Category: RAIPUR

  • छत्तीसगढ़ में डेयरी विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को  मिलेगी नई गति, किसानों की बढ़ेगी आय – मुख्यमंत्री

    छत्तीसगढ़ में डेयरी विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को  मिलेगी नई गति, किसानों की बढ़ेगी आय – मुख्यमंत्री

    *राज्य सरकार पशुपालन को बना रही समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदम*

    *राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में तैयार हुआ पायलट प्रोजेक्ट, डेयरी उद्योग को मिलेगी नई दिशा*

    रायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कहा कि छत्तीसगढ़ में श्वेत क्रांति की तर्ज पर डेयरी उद्योग को सशक्त बनाने और किसानों व पशुपालकों की आय दोगुनी करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन को लाभकारी व्यवसाय बनाने और प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है, जिसके तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित  बैठक में पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि दिसंबर 2024 में राज्य सरकार और NDDB के बीच हुए समझौते के बाद छत्तीसगढ़ में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु तेजी से  प्रयास किए जा रहे हैं। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अधिकांश आबादी कृषि से जुड़ी है और अतिरिक्त आय के लिए पशुपालन का कार्य भी करती है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता में तैयार  पायलट प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार लगभग 5 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6 जिलों को शामिल किया गया है और सफल क्रियान्वयन के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।

    *ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती, पोषण अभियान को मिलेगा लाभ*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डेयरी उद्योग के विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही, प्रदेशवासियों के पोषण स्तर में भी सुधार होगा, जिससे बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आएगा।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ, प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता में वृद्धि और सरप्लस दूध के उपयोग को लेकर ठोस कार्य योजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दूध उत्पादन से जुड़े किसानों और पशुपालकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय को बढ़ा सकें।

    बैठक में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के चेयरमैन मिनिष शाह ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन 58 लाख किलोग्राम दूध का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध संघ की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन करने के बाद, दुग्ध उत्पादन और मार्केटिंग को बढ़ाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से पशुपालकों को आधुनिक तकनीक और मशीनों से दूध की गुणवत्ता जांच और तत्काल भुगतान की सुविधा प्रदान की जाएगी। बायोगैस और बायो-फर्टिलाइजर प्लांट की स्थापना से पशुपालकों की अतिरिक्त आय के स्रोत बढ़ेंगे, जिससे पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहेगा।

    *छत्तीसगढ़ को डेयरी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने डेयरी विकास, पशु उत्पादकता संवर्धन, पशु प्रजनन और पशु पोषण को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक योजना के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की।

    *मुख्यमंत्री का आह्वान – पशुपालन से समृद्धि की ओर बढ़े छत्तीसगढ़*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दृढ़संकल्पित है। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, संचालक पशुपालन रिमिजियूस एक्का  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • नक्सल प्रभावित इलाकों में रोशनी की नई किरण, विद्युत सुविधाओं के विस्तार को मिली रफ्तार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    नक्सल प्रभावित इलाकों में रोशनी की नई किरण, विद्युत सुविधाओं के विस्तार को मिली रफ्तार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *सौर ऊर्जा को बढ़ावा, तकनीकी नवाचार से बिजली बचत: मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश*

    रायपुर,/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में ऊर्जा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक में प्रदेश में निरंतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, सौर ऊर्जा (Solar Energy) को बढ़ावा देने और नवीन तकनीकों के माध्यम से बिजली व्यय को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर, नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाएं देकर हम राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएंगे। साथ ही, ग्रामीण व शहरी विद्युतीकरण के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करेंगे।

    *नक्सल प्रभावित इलाकों में विद्युतीकरण को मिली नई गति*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने नियद नेल्लानार योजना के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुए व्यापक विद्युतीकरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित सभी गाँवों को विद्युत सुविधा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इससे ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने और उनके जीवन स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत सुविधाओं से वंचित शेष क्षेत्रों को जल्द से जल्द रोशन किया जाए।

    *उपभोक्ताओं को बिजली बिल भुगतान में राहत, ऑनलाइन भुगतान को मिलेगा बढ़ावा*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बिजली बिल के बकाया भुगतान को लेकर उपभोक्ताओं को विशेष राहत देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिजली बिल का समय पर भुगतान न होने से सरकार को राजस्व हानि होती है, वहीं उपभोक्ताओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसलिए बकाया बिल के एकमुश्त भुगतान की विशेष सुविधा दी जानी चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिले और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि हो।

    उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को मोबाइल मैसेज और लिंक के माध्यम से उनके बिजली बिल की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे आसानी से ऑनलाइन भुगतान कर सकें।

    *ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीण और शहरी विद्युतीकरण से जुड़ी राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी अधिक सुविधाएं मिलेंगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लॉस (T&D Loss) को कम करने, तथा तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों को रोकने के लिए ठोस रणनीति विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सौर ऊर्जा के उपयोग को अधिकतम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, जिसे घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक स्तर पर अपनाने के लिए नई योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जानी चाहिए।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा जाए। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • जनता ने चुना विकास का मार्ग, हिंसा को दिखाया बाहर का रास्ता – मुख्यमंत्री

    जनता ने चुना विकास का मार्ग, हिंसा को दिखाया बाहर का रास्ता – मुख्यमंत्री

    *राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन: नक्सलवाद पर लोकतंत्र की ऐतिहासिक जीत, दशकों बाद बस्तर के गांवों में गूंजेगा लोकतंत्र का स्वर*

    रायपुर,/ छत्तीसगढ़ में त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन के प्रथम चरण में लोकतंत्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बस्तर संभाग, जो दशकों तक नक्सलवाद के साए में रहा, अब लोकतंत्र के उजाले की ओर बढ़ रहा है। सुकमा और बीजापुर जिले के अनेक मतदान केंद्रों पर पहली बार अनेक दशकों के बाद ग्रामीण पंचायत चुनाव में मतदान कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में जनता ने विकास का मार्ग चुना है और  हिंसा को बाहर का रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह  परिवर्तन राज्य और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सतत विकास कार्यों और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था का परिणाम है। यह केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोकतंत्र के प्रति बढ़ते विश्वास और भयमुक्त समाज की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रमाण है।

    बस्तर में पंचायत चुनावों का नक्सलियों द्वारा कोई विरोध नहीं किया जाना क्षेत्र में 40 से अधिक नवीन सुरक्षा कैंपों की स्थापना और सरकार द्वारा ग्रामीणों में विश्वास बहाल करने की रणनीति का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि बस्तर में नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी इस बार ग्रामीण मतदान के लिए उत्साहित हैं। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत को दर्शाता है।

    राज्य में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, दंतेवाड़ा और गरियाबंद जिलों में भी मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। बीजापुर के पुसनार, गंगालूर, चेरपाल, रेड्डी, पालनार जैसे क्षेत्रों में ग्रामीणों ने निर्भीक होकर मतदान किया। 

    *बस्तर में लोकतंत्र की मजबूत जड़ें, नक्सलवाद के अंत की ओर ऐतिहासिक कदम*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार बस्तर के नागरिकों को विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए संकल्पित है। बस्तर में सड़कें, पुल, स्कूल, अस्पताल और रोजगार परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे ग्रामीणों का शासन और लोकतंत्र पर विश्वास बढ़ा है।

  • दुर्गडोंगरी मंदिर है आस्था और विश्वास का केन्द्र  

    दुर्गडोंगरी मंदिर है आस्था और विश्वास का केन्द्र  

    *प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की दृष्टि से अद्भूत स्थान*   

    रायपुर/ छत्तीसगढ़ का बालोद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में एक अद्भुत स्थान है दुर्गडोंगरी किल्लेवाली मंदिर, जो प्रकृति प्रेमियों और रोमांच पसंद करने वालों के लिए बेहद खास है। यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अपने सुरम्य वातावरण और रोमांचकारी सफर के कारण भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

    बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम कोटागांव के समीप स्थित यह स्थल हरे-भरे वनों के बीच ऊँचाई पर बसा हुआ है। यहाँ की प्राकृतिक छटा बहुत मनमोहक है। खासकर सूर्याेदय और सूर्यास्त के समय का नज़ारा अत्यंत मनोहारी होता है, जो मन को शांति और ऊर्जा से भर देता है। आसपास फैले घने जंगल, बोईरडीह जलाशय का अद्भुत  दृश्य और दूर तक फैली दल्लीराजहरा एवं महामाया की पहाड़ियाँ इस जगह की सुंदरता को और भी बढ़ा देती हैं। बारिश के मौसम में यहाँ की हरियाली अद्वितीय होती है, जिससे यह स्थान और अधिक आकर्षक हो जाता है।

    दुर्गडोंगरी किल्लेवाली मंदिर तक पहुँचने का सफर अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है। दल्लीराजहरा से महामाया रोड होते हुए लगभग 10 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद इस स्थल का प्रवेश द्वार मिलता है। यहाँ तक वाहनों के लिए सीसी सड़क बनी हुई है, जो ऊँचाई तक जाती है। इसके बाद एक वाहन पार्किंग क्षेत्र है, जहाँ से पैदल यात्रा प्रारंभ होती है। मंदिर तक पहुँचने के लिए सीढ़ियों और कच्चे पगडंडी मार्ग से होकर जाना पड़ता है। यह सफर थकावट भरा जरूर होता है, लेकिन जैसे-जैसे ऊपर बढ़ते हैं, प्रकृति के अनुपम दृश्य हर थकान को दूर कर देती है। मंदिर तक पहुँचने के बाद ऊँचाई से दिखने वाला मनोरम नज़ारा इस यात्रा को अविस्मरणीय बना देता है। इस स्थान को दुर्गडोंगरी कहा जाता है, जिसका शाब्दिक अर्थ पर्वत पर स्थित किला होता है। माना जाता है कि यहाँ कभी एक किला था, जिसके अब केवल अवशेष ही बचे हैं। किले के अवशेषों के साथ ही यहाँ स्थित किल्लेवाली माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। हर मौसम में यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु माँ किल्लेवाली के दर्शन करने आते हैं।

    दुर्गडोंगरी किल्लेवाली मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि एडवेंचर प्रेमियों के लिए भी एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों की ऊँचाई, जलाशय का मनमोहक दृश्य और रोमांचक चढ़ाई इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाते हैं। प्रकृति की गोद में बसा यह स्थल निश्चित रूप से यहां आने वाले लोगों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है।

  • हिन्दुस्तान पेट्रोलियम चंडीगढ़ को राजभाषा के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय कार्य के लिए मिला द्वितीय पुरस्कार

    हिन्दुस्तान पेट्रोलियम चंडीगढ़ को राजभाषा के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय कार्य के लिए मिला द्वितीय पुरस्कार

    जशपुर जिले के कांसाबेल के श्री सुशांत गोयल हैं हिन्दुस्तान पेट्रोलियम चंडीगढ़ के रीजनल हेड

    रायपुर,/ हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ को आज जयपुर में संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन में राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार और सरकारी काम-काज में हिन्दी के उत्कृष्ट उपयोग के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा उपक्रम द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम चंडीगढ़ के रीजनल हेड सुशांत गोयल ने यह पुरस्कार आज राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के करकमलों से जयपुर के एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर सीतापुरा में आयोजित संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में प्राप्त किया। इस सम्मेलन में उत्तर मध्य और पश्चिम भारत के केन्द्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों के राजभाषा अधिकारी प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

    गौरतलब है कि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ की ओर से पुरस्कार ग्रहण करने वाले सुशांत गोयल जशपुर जिले के कांसाबेल के रहने वाले हैं। उन्होंने मेकेनिकल इंजीनियरिंग में एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीटेक किया है। वर्तमान में वे हिन्दुस्तान पेट्रोलियम चंडीगढ़ के रीजनल हेड के रूप में 2008 से पदस्थ हैं।

    श्री गोयल ने बताया कि यह सम्मान राजभाषा नीति के सफल कार्यान्वयन और हिंदी में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए प्राप्त हुआ है। राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसमें राजभाषा के महत्व, उसके उपयोग को बढ़ाने के उपाय और सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रभावी प्रयोग पर चर्चा की गई।

    यहां यह उल्लेखनीय है कि राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले उत्तर-1 क्षेत्र क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार के तहत उपक्रम द्वितीय पुरस्कार उन सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों को दिया जाता है, जो हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं सरकारी कामकाज में हिंदी के उत्कृष्ट उपयोग के लिए विशेष प्रयास करते हैं। इस पुरस्कार का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के अधिकतम प्रयोग को बढ़ावा देना है, ताकि सरकारी कामकाज में भाषा की सहजता और प्रभावशीलता बढ़े।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

    रायपुर /  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के द्वारा आयोजित दिव्यागजन सामूहिक विवाह समारोह में 31 दिव्यांग जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों के सुखी वैवाहिक जीवन की मंगलकामना करते हुए कहा कि यह आयोजन सामाजिक समरसता और दिव्यांगजनों के उत्थान का उत्कृष्ट उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। यह आयोजन भी देवतुल्य दिव्यांगजनों की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने परिषद द्वारा विगत अनेक वर्षों से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित करने की सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल बताया।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह आयोजन को समाज में समावेशिता और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दिव्यांगजनों की सेवा केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि यह सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है।  उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल 31 नवविवाहित दिव्यांग जोड़ों के लिए नई शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि यह समाज को दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की प्रेरणा भी देता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को 50,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यदि पति-पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों, विशेष रूप से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

    *महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर*

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक इस योजना की 12 किश्तें जारी की जा चुकी हैं, जिससे प्रदेश की माताओं और बहनों को आर्थिक संबल मिला है।

    *सामूहिक विवाह: सामाजिक समरसता की मिसाल*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सामूहिक विवाह अब सामाजिक परंपरा का हिस्सा बन गए हैं और इससे समाज में जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने इस आयोजन में कान्य कुब्ज ब्राह्मण समाज, मारवाड़ी युवा मंच, सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम जैसी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं।

    *मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और निःशक्तजनों की सेवा करना एक सौभाग्य की बात है। उन्होंने सभी स्वयंसेवी संगठनों को इस तरह के सामाजिक समरसता बढ़ाने वाले आयोजनों के लिए प्रेरित किया और आयोजन समिति को भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम के लिए बधाई दी।

    *नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री का आशीर्वाद*

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा, “आपका दांपत्य जीवन सुखमय रहे, आप प्रेम और विश्वास के साथ आगे बढ़ें। मैं सभी नवविवाहित जोड़ों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।”

    *विशेष आकर्षण: दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति*

    इस अवसर पर ‘कोपलवाणी’ के मूक-बधिर दिव्यांग बच्चों ने छत्तीसगढ़ी गीतों पर सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रतिभा ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय एवं उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की कला की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के कार्यों की सराहना की और कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के पुनर्वास, चिकित्सा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी। इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और कहा कि जनसहयोग से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में परिषद लगातार कार्य कर रही है।

  • प्राकृतिक सौंदर्य और आस्था का संगम है नारागांव स्थित मां सियादेवी का मंदिर

    प्राकृतिक सौंदर्य और आस्था का संगम है नारागांव स्थित मां सियादेवी का मंदिर

    रायपुर, /छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित माँ सियादेवी नारागांव एक ऐसा स्थल है, जहाँ प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। घने जंगलों से घिरा यह स्थान प्राकृतिक जलप्रपात, धार्मिक स्थल और पर्यटन क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध है। यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु माँ सियादेवी के दर्शन के लिए आते हैं और इस स्थान की अनुपम प्राकृतिक छटा का आनंद लेते हैं। छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से भी पर्यटक यहाँ घूमने और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करने के लिए पहुँचते हैं।

    माँ सियादेवी का यह मंदिर बालोद जिले के ग्राम नारागांव के समीप स्थित है। चारों ओर फैले घने जंगल और मंदिर के समीप स्थित जलप्रपात इसे और अधिक आकर्षक बनाते हैं। बारिश के मौसम में जब जलप्रपात पूरी ताकत के साथ प्रवाहित होता है, तब इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई देती है। झरने का मनमोहक दृश्य और उसके गिरने की मधुर ध्वनि हर पर्यटक को एक रोमांचकारी अनुभव प्रदान करती है। प्रकृति की गोद में बसे इस स्थल की खूबसूरती न केवल आँखों को सुकून देती है, बल्कि मन को भी शांति और आनंद से भर देती है।

    माँ सियादेवी मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यता रामायण काल से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, देवी सीता की खोज करते हुए इस स्थान पर आए थे। माता पार्वती ने देवी सीता के रूप में भगवान राम की परीक्षा ली, लेकिन भगवान राम ने उन्हें पहचान लिया और माँ के रूप में प्रणाम किया। इस घटना से माता पार्वती को अपराधबोध हुआ, और उन्होंने भगवान शिव से क्षमा मांगी। तब भगवान शिव ने उन्हें इसी स्थान पर माँ सियादेवी के रूप में विराजमान होने का निर्देश दिया। तभी से यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्थान बन गया।

    माँ सियादेवी नारागांव, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन के लिए एक आदर्श स्थल बन चुका है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु माँ सियादेवी का आशीर्वाद लेने के साथ ही इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता का भरपूर आनंद उठाते हैं। वर्षभर यहाँ पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन नवरात्रि के समय यह स्थान विशेष रूप से भक्तिमय वातावरण से भर जाता है, जब हजारों श्रद्धालु यहाँ माता के दर्शन के लिए आते हैं।

    बालोद जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा इस स्थल को विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए सीसी सड़क, बैरिकेड्स, सीढ़ियाँ, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, सोलर लाइट, विश्राम शेड और बैठक भवन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती है। माँ सियादेवी नारागांव तक पहुँचना काफी सरल है। सड़क मार्ग से रायपुर, धमतरी और बालोद से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है। ग्राम सांकरा से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी तय कर ग्राम नारागांव होते हुए इस स्थल तक पहुँचा जा सकता है।

  • छत्तीसगढ़ का अनमोल खजाना : 293 मिलियन साल पुराने समुद्री जीवाश्मों का राज़ खोलता गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क

    छत्तीसगढ़ का अनमोल खजाना : 293 मिलियन साल पुराने समुद्री जीवाश्मों का राज़ खोलता गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क

    रायपुर, / प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर छत्तीसगढ़ में घूमने-फिरने के लिए कई शानदार जगहें हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि हम पारंपरिक पर्यटन स्थलों से आगे बढ़कर राज्य के एक अनमोल खजाने गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को जाने। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्थित यह पार्क एशिया का सबसे बड़ा समुद्री जीवाश्म उद्यान है, जो पृथ्वी के 293 मिलियन साल पुराने इतिहास की झलक दिखाता है। यह वह दौर था जब आज का यह भूभाग एक ठंडे समुद्र के नीचे डूबा हुआ था। यह जीवाश्म पार्क केवल अतीत की कहानी नहीं बताता, बल्कि भारत की भूगर्भीय विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर भी प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ सरकार इस अनमोल धरोहर को दुनिया के सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे यह स्थान वैज्ञानिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सके।

    इस पार्क की खोज 1954 में भूवैज्ञानिक एस.के. घोष ने कोयला खनन के दौरान की थी। इसकी खासियत न सिर्फ इसका विशाल क्षेत्रफल है, बल्कि यह भारत का एकमात्र ऐसा समुद्री जीवाश्म पार्क है जिसे राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक का दर्जा प्राप्त है। यहां से द्विपटली (बायवेल्व) जीव, गैस्ट्रोपॉड, ब्रैकियोपॉड, क्रिनॉइड और ब्रायोज़ोआ जैसे समुद्री जीवों के जीवाश्म मिले हैं। ये जीवाश्म तालचिर संरचना से संबंधित हैं, जो पर्मियन युग के शुरुआती दौर को दर्शाते हैं।

    शोधकर्ताओं का मानना है कि यह क्षेत्र समुद्री जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के कारण समुद्र में डूब गया था। ग्लेशियरों के पिघलने से समुद्र का जलस्तर बढ़ा और इस क्षेत्र में समुद्री जीवन का जमाव हुआ। बाद में जब जलस्तर घटा, तो ये समुद्री जीव चट्टानों में दब गए और लाखों वर्षों में जीवाश्म के रूप में बदल गए।

    गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क केवल छत्तीसगढ़ या भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक स्थल है। ऐसे ही जीवाश्म ब्राजील के पराना बेसिन, ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स, अंटार्कटिका के अलेक्जेंडर आइलैंड और दक्षिण अफ्रीका के कारू बेसिन में भी पाए गए हैं। यह पार्क गोंडवाना महाद्वीप के भूगर्भीय इतिहास को समझने में अहम भूमिका निभाता है।

    बदलते मौसम और मानवीय गतिविधियों के कारण इस जीवाश्म उद्यान को नुकसान पहुंचने का खतरा है। इसे संरक्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। अगस्त 2021 में बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियोसाइंसेज के वैज्ञानिकों, छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड और वन विभाग के अधिकारियों ने इस क्षेत्र का निरीक्षण किया था। मार्च 2022 में छत्तीसगढ़ वन विभाग ने इसे राज्य का पहला मरीन फॉसिल पार्क घोषित किया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इस जीवाश्म पार्क के विकास के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसके सौंदर्यीकरण के लिए 41.99 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। पार्क के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और इसे पर्यटन व अनुसंधान के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं।

  • नगरीय निकायों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर खिले केंद्रीय नेतृत्व के चेहरे, राष्ट्रीय नेताओं ने सीएम साय एवं संगठन को दी बधाई

    नगरीय निकायों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर खिले केंद्रीय नेतृत्व के चेहरे, राष्ट्रीय नेताओं ने सीएम साय एवं संगठन को दी बधाई

    भाजपा को मिली प्रचंड जीत जन-जन तक विकास कार्यों की पहुँच और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में बढ़ते कदम पर जनता की मोहर – गृह मंत्री अमित शाह
    यह ऐतिहासिक विजय डबल-इंजन सरकार की जन-कल्याणकारी व जनजातीय-हितैषी योजनाओं पर प्रदेशवासियों के अटूट विश्वास का प्रतीक – जेपी नड्डा
    भाजपा की ऐतिहासिक विजय पर सोशल मीडिया में लगा बधाईयों का तांता

    रायपुर। नगरीय निकाय चुनाव – 2025 में भारतीय जनता पार्टी को मिली प्रचंड एवं ऐतिहासिक विजय पर केंद्रीय नेतृत्व बहुत खुश नजर आया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सहित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं अन्य राष्ट्रीय नेताओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं प्रदेश भाजपा संगठन को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सभी ने इस ऐतिहासिक विजय के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के जनकल्याणकारी कार्यों पर प्रदेश की जनता का अटूट विश्वास होना बताया। सीएम साय ने भी बधाई एवं शुभकामनाओं के लिए सभी का हृदय से आभार जताया।

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने X पर लिखा कि – छत्तीसगढ़ नगर निकाय के चुनावों में भाजपा को मिली प्रचंड जीत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में जन-जन तक विकास कार्यों की पहुँच और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में बढ़ते कदम पर जनता की मोहर है। इस विजय के लिए जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद और प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव जी और भाजपा छत्तीसगढ़ के सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएँ।

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने X पर लिखा कि – छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड विजय पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव जी और भाजपा छत्तीसगढ़ के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई देता हूँ। यह ऐतिहासिक विजय आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में डबल-इंजन सरकार द्वारा क्रियान्वित हो रहीं जन-कल्याणकारी व जनजातीय-हितैषी योजनाओं पर प्रदेशवासियों के अटूट विश्वास का प्रतीक है।

    देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने X पर लिखा कि – छत्तीसगढ़ के नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने ‘परफेक्ट टेन’ हासिल करके जीत का परचम लहराया है। इस जबरदस्त जीत के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव समेत पूरी टीम को बधाई। यह जीत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली एनडीए सरकारों में जनता-जनार्दन के अगाध  विश्वास की प्रतीक है। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सभी विजयी उम्मीदवारों को ढेरों शुभकामनाएं।

    राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने X पर लिखा कि – यह ऐतिहासिक जीत मोदी की गारंटी और विष्णु देव साय जी के सुशासन पर जनता की मोहर है। छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड विजय भाजपा छत्तीसगढ़ के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! डबल-इंजन सरकार की जन-कल्याणकारी और जनजातीय-हितैषी योजनाओं पर प्रदेशवासियों का अटूट विश्वास पुनः साबित हुआ!

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने X पर लिखा कि – नगर-नगर भाजपा शहर-शहर भाजपा, छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव में 10 की 10 सीटों पर भाजपा ने ऐतिहासिक विजय हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के विश्वास का प्रमाण देश के हर चुनाव में सामने आ रहा है। इस विजय पर भाजपा छत्तीसगढ़ के समस्त प्रत्याशियों एवं कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

    छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी सह बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन ने X पर लिखा कि – पंचायत से पार्लियामेंट तक भगवा लहरा रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी , माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जी के नेतृत्व में नगर निगम की सभी 10 सीटों पर मिली ऐतिहासिक विजय उन संकल्पों की जीत है, जो जनसेवा और सुशासन के लिए लिए गए थे। यह जीत माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, माननीय प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव , समर्पित कार्यकर्ताओं और हर उस नागरिक की है, जिसने विश्वास और समर्थन के साथ इस विजय को संभव बनाया।आप सभी को हृदय से बधाई और अभिनंदन! यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की मोहर है—अब हमें और भी अधिक सेवा और समर्पण के साथ आगे बढ़ना है!

    गौरतलब है कि कल आए नगरीय निकाय चुनाव के परिणामों में भाजपा ने दस में दस नगर निगम, 49 में 35 नगर पालिका और 114 में 81 नगर पंचायतों में ऐतिहासिक विजय हासिल की है। नगर निगम में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया है। इस प्रचंड विजय पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों का आभार जताया एवं अटल विश्वास पत्र के एक-एक वादे को पूरा करने का भरोसा दिलाया।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

    रायपुर, / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय चेतना की सशक्त स्वर श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान की पुण्यतिथि (15 फरवरी) पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अप्रतिम योगदान को नमन किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान  क्रांतिकारी विचारधारा की संवाहक थीं जिनकी लेखनी ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उनकी कालजयी रचना ‘झाँसी की रानी’ मात्र कविता नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा है, जिसने प्रत्येक भारतीय के हृदय में स्वाभिमान और संघर्ष की ज्वाला प्रज्वलित की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुभद्रा जी की कविताएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी स्वतंत्रता संग्राम के समय थीं। उनकी लेखनी ने भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई को ऊर्जा दी और जनमानस में राष्ट्रीय चेतना जागृत की। उनकी रचनाएं न केवल अतीत की गौरवगाथा हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का शाश्वत स्रोत बनी रहेंगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान ने श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए उनके अविस्मरणीय योगदान को नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर युवाओं से आह्वान किया कि वे श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र के उत्थान में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को आत्मसात कर ही हम एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।