Category: RAIPUR

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

    रायपुर, / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फरवरी के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान इसकी समृद्ध भाषायी विरासत और बहुभाषी संस्कृति में निहित है। छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी, सरगुजिया, कुड़ुख, भतरी सहित अनेक लोकभाषाएँ यहां की सांस्कृतिक आत्मा को संजोए हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस हमें अपनी मातृभाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और विकास के प्रति जागरूक करता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे समाज की जड़ों से जुड़ने का सेतु भी है। छत्तीसगढ़ में लोकगीतों, लोककथाओं और पारंपरिक ज्ञान की समृद्ध परंपरा हमारी मातृभाषाओं में संरक्षित है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी मातृभाषाओं को बढ़ावा दें, बच्चों को अपनी बोली और भाषा से जोड़ें तथा छत्तीसगढ़ की भाषाई विविधता को संरक्षित करने में योगदान दें।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की जयंती पर किया स्मरण*

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की जयंती पर किया स्मरण*

    रायपुर,। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की जयंती (21 फरवरी) पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता को समृद्ध करने में उनका योगदान अमूल्य है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. मधुकर खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने का कार्य किया। उनकी लेखनी न केवल सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही, बल्कि जनचेतना को प्रखर बनाने का माध्यम भी बनी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री खेर का समर्पण और उनकी पत्रकारिता की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उनके विचार, सिद्धांत और मूल्य हमें निष्पक्ष, सशक्त और समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

  • केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ के जल संचयन कार्यों को सराहा

    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ के जल संचयन कार्यों को सराहा

    *जल विजन 2047 के लिए राज्यों के जल मंत्रियों का उदयपुर में द्वितीय राष्ट्रीय सम्मेलन*

    *मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नीति जल संरक्षण और सतत विकास पर है केन्द्रित*

    रायपुर, /राजस्थान के उदयपुर में आयोजित राज्य जल मंत्रियों के सम्मेलन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संचयन के लिए जनभागीदारी से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जल संरचनाओं के निर्माण में पूरे देश में अग्रणी स्थान पर है और जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य के नवाचार मॉडल अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 2,29,000 से अधिक जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जिससे जल संसाधनों का संवर्धन हो रहा है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाना हमारे लिए गौरव की बात है। छत्तीसगढ़ सरकार की नीति जल संरक्षण और सतत विकास पर केन्द्रित है। राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों की संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है।

    इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने किया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य में जल संग्रहण के लिए चलाए जा रहे योजनाओं, जल संरचनाओं के प्रभाव और सामुदायिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें ग्रामीण और शहरी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

    जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सिंचाई क्षमता में वृद्धि और जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण के लिए तय किए गए लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जल संचयन के लिए स्थायी संरचनाओं, लघु सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है, जिससे भूजल स्तर में सुधार हुआ है और किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो रहा है।

    केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री पाटिल ने छत्तीसगढ़ की सतत जल प्रबंधन नीति और सामुदायिक सहभागिता मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य पूरे देश के लिए बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जल संरचनाएं सिर्फ पानी के संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि उत्पादन और जल सुरक्षा को भी मजबूत कर रही हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों को छत्तीसगढ़ के जल प्रबंधन मॉडल से प्रेरणा लेनी चाहिए और जल संरक्षण को अपनी नीतियों में प्राथमिकता देनी चाहिए। श्री पाटिल ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और अधिक मजबूती देने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

  • वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं और राज्य जीडीपी में उनका योगदान’ विषय पर 21 फरवरी को नवा रायपुर में कार्यशाला

    वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं और राज्य जीडीपी में उनका योगदान’ विषय पर 21 फरवरी को नवा रायपुर में कार्यशाला

    *छत्तीसगढ़ वन विभाग और टेरी नई दिल्ली का संयुक्त आयोजन*

    रायपुर, / वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में, वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन और उनका राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में आर्थिक महत्व को चिन्हित करने के लिए 21 फरवरी को दंडकारण्य (ऑडिटोरियम), अरण्य भवन, नवा रायपुर में कार्यशाला का आयोजन होगा। यह कार्यशाला वन विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा द एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट (टेरी) नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की जा रही है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रमुख मुख्य वन संरक्षक वी. श्रीनिवास राव, तथा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंधन) सुनील कुमार मिश्रा के निर्देशन में आयोजित होने वाली इस कार्यशाला में वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन और उन्हें व्यापक आर्थिक ढांचे में एकीकृत करने पर राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।

    वनमंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जो हरित जीडीपी में वन पारिस्थितिकी तंत्र मूल्यों को समाहित करने और उन्हें आर्थिक योजना में व्यवस्थित रूप से शामिल करने की पहल कर रहा है। यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ को सतत विकास की दिशा में अग्रणी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे राज्य की पर्यावरणीय संपदा को आर्थिक योजना में प्रभावी रूप से एकीकृत किया जा सकेगा।

    इस कार्यशाला में कई विशिष्ट विशेषज्ञों के उद्बोधन होंगे, जिनमें सेवानिवृत्त पीसीसीएफ डॉ. आर. के. सिंह, डॉ. के. सुब्रमण्यम, सदस्य, छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग; एवं डॉ. जे. वी. शर्मा, वरिष्ठ निदेशक (भूमि संसाधन प्रभाग) टेरी शामिल हैं। ये सभी विशेषज्ञ नीति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन और आर्थिक योजना पर उनके प्रभाव पर विचार रखेंगे।

    कार्यशाला के तकनीकी सत्र में कई प्रमुख विशेषज्ञ अपने शोध व विचार साझा करेंगे। जगदीश राव, सीईओ, लिविंग लैंडस्केप्स, हैदराबाद अपने अनुभव साझा करेंगे। डॉ. मधु वर्मा, वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार एवं मुख्य पर्यावरण अर्थशास्त्री, आईओआरए, नई दिल्ली, भारत में पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन की महत्ता और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगी। अनिरुद्ध सोनी, फेलो, सेंटर फॉर बायोडायवर्सिटी एंड इकोसिस्टम (टेरी) वन-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को राज्य जीडीपी से जोड़ने के लिए एसईईए फ्रेमवर्क पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा, प्रांजल चौहान, एसोसिएट फेलो, सेंटर फॉर बायोडायवर्सिटी एण्ड इकोसिस्टम, टेरी, छत्तीसगढ़ के वनों में पारिस्थितिकी तंत्र सेवा मूल्यांकन को लागू करने के लिए एक रोडमैप प्रस्तुत करेंगे।

  • राष्ट्रीय विचारों के अग्रदूत माधव सदाशिव गोलवलकर  की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन

    राष्ट्रीय विचारों के अग्रदूत माधव सदाशिव गोलवलकर की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन

    रायपुर, /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक, महान विचारक और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक माधव सदाशिव गोलवलकर ‘गुरु जी’ की जयंती (19 फरवरी) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गोलवलकर जी ने राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और समाजिक समरसता के सिद्धांतों को मजबूत आधार प्रदान किया। उनका जीवन भारत की सनातन परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करने के लिए समर्पित था। उनकी विचारधारा ने देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्र-सेवा और सामाजिक उत्थान के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरुजी का जीवन भारत की संस्कृति, परंपरा और अखंडता को मजबूत करने का एक प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने संगठन शक्ति के माध्यम से राष्ट्र के पुनर्निर्माण का जो संकल्प लिया, वह आज भी हमें प्रेरित करता है। उनकी दूरदर्शी सोच और विचारधारा देश को सशक्त बनाने में सदैव प्रासंगिक रहेगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोलवलकर जी का योगदान भारत के सांस्कृतिक और सामाजिक पुनरुत्थान में अविस्मरणीय है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और मूल्य राष्ट्रवादी सोच, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि गोलवलकर जी के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के उत्थान और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों को अपनाकर हम आत्मनिर्भर, समरस और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

  • अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025: शांति, फिटनेस, सामुदायिक भावना और बस्तर की अछूती सुंदरता का उत्सव

    अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025: शांति, फिटनेस, सामुदायिक भावना और बस्तर की अछूती सुंदरता का उत्सव

    *अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन की तैयारियां जोरों पर, 5,000 से अधिक प्रतिभागियों की होगी भागीदारी*

    रायपुर,/ अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025 शांति, फिटनेस, सामुदायिक भावना और बस्तर की अछूती सुंदरता का उत्सव मनाने के लिए आयोजित की जा रही है। इस मैराथन की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसमें 5,000 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने, शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को उजागर करने के उद्देश्य से अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025 का आयोजन 2 मार्च को नारायणपुर में किया जाएगा। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ, यह मैराथन केवल एक दौड़ नहीं बल्कि आशा, एकता और बदलाव का प्रतीक बन चुकी है।

    अबूझमाड़, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के प्रकोप में रहा है। इस मैराथन के माध्यम से इस धारणा को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे सभी कौशल स्तरों के लोग एकता, प्रतिस्पर्धा और आपसी समझ की भावना के साथ भाग ले सकें। मैराथन में हाफ मैराथन (21 किमी), 10 किमी और 5 किमी की श्रेणियां शामिल होंगी, जिससे एथलीटों, पहली बार दौड़ने वालों और स्थानीय प्रतिभाओं को भाग लेने का अवसर मिलेगा। अत्याधुनिक टाइमिंग सिस्टम, पेसर्स, चिकित्सा सहायता और हाइड्रेशन स्टेशनों के साथ, यह आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।

    *मैराथन का उद्देश्य: स्वास्थ्य, एकता और शांति का संदेश*

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस आयोजन को आशा का प्रतीक बताते हुए कहा कि खेल की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से लोगों को एक साथ लाकर, हम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना चाहते हैं बल्कि शांति और एकता का एक महत्वपूर्ण संदेश भी देना चाहते हैं। अबूझमाड़ को अब माओवाद से नहीं, बल्कि यहां के लोगों की क्षमता और प्रतिभा से पहचाना जाएगा। 

    *प्रोमो मैराथन : सफल आयोजनों के साथ बढ़ता उत्साह*

    मुख्य कार्यक्रम से पहले आयोजन समिति ने 5 जनवरी को 5 किलोमीटर की प्रोमो मैराथन आयोजित की, जिसमें पुरुष वर्ग में तीजू पुजारी, लक्ष्मण पोयाम और बीरसिंह सलाम विजेता बने, जबकि महिला वर्ग में सोमराई गोटा, रीना उइके और भूमिका देवांगन शीर्ष स्थान पर रहीं। इसके बाद 19 जनवरी को नारायणपुर में 10 किलोमीटर की मिनी मैराथन हुई, जिसमें 800 से अधिक धावकों ने भाग लिया। इसमें पुरुष वर्ग में पुरकेश्वर लाल देशमुख, रस्सू कोरेस और बुधराम कुमेटी ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि महिला वर्ग में मुस्कान कुशवाहा, भूमिका देवांगन और सोंबाई गोटा विजेता रहीं।

    *प्रतिभागियों के लिए विशेष सुविधाएं*

    प्रतिभागियों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्किंग, आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मार्ग में सहायता केंद्रों की व्यवस्था होगी, जहां पीने का पानी, इलेक्ट्रोलाइट पेय, स्नैक्स, फल और प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध होंगे। धावकों के लिए रिकवरी/रेस्टिंग टेंट भी लगाए जाएंगे। लाइव ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से प्रतिभागियों को रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त होंगे और मार्ग को एलईडी संकेतकों से स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाएगा। पूरे कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा सहायता स्टेशनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे प्रतिभागियों की सुरक्षा बनी रहे। अनुभवी पेसर्स प्रत्येक श्रेणी में धावकों को मार्गदर्शन देंगे, जिससे वे अपनी गति बनाए रख सकें और अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकें।

    मैराथन से पहले कुछ विशेष आयोजन भी किए जाएंगे। 28 फरवरी को ‘बैंड दायरा’ द्वारा जादू बस्तर कॉन्सर्ट आयोजित होगा। 1 मार्च को एक भव्य ड्रोन शो होगा, साथ ही अबूझमाड़ मल्लखंब टीम द्वारा अद्भुत करतबों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक नृत्य, स्थानीय कला प्रदर्शनियां और बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। खेल के महत्व के साथ-साथ, यह मैराथन अबूझमाड़ की अनछुई सुंदरता और इसकी क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी और क्षेत्र के विकास में सहायक होगी।

  • बालोद जिला के विकासखण्ड डौण्डीलोहरा के ग्राम पंचायत सूरेगांव में23 फरवरी को होगा पुर्नमतदान

    बालोद जिला के विकासखण्ड डौण्डीलोहरा के ग्राम पंचायत सूरेगांव में23 फरवरी को होगा पुर्नमतदान

    रायपुर, / बालोद जिला के विकासखण्ड डौण्डीलोहरा में ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 08 में प्रतीक आबंटन संबंधी त्रुटि हो जाने के कारण अभ्यर्थियों को गलत प्रतीक चिन्ह आबंटित हो गये। ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 8 में दो अभ्यर्थी को आबंटित प्रतीक गलत हो जाने के कारण मतपत्र में उन्हें एक दुसरे के प्रतीक मुद्रित हो गये। इस कारण से ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 8 के लिए पंच पद हेतु दिनांक 17 फरवरी 2025 को संपन्न हुआ मतदान दूषित हो गया।

    राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 8 के पंच पद के लिए दिनांक 17 फरवरी 2025 को हुए मतदान को शुन्य घोषित करते हुए मतदान की नई तारीख दिनांक 23 फरवरी 2025 निर्धारित की है।

  • त्रिस्तरीय पंचायतों का आम निर्वाचन 2025 : द्वितीय चरण के मतदान राज्य के 43 विकासखण्डों में 20 फरवरी को होगा मतदान

    त्रिस्तरीय पंचायतों का आम निर्वाचन 2025 : द्वितीय चरण के मतदान राज्य के 43 विकासखण्डों में 20 फरवरी को होगा मतदान

    सभी तैयारियां समय पूर्व सुनिश्चित कर ली गई है: राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह

    प्रातः 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा मतदान तथा बस्तर संभाग में प्रातः 6.45 से दोपहर 2 बजे तक होगा मतदान

    रायपुर, / त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 तीन चरणों में संपन्न हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 20 जनवरी को नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन हेतु तारीखों की घोषणा की गई थी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि निर्वाचन हेतु सभी तैयारियां समय पूर्व सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होनें बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन हेतु जारी कार्यक्रम अनुसार 27 जनवरी को त्रिस्तरीय पंचायत हेतु निर्वाचन की सूचना के प्रकाशन के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर 03 फरवरी 2025 दिन सोमवार को दोपहर 3 बजे तक नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। अभ्यर्थिता से नाम वापस 06 फरवरी 2025 दिन गुरूवार को 3 बजे तक ली गई तथा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना, प्रकाशन करना तथा निर्वाचन प्रतीकों के आबंटन के लिए 06 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई थी।

    राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतदान दिवस के दिन ही मतदान केन्द्रों में मतगणना की जायेगी। सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा पंच, सरपंच एवं जनपद पंचायत के मामलों में खण्ड स्तर पर प्रथम चरण हेतु 19 जनवरी को की जा चुकी है। द्वितीय चरण हेतु 22 फरवरी को एवं तृतीय चरण हेतु 25 फरवरी को प्रातः 9 बजे से की जायेगी। इसी प्रकार जिला पंचायत सदस्य के मामले में जिला मुख्यालय पर प्रथम चरण हेतु 20 फरवरी, द्वितीय चरण हेतु 23 फरवरी एवं तृतीय चरण हेतु 25 फरवरी को की जायेगी।

    राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि द्वितीय चरण में 20 फरवरी को राज्य के 43 विकासखण्डों में मतदान होगा। जिन विकासखण्डों के द्वितीय चरण में मतदान होना है-उसमें जिला बिलासपुर के विकासखण्ड बिल्हा, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के विकासखण्ड पेण्ड्रा, जिला मुंगेली के विकासखण्ड लोरमी, जिला जांजगीर-चांपा के विकासखण्ड नवागढ़, जिला सक्ती के विकासखण्ड मालखरौदा, जिला कोरबा के विकासखण्ड पोड़ी-उपरोड़ा, जिला रायगढ़ के विकासखण्ड खरसिया एवं धरमजयगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के विकासखण्ड बिलाईगढ़, जिला सूरजपुर के विकासखण्ड रामानुजनगर एवं प्रेमनगर, जिला बलरामपुर के विकासखण्ड बलरामपुर, जिला सरगुजा के विकासखण्ड सीतापुर एवं मैनपाट, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़, जिला जशपुर के विकासखण्ड जशपुर एवं मनोरा, दुलदुला तथा कुनकुरी शामिल है।

    इसी तरह जिला रायपुर के विकासखण्ड धरसींवा एवं तिल्दानेवरा, जिला बलौदाबाजार के विकासखण्ड कसडोल, जिला गरियाबंद के विकासखण्ड छुरा, जिला महासमुन्द के विकासखण्ड पिथौरा एवं बागबहरा, जिला धमतरी के विकासखण्ड कुरूद, जिला दुर्ग के विकासखण्ड पाटन, जिला बालोद के विकासखण्ड बालोद, जिला राजनांदगांव के विकासखण्ड छुरिया, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई के विकासखण्ड खैरागढ़, जिला मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के विकासखण्ड मोहला, जिला कबीरधाम के विकासखण्ड बोड़ला एवं पण्डरिया, जिला कोण्डागांव के विकासखण्ड फरसगांव एवं माकड़ी, जिला बस्तर के विकासखण्ड बस्तर एवं लोहण्डीगुड़ा, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विकासखण्ड भानुप्रतापपुर, एवं दुर्गूकोंदल, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला के कटेकल्याण तथा जिला सुकमा के छिन्दगढ़ एवं बीजापुर जिला के विकाखण्ड भोपालपटनम एवं ऊसूर शामिल हैं।

  • त्रिस्तरीय पंचायतों का आम निर्वाचन 2025 : 20 फरवरी को द्वितीय चरण तथा 23 फरवरी को तृतीय एवं अंतिम चरण का होगा मतदान

    त्रिस्तरीय पंचायतों का आम निर्वाचन 2025 : 20 फरवरी को द्वितीय चरण तथा 23 फरवरी को तृतीय एवं अंतिम चरण का होगा मतदान

    कल द्वितीय चरण में 46 लाख 83 हजार से अधिक मतदाता करेंगें मतदाधिकारी का उपयोग

    9 हजार 738 मतदान केन्द्र बनाये गये है

    रायपुर, /  त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 हेतु 17 फरवरी को प्रथम चरण का मतदान एवं परिणाम की घोषणा की जा चुकी है। कल 20 फरवरी को द्वितीय चरण तथा 23 फरवरी को तृतीय एवं अंतिम चरण का मतदान होगा। पूरे राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य के 433, जनपद पंचायत सदस्य के 2 हजार 973, ग्राम पंचायत (सरपंच) के 11 हजार 671 एवं वार्ड (पंच) के 1 लाख 60 हजार 161 सहित कुल 1 लाख 75 हजार 258 पदों के लिए तीन चरणों में निर्वाचन संपन्न हो रहा है। जिसमें 78 लाख 20 हजार 202 पुरूष मतदाता, 79 लाख 92 हजार 184 महिला मतदाता एवं 194 अन्य मतदाता सहित कुल 1 करोड़ 58 लाख 12 हजार 580 मतदाता त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2025 में शामिल है।

    राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि पंच पदों के 68 और सरपंच पद के 01 स्थान के लिये सभी नामनिर्देशन पत्र खारिज हो गये है। पंच पद के 74 हजार 310, सरपंच पद के 448, जनपद पंचायत सदस्य के 41 और जिला पंचयत सदस्य के 01 पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। इस प्रकार प्रदेश के समस्त जिलो के लिए कुल पंच पद के 85 हजार 188, सरपंच पद के 11 हजार 181, जनपद पंचायत सदस्य के 2 हजार 932 और जिला पंचायत सदस्य के 432 स्थानों पर तीन चरणों में निर्वाचन हो रहा है।

    राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि द्वितीय चरण के मतदान हेतु 9 हजार 738 मतदान केन्द्र बनाये गये है। 26 हजार 988 पंच पद हेतु, 3 हजार 774 सरपंच पद हेतु, 899 जनपद सदस्य हेतु एवं 138 जिला पंचायत सदस्य के लिए द्वितीय चरण में मतदान किया जायेगा। पंच पद के 65 हजार 716, सरपंच पद के 15 हजार 217, जनपद सदस्य के 3 हजार 885 और जिला पंचायत सदस्य के 699 अभ्यर्थी द्वितीय चरण में निर्वाचन लड़ रहे हैं। द्वितीय चरण में 23 लाख 17 हजार 492 पुरूष, 23 लाख 66 हजार 157 महिला एवं 87 अन्य सहित कुल 46 लाख 83 हजार 736 मतदाता मतदान करेंगे।

  • वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट तैयारियां: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विभागों के बजट प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श

    वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट तैयारियां: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विभागों के बजट प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श

    रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में आयोजित बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट एवं नवीन मद प्रस्ताव पर मंत्री स्तरीय चर्चा के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विभागों के बजट प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी भी उपस्थित थे।

    बैठक में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुपालन विभाग, ग्रामोद्योग, स्कूल शिक्षा, सामान्य प्रशासन, उच्च शिक्षा विभाग, पर्यटन एवं संस्कृति, जनशिकायत निवारण, वाणिज्यिक कर (आबकारी), परिवहन, जनसंपर्क, खनिज साधन, विमानन, सुशासन एवं अभिसरण, ऊर्जा विभाग के बजट प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

    बजट चर्चा के दौरान अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, वित्त विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, खनिज साधन एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव पी.दयानंद, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, कृषि विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, ग्रामोद्योग सचिव श्री यशवंत कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।