Category: RAIPUR

  • छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों के मामले में अपार संभावनाओं वाला राज्य – सचिव पी. दयानंद

    छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों के मामले में अपार संभावनाओं वाला राज्य – सचिव पी. दयानंद

    *छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क ब्लॉकों की नीलामी हेतु ‘प्री-बिड कॉन्फ्रेंस’ का सफल आयोजन*

    रायपुर / संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा बस्तर के बैलाडीला क्षेत्र के लौह अयस्क ब्लॉकों की नीलामी को लेकर आज नवा रायपुर के न्यू सर्किट हाउस स्थित कन्वेंशन हॉल में ‘प्री-बिड कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया गया। इस बैठक में देशभर से आए खनन निवेशकों और बोलीदाताओं ने भाग लिया, जहां नीलामी प्रक्रिया, निवेश अवसरों, और खनिज संसाधनों पर विस्तृत चर्चा हुई।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित तीन विश्व स्तरीय लौह अयस्क ब्लॉक एवं उत्तर बस्तर कांकेर के एक ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया पर चर्चा की गई। खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए और ई-नीलामी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।

    खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों के मामले में अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जो उद्योग, व्यापार, और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक विकास का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम होगी, क्योंकि यहां उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क के विशाल भंडार उपलब्ध हैं।

    नीलामी प्रक्रिया के तहत 27 फरवरी 2025 तक दोपहर 3 बजे तक ऑनलाइन टेंडर डॉक्युमेंट खरीदे जा सकते हैं। 28 फरवरी 2025 तक दोपहर 3 बजे तक टेंडर सबमिट करने की अंतिम तिथि है। इच्छुक बोलीदाता नवा रायपुर स्थित संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, इंद्रावती भवन, ब्लॉक-4, द्वितीय तल पर जाकर  विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्री-बिड कॉन्फ्रेंस में देशभर के खनन कंपनियों, औद्योगिक समूहों और निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छत्तीसगढ़ के बैलाडीला क्षेत्र में स्थित लौह अयस्क भंडारों की उच्च गुणवत्ता और निवेश के अनुकूल वातावरण को देखते हुए नीलामी प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक रुझान देखने को मिला। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को खनन और इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • शिक्षा और एकता से ही होता है समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    शिक्षा और एकता से ही होता है समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    *खड़िया समाज के वार्षिक सामाजिक सम्मेलन में  शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय* 

    रायपुर/मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खड़िया अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्धजनों और युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अगली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की वास्तविक प्रगति तब होगी जब शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक एकता को समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और एकता से ही समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने खड़िया समाज के ऐतिहासिक सफर की चर्चा करते हुए 2011 में समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने के ऐतिहासिक निर्णय को याद किया और इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों की सराहना की।

    कार्यक्रम की शुरुआत में माता सरस्वती और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद तेलंगा खड़िया के छायाचित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विधायक एवं सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक श्री भरत साय, और समाज के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे।

    *13 महीनों में सरकार ने दिए विकास को नए आयाम*

    *वनवासी समाज के उत्थान के लिए सरकार के ठोस प्रयास*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने वनवासी समाज के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा कर दिया गया है, जिससे लाखों संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है।

    इसके अलावा 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

    भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रत्येक वर्ष ₹10,000 की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है।

       *जनजातीय समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा: विधायक श्रीमती गोमती साय*

    विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जो समाज शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक एकता पर बल देता है, वही उन्नति करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया, जिससे हर वर्ग का समग्र विकास संभव हो सके। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने जनजातीय समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खड़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष मदन नायक, जिला संरक्षक बोध साय मांझी, जिला महामंत्री कृपाल मांझी, जिला उपाध्यक्ष रामसागर सोरेंग और बाल कुमार प्रधान सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

  • यूपी सरकार एआई और डिजिटल क्रांति में नेतृत्व के लिए प्रतिबद्ध- मंत्री कपिल देव अग्रवाल

    यूपी सरकार एआई और डिजिटल क्रांति में नेतृत्व के लिए प्रतिबद्ध- मंत्री कपिल देव अग्रवाल

    UP AI Synergy Conclave 2025’ में एआई इनोवेशन को मिली नई दिशा

    चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ में भारत की पहली बहु-अनुशासनिक एआई शिक्षा प्रणाली शुरू होगी

    टाटा ग्रुप के साथ करार से यूपी में एआई स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा: मंत्री कपिल देव अग्रवाल

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल भविष्य की दिशा में प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए ‘UP AI Synergy Conclave 2025’ का आयोजन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ द्वारा किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में उद्योग जगत, शिक्षा क्षेत्र, नीति निर्धारकों और वैश्विक एआई विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एआई पर वैश्विक नेतृत्व की सराहना की और कहा कि एआई के क्षेत्र में किए जा रहे निवेश से भारत को भविष्य में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।

    सम्मेलन में यह घोषणा की गई कि उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ में 170 एकड़ भूमि में एआई हब विकसित कर रही है, जिससे प्रदेश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाएगा। इसी क्रम में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने लखनऊ में उच्च स्तरीय एआई शिक्षा और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 2500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। इसके साथ ही ‘इंडिया एआई फाउंडेशन’ की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद मिलेगी। इस सम्मेलन में 30 से अधिक कंपनियों के सीईओ, संस्थापक, विशेषज्ञ और निवेशकों ने भाग लिया और उद्योग-शिक्षा साझेदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते किए।

    प्रदेश के व्यावसायिक  शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल  ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर एआई को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि यूपी सरकार ने टाटा ग्रुप के साथ मिलकर कौशल विकास को गति देने के लिए करार किया है, जिससे उद्योगों को योग्य कार्यबल मिल सके। लखनऊ में एआई हब विकसित करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, और इसके लिए हमें एआई और डिजिटल क्रांति में नेतृत्व करना होगा। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    राज्यसभा सांसद व चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर देख रही है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक एआई मिशन का केंद्र बन रहा है। उन्होंने घोषणा की कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ भारत की पहली एआई-सक्षम बहु-अनुशासनिक शिक्षा प्रणाली शुरू करने जा रही है, जिससे छात्रों को भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि एआई में निवेश करने वाले ही भविष्य में सर्वश्रेष्ठ बनेंगे और भारत सरकार द्वारा 10,000 करोड़ रुपये का एआई मिशन और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1,000 करोड़ रुपये का एआई हब इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

    ‘चेंज इंजन’ के संस्थापक वरुण अग्रवाल ने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर एआई प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए अगली पीढ़ी की एआई तकनीकों में रणनीतिक निवेश करना होगा। उन्होंने चीन के ‘DeepSeek AI’ मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को भी अपने स्वयं के उन्नत एआई मॉडल तैयार करने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें केवल वर्तमान तकनीकों की नकल नहीं करनी चाहिए, बल्कि यह देखना चाहिए कि अगले पांच से दस वर्षों में कौन सी तकनीकें प्रभावी होंगी और उनमें अभी से निवेश करना चाहिए।

    ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) की एआई नीति विशेषज्ञ माया शर्मन ने कहा कि भारत एआई विकास की वैश्विक रूपरेखा तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की एआई नीति को अन्य देश अपनाने पर विचार कर रहे हैं, जो यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत कैसे एक मजबूत एआई पारिस्थितिकी तंत्र बना रहा है। उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ की एआई केंद्रित शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों को एआई के विभिन्न पहलुओं को सीखने और भविष्य के लिए तैयार करने में मदद करेगा।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलवामा के शहीदों को किया नमन, वीर जवानों के बलिदान को किया स्मरण

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलवामा के शहीदों को किया नमन, वीर जवानों के बलिदान को किया स्मरण

    रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए आतंकी हमले में शहीद वीर जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश उन बहादुर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेगा, जिनकी वीरता और अदम्य साहस ने राष्ट्र की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर जवानों की शहादत देश की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रमाण है। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश की अस्मिता और संप्रभुता सर्वोपरि है, और इसके लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों का साहस हम सभी को देशसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए सतत तत्पर रहने वाले सभी सैनिकों को हम  सादर नमन करते हैं और उनके अदम्य साहस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को उनकी जयंती पर किया नमन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को उनकी जयंती पर किया नमन

    रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्रीमती सुषमा स्वराज की जयंती (14 फरवरी) पर उन्हें नमन करते हुए उनके अद्वितीय योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुषमा स्वराज जी भारतीय राजनीति में नारीशक्ति की एक प्रेरणादायी प्रतीक थीं। वे प्रखर वक्ता, प्रभावशाली नेत्री और पद्म विभूषण सम्मान से अलंकृत महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने समर्पण, कर्तव्यपरायणता और उत्कृष्ट नेतृत्व से भारतीय राजनीति में एक अमिट छाप छोड़ी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुषमा स्वराज जी का जीवन देशभक्ति, जनसेवा और नारी सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। वे दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और भारत की पहली महिला विदेश मंत्री भी रहीं। उन्होंने अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से भारतीय विदेश नीति को नई दिशा दी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ किया।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुषमा जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। वे हमेशा राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखती थीं। उनके विचार, उनकी कार्यशैली और उनकी सेवा भावना हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा की राह पर अग्रसर होने का मार्ग दिखाएगी।

  • लौह अयस्क ब्लॉक के लिए ‘प्री बिड कॉन्फ्रेंस आज 

    लौह अयस्क ब्लॉक के लिए ‘प्री बिड कॉन्फ्रेंस आज 

    रायपुर/संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैलाडीला क्षेत्र के लौह अयस्क ब्लॉक की नीलामी से संबंधित ‘‘प्री बिड कॉन्फ्रेंस‘‘ (Pre Bid Conference) का आयोजन आज 14 फरवरी को अपरान्ह 3 बजे न्यू सर्किट हाउस, नवा रायपुर, सेक्टर 24 के कन्वेंशन हॉल में किया गया है।

  • प्रशासन की तत्परता से जांजगीर-चांपा जिले में 14 बाल विवाह रोके गए

    प्रशासन की तत्परता से जांजगीर-चांपा जिले में 14 बाल विवाह रोके गए

    रायपुर, / जिला प्रशासन की सक्रियता और महिला एवं बाल विकास विभाग की तत्परता से जांजगीर-चांपा जिले में पखवाड़े भर में कुल 14 बाल विवाह रोके गए, जिससे नाबालिग बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो गया। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रीमती अनिता अग्रवाल के मार्गदर्शन में जांजगीर-चांपा जिले में बाल विवाह की रोकथाम का अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस विभाग के समन्वय से विभिन्न गांवों में इन बाल विवाहों को रोका गया।

    इस अभियान के तहत 13 फरवरी 2025 को विकासखंड नवागढ़ के ग्राम अवरीद में एक ही दिन में 5 बाल विवाह रोके गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बालक-बालिकाओं की जन्मतिथि एवं अंकसूचियों की जांच की गई, जिसमें उनकी उम्र विवाह की न्यूनतम निर्धारित आयु से कम पाई गई। विभागीय अधिकारियों ने परिजनों और स्थानीय नागरिकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी और उन्हें समझाइश दी। समझाइश के उपरांत परिजनों की सहमति से विवाह रोक दिया गया और गवाहों के समक्ष घोषणा पत्र व राजीनामा पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए।

    गौरतलब है कि रोके गए पांच विवाहों में से तीन विवाह 18, 19 और 21 फरवरी 2025 को प्रस्तावित थे, जबकि दो विवाह दिसंबर 2025 में होने वाले थे। विवाह की तैयारियां शुरू होने से पहले ही प्रशासन की सतर्कता के चलते इन्हें रोक लिया गया, जिससे परिवारों को आर्थिक क्षति, सामाजिक अपमान और मानसिक तनाव से बचाया जा सका।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल का कहना है कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। छोटी उम्र में विवाह होने से शारीरिक और मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। लड़कियों में कुपोषण, रक्त की कमी और जटिल प्रसव संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने से वंचित रह जाते हैं। घरेलू हिंसा, शोषण और सामाजिक असमानता की संभावना बढ़ जाती है।

    श्रीमती अनिता अग्रवाल ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिले, तो तत्काल विभाग को सूचित करें। समय रहते दी गई जानकारी से बच्चों के जीवन को संवारने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा है कि बाल विवाह को रोकना प्रशासन और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी आवश्यक है। सभी नागरिकों से आग्रह है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने में सहयोग करें और बच्चों को एक उज्जवल भविष्य देने में भागीदार बनें।

  • राज्यपाल रमेन डेका ने महाकुंभ के अवसर पर त्रिवेणी संगम में किया स्नान

    राज्यपाल रमेन डेका ने महाकुंभ के अवसर पर त्रिवेणी संगम में किया स्नान

    रायपुर,/श्रद्धा और आस्था के प्रतीक ‘महाकुंभ‘ के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान कर प्रदेश एवं समस्त देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि सनातन के इस महापर्व के अवसर पर डुबकी लगाना परम सौभाग्य की बात है। ऐसे पुण्य क्षणों का लाभ लेना अत्यंत सुखद एवं मन को शांति प्रदान करने वाला होता है। इस अवसर पर राज्यपाल के परिजन भी उपस्थित थे।

  • प्रयागराज महाकुंभ 2025: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने त्रिवेणी संगम में किया पुण्य स्नान, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

    प्रयागराज महाकुंभ 2025: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने त्रिवेणी संगम में किया पुण्य स्नान, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

    रायपुर / महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण एवं उनके परिवारजन उपस्थित थे। 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाकुंभ को सनातन धर्म की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों बाद आयोजित यह विराट महाकुंभ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सनातन लोकतांत्रिक परंपराओं को जानने, समझने और आत्मसात करने का अनुपम अवसर भी है।

    मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुए, जहां पहुंचने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ 5 इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से संगम तट के लिए प्रस्थान किया। अरेल घाट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य गणमान्यजन मोटर बोट से त्रिवेणी संगम पहुंचे और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार माँ गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, और इसी परंपरा के अनुरूप छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी यहां स्थापित करने का संकल्प लिया गया। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय आस्था, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती का यह त्रिवेणी संगम केवल जल का मिलन नहीं, बल्कि अध्यात्म, परंपरा और संस्कृति का महासंगम है। प्रयागराज महाकुंभ न केवल भारत के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी आध्यात्मिक जड़ों को सुदृढ़ करने और सनातन संस्कृति के दिव्य स्वरूप को विश्वभर में प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने भी इस दिव्य आयोजन और उसकी व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सनातन संस्कृति के संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे हमें भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखना है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़वासियों और समस्त देशवासियों को महाकुंभ की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारतीय सभ्यता के मूल सिद्धांत—धर्म, करुणा, और आध्यात्मिकता—का उत्सव है, जो समाज को नई दिशा देता है और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करता है।

  • आईपीएस 2025 – सतत विद्युत उत्पादन के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता 

    आईपीएस 2025 – सतत विद्युत उत्पादन के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता 

    एनटीपीसी विंध्याचल ने स्वर्ण शक्ति और बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड्स में ओवरऑल चैंपियन जीता

    रायपुर। एनटीपीसी लिमिटेड,  भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत कंपनी  रायपुर में 13 से 15 फरवरी 2025 तक अपने फ्लेगशिप कार्यक्रम भारतीय पावर स्टेशन प्रचालन व अनुरक्षण सम्मेलन (आईपीएस 2025) की शुरुआत की|

    एनटीपीसी सिंगरौली की पहली इकाई के कमीशनिंग के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय सम्मेलन में “विश्वसनीय और सतत उत्पादन, परिसंपत्ति प्रबंधन और ऊर्जा परिवर्तन” विषय पर विचार-विमर्श करने के लिए उद्योग के अग्रणी, पेशेवरों और विशेषज्ञों को एक साथ लाया गया।

    पंकज अग्रवाल, सचिव (विद्युत) ने उद्घाटन समारोह को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए कहा कि  “एनटीपीसी ने देश भर में थर्मल पावर स्टेशनों के प्रचालकों के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया है। हमने एनटीपीसी के महत्वपूर्ण योगदान के साथ इतिहास में पहली बार 50 मिलियन टन कोयला भंडार बनाए रखा है। आने वाले समय में  बढ़ती चुनौतियों के लिए हमें रखरखाव प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल की गहन समीक्षा तथा प्रचालन डाटा का विस्तृत  विश्लेषण करने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे सभी कंपनियों को पर्यावरण निरंतरता को प्राथमिकता देने और अपने पर्यावरण प्रबंधन प्रणालियों के प्रदर्शन की बारीकी से निगरानी करने के लिए प्रोत्साहित किया।

    इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने एनटीपीसी की 50वीं वर्षगांठ पर पहुंचने पर सराहना की। उन्होंने कहा, “ऊर्जा परिवर्तन के लिए एनटीपीसी का व्यापक दृष्टिकोण स्पष्ट है, जिसमें सीसीयूएस जैसी पहल के माध्यम से थर्मल पावर को स्वच्छ बनाए रखने का प्रयास शामिल हैं। उन्होंने वेंडर विकास को बढ़ावा देने पर एनटीपीसी के केंदित प्रयास की सराहना की, जो आपूर्ति श्रृंखला में बाधा को हल करने में मदद करेगा।

     गुरदीप सिंह, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक एनटीपीसी लिमिटेड ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि  “जैसा कि हम भारतीय पावर स्टेशन 2025 के लिए एकत्र हुए हैं, हमारा ध्यान सभी पावर स्टेशनों में आर एंड एम के लिए समयबद्ध कार्यक्रमों को लागू करने पर होना चाहिए। नवोन्मेषी उपायों के माध्यम से हमारे मौजूदा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से हमारी दक्षता और विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। विकसित पावर ग्रिड और ऊर्जा क्षेत्र के गतिशील स्वरूप के कारण यह जरूरी है कि हम अपने दृष्टिकोण में अनुकूलन और अधिक चुस्त और प्रयोगात्मक हों।

    श्री रवीन्द्र कुमार, निदेशक (प्रचालन) ने एनटीपीसी परिवार की ओर से इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों  और सम्मानित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर निदेशक (वित्त) जयकुमार श्रीनिवासन, निदेशक (ईंधन)  शिवम श्रीवास्तव, निदेशक (परियोजना)  के एस सुंदरम, निदेशक (मानव संसाधन)  ए के जाडली, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्रीमती रश्मिता झा, विद्युत मंत्रालय , सीईए, सीईआरसी, एनटीपीसी, जेनको और अन्य कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर परियोजनाओं और स्टेशनों को एनटीपीसी स्वर्ण शक्ति पुरस्कार (2023-24) और एनटीपीसी बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड्स (2024-25) भी प्रदान किए गए। आईपीएस 2025 का एक अन्य प्रमुख आकर्षण टेक्नो गैलेक्सी प्रदर्शनी है जिसमें अत्याधुनिक तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटलीकरण और कई विक्रेताओं और निर्माताओं के रचनात्मक समाधान शामिल हैं।