भर में की हो। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि उन्हें कई बार आचार्य विद्यासागर जी का सान्निध्य मिला और हर बार आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया। श्री शाह ने कहा कि जी-20 सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिख कर, मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आचार्य जी के विचार को जरा भी राजनीति किए बगैर जमीन पर उतारा और उनके संदेश का अनुकरण करने का काम किया।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आचार्य जी ने जीवन के अंतिम क्षण तक तपस्या का मार्ग नहीं छोड़ा। श्री शाह ने कहा कि आचार्य जी ने न केवल जैन धर्म के अनुयायियों को बल्कि जैनेत्तर अनुयायियों को भी अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से मोक्ष का मार्ग बताने का काम किया। श्री अमित शाह ने कहा कि यह बोलने वाले बहुत लोग मिलते हैं कि धर्म, राष्ट्र और समाज के लिए जीवन का हर क्षण समर्पित होना चाहिए। लेकिन पूरा जीवन इसी तरह जीने वाले लोग कभी-कभार ही दिखते हैं और आचार्य जी का जीवन ऐसा ही रहा।

    उन्होंने कहा कि आचार्य जी का प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ युगों-युगों तक आचार्य जी के सिद्धांतों, संदेशों और उपदेशों के प्रचार का स्थान बनकर रहेगा। श्री शाह ने कहा कि जिस संत ने अपना पूरा जीवन विद्या की उपासना में बिताया, उनकी समाधि का नाम ‘विद्यायतन’ के अलावा कुछ और नहीं हो सकता। श्री अमित शाह ने कहा कि इस अवसर पर मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में निः शुल्क कन्या विद्यालय का भी शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में कौशल विकास और रोजगार दोनों सम्मिलित होंगे और अध्यापन कार्य मातृभाषा में होगा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी के 108 चरण चिह्नों का भी लोकार्पण हुआ है, जो त्याग, तपस्या और संयम के जीवन का संदेश देंगे।

    केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी और आचार्य जी के बीच बहुत ही आत्मीय संवाद रहा है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी का संदेश, प्रवचन व लेखन जैन समुदाय के साथ-साथ पूरे राष्ट्र के लिए एक अनमोल धरोहर है।

  • आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

    आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

    *आचार्य जी के उपदेश प्रकाश स्तंभ की तरह: पथ को आलोकित कर देती है सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*

    रायपुर/ जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। अगर हम अपनी संस्कृति को खो देते हैं तो विश्व के समक्ष हमारी कोई पहचान नहीं रह जाती। आचार्य जी ने संप्रदायवाद, भाषावाद, जातिवाद आदि संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता एवं विश्व बंधुत्व का संदेश हम सभी को दिया है। केन्द्रीय गृहमंत्री श्री शाह आज डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में आचार्य विद्यासागर जी महाराज की समाधि स्मारक के भूमिपूजन और विनयांजलि समारोह को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की। 

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जैन आचार्यो और मुनियों ने संपूर्ण देश को एकसूत्र में बांधने का कार्य किया है। जैन संतों और मुनियों ने उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक और बिहार के राजगीर से गुजरात के गिरनार तक हर जगह पैदल भ्रमण कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हुए त्याग और तपश्चर्या से सन्मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने एक कल्पवृक्ष की भांति जीवन जिया। उनके तप और त्याग से प्रत्येक क्षण देशवासियों को नई प्रेरणा मिली।  उन्होंने कहा कि आज इस स्थान पर सभी लोगों ने मिलकर आचार्य जी की भव्य समाधि का निर्माण करने का निर्णय लिया है, इसके लिए  सभी साधुवाद के पात्र हैं। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज भौतिक देह से भले ही हमारे बीच उपस्थित नहीं है, लेकिन उनके उपदेश हमें प्रकाश स्तंभ की तरह युगों युगों तक हमेशा सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। आचार्य जी ने धर्म की रक्षा और राष्ट्र की मजबूती के लिए मीलों पैदल सफर तय किया। आहार-विहार का ऐसा संयम रखा जिसे सोचकर ही हम सब चकित रह जाते हैं। आचार्य जी ने करोड़ों लोगों को अपने जीवन से प्रेरणा दी। वे एक राष्ट्र संत थे और स्वदेशी के प्रति उनका गहरा अनुराग था। वे हमेशा कहते थे कि हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूज्य समता सागर जी महाराज और देशभर से आए सभी जैन मुनियों को प्रणाम करते हुए कहा कि  संतों का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहे, ऐसी मेरी कामना है। 

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल, जैन समाज के अशोक पाटनी, महोत्सव के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या, श्रीकांत प्रभात जैन, विनोद जैन, मनीष जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्री गौतम को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नागरिक सुरक्षा और पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के समुचित उपयोग, जनसहभागिता और अनुशासित पुलिसिंग के माध्यम से प्रदेश में कानून-व्यवस्था को  सुदृढ़ किए जाने पर बल दिया।

  • जल जीवन मिशन में कोताही बरतने का मामला : एक ठेकेदार का अनुबंध निरस्त, पांच पर अर्थदंड

    जल जीवन मिशन में कोताही बरतने का मामला : एक ठेकेदार का अनुबंध निरस्त, पांच पर अर्थदंड

    *कोरिया कलेक्टर ने की कार्रवाई*

    रायपुर,/  जल जीवन मिशन के काम में कोताही बरतने के मामले में कोरिया कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए छह ठेकेदारों पर कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की अध्यक्षता में 17 जनवरी 2025 को हुई समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों में कोताही बरतने का मामला सामने आने पर कलेक्टर कोरिया द्वारा छह ठेकेदारों को अनुबंध की धारा 3 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

    निर्धारित 10 दिनों की समय-सीमा में संतोषजनक प्रगति न होने के कारण प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए एक ठेकेदार का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। वहीं, अन्य पांच ठेकेदारों को अनुबंध की धारा 2 के तहत कार्यों में समयानुपातिक प्रगति न देने के कारण आर्थिक दंड लगाया गया है। इन ठेकेदारों की अगली देय राशि में से 6 प्रतिशत राशि रोकने और उनके देयकों से क्रमशः एक लाख 36 हजार, 87 हजार रूपए, 26 हजार रूपए, 49 हजार एवं 80 हजार रुपये की कटौती के आदेश दिए गए हैं। कार्यपालन अभियंता एवं सदस्य सचिव, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन, कोरिया को निर्देशित किया गया है कि वे इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा है कि जल जीवन मिशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी दोषी ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • ग्रीष्मकालीन धान के बदले मक्का की खेती से दोगुना लाभ

    ग्रीष्मकालीन धान के बदले मक्का की खेती से दोगुना लाभ

    *कम लागत, अधिक मुनाफा और जल संरक्षण में मिली सफलता*

    रायपुर,/ जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए संचालित पानी बचाओ अभियान का सकारात्मक असर अब बालोद जिले में दिखने लगा है। डौंडी विकासखंड के ग्राम छिंदगांव के आदिवासी कृषक श्री श्रवण कुमार के लिए यह अभियान आर्थिक रूप से अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। पूर्व में ग्रीष्मकालीन धान की खेती करने वाले श्रवण कुमार ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग के मार्गदर्शन से इस बार अपनी 02 एकड़ भूमि में मक्का की खेती की। इससे उन्हें 88,200 रुपये की शुद्ध आमदनी हुई, जो धान की तुलना में दोगुनी है।

    किसान श्रवण कुमार ने बताया कि मक्का उत्पादन पर कुल 11,800 रुपये का खर्च आया, जिसमें खाद, बीज और अन्य व्यवस्थाएं शामिल थीं। वहीं, मक्का की बिक्री से 1 लाख रुपये की आमदनी हुई, जिससे उन्हें 88,200 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इसके विपरीत, गर्मी के मौसम में धान की खेती में ज्यादा लागत और पानी अधिक लगता है और उसकी तुलना में लाभ कम होता है। 

    मक्के की खेती से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई, बल्कि पानी की खपत भी अत्यंत कम रही, जिससे भूजल संरक्षण में भी मदद मिली। इसके अलावा, मक्के के अवशेष खेतों में सड़ाने से मिट्टी की उर्वरता में सुधार हुआ, जिससे खरीफ सीजन में धान का उत्पादन प्रति एकड़ 3-4 क्विंटल बढ़ गया। इस सफलता से प्रेरित होकर श्रवण कुमार ने इस वर्ष भी रबी सीजन में मक्का की खेती करने का निर्णय लिया है।

    किसान श्रवण कुमार ने जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित पानी बचाओ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की प्रेरणा से वे धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती के लिए प्रेरित हुए हैं, जिसका लाभ भी मिला है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति होगी, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • महतारी वंदन योजना की 12वीं किश्त की राशि हुई जारी

    महतारी वंदन योजना की 12वीं किश्त की राशि हुई जारी

    *69 लाख 53 हजार 994  हितग्राहियों के बैंक खातों में 650.32 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण*

    रायपुर / राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना की 12वीं किश्त की राशि जारी कर दी गई है, जिसके अंतर्गत 69 लाख 53 हजार 994 महिला हितग्राहियों के बैंक खातों में 650.32 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किया गया है।  

    महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार महतारी वंदना योजना के तहत फरवरी माह में बालोद जिले में 2,50,768 हितग्राहियों को 23.10 करोड़ रुपए, बलौदा बाजार जिले में 3,27,476 हितग्राहियों को 30.97 करोड़ रुपए और बलरामपुर जिले में 2,13,300 हितग्राहियों को 19.79 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार बस्तर जिले में 1,91,609 हितग्राहियों को 18 करोड़ 87 हजार रुपए, बेमेतरा जिले में 2,52,906 हितग्राहियों को 23.96 करोड़ रुपए और बीजापुर जिले में 38,273 हितग्राहियों को 3.67 करोड़ रुपए की राशि का वितरण किया गया। बिलासपुर जिले में 4,22,741 हितग्राहियों को 39.54 करोड़ रुपए, दंतेवाड़ा जिले में 54,579 हितग्राहियों को 5.16 करोड़ रुपए और धमतरी जिले में 2,34,046 हितग्राहियों को 21.76 करोड़ रुपए की सहायता दी गई। दुर्ग जिले में 4,02,211 हितग्राहियों को 38.33 करोड़ रुपए और गरियाबंद जिले में 1,81,791 हितग्राहियों को 16.75 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 95,401 हितग्राहियों को 8.72 करोड़ रुपए की सहायता राशि मिली।

    जांजगीर-चांपा जिले में 2,88,420 हितग्राहियों को 26.91 करोड़ रुपए, जशपुर जिले में 2,30,609 हितग्राहियों को 21.50 करोड़ रुपए और कबीरधाम जिले में 2,53,149 हितग्राहियों को 23.53 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। कांकेर जिले में 1,83,279 हितग्राहियों को 17.46 करोड़ रुपए, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में 1,16,472 हितग्राहियों को 10.99 करोड़ रुपए, और कोंडागांव जिले में 1,39,784 हितग्राहियों को 13.08 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई।

    कोरबा जिले में 2,93,353 हितग्राहियों को 27.34 करोड़ रुपए, कोरिया जिले में 59,625 हितग्राहियों को 5.62 करोड़ रुपए और महासमुंद जिले में 3,22,519 हितग्राहियों को 30.11 करोड़ रुपए की राशि का वितरण हुआ।मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 1,00,895 हितग्राहियों को 9.70 करोड़ रुपए, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 81,831 हितग्राहियों को 7.59 करोड़ रुपए और मुंगेली जिले में 2,12,511 हितग्राहियों को 19.44 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई। नारायणपुर जिले में 27,258 हितग्राहियों को 2.54 करोड़ रुपए, रायगढ़ जिले में 3,03,934 हितग्राहियों को 27.72 करोड़ रुपए और रायपुर जिले में 5,31,558 हितग्राहियों को 51.19 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई। राजनांदगांव जिले में 2,56,724 हितग्राहियों को 24.22 करोड़ रुपए, सक्ती जिले में 1,98,777 हितग्राहियों को 18.22 करोड़ रुपए और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 1,89,156 हितग्राहियों को 16.67 करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित की गई। सुकमा जिले में 52,065 हितग्राहियों को 4.91 करोड़ रुपए, सुरजपुर जिले में 2,15,518 हितग्राहियों को 20.29 करोड़ रुपए और सरगुजा जिले में 2,31,456 हितग्राहियों को 21.38 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किया गया।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिली लीजेन्ड 90 की आयोजन समिति

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिली लीजेन्ड 90 की आयोजन समिति

    *मुख्यमंत्री की जन्म तिथि वाली 21 नंबर जर्सी भेंट कर किया आमंत्रित*

    रायपुर, / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग को लेकर आयोजन समिति के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की और उन्हें प्रतियोगिता में आमंत्रित किया। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 6 फरवरी से 18 फरवरी तक लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग का आयोजन होगा। इस अवसर पर लीजेन्ड 90 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुणेश सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री श्री साय को छत्तीसगढ़ वॉरियर्स टीम की 21 नंबर की विशेष जर्सी भेंट की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री साय की जन्म तिथि 21 फरवरी है, इसको ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ वॉरियर्स टीम 21 नंबर की यह विशेष जर्सी भेंट की गई है। 

    लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग का आयोजन इस वर्ष भारत में पहली बार किया जा रहा है। 06 फरवरी से 18 फरवरी 2025 तक शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर में यह टूर्नामेंट खेला जाएगा। यह लीग अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन पूर्व में श्रीलंका सहित विभिन्न देशों में हो चुका है।

    इस भव्य प्रतियोगिता में क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, हरभजन सिंह, शिखर धवन, युवराज सिंह, सुरेश रैना, मैथ्यू वेड, मोइन अली, आरोन फिंच, तिसारा परेरा, रॉबिन उथप्पा, दिनेश कार्तिक, शॉन मार्श, मार्टिन गप्टिल, केदार जाधव, बेन डंक, शाकिब अल हसन और डेनियल क्रिश्चियन जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान लीजेन्ड 90 के सीईओ श्री तरुणेश सिंह परिहार ने प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी दी और छत्तीसगढ़ में इस ऐतिहासिक आयोजन के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर बलविंदर सिंह, राहुल भदौरिया (संचालक स्पोर्ट्स मिंट), सदन घोष (संचालक यारों), गौरव बत्रा और राजीव सोनी भी उपस्थित रहे।

    इस अंतरराष्ट्रीय लीग के आयोजन से छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों को दुनिया के शीर्ष क्रिकेटरों को अपने प्रदेश में खेलते देखने का शानदार अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन राज्य में क्रिकेट के विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा। 

    *मुख्यमंत्री की क्रिकेट प्रेमियों से अपील* 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्रिकेट प्रेमियों से लीजेंड 90 क्रिकेट लीग के आयोजन में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। रायपुर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लीग में देश-विदेश के नामचीन क्रिकेट खिलाड़ी हिस्सा लेने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में खेल अधोसंरचना को बेहतर करने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। ओलंपिक पदक विजेताओं को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। बस्तर में हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया, जिसमें एक लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ में क्रिकेट संबंधी अधोसंरचना को बढ़ाने के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं।  शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भविष्य में भी क्रिकेट के रोमांचक मैच लगातार देखने मिलेंगे।

  • नवा रायपुर में दिखेगी ब्रिटिश कालीन जनजाति विद्रोह की झांकी

    नवा रायपुर में दिखेगी ब्रिटिश कालीन जनजाति विद्रोह की झांकी

    संग्रहालय निर्माण के 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण, मुख्य गेट के पास बनेगा वॉटर फॉउंटेन हल्बी या गोंडी बोली में लिखा जाएगा संग्रहालय का नाम

    प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया निरीक्षण, कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
    रायपुर,/छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण की स्मृति में नवा रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन के समीप निर्माणाधीन जनजातीय संग्रहालय का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस संग्रहालय में अंग्रेजी हुकुमत के दौरान हुए जनजातीय विद्रोहों की झांकी का निर्माण किया जा रहा है।

    आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने निर्माणाधीन संग्रहालय का आज निरीक्षण किया और संग्रहालय निर्माण की धीमी गति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने संग्रहालय के शेष कार्य गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों, ठेकेदारों और क्यूरेटर का एक दल बनाकर एक-एक गैलेरी का कार्य उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

    प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि संग्रहालय के आस-पास जल जमाव की स्थिति निर्मित न हो, इस पर विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने मुख्यद्वार के पास वाटर फॉउटेन भी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहालय का नाम हल्बी एवं गोंडी बोली में भी अंकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहालय के भीतर लगने वाली दुकानों को ट्राइफेड को दिए जाने के संबंध में कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय परिसर सौर ऊर्जा से उत्पन्न विद्युत से जगमगा सके, इसे ध्यान में रखते हुए सोलर प्लांट स्थापना की जाए। इस अवसर पर आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त पदुम सिंह ऐल्मा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025:राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे सुकमा

    नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025:राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे सुकमा

     स्ट्रांग रूम, मतगणना स्थल, मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण

    निर्वाचन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश

     ई वी एम जागरूकता कार्यक्रम कुम्हाररास में मतदाताओं से चर्चा कर दी मतदान की जानकारी
      रायपुर, /छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2025 के अंतर्गत मतदान पूर्व तैयारियों की जायजा लेने एक दिवसीय सुकमा प्रवास पर रहे। उनके साथ राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेंन्द्र भुरे एवं नोडल अधिकारी नगर पालिका एवं पंचायत निर्वाचन (पुलिस) ओ.पी. पाल भी उपस्थित थे।

    राज्य निर्वाचन आयोग अजय सिंह ने सुकमा जिले के हैलीपैड में स्थित मीटिंग हाल में जिले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चुनाव की अदयतन स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन को सुचारू रूप से संचालन एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराए जाने के सम्बन्ध में आवश्यक तैयारियों के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध करायी। उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों में कुल 17 हज़ार 511 मतदाता एवं त्रिस्तरीय पंचायत में 1 लाख 70 हज़ार 228 मतदाता है। नगरीय निकायों में मतदान केंद्र 31 हैं, जिसमें संवेदनशीलता के आधार पर सभी सामान्य मतदान केंद्र हैं। वहीं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए 375 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से  संवेदनशील 217 एवं अति संवेदनशील 104 मतदान केंद्र हैं। उन्होंने जिले के समस्त मतदान केन्द्रों की भौतिक स्थिति से अवगत कराया और संवेदनशील मतदान केंद्रों के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने जिले में मतदान केन्द्रों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।

     राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह बैठक के पश्चात प्राथमिक शाला जनपदपारा सुकमा में स्थित मतदान केंद्र पहुँचे। मतदान केंद्र में मतदाताओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।

    इसके पश्चात श्री सिंह ने शासकीय आईटीआई कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम एवं मतगणना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्ट्रांग रूम में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी सहित अन्य सभी आवश्यक मूलभूत आवश्यकताओं को समय पूर्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने मतगणना स्थल में बिजली, पेयजल, शौचालय, पर्याप्त बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था, निर्वाचन अभिकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था, मतगणना कक्ष की जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

     निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे निर्वाचन तैयारी की सराहना की एवं नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन सुचारू एवं शांतिपूर्ण रूप से संपन्न करने आवश्यक निर्देश दिए।  निरीक्षण के दौरान बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह, आईजी बस्तर पी सुंदरराज, कलेक्टर देवेश कुमार धु्रव, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, जिला सीईओ श्रीमती नम्रता जैन, अपर कलेक्टर गजेंद्र सिंह ठाकुर,संयुक्त कलेक्टर सूरज कश्यप एवं निर्वाचन से सम्बंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

  • चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर को एम.सी.एच. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की 03 सीटों की मंजूरी

    चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर को एम.सी.एच. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की 03 सीटों की मंजूरी

    रायपुर/ पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के कैंसर विभाग (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) को राष्ट्रीय कैंसर दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (चिकित्सा शिक्षा -1) ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एन.एम.सी.) को निर्देशित किया है कि चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विषय में सुपर स्पेशलाइजेशन पाठ्यक्रम (एम.सी.एच.) के लिए 03 सीटों की स्वीकृति प्रदान की जाए। इससे यह महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किया जा सकेगा।

    *प्रदेश में कैंसर उपचार को मिलेगा नया आयाम*

    उल्लेखनीय है कि चिकित्सा महाविद्यालय के कैंसर विभाग में पहले से एम.डी. (रेडियोथेरेपी) की 6 मान्यता प्राप्त सीटें पहले से संचालित की जा रही हैं। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विषय में सुपर स्पेशलाइजेशन पाठ्यक्रम की स्वीकृति के बाद अब प्रदेश के कैंसर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल पाएगी।

    *मध्य भारत का पहला शासकीय चिकित्सा संस्थान बना रायपुर मेडिकल कॉलेज, जहां विशेष पाठ्यक्रम होगा संचालित*

    महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी और सर्जिकल आंकोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि रायपुर मेडिकल कॉलेज मध्य भारत का पहला शासकीय चिकित्सा संस्थान है, जहां यह विशेष पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। महाविद्यालय के एन.एम.सी. सेल के चेयरमैन डॉ. अरविंद नेरल ने बताया कि गत वर्ष इस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन कुछ कमियों के कारण एन.एम.सी. ने एल.ओ.पी. (लेटर ऑफ परमिशन) जारी नहीं किया था। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा इन कमियों को दूर कर दो बार पुनर्विचार के लिए अपील की गई। हाल ही में एन.एम.सी. के निर्देशानुसार सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष गुप्ता को व्यक्तिगत रूप से नई दिल्ली भेजा गया, जहां स्टाफ, अधोसंरचना, उपकरण, क्लिनिकल सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की गई। संतोषजनक मूल्यांकन के बाद एन.एम.सी. ने एम.सी.एच. पाठ्यक्रम की स्वीकृति प्रदान की।

    *कैंसर मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं*

    एम.सी.एच. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी पाठ्यक्रम के शुरू होने से: कैंसर के मरीजों को उन्नत शल्य चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।  प्रदेश को सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सुपर-विशेषज्ञ मिलेंगे।  चिकित्सा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।

    इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के कैंसर रोगियों को अत्याधुनिक उपचार की सुविधा मिलेगी और चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर कैंसर उपचार और शोध के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।